Author: Himantar

हिमालय की धरोहर को समेटने का लघु प्रयास
नम आंखों से पूरा देश दे रहा सीडीएस जनरल रावत को अंतिम विदाई, श्रद्धांजलि देने पहुंची कई हस्तियां

नम आंखों से पूरा देश दे रहा सीडीएस जनरल रावत को अंतिम विदाई, श्रद्धांजलि देने पहुंची कई हस्तियां

देश—विदेश
हिमांतर ब्यूरो, नई दिल्लीभारत अपने पंसदीदा शीर्ष सैन्य अधिकारी सीडीएस जनरल बिपिन रावत को नम आंखों से अंतिम विदाई दे रहा है. दिल्ली स्थिति उनके आधिकारिक निवास 3, कामराज मार्ग पर जानी मानी शख्सियतें और बड़ी संख्या में आम लोग उन्हें आखिरी सलामी देने पहुंचे.ज्योतिषकेंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, एनएसए अजीत डोभाल, राहुल गांधी, उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी, उत्तराखंड कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मदन कौशिक, पूर्व because मुख्यमंत्री हरीश रावत, हरियाणा के सीएम मनोजर खट्टर, एनसीपी चीफ शरद पवार, दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल समेत तमाम राजनीतिक शख्सियतें और तीनों सेनाओं के बड़े अफसर सीडीएस जनरल बिपिन रावत because और उनकी पत्नी मधुलिका रावत को पार्थिव शरीर पर श्रद्धासुमन अर्पित करने पहुंचे हैं. उन्‍हें श्रद्धांजलि देने वालों में विदेशी राजनयिक भी शामिल हैं. यहां प...
रवांई की संस्कृति, परम्पराओं व आस्था का अनूठा मेल है थाती माता पूजन

रवांई की संस्कृति, परम्पराओं व आस्था का अनूठा मेल है थाती माता पूजन

उत्तरकाशी
पुरोला गांव में पांडव मंडाण के साथ धूमधाम से मनाई गई मंगशीर बग्वाल, गांव में 9 दिवसीय थात पूजन समारोह शुरूनीरज उत्तराखंडीनगर पंचायत क्षेत्र के पुरोला गांव में शनिवार रातभर मंगशीर बग्वाल के साथ ही 9दिवसीय थात माता पूजन में पांडव मंडाण धूमधाम से मनाया गया. गांव में चल रहे 9 दिवसीय थात (जाग) माता की विशेष पूजा अर्चना का भी इन दिनों आयोजन किया जा रहा है. ज्योतिष थात माता की यह विशेष पूजा अर्चना हर पांच वर्षों में गांव की शुख-शांति,समृद्धि के लिए 9 दिनों तक की जाती है. रात-भर हवन पूजा अर्चना पांडव मंडाण रवांई की संस्कृति आस्था व परम्पराओं का because नजारा देखने को मिलता है. 9 दिवसीय पूजा के अंतिम दिन गांव व क्षेत्र की सुख-समृद्वि व बूरी आत्माओं से बचानें को क्षेत्र के ईष्ट ओडारू जखंडी देवताओं की पालकी के साथ विद्वान पंडित कच्चे सूत का धागा, सात प्रकार के अनाज (सतनजा), कद्दू आदि की...
डा. मनमोहन सिंह चौहान की अगुवाई में एनडीआरआई करनाल देश बना का शीर्ष कृषि संस्थान

डा. मनमोहन सिंह चौहान की अगुवाई में एनडीआरआई करनाल देश बना का शीर्ष कृषि संस्थान

देश—विदेश
वाई एस बिष्टएनडीआरआई के निदेशक डा. चौहान की गिनती देश के शीर्ष पशु विज्ञानियों में होती है. इससे पहले, केंद्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान, मथुरा के निदेशक रहे डा. मनमोहन सिंह चैहान भारत में जानवरों की क्लोनिंग के क्षेत्र में एक बड़ा नाम हैं. उन्हें कृषि और दुग्ध पालन के क्षेत्र में इनोवेटिव पहल के लिए जाना जाता है. राष्ट्रीय डेरी because अनुसंधान संस्थान ने देश के प्रमुख डेरी अनुसंधान संस्थान के रूप में पिछले पांच दशकों से डेरी उत्पादन, प्रसंस्करण, प्रबंधन और मानव संसाधन विकास के विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण काम कर रहा है और इनमें इसको विशेषज्ञता हासिल हुई है.ज्योतिष डा. मनमोहन सिंह चौहान ने एक बार फिर देवभूमि को गौरवान्वित किया है. उनकी अगुवाई में लगातार दूसरी बार करनाल स्थित राष्ट्रीय डेरी अनुसंधान संस्थान - एनडीआरआई को देश because में सबसे बेहतर कृषि संस्थान आंका गया है. भारतीय ...
कीवी मेन! विक्रम बिष्ट के स्वरोजगार मॉ​डल नें पलायन को दिखाया आईना, पहाड़ में रोजगार सृजन की जगा रहे हैं अलख

कीवी मेन! विक्रम बिष्ट के स्वरोजगार मॉ​डल नें पलायन को दिखाया आईना, पहाड़ में रोजगार सृजन की जगा रहे हैं अलख

खेती-बाड़ी
ग्राउंड जीरो से संजय चौहान कुछ लोगों को पहाड़ आज भी पहाड़ नजर आता है. वहीं दूसरी ओर हमारे बीच कुछ लोग ऐसे भी हैं जिन्होंने बिना किसी शोर शराबे के चुपचाप अपनी मेहनत और हौंसलों से पहाड़ की परिभाषा because ही बदल कर रख दी है. ऐसे लोग आज पलायन की पीडा से कराह रहे पहाड़ के लिए उम्मीद की किरण नजर आ रहे हैं. आज ऐसे ही पहाडी के बारें में आपको रूबरू करवाते हैं जिन्होंने पहाड़ में स्वरोजगार का मॉ​डल तैयार करके एक उदाहरण प्रस्तुत किया है. लोग उन्हें कीवी मेन के नाम से भी जानते हैं.ज्योतिष सीमांत जनपद चमोली के कर्णप्रयाग ब्लाक की सिदोली पट्टी में गौचर से 20 किमी की दूरी पर स्थित मुल्या गांव (ग्वाड) निवासी 48 वर्षीय विक्रम सिंह बिष्ट आज लोगों के लिए प्रेरणास्रोत बनें हुये हैं. उनका स्वरोजगार मॉ​डल लोगों को बेहद पसंद आ रहा है, जिस कारण लोग स्वरोजगार के लिए अपने गांव वापस लौट रहें हैं. बहुमुखी प्रत...
ग्लासगो के संकल्प हिमालय को बर्बाद कर देंगे?

ग्लासगो के संकल्प हिमालय को बर्बाद कर देंगे?

पर्यावरण
गगनदीप सिंहस्काटलैंड के शहर ग्लासगो में सीओपी26 (कान्फ्रेंस ऑफ पार्टिस 26) का आयोजन 1 नवंबर से शुरु हुआ था. भारत का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसमें शामिल होते हुए जिन समझौतों और संकल्पों पर हस्ताक्षर किए हैं इससे न केवल भारत पर अमेरिका, ब्रिटेन जैसे साम्राज्यवादी देशों को शिकंजा बुरी तरह से कसा जाएगा बल्कि यह पूरे देश सहित because हिमालय क्षेत्र के लिए बुरे नतीजे निकलने वाले हैं. नेट जिरो 2070, गो ग्रीन गो 2030, वन ग्रीड वन सोलर, कार्बन उत्सर्जन में कटौती, नवीकरणीय उर्जा जैसे जो नारे जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए बहुत आकर्षित और सुंदर लग रहे हैं लेकिन इससे उतर भारत में जल संकट, बाढ़ और पूरे because पर्यावरण के लिए खतरा पैदा होगा. इन समझौतों से भारत में जलवायु वित्त के नाम से विदेशी निवेश के बढ़ावे से देश के जल-जंगल-जमीन जैसे मूलभूत संसाधन ज्यादा से ज्यादा विदेशी कंपनियों के हाथों...
सरकारों को वोट से प्रिय कुछ नहीं!

सरकारों को वोट से प्रिय कुछ नहीं!

देहरादून
सरकार का फिर एक फैसला वापसप्रकाश उप्रेती उत्तराखंड में पुष्कर सिंह धामी सरकार ने देवस्थानम बोर्ड को भंग कर दिया है. देवस्थानम बोर्ड एक्ट मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की सरकार ने बनाया था. इस बोर्ड के तहत केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री because और यमुनोत्री से जुड़े 51 मंदिरों की देखरेख का प्रावधान था. इसके गठन से ही पुरोहित बोर्ड का विरोध कर रहे थे. उनका मानना था कि इस बोर्ड से मंदिरों के परंपरागत अधिकार खत्म हो जाएंगे.ज्योतिष इसी के चलते कुछ समय पहले केदारनाथ धाम में दर्शन करने गए त्रिवेंद्र रावत का पुरोहितों ने भारी विरोध किया था. because इस विरोध प्रदर्शन के कारण वे दर्शन भी नहीं कर पाए और बिना दर्शन के ही वापस लौट आए थे. जब से इस बोर्ड का गठन किया तब से ही पुरोहित इसका विरोध कर रहे थे और एक तरह से आंदोलनरत थे.ज्योतिष इस मामले के राजनैतिक प्रभाव को समझते और पुरोहितों के व...
सुकेत रियासत के राजा के सामंती शोषण के खिलाफ लड़ने वाले दो क्रांतिकारी विद्रोही, जिनको भूल चुकी है सरकार

सुकेत रियासत के राजा के सामंती शोषण के खिलाफ लड़ने वाले दो क्रांतिकारी विद्रोही, जिनको भूल चुकी है सरकार

हिमाचल-प्रदेश
मनदीप कुमारहिमाचल प्रदेश की सुकेत रियासत के राजाओं का शासन बेहद क्रूर और आम जनता का शोषण करने वाला रहा है. 8वीं शताब्दी में बंगाल से आए सेन वंशी राजाओं ने यहां पर निवास because करने वाली डूंगर जाति नरसंहार कर अपनी रियासत की स्थापना की थी. स्थानीय राजाओं, ठाकुरों को उन्होंने आपसी फूट के कारण हरा दिया था. लगभग 1300 सालों सुकेत रियासत में राजाओं का शासन रहा. इसके खिलाफ बहुत सारे लोग लड़े, इन्हीं में सो दो विद्रोही क्रांतिकारी हुए हैं भनेरा गांव के तांती राम और न्हारू राम, जिनका जिक्र न तो हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा जारी पुस्तक में है न उनको कभी स्वतंत्रता सेनानी होने का प्रमाण पत्र मिला.ज्योतिष क्रांतिकारी तांती राम, गांव भनेरा इस बात में कोई संदेह नहीं है कि because राजाओं के शासन काल में आम जनता पर खूब अत्याचार होते थे. इन अत्याचारों में राजाओं के कारकुन, प्यादे, चौधरी, नंबरदार आद...
पत्रकारों के लिए हर महीने लगेगा 2 दिन नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर

पत्रकारों के लिए हर महीने लगेगा 2 दिन नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर

देहरादून
हिमांतर ब्यूरो, देहरादूनराजधानी देहरादून में विचार एक नई सोच संस्था द्वारा पत्रकारों व उनके परिजनों के लिए नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया. उत्तराखंड के जाने-माने फिजीशियन व because कॉर्डियोलाजिस्ट डॉ एसडी जोशी देहरादून ने पत्रकारों व उनके परिजनों की स्वास्थ्य जांच कर आवश्यक परामर्श दिया. डॉ एसडी जोशी की मेडिकल टीम द्वारा ईसीजी व शुगर की जांच निशुल्क की गई. जबकि लाइफ केयर पैथोलॉजी सेंटर द्वारा ब्लड की बिभिन्न जांचों पर 60 प्रतिशत छूट प्रदान की गई.ज्योतिष जानकारी के मुताबिक देहरादून के रिस्पना पुल आईएसबीटी रोड़ स्थित प्रसार भारती दूरदर्शन केन्द्र के सामने विचार एक नई सोच संस्था द्वारा पत्रकारों व उनके परिजनों के लिए नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया. नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर का शुभांरभ समाजसेवी विनोद रावत व डॉ एसडी जोशी ने संयुक्त रूप से किया. because इस दौरान बड़...
स्वदेशी से स्वाधीनता और सामर्थ्य का आवाहन  

स्वदेशी से स्वाधीनता और सामर्थ्य का आवाहन  

साहित्‍य-संस्कृति
प्रो. गिरीश्वर मिश्र  ‘देश’ एक विलक्षण शब्द है. एक ओर तो वह स्थान को बताता है तो दूसरी ओर दिशा का भी बोध कराता है और गंतव्य लक्ष्य की ओर भी संकेत करता है. देश धरती भी है जिसे वैदिक काल में because मातृभूमि कहा गया और पृथ्वी सूक्त में ‘माता भूमि: पुत्रोहं पृथिव्या:’ की घोषणा की गई. यानी भूमि माता है और हम सब उसकी संतान. दोनों के बीच के स्वाभाविक रिश्ते में माता संतान का भरण-पोषण करती है और संतानों का दायित्व होता है उसकी रक्षा और देख–भाल करते रहना ताकि भूमि की उर्वरा-शक्ति अक्षुण्ण बनी रहे. इसी मातृभूमि के लिए बंकिम बाबू ने प्रसिद्ध वन्दे मातरम गीत रचा. इस देश-गान में शस्य-श्यामल, सुखद, और वरद भारत माता की वन्दना की गई है.ज्योतिष इस तरह गुलामी के दौर में देश में सब के प्राण बसते थे और देश पर विदेशी  के आधिपत्य से छुड़ाने के लिए मातृभूमि  के  वीर सपूत प्राण न्योछावर करने को तत्पर रहते थ...
अकेले सरकार नहीं, अब दिल्लीवाले खुद भी निपटेंगे दिल्ली के वायु प्रदूषण से!

अकेले सरकार नहीं, अब दिल्लीवाले खुद भी निपटेंगे दिल्ली के वायु प्रदूषण से!

पर्यावरण
नागरिक संगठन के प्रतिनिधि दिल्ली नगर निगम अधिकारियों के साथ करेंगे समन्वयनिशांतवायु प्रदूषण के खिलाफ लड़ाई में तेज़ी लाने के लिए, देश की राजधानी में 2500 से अधिक निवासी कल्याण संघों (RWAs) के एक संघ, यूनाइटेड रेजिडेंट्स जॉइंट एक्शन (URJA) ने शुक्रवार because को एक नागरिक संचालित मॉनिटरिंग अभियान शुरू किया. दिल्ली के 13 चिन्हित हॉटस्पॉट के प्रतिनिधि दिल्ली नगर निगम के साथ मिलकर काम करेंगे और अपने क्षेत्र में कचरा जलाने, मलबा डंपिंग या अन्य उल्लंघन की घटनाओं की रिपोर्ट करने में मदद करेंगे.हरताली 2019 में, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति ने because रोहिणी, द्वारका, ओखला फेज़ -2, पंजाबी बाग़, आनंद विहार, विवेक विहार, वज़ीरपुर, जहांगीरपुरी, आर.के. पुरम, बवाना, मुंडका, नरेला और मायापुरी को शहर में हॉटस्पॉट के रूप में पहचाना. हॉटस्पॉट का वार्षिक औसत PM1...