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देहरादून

भ्रष्टाचार भी विशेषाधिकार है: सुनो मेरे राज्य के नौजवानो

प्रकाश उप्रेती पर्वतीय राज्य का सपना देखने वाले लोग भी किस मिट्टी के बने होंगे न! इस राज्य के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले लोगों का सपना क्या होगा, कैसी दृढ़ता उनके विचारों में होगी? क्या ये प्रश्न आपके दिमाग में नहीं आते because हैं. तब भी नहीं आते जबकि यह राज्य संसाधनों […]
पिथौरागढ़

पिथौरागढ़ के मूनाकोट में केन्द्रीय रक्षामंत्री एवं मुख्यमंत्री ने किया शहीद सम्मान यात्रा का शुभारम्भ

हिमांतर ब्यूरो, पिथौरागढ़ उत्तराखंड में पांचवा धाम सैन्यधाम बन रहा है. because सैन्यधाम में शहीद सैनिकों की आंगन की मिट्टी आयेगी और भविष्य में भी जो वीर सपूत देश के लिए शहीद होगें, उनके आंगन की मिट्टी भी सैन्यधाम में लाई जायेगी. ज्योतिष आज केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने […]
पिथौरागढ़

डीडीहाट महोत्सव: सिराकोट मंदिर तक बनेगा रोपवे!

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने क्षेत्र के विकास के लिए विभिन्न योजनाओं घोषणा की हिमांतर ब्यूरो, पिथौरागढ़ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पिथौरागढ़ के डीडीहाट में आयोजित पांच दिवसीय डीडीहाट महोत्सव के समापन अवसर पर कुमाऊंनी भाषा में संबोधित करते हुए क्षेत्र के विकास हेतु विभिन्न घोषणाएं कि जिसमें, डीडीहाट नगर से सिराकोट मंदिर तक […]
साहित्यिक-हलचल

युवा साहित्यकार ललित शौर्य को मिला हिंदी सेवा रत्न सम्मान

हिमांतर ब्यूरो, पिथौरागढ़ उत्तराखंड के युवा साहित्यकार ललित शौर्य को देहरादून में हिंदी सेवा रत्न सम्मान से सम्मानित किया गया है. स्वदेशी जागरण मंच द्वारा आयोजित मेले में कार्यक्रम की because मुख्य अतिथि भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय महामंत्री दीप्ति रावत, स्वदेशी जागरण मंच के प्रान्त संयोजक सुरेंद्र, स्वदेशी जागरण मंच के प्रान्त संघर्ष वाहिनी […]
पिथौरागढ़

लाचार कौन? न डीएम काम आया और न सांसद ने फोन उठाया….बहादुर राम एंबुलेंस के अभाव में मर गया

हिमांतर ब्‍यूरो, पिथौरागढ़ बहादुर राम अब इस दुनिया में नहीं हैं. उनके भतीजे किशोर ने चाचा को बचाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा दिया, लेकिन चाचा ने इलाज के अभाव में दम तोड़ दिया. न डीएम काम आया so और न ही सांसद ने फोन उठाया, जिन अधिकारियों ने फोन उठाया बस अपनी […]
संस्मरण

गोपाल की ईमानदारी व परिश्रम का हर कोई कायल है…

गोपाल आ गया है… प्रकाश चन्द्र पुनेठा मैं अपने एक मंजिले भवन को परिवार के सदस्यों की भविष्य में संख्या बढ़ने के बारे में सोचता हुआ दुमंजिला बनवा रहा था. इस कार्य के लिए मजदूरों की आवश्यकता थी. पिथौरागढ़ में स्थानीय मजदूर न के बराबर मिलते है. अतः यहां मजदूर पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार व […]
पुस्तक-समीक्षा

‘लोक में पर्व और परम्परा’

‘जी रया जागि रया, यो दिन यो मास भेंटने रया, दुब जस पनपी जाया’ अरुण कुकसाल हिमालयी क्षेत्र एवं समाज के जानकार लेखक चन्द्रशेखर तिवारी की नवीन पुस्तक ‘लोक में पर्व और परम्परा’ कुमाऊं अंचल के सन्दर्भ में एक सामाजिक, सांस्कृतिक so और पर्यावरणीय विवेचन प्रस्तुत करती है. कुमाऊंनी जनजीवन के जीवन-मूल्यों एवं जीवंतता को […]
संस्मरण

अमावस्या की रात गध्यर में ‘छाव’, मसाण

मेरे हिस्से और पहाड़ के किस्से भाग—61 प्रकाश उप्रेती गाँव में किसी को कानों-कान खबर नहीं थी. शाम को नोह पानी लेने के लिए जमा हुए बच्चों के बीच में जरूर गहमागहमी थी- ‘हरि कुक भो टेलीविजन आमो बल’ because (हरीश लोगों के घर में कल टेलीविजन आ रहा है). भुवन ‘का’ (चाचा) की इस […]
संस्मरण

आस्थाओं का पहाड़ और बुबू

प्रकाश उप्रेती मूलत: उत्तराखंड के कुमाऊँ से हैं. पहाड़ों में इनका बचपन गुजरा है, उसके बाद पढ़ाई पूरी करने व करियर बनाने की दौड़ में शामिल होने दिल्ली जैसे महानगर की ओर रुख़ करते हैं. पहाड़ से निकलते जरूर हैं लेकिन पहाड़ इनमें हमेशा बसा रहता है। शहरों की भाग-दौड़ और कोलाहल के बीच इनमें ठेठ […]
किस्से-कहानियां

हर लड़की का एक सपनों का राजकुमार होता है…

मंजु पांगती “मन”   यात्राएं कई प्रकार की होती हैं. because जीवन यात्रा, धार्मिक यात्रा, पर्यटन यात्रा, प्रेम यात्रा. जीवन में जब ये यात्राएं घटित होती हैं तो परिवेश में दृष्टिगोचर होती ही हैं. इन सब के साथ एक यात्रा और और होती है हर समय होती है जो दिखाई नहीं देती महसूस की जाती […]