Author: Himantar

हिमालय की धरोहर को समेटने का लघु प्रयास
लोगों को कोरोना संक्रमण से बचाव हेतु संस्था ने किया जागरूक

लोगों को कोरोना संक्रमण से बचाव हेतु संस्था ने किया जागरूक

उत्तरकाशी
हिमांतर ब्यूरो, मोरीहरकीदून प्रोटेक्शन माउंटेनियरिंग एसोसिएशन (Har Ki Dun Protection and Mountaineering Association) संस्था के द्वारा कोविड-19 के इस दौर में जागरूकता कार्यक्रम हेतु डाटमीर, गंगाड, पवाँणी, ओसला प्रथम चरण में कार्यक्रम चलाया गया, जिसमें ग्रामीणों को कोरोना वायरस की जानकारियां दी गई. सभी को 2 गज की दूरी बनाए रखने और मास्क बराबर पहने रखने की सलाह दी गई. साथ ही भीड़भाड़ वाले क्षेत्र से बचने और सैनिटाइजर से हाथों को बराबर सैनिटाइजर करते रहने को कहा गया.संस्था द्वारा लोगों का बुखार जांच और तापमान नापा गया, इसके अलावा ऑक्सीमीटर द्वारा ऑक्सीजन लेवल नापा गया. संस्था के सचिव चैन सिंह रावत ने ग्रामीणों को आपदा से बचाव एवं सावधानियों की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि आपदा से पहले और आपदा के दौरान और आपदा के बाद क्या करना है, उसके बारे में ग्रामीण लोगों को जागरूक किया. चैन सिंह रा...
किसी को तो पड़ी हुई लकड़ी लेनी पड़ेगी साहब! पुलिस सेवा के लिए है या अपशब्दों के लिए?

किसी को तो पड़ी हुई लकड़ी लेनी पड़ेगी साहब! पुलिस सेवा के लिए है या अपशब्दों के लिए?

देश—विदेश
हिमांतर ब्यूरो, नई दिल्लीमैं बचपन से ही पुलिस वालों से चार क़दम दूर भागता हूं. कारण उनका रवैया रहा है. बहुत कम पुलिसकर्मी होंगे जो आपसे सलीक़े से बात करेंगे. नहीं तो रौब दिखाना उनकी प्रवृत्ति में शामिल because होता है. शायद ये एक तरीक़ा हो अपराधी को तोड़ने और अपराध का पता लगाने के लिए. लेकिन, जब ये ही रवैया पुलिस आम नागरिकों पर अपनाने लगती है, तो उसकी छवि धूमिल हो उठती है. उसके प्रति आम नागरिक के मन में डर पैदा हो जाता है. बढ़ेगी आम नागरिक पुलिस से कतराने because लगते हैं जिसका ख़ामियाजा समाज को उठाना पड़ता है, क्योंकि बहुत-सी घटनाओं में नागरिक 'पुलिस के चक्कर में कौन पड़े कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं.' मैंने ऊपर जो लिखा है इसका मतलब ये कतई नहीं है कि सारे पुलिसकर्मी एक से होते हैं...लेकिन कुछ पुलिसकर्मियों की बदौलत उनको यह तमगा पहनना पड़ता है. बढ़ेगीजब पुलिसकर्मी ने कहा- तुम क्यों ...
जानिए ‘मैं एक पुरुष हूं’ कहने पर क्यों ट्रोल हो रहे हैं कवि गीत चतुर्वेदी?

जानिए ‘मैं एक पुरुष हूं’ कहने पर क्यों ट्रोल हो रहे हैं कवि गीत चतुर्वेदी?

सोशल-मीडिया
हिमांतर ब्यूरो, नई दिल्लीगीत चतुर्वेदी युवाओं के प्रिय कवि हैं. कवि एवं लेखक संदीप नाईक के शब्दों में कहें तो, 'उजबक किस्म के लौंडो - लपेड़ो के बीच लोकप्रिय हैं.' पर इनदिनों सोशल मीडिया पर युवा ही उनको सबसे ज्यादा ट्रोल कर रहे हैं. इसकी वजह है उनकी स्लोगननुमा कविता की चार लाइनें, जिसे लेकर उनकी ख़ूब किरकिरी हो रही है और उनको ओवर रेटिड कवि कहा जा रहा है.बढ़ेगी ये हैं कविता की चार लाइनें जिनको लेकर कहा जा रहा है- कोई मतलब नहीं? गीत चतुर्वेदी 7 जून के बाद अचानक से सोशल मीडिया पर ट्रोल होने लगे. ट्रोल करने वालों में उसी उम्र के युवा ज्यादा हैं जिस उम्र के युवाओं के बीच उनकी लोकप्रियता है. धीरे-धीरे इस ट्रोलबाज़ी में गंभीर किस्म के कवि भी कूदे और कुछ कवि और कवयित्रियों ने गीत चतुर्वेदी की कविता की इन पंक्तियों पर ख़ुद की कविता बना डाली और मज़े लेने लगे.बढ़ेगी पंक्तिया जिन पर गीत ट...
उत्तरकाशी में 270.60 लाख की नवनिर्मित पम्पिंग पेयजल योजना का लोकापर्ण

उत्तरकाशी में 270.60 लाख की नवनिर्मित पम्पिंग पेयजल योजना का लोकापर्ण

उत्तरकाशी
प्रदेश के पेयजल, वर्षा जल संग्रहण, निमार्ण एंव जनगणना मंत्री बिशन सिंह चुफाल आज उत्तरकाशी पहुंचे हिमांतर ब्यूरो, उत्तरकाशी विकास खंड डुण्डा के ग्राम वीरपुर में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी राष्ट्रीय रूर्बन मिशन (Shyama Prasad Mukherji Rurban Mission) के अंर्तगत 270.60 लाख की लागत से नवनिर्मित पम्पिंग पेयजल योजना का लोकापर्ण किया. पम्पिंग पेयजल योजना से वीरपुर डुंडा के ग्रामीणों को पानी की समस्या से निजात मिलेगी. पेयजल मंत्री चुफाल ने कहा कि पारंपारिक जल स्रोतों को रिचार्ज करने का कार्य युद्ध स्तर पर किया जा रहा है. बरसात का पानी जो नदी, नालों में गिरता है उस पानी का संग्रह के लिए जलाशयों का निर्माण किया जा रहा है ताकि बरसात का पानी नदी नालों में न गिरकर जलाशय में एकत्रित हो सकें. जिससे हमारे पारम्परिक जल स्रोत रिचार्ज हो सकें. हर घर को पानी मिले इस हेतु सरकार तेजी के साथ धारें व नालों से ...
युवाओं की दुविधा को कम करने वाली है अक्षिता बहुगुणा और डॉ राजेश नैथानी की किताब  ‘प्रो. ड्रौउ’

युवाओं की दुविधा को कम करने वाली है अक्षिता बहुगुणा और डॉ राजेश नैथानी की किताब ‘प्रो. ड्रौउ’

पुस्तक-समीक्षा
अरविंद मालगुड़ीभारत युवाओं का देश है, जहां का हर युवा पढ़ लिख कर अपने सपनों को पंख दे सफलता की उड़ान भरना चाहता है। परन्तु अगर सही दिशा और मार्गदर्शन न मिले तो भ्रम की because स्थिति  पैदा हो जाती है। उत्तराखण्ड के दो लेखकों अक्षिता बहुगुणा और डॉ राजेश नैथानी की पुस्तक "प्रो. ड्रौउ करियर कोचिंग" युवाओं को इसी भ्रम से निकाल पेशेवर पाठ्यक्रमों के अलावा सभी व्यावहारिक  करियर विकल्पों का पता लगाने में मदद करती है। इसके साथ ही आवश्यक कौशल और मूल्यों पर प्रकाश डालती है। एकाग्रता इन दोनों लेखकों का समृद्ध अनुभव पुस्तक में अच्छी तरह से परिलक्षित होता है। डॉ राजेश नैथानी  जो कि शिक्षा के क्षेत्र में भारत ही नहीं, कई अन्य देशों का व्यावहारिक अनुभव रखते हैं because और भारत के शिक्षा मंत्रालय में  बतौर सलाहकार का अनुभव रखते हैं।  वहीं दूसरी लेखिका अक्षिता बहुगुणा का भी शिक्षा के क्षेत्र में खासा अ...
पर्यावरण संरक्षिका मां दुनागिरि

पर्यावरण संरक्षिका मां दुनागिरि

धर्मस्थल
डॉ. मोहन चंद तिवारी द्रोणाचल पर बास तिहारा, उत्तराखण्ड तुझको अति प्यारा. देवि पूजि पद कमल तुम्हारे! पर्यावरण दिवस भारत में वैष्णव शक्तिपीठ के नाम से दो शक्तिपीठ हैं एक जम्मू कश्मीर स्थित वैष्णो देवी और दूसरा उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल में रानीखेत से 37 किमी की दूरी पर द्वाराहाट स्थित ‘द्रोणगिरि’ because शक्तिपीठ, जिसे स्थानीय भाषा में ‘दुनागिरि’ के नाम से भी जाना जाता है. स्कन्दपुराण के ‘मानसखण्ड’ में वर्णित ‘द्रोणगिरि’ पर्वत के भौगोलिक विवरण से इस तथ्य की पुष्टि होती है कि रामायण के काल में हनुमान संजीवनी बुटी लेने के लिए हिमालय में जिस ‘ओषधिपर्वत’ पर गए थे वह पर्वत कहीं और नहीं बल्कि वर्तमान में उत्तराखंड के अल्मोड़े जिले में स्थित यही ‘द्रोणगिरि’ पर्वत था. पर्यावरण दिवस 'दुनागिरी' शक्तिपीठ द्वाराहाट से 14 किमी की दूरी पर हिमालय की गोद मे बसा अत्यंत सुन्दर,शान्त और दिव्य ऊर्जाओं से स...
हिल-मेल फाउंडेशन की ‘ससम्मान राहत सेवा’ को सीएम तीरथ ने दिखाई हरी झंडी

हिल-मेल फाउंडेशन की ‘ससम्मान राहत सेवा’ को सीएम तीरथ ने दिखाई हरी झंडी

देहरादून
पौड़ी, बागेश्वर भेजा गया राशन, सैनिटाइजर, मास्क और पीपीई किटहिमांतर ब्यूरो, देहरादूनसेवा परमो धर्मः के उद्देश्य से उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण काल में गरीब लोगों तक राहत पहुंचाने के मिशन में जुटे हिल-मेल फाउंडेशन की ‘ससम्मान राहत सेवा’ को मुख्यमंत्री because तीरथ सिंह रावत ने देहरादून में हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. गढ़वाल और कुमाऊं के लिए इस राहत सेवा के माध्यम  325 राशन किट,  कई लीटर सैनिटाइजर, 120 पीपीई किट और 1600 मास्क भेजे जा रहे हैं. दिल्ली से भी राशन के 100 किट्स पौड़ी पहुंच रही हैं. ज्योतिषमुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने राशन सामग्री में दिए जा रहे सामान की जानकारी लेते हुए कहा कि कोरोना संक्रमण के इस दौर में सामाजिक संगठनों की भूमिका अहम रही है.because हिल-मेल फाउंडेशन का यह प्रयास सराहनीय है. वह लगातार लोगों को मदद पहुंचा रहा है. मुख्यमंत्री तीरथ सिंह ने हिल-मेल फ...
एस एस्पायर सोसायटी में लगा कोविड-19 वैक्सीन कैंप, निवासियों ने लगाई वैक्सीन

एस एस्पायर सोसायटी में लगा कोविड-19 वैक्सीन कैंप, निवासियों ने लगाई वैक्सीन

देश—विदेश
नोएडा एक्सटेंशन स्थित एस एस्पायर एओए की तरफ से सोमवार को सोसायटी निवासियों के लिए कोविड-19 वैक्सीनेशन कैंप का आयोजन कराया गया। एओए अध्यक्ष गुरुदास ने बताया कि सोसायटी निवासियों के लिए शारदा अस्पताल के संयोजन से कोविड-19 वैक्सीन कैंप लगाया गया, जिसमें सोसायटी के बुजुर्ग और महिलाओं सहित 100 से ज्यादा लोगों ने वैक्सीन लगाई।उन्होंने कहा कि सोसायटी के कई निवासी चाहते थे कि सोसायटी के भीतर ही वैक्सीनेशन कैंप का आयोजन हो ताकि कोरोना के इस काल में वैक्सीन के लिए बाहर न जाने पड़ा। ऐसे में सोसायटी निवासियों की सहूलियत को देखते हुए एओए की तरफ से वैक्सीनेशन कैंप का आयोजन कराया गया। वैक्सीनेशन कैंप के जरिए सोसायटी की महिलाओं और बुजुर्गों ने वैक्सीन लगाई। कई सोसायटी निवासियों ने अपने यहां आने वाली मेड्स को भी वैक्सीन लगाई।वैक्सीन लगाने वालों में सबसे ज्यादा तादाद महिलाओं और बुजुर्गों की थी। ...
हिंदोस्ता की सामुद्रिक विरासत (मैसोपोटामिया टू मुजरिस ) 

हिंदोस्ता की सामुद्रिक विरासत (मैसोपोटामिया टू मुजरिस ) 

इतिहास, ट्रैवलॉग
मंजू दिल से… भाग-15मंजू कालासदियों से समंद हिंदुस्तान की जन-आस्थाओं के साथ पूरे परिवेश के साथ जुड़े रहे हैं. समंदर का भारतीय सभ्यता, संस्कृति, धर्म और अर्थ के क्षेत्र में विशेष स्थान रहा है. because रत्नाकर के रूप में सागर भारत भूमि को अनादिकाल से धन-धान्य से समृद्ध करते रहे हैं. सभ्यता के प्रारम्भ से लेकर आज तक भारत की जनसंख्या का एक बड़ा भाग अपने जीवन निर्वाह के लिये पूरी तरह से समुद्रों पर ही आश्रित रहा है. आर्थिक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिये हमने हर प्रकार से समुद्र का आशीर्वाद लिया है. मनुष्य मेरा मानना है कि समुद्र मंथन से प्राप्त रत्नों के कारण ही हमें विश्व की सबसे प्राचीन सभ्यता होने का गौरव प्राप्त हुआ. सदियों से हमारे पर्यावरण की रक्षा भी इन्हीं से होती रही है. because लेकिन, खेद के साथ लिखना चाहती हूँ कि हम सब समुद्र तट पर बैठ कर धरती की रेती को अपनी आभा से निहाल ...
रवांल्टी के मील का पत्थर हैं महाबीर रवांल्टा

रवांल्टी के मील का पत्थर हैं महाबीर रवांल्टा

उत्तरकाशी
नीरज उत्तराखंडी, उत्तरकाशीलब्ध प्रतिष्ठित साहित्यकार महाबीर रवांल्टा को उत्तराखंड शासन द्वारा उत्तराखंड because भाषा संस्थान में बतौर सदस्य नामित किए जाने पर लोक भाषा व भाषा प्रेमियों के दिन बहुरेंगे साहित्य साधकों में इस बात को लेकर जहाँ नई उम्मीद जगी है, वहीं उनके चयन को लेकर सम्पूर्ण क्षेत्र में खुशियों की लहर दौड़ पड़ी है.बढ़ेगी बताते चलें प्रदेश सरकार द्वारा हाल ही में उत्तराखंड भाषा संस्थान (ULI) सभा का गठन किया गया. जिसे प्रदेश की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में स्थापित किया जायेगा. संस्थान के because अध्यक्ष मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत तथा कार्यकारी अध्यक्ष प्रदेश के भाषा मंत्री यतीश्वरानंद होंगे. संस्थान के सदस्यों में हिंदी, उर्दू, पंजाबी एवं लोक भाषा के 12 विख्यात भाषाविद व साहित्यकारों को नामित किया गया है.बढ़ेगी शासन द्वारा भाषा संस्थान हेतु लोकभाषा के अंतर्गत जि...