Tag: स्वास्थ्य

मोरी में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का धरना, तीन सूत्रीय मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन

मोरी में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का धरना, तीन सूत्रीय मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन

उत्तराखंड हलचल
 नीरज उत्तराखंडी, मोरी/उत्तरकाशीविकासखंड मोरी में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने अपनी तीन सूत्रीय मांगों को लेकर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया. बड़ी संख्या में एकत्रित हुई कार्यकत्रियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी समस्याओं के समाधान की मांग उठाई.धरना स्थल पर वक्ताओं ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां वर्षों से न्यूनतम मानदेय, अस्थायी रोजगार और बढ़ते कार्यभार जैसी समस्याओं से जूझ रही हैं, लेकिन उनकी मांगों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा.ये हैं प्रमुख तीन मांगें:आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को नियमित कर्मचारी का दर्जा दिया जाए. मानदेय में वृद्धि कर सम्मानजनक वेतन सुनिश्चित किया जाए. सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन एवं अन्य सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं प्रदान की...
 उत्तराखंड: स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए 182 करोड़ की चार परियोजनाओं का शिलान्यास

 उत्तराखंड: स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए 182 करोड़ की चार परियोजनाओं का शिलान्यास

देहरादून
केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया एवं मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को उत्तराखण्ड में स्वास्थ्य से संबंधित लगभग 182 करोड़ रूपये की चार परियोजनाओं का शिलान्यास किया. जिसमें 124.10 करोड़ की लागत से दून मेडिकल कॉलेज में 500 शैय्या के नवीन ब्लॉक का निर्माण, रूद्रप्रयाग में 20.38 करोड़ की लागत से क्रिटिकल केयर ब्लॉक का निर्माण, श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में 18.80 करोड़ की लागत से क्रिटिकल केयर ब्लॉक का निर्माण एवं हल्द्वानी (नैनीताल) में 19.48 करोड़ की लागत से क्रिटिकल केयर ब्लॉक का निर्माण कार्य शामिल है. मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित कार्यक्रम में केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया जोशीमठ से वर्चुअल माध्यम से जुड़े.प्रदेश को स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाओं के लिए केन्द्र सरकार देगी पूरा सहयोग- केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री ...
रोटी और कोविड आपदा से जूझता आम इंसान

रोटी और कोविड आपदा से जूझता आम इंसान

समसामयिक
भावना मासीवालआपदा में संपदा बनाना किसी से सीखना हो या विपदा को कैसे अपने हित के अनुरूप काम में लेना हो, इसमें मनुष्य सर्वोपरि प्राणी है. बहुत दूर जाने की जरूरत नहीं है, but आज हम सभी कोविड-19 के जिस भयावह दौर से गुजर रहे हैं जहाँ हर दूसरा व्यक्ति अपने प्राणों की रक्षा के लिए अन्य पर निर्भर है. ऐसे में कहीं ऑक्सीजन सिलेंडर स्टोर हो रहे हैं तो कहीं आई.सी.यू बेड तो कहीं संबंधित दवाएँ. कहीं ऑक्सीजन के ट्रक चोरी हो रहे हैं तो कहीं कोविड की दवाएं, मौजूदा हालात में स्वास्थ्य संबंधित एवं सामान्य जरूरत की चीजों के दाम एका-एक आसमान छूने लगे हैं.कोविडसरकारी तंत्र के पास सुविधाएँ नहीं है और प्राइवेट सेक्टर उसे बाज़ार और पूँजी का हिस्सा बना मुनाफ़ा कमा रहा है. इससे पूर्व भी पिछले वर्ष इसी विपदा से निपटने so और स्वास्थ्य व्यवस्था को दुरुस्त करने के कितने ही आश्वासन और वादे किये गए थे. जिसे उसी...
सामाजिक दायित्वशीलता निभाने में अग्रणी व्यक्तित्व

सामाजिक दायित्वशीलता निभाने में अग्रणी व्यक्तित्व

समसामयिक
डॉ. अरुण कुकसाल‘‘होम्योपैथिक चिकित्सा रोगी की रोग से लड़ने की शरीर में मौजूद क्षमता को बढ़ाकर रोगी को रोग से मुक्त कराने में साहयता प्रदान करती है. विशेषकर एलर्जिक रोगों के संपूर्ण एवं सुरक्षित उपचार के लिए होम्योपैथी को ऐलोपैथी याने आधुनिक चिकित्सा पद्धति से बेहतर माना जाता है. वर्तमान मानवीय जीवन शैली का एक नकारात्मक पक्ष यह भी है कि उसमें एलर्जिक रोगों की संख्या दिनों-दिन बढ़ती जा रही है.होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति के जनक जर्मन चिकित्सक और प्राकृतिक वैज्ञानिक सैमुअल हैनीमन थे. आज से लगभग 200 वर्ष पूर्व ‘समान लक्षणों द्वारा समान लक्षणों का उपचार’ के सिद्धांत को अपनाते हुए सैमुअल हैनीमन ने यह प्रमाणित किया कि व्यक्तियों की आन्तरिेक प्राकृतिक प्रक्रिया के स्वभाव एवं प्रकृति में बहुत अंतर होता है. अतः उनकी इस विशिष्टता को रोग निदान के समय सर्वाधिक महत्व दिया जाना चाहिए.होम्योपैथी ...