Author: Himantar

हिमालय की धरोहर को समेटने का लघु प्रयास
छठ : भारतराष्ट्र के सूर्य उपासकों का लोकपर्व 

छठ : भारतराष्ट्र के सूर्य उपासकों का लोकपर्व 

लोक पर्व-त्योहार
डॉ. मोहन चंद तिवारीचार दिवसीय छठ पूजा महापर्व की शुरुआत आज 28 अक्टूबर को नहाय खाय से हो रही है. भगवान् सूर्य और छठी माता को समर्पित महापर्व छठ हर साल कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाया जाता है. इस लोक पर्व में स्वास्थ्य, सफलता, सौभाग्य संतान प्राप्ति और दीर्घायु के लिए पूरे 36 घंटे का निर्जला उपवास किया जाता है.राजधानी दिल्ली में पूर्वांचल के महापर्व छठपूजा की तैयारियां पिछले एक सप्ताह से जोर शोर से चल रही थीं. दिल्ली सरकार द्वारा नदी घाटों और जल संस्थानों को सुधारने संवारने का काम तेजी से किया जा रहा था. इस वर्ष यह पर्व 28 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक मनाया जायेगा. आज 28 अक्टूबर से चार दिनों तक चलने वाला छठ पर्व 'नहाय खाय' के साथ शुरु हो चुका है. 29 अक्टूबर को 'खरना', 30 अक्टूबर को 'सांझ का अर्ध्य' और 31 अक्टूबर को सूर्य को 'सुबह का अर्ध्य' के साथ ये त्योहार संपन्न ह...
महिला समूहों का कमाल : केदारनाथ में प्रसाद बेचकर किया 43.50 लाख रुपए का करोबार

महिला समूहों का कमाल : केदारनाथ में प्रसाद बेचकर किया 43.50 लाख रुपए का करोबार

रुद्रप्रयाग
महिला समूहों के लिए सौगात भरी रही केदारनाथ यात्राहिमांतर वेब डेस्कविभिन्न महिला समूहों ने यात्रा के दौरान करीब 48 लाख रुपए का किया कारोबार. अकेले केदारनाथ प्रसाद से हुआ लगभग 44 लाख का व्यवसाय.  100 से अधिक महिलाओं को मिला सीधा रोजगारकोरोनाकाल के बाद पटरी पर लौटी श्री केदारनाथ धाम यात्रा इस बार जिले के लिए कई सौगात दे गई. यात्रा से सीधे तौर पर जुड़े लोग दो सालों से सुचारु यात्रा का इंतजार कर रहे थे, इस वर्ष रिकाॅर्ड 15 लाख, 63 हजार से ज्यादा यात्रियों ने केदारनाथ धाम पहुंचकर इस इंतजार को समाप्त किया. जिले में संचालित महिला समूहों के लिए भी यह यात्रा सुखद साबित हुई, कोरोनाकाल के बाद इस वर्ष महिला समूहों के व्यवसाय को नई ऊंचाइयां मिली. केदारनाथ यात्रा से जुडे़ विभिन्न महिला समूहों ने इस वर्ष करीब 48 लाख रुपए का व्यापार किया.यात्रा से मिला आत्मनिर्भरता को आधार माननीय प्रधान...
हैदराबाद निजाम की सेना से कुमाऊँ रेजिमेंट तक, कुमाउँनियों की सैनिक जीवन यात्रा

हैदराबाद निजाम की सेना से कुमाऊँ रेजिमेंट तक, कुमाउँनियों की सैनिक जीवन यात्रा

साहित्‍य-संस्कृति
प्रकाश चन्द्र पुनेठा, सिलपाटा, पिथौरागढ़विश्व के इतिहास का अध्यन करने से ज्ञात होता है कि इतिहास में उस जाति का नाम विशेषतया स्वर्ण अक्षरों से उल्लेखित किया गया है, जिस जाति ने वीरता पूर्ण कार्य किए हैं. विश्व के इतिहास में अनेक प्रकार की युद्ध की घटनाओं का विस्तृत वर्णन मिलता हैं. इन युद्ध की घटनाओं में वीरतापूर्ण संधर्ष करने वाले वीर व्यक्तियों की गाथा का वर्णन अधिक किया गया है. शक्तिशाली, साहसी तथा वीर व्यक्तियों ने अपने स्वयं के जीवन का बलिदान देकर अपने कुल, परिवार व जाति का नाम वीर जाति में सम्मिलित किया गया हैं. हमारे देश में भी अनेक वीर जातियों का नाम उनके वीरतापूर्ण कार्यो से, व आत्मबलिदान से, हमारे देश के इतिहास में दर्ज हैं. इन बहादुर जातियों ने रणक्षेत्र हो या खेल का क्षेत्र दोनो जगह अपनी श्रेष्ठता का झंडा बुलंद किया हैं. किसी शक्तिशाली राष्ट्र की शक्ति का आभास उस राष्ट्र की...
बाबा केदार : 27 अक्टूबर भैया दूज के अवसर पर बंद होंगे श्री केदारनाथ धाम के कपाट

बाबा केदार : 27 अक्टूबर भैया दूज के अवसर पर बंद होंगे श्री केदारनाथ धाम के कपाट

रुद्रप्रयाग
आज भगवान केदारनाथ जी की पंचमुखी डोली को विधि-विधान से श्री केदारनाथ मंदिर परिसर में प्रतिष्ठित किया गयाहिमांतर वेब डेस्कश्री केदारनाथ धाम के कपाट कल 27 अक्टूबर बृहस्पतिवार प्रात: साढे आठ बजे शीतकाल हेतु बंद हो जायेंगे. तथा भगवान केदारनाथ जी की पंचमुखी डोली शीतकालीन गद्दीस्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ प्रस्थान करेगी. आज प्रात: पूर्व मुख्यमंत्री/ सांसद डा. रमेश पोखरियाल "निशंक" ने भगवान केदारनाथ के दर्शन किये. कपाट बंद होने की पूर्व संध्या पर हजारों की संख्या में भक्तगण बाबा केदारनाथ के दर्शन को पहुंचे हैं. कपाट बंद होने की प्रक्रिया के अंतर्गत आज भगवान केदारनाथ जी की पंचमुखी डोली को विधि- विधान से पूजा-अर्चना पश्चात  मंदिर परिसर में लाया गया मंदिर की परिक्रमा के बाद डोली को मंदिर  के अंदर प्रतिष्ठित कर दिया गया. इस अवसर पर श्री बदरीनाथ- केदारनाथ मंदिर समिति अध्यक्ष अजेंद्र अजय ...
उत्तराखंड में लोकपर्व ईगास-बग्वाल पर रहेगा अवकाश

उत्तराखंड में लोकपर्व ईगास-बग्वाल पर रहेगा अवकाश

लोक पर्व-त्योहार
 मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने की घोषणालोकपर्व ‘इगास’ हमारु लोक संस्कृति कु प्रतीक च. ये पर्व तें और खास बनोण का वास्ता ये दिन हमारा राज्य मा छुट्टी रालि, ताकि हम सब्बि ये त्योहार तै अपणा कुटुंब, गौं मा धूमधाम से मने सको. हमारि नई पीढ़ी भी हमारा पारंपरिक त्यौहारों से जुणि रौ, यु हमारु उद्देश्य च.’उत्तराखंड के लोकपर्व ईगास-बग्वाल को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राजकीय अवकाश की घोषणा की है. यह दूसरा मौक़ा होगा जब उत्तराखंड में लोकपर्व ईगास को लेकर अवकाश घोषित किया गया हो. इससे पूर्व पिछले वर्ष भी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा ईगास बग्वाल पर राजकीय अवकाश की घोषणा की गई थी.नई पीढ़ी लोक संस्कृति और पारम्परिक त्योहारों से जुड़ेमुख्यमंत्री ने कहा कि ईगास बग्वाल उत्तराखंड वासियों के लिए एक विशेष स्थान रखती है. यह हमारी लोक संस्कृति का प्रतीक है. हम सब का प्रयास होना चा...
चंद्रशिला: राम, रावण और चंद्रमा ने जहां तपस्या कर शिव को किया प्रसन्न!

चंद्रशिला: राम, रावण और चंद्रमा ने जहां तपस्या कर शिव को किया प्रसन्न!

ट्रैवलॉग
यात्रा वृत्तांत जे पी मैठाणी/फोटो– पूनम पल्लवीपहाड़ अडिग हैं – तुंग यानी पर्वत या चोटी के शीर्ष के साथ. यात्रा आगे जारी है – चन्द्रशिला की ओर , जो 2 किलोमीटर ऊपर है – तुंगनाथ मंदिर से . पिछले लेख में मैंने – आप सभी को श्री तुंगनाथ शिव मंदिर के बारे में बताया था - अभी हमने श्री तुंगनाथ के दर्शन किये – पाँव बुरी तरह से ठन्डे हो गए हैं, जूते बदलने वाले स्थान पर बहुत भीड़ है मंदिर के दाहिने ओर छोटे – छोटी कटुवा पत्थर के  पांडवों के मंदिर भी है. तुंगनाथ मंदिर के मुख्य द्वार के ठीक सामने जो नंदी विराजमान है लगता है बेहद शांत हैं , उनके सारे शरीर पर चन्दन, लाल पिठाई (रौली)  चांवल पोत दिए गए हैं, भक्त नंदी के कान में मंत्र या अपने अपने मनोकामना की प्रार्थना कर रहे हैं  ऐसा ही ठीक मैंने भी किया  जीवन में पहली बार पर माँगा कुछ नहीं. इस सारे परिदृश्य  और शिव के जयकारों के बीच हमने मंदिर प्र...
दीपावली के ये दीपक भारत के आदर्शों, मूल्यों और दर्शन के जीवंत ऊर्जापुंज : प्रधानमंत्री  

दीपावली के ये दीपक भारत के आदर्शों, मूल्यों और दर्शन के जीवंत ऊर्जापुंज : प्रधानमंत्री  

देश—विदेश, लोक पर्व-त्योहार
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने की भव्य दीपोत्सव समारोह की शुरुआत हिमांतर ब्यूरोप्रधानमंत्री ने सभा को संबोधित करते हुए भगवान राम की भूरि-भूरि प्रशंसा की और कहा कि आज अयोध्या जी दीपों से दिव्य हैं और भावनाओं से भव्य हैं. प्रधानमंत्री ने टिप्पणी की, आज अयोध्या नगरी भारत के सांस्कृतिक पुनर्जागरण के स्वर्णिम अध्याय का प्रतिबिंब है. प्रधानमंत्री ने कहा कि जब वे पहले यहां राज्यभिषेक के लिए आए थे तो उनके अंदर भावनाओं की लहरें दौड़ रही थीं. प्रधानमंत्री ने इस बात पर प्रशंसावश आश्चर्य व्यक्त किया कि जब भगवान श्री राम 14  वर्ष के वनवास के बाद लौटे होंगे तो अयोध्या को किस प्रकार सजाया गया होगा. उन्होंने टिप्पणी की, ‘आज इस अमृत काल में भगवान राम के आशीर्वाद से हम अयोध्या की दिव्यता और अमरता के साक्षी बन रहे हैं.’ उन्होंने कहा कि हम उन परंपराओं और संस्कृतियों के वाहक हैं जिनमें त्योहार और उत्स...
दीपावली राष्ट्रलक्ष्मी की सुरक्षा का पर्व

दीपावली राष्ट्रलक्ष्मी की सुरक्षा का पर्व

लोक पर्व-त्योहार
डॉ. मोहन चंद तिवारी दीपावली के दिन क्यों की जाती है लक्ष्मी के साथ सरस्वती और गणपति की पूजा ? प्रकाश का पर्व दीपावली पूरे देश में because लगातार पांच दिनों तक मनाया जाने वाला एक राष्ट्रीय लोकपर्व है। कृष्णपक्ष अन्धकार का प्रतीक है और शुक्लपक्ष प्रकाश का। इन दो पक्षों की संक्रान्तियों में गतिशील दीपावली का महापर्व अन्धकार से प्रकाश की ओर,अकाल से सुकाल की ओर‚मृत्यु से जीवन की ओर तथा निर्धनता से भौतिक समृद्धि की ओर अग्रसर होने का भी एक वार्षिक अभियान है।हरताली इस साल शुभ मुहूर्त कब है? इस साल कार्तिक माह की अमावस्या तिथि 24 because और 25 अक्टूबर दोनों दिन दीपावली का शुभ मुहूर्त पड़ रहा है। लेकिन 25 अक्टूबर को अमावस्या तिथि प्रदोष काल से पहले ही समाप्त हो रही है। इसलिए 24 अक्टूबर को प्रदोष काल में अमावस्या तिथि के अवसर पर दीपावली का पर्व पूरे देश में धूमधाम से मनाया जाएगा।हरताली...
एक ऐसी चोटी जहां भगवान शिव ने धारण किया था महेश रूप!

एक ऐसी चोटी जहां भगवान शिव ने धारण किया था महेश रूप!

धर्मस्थल
तुंगनाथ यात्रा, पहले पड़ाव की यात्रा कथाजे. पी. मैठाणी/ फोटो : पूनम पल्लवीये हल्की – हल्की ठण्ड भरी 17 अक्टूबर की सुबह थी , हालांकि इस यात्रा के लिए – हरी , नरेन्द्र और पूनम के साथ दो महीने से तैय्यारी चल्र रही थी लेकिन बाद में सिर्फ फाइनली पूनम ही इस यात्रा के लिए पीपलकोटी आयी , और इसके साथ मैंने भी बहुत दिनों से जो सोचा था कि, तीन बार पहले भी चंद्रशिला जाने के मौके मिले थे लेकिन जा नहीं पाया. इस बार यह संभव हो पाया. पहले 2018 में पंचकेदार – मैराथन ट्रेक के दौरान भी मुझे चंद्रशिला से थोड़े से ही नीचे रुकना पड़ा था – और ऐसे ही हुआ था पिछले दो मौकों पर ( 1993 और 1997 ( ज्यादा उंचाई होने और ऑक्सीजन की कमी से एक ट्रेकर के नाक से खून निकलने लगा था ) जब बिलकुल चंद्रशिला के निकट था लेकिन पास से ही वापस आना पड़ा. लेकिन इस बार आखिरकार ऐसा समय आया जब पंचकेदार के एक शानदार- केदार बेहद आध्यात्...
ग्रुप कमांडर ब्रिगेडियर एस के शेरोन ने किया सीमान्त एनसीसी बटालियन उत्तरकाशी का निरीक्षण

ग्रुप कमांडर ब्रिगेडियर एस के शेरोन ने किया सीमान्त एनसीसी बटालियन उत्तरकाशी का निरीक्षण

उत्तरकाशी
हिमांतर ब्यूरो, उत्तरकाशीएनसीसी देहरादून ग्रुप के ग्रुप कमांडर ब्रिगेडियर संजय कुमार शेरोन ने जोशियाड़ा स्थित 3 यू के बटालियन एनसीसी उत्तरकाशी का दो दिवसीय वार्षिक निरीक्षण किया. जहाँ पर उत्तरकाशी एनसीसी बटालियन के कमांडिंग ऑफिसर लेफ्टिनेंट कर्नल मयंक धस्माना ने ग्रुप कमांडर को सीमान्त जनपद में एनसीसी द्वारा संचालित एनसीसी की गतिविधियों से अवगत कराया. बटालियन के एडम ऑफिसर लेफ्टिनेंट कर्नल राजेश  मोर द्वारा कैडेट्स को दी जा रहीं विभिन्न ट्रेनिंग एवं ट्रेनिंग स्टाफ से अवगत कराया.निरीक्षण के दूसरे दिन ग्रुप कमांडर ब्रिगेडियर शेरोन राजकीय महाविद्यालय के ऑडिटोरियम में बटालियन  कैडेट्स मिलन कार्यक्रम में शामिल हुवे. जहाँ पर उन्होंने राजकीय महाविद्यालय उत्तरकाशी के सीनियर डिवीज़न के कैडेट्स को सम्बोधित करते हुए आह्वान किया की कैडेट्स एनसीसी के माध्यम से प्रशिक्षण प्राप्त कर राष्ट्र की सशस्त...