
- नीरज उत्तराखंडी | उत्तरकाशी
दयारा बुग्याल ट्रेक क्षेत्र से लापता 24 वर्षीय युवती बबीता पाण्डे की तलाश के लिए उत्तरकाशी पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, आईटीबीपी, भारतीय सेना, वन विभाग तथा नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (एनआईएम) की संयुक्त टीमों द्वारा व्यापक खोज एवं बचाव अभियान लगातार जारी है। पुलिस मुख्यालय और वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा अभियान की नियमित समीक्षा की जा रही है।
पुलिस अधीक्षक उत्तरकाशी श्रीमती कमलेश उपाध्याय के निर्देशन में एक ओर जहां युवती की तलाश के लिए बड़े स्तर पर सर्च एवं रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है, वहीं मामले के संभावित आपराधिक पहलुओं की भी गंभीरता से जांच की जा रही है। खोज एवं बचाव अभियान की जिम्मेदारी पुलिस उपाधीक्षक उत्तरकाशी जनक सिंह पंवार को तथा विवेचनात्मक कार्रवाई की जिम्मेदारी पुलिस उपाधीक्षक बड़कोट पंकज शर्मा को सौंपी गई है।
पुलिस के अनुसार 30 मई 2026 की रात करीब 7:45 बजे सूचना प्राप्त हुई कि गोई बेस क्षेत्र में ट्रेकिंग के दौरान बबीता पाण्डे लापता हो गई हैं। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, एसडीआरएफ और वन विभाग की टीमों ने तत्काल खोज अभियान शुरू कर दिया था।
31 मई से लगातार चल रहे इस अभियान में स्थानीय पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, आपदा प्रबंधन की क्यूआरटी टीम, वन विभाग, स्थानीय निवासियों, गाइडों, पोर्टरों और परिजनों का सहयोग लिया जा रहा है। खोज अभियान में ड्रोन, खोजी कुत्तों तथा अन्य आधुनिक तकनीकों का भी उपयोग किया जा रहा है। एसडीआरएफ की डीप डाइविंग टीम ने गोई बेस के समीप स्थित झील और आसपास के जल स्रोतों में भी गहन तलाशी अभियान चलाया है।
रविवार को हेलीकॉप्टर की सहायता से दयारा ट्रेक एवं आसपास के पूरे क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण किया गया। इसके अतिरिक्त दयारा बुग्याल, रैथल क्षेत्र के होटलों एवं गेस्ट हाउसों, ट्रेक मार्गों के सीसीटीवी फुटेज तथा गोड़ा-डोडा मार्ग पर भी व्यापक जांच-पड़ताल और पूछताछ की जा रही है।
मामले के संभावित आपराधिक पहलुओं की जांच भी समानांतर रूप से जारी है। पुलिस के अनुसार बबीता पाण्डे 29 मई को अपने दो साथियों हरमनपाल सिंह और हरमनप्रीत सिंह के साथ ट्रेक पर गई थीं। बताया गया है कि बबीता और हरमनपाल एक-दूसरे के परिचित एवं मित्र हैं। 25 मई को पटना से उत्तरकाशी पहुंचे इन लोगों ने विभिन्न पर्यटन स्थलों का भ्रमण किया था। इसके बाद 29 मई की रात वे गोई क्षेत्र में रुके थे, जहां से बबीता अचानक लापता हो गईं।
31 मई को युवती के परिजनों की तहरीर के आधार पर कोतवाली मनेरी में हरमनपाल सिंह और हरमनप्रीत सिंह के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 140(3) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। मामले की जांच के लिए पुलिस एवं सर्विलांस टीम का गठन किया गया है।
पुलिस अब तक 100 से अधिक लोगों से पूछताछ कर चुकी है। इनमें ट्रेकर्स, मित्र, परिजन, स्थानीय निवासी, घोड़ा-खच्चर संचालक, गाइड, पोर्टर तथा अन्य संबंधित लोग शामिल हैं। जांच के दौरान ट्रेक मार्गों के सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), लोकेशन डेटा तथा अन्य तकनीकी साक्ष्यों का भी विश्लेषण किया जा रहा है।
उत्तरकाशी पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और वैज्ञानिक तरीके से जांच की जा रही है। युवती की तलाश के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का उपयोग किया जा रहा है तथा जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
