पड़ाव आर्ट मेंटरिंग प्रोग्राम संपन्न, युवा कलाकारों की प्रदर्शनी ने बटोरी सराहना

Padav Art Mentoring Program

  • हिमांतर ब्यूरो, देहरादून

हिमालयी राज्यों के युवा कलाकारों को कला, संवाद और रचनात्मक अभिव्यक्ति का मंच प्रदान करने वाला पड़ाव आर्ट मेंटरिंग प्रोग्राम सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। इस आवासीय फेलोशिप कार्यक्रम में उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, लद्दाख तथा जम्मू-कश्मीर के 20 कला विद्यार्थियों और युवा कलाकारों ने सहभागिता की।

कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने अनुभवी कलाकारों और विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में कला की विभिन्न विधाओं का अध्ययन किया तथा रचनात्मक प्रयोगों के माध्यम से अपने कौशल को निखारा। साथ ही उन्हें आपसी संवाद, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और समकालीन कला के विविध आयामों को समझने का अवसर मिला।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर काया लर्निंग सेंटर, तिलवाड़ी, देहरादून में प्रतिभागियों द्वारा तैयार की गई कलाकृतियों की प्रदर्शनी आयोजित की गई। प्रदर्शनी में चित्रकला, रेखांकन और अन्य कलात्मक माध्यमों से तैयार कृतियों को प्रदर्शित किया गया, जिन्हें कला प्रेमियों और दर्शकों ने सराहा।

पड़ाव आर्ट मेंटरिंग प्रोग्राम के प्रमुख जगमोहन बंगाणी ने कहा कि यह पहल केवल कला प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि युवा कलाकारों के लिए एक ऐसा मंच है जहां वे अपनी सांस्कृतिक जड़ों, स्थानीय अनुभवों और समकालीन चुनौतियों को रचनात्मक अभिव्यक्ति दे सकें। उन्होंने कहा, “हिमालयी राज्यों के युवाओं में अपार रचनात्मक क्षमता है। पड़ाव आर्ट मेंटरिंग प्रोग्राम का उद्देश्य उन्हें सीखने, संवाद और प्रयोग का ऐसा वातावरण उपलब्ध कराना था, जहां वे अपनी कला को नई दिशा दे सकें। हमें विश्वास है कि यहां प्राप्त अनुभव और मार्गदर्शन उनके भविष्य के कलात्मक सफर को और अधिक समृद्ध बनाएंगे।”

उन्होंने कहा कि कला समाज को जोड़ने और विभिन्न संस्कृतियों के बीच संवाद स्थापित करने का एक सशक्त माध्यम है। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने न केवल नई कलात्मक तकनीकों को सीखा, बल्कि एक-दूसरे के अनुभवों और दृष्टिकोणों से भी बहुत कुछ ग्रहण किया।

समापन समारोह में उपस्थित अतिथियों ने प्रतिभागियों की रचनात्मकता की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम युवा प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने और क्षेत्रीय कला परंपराओं को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रदर्शनी में प्रदर्शित कलाकृतियों ने हिमालयी क्षेत्र की सांस्कृतिक विविधता, प्रकृति और सामाजिक सरोकारों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम के सफल समापन के साथ युवा कलाकार अपने-अपने क्षेत्रों में नए अनुभवों, प्रेरणाओं और व्यापक कलात्मक दृष्टिकोण के साथ लौटे, जो उनके भविष्य के सृजनात्मक कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

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