दिल्ली-एनसीआर

भारत पर्व पर प्रदर्शित होगी “आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड” की झांकी

भारत पर्व पर प्रदर्शित होगी “आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड” की झांकी

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हिमांतर ब्यूरो, नई दिल्लीरक्षा मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय रंगशाला शिविर, नई दिल्ली में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान विभिन्न प्रदेशों एवं मंत्रालयों की झांकियों का प्रेस के समक्ष अपने-अपने राज्यों की समृद्ध सांस्कृतिक झलक प्रस्तुत की. इस अवसर पर जानकारी दी गई कि उत्तराखण्ड राज्य की झांकी इस वर्ष “आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड” थीम के अंतर्गत भारत पर्व में प्रदर्शित होगी. भारत पर्व के आयोजन के दौरान 26 से 31 जनवरी तक दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले में उत्तराखण्ड की विकास यात्रा के दर्शन किए जा सकेंगे. इस वर्ष उत्तराखण्ड की झांकी की थीम “आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड” रखी गई है, जो आत्मनिर्भर भारत के राष्ट्रीय विजन के अनुरूप राज्य की सांस्कृतिक, आर्थिक एवं पारंपरिक आत्मनिर्भरता को दर्शाती है.सूचना विभाग के संयुक्त निदेशक एवं झांकी के नोडल अधिकारी श्री के.एस. चौहान ने बताया कि “आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड” झां...
दिल्ली के सेन्ट्रल पार्क में साकार हुआ राष्ट्रीय उत्तरायणी अभियान

दिल्ली के सेन्ट्रल पार्क में साकार हुआ राष्ट्रीय उत्तरायणी अभियान

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हजारों लोगों की उपस्थिति में अध्यात्म, संस्कृति, पर्यावरण चेतना और राष्ट्रीय एकता का प्रभावी संदेशहिमांतर ब्यूरो, नई दिल्लीपर्वतीय लोकविकास समिति द्वारा प्रकृति के सम्मान,पर्यावरण चेतना और राष्ट्रीय एकता के प्रतीक पर्व के रूप में वर्ष 2005 से निरंतर संचालित राष्ट्रीय उत्तरायणी महोत्सव इस बार सुखी परिवार फाउंडेशन और दिल्ली सरकार के सहयोग से नई दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में सम्पन्न हुआ. सर्वप्रथम सुप्रसिद्ध जैन संत डॉ.गणी राजेन्द्र विजय जी महाराज के सान्निध्य में आचार्य मोहन भट्ट और आचार्य रमेश भट्ट ने सृष्टि रक्षा समरसता महायज्ञ पूर्ण किया. जन परिसंवाद में विद्वान् विशेषज्ञ वक्ताओं ने तीन शताब्दी व्यक्तित्वों-राजनीति क्षेत्र के अजातशत्रु नेता भारतरत्न अटल बिहारी वाजपेयी,पर्यावरण पुरोधा पद्मविभूषण सुंदरलाल बहुगुणा और पृथक उत्तराखंड राज्य के जनक हिमालय गौरव इंद्रमणि...
विकास ऐसा न हो कि उत्तराखंडी ही खो जाए: अजीत डोभाल

विकास ऐसा न हो कि उत्तराखंडी ही खो जाए: अजीत डोभाल

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  ‘रैबार’ ने किया खबरदार!व्योमेश जुगरान, वरिष्ठ पत्रकार देश की कद्दावर शख्सियत, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल, बीते शनिवार राजधानी के मावलंकर हॉल में आयोजित ‘रैबार’ कार्यक्रम में उत्तराखंडी समाज से मुखातिब थे. उन्होंने गढ़वाली में संबोधन किया और इस बोली पर अपनी शानदार पकड़ से माहौल को चमत्कृत कर दिया. उनके वक्तव्य का केंद्रीय फोकस पर्वतीय लोक-परंपरा और संस्कृति के संरक्षण पर था, लेकिन इसी क्रम में उन्होंने पर्वतीय पहचान पर मंडराते खतरों की ओर भी संकेत किया. उन्होंने पर्वतीय समाज को खबरदार करते हुए कहा कि संभव है कल का उत्तराखंड फाइव-स्टार संस्कृति वाला एक विशाल टूरिस्ट सेंटर बन जाए. बनना भी चाहिए, लेकिन कहीं ऐसा न हो कि बदले में हम खुद ही खो जाएँ. माटी से गहरे जुड़े अजीत डोभाल यदि उत्तराखंड में पर्यटन के किसी उद्दात रूप को पहाड़ और पहाड़ियत के लिए खतरे की तरह...
नई दिल्ली में गूंजा उत्तराखंड का ‘रैबार’, डोभाल-चौहान-रावत-लखेड़ा ने रखा भविष्य का विज़न

नई दिल्ली में गूंजा उत्तराखंड का ‘रैबार’, डोभाल-चौहान-रावत-लखेड़ा ने रखा भविष्य का विज़न

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  राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने शिरकत की हिल मेल द्वारा आयोजित 'रैबार -7 आयोजन मेंसी एम पपनै, नई दिल्लीनई दिल्ली की भागदौड़ भरी जिंदगी के बीच 17 जनवरी की वह शाम कुछ अलग थी। कांस्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया के मावलंकर सभागार में उत्तराखंड केवल एक राज्य नहीं, बल्कि स्मृति, संस्कृति और संकल्प के रूप में उपस्थित था। अवसर था प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान हिल मेल द्वारा आयोजित ‘रैबार–7 : ब्रांड उत्तराखंड’ का—एक ऐसा मंच, जहां नीति, परंपरा, सुरक्षा और समाज एक-दूसरे से संवाद कर रहे थे।राष्ट्रीय नेतृत्व, उत्तराखंड की आत्मा के साथ कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल थे। विशिष्ट अतिथियों में सीडीएस जनरल अनिल चौहान, महानिदेशक असम राइफल्स लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेड़ा, पूर्व मुख्यमंत्री एवं हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत, पौड़ी गढ़वाल सांसद अनिल बलून...
दिल्ली में रैबार–7 का भव्य आयोजन : संवाद, संस्कृति और रिवर्स माइग्रेशन पर राष्ट्रीय मंथन

दिल्ली में रैबार–7 का भव्य आयोजन : संवाद, संस्कृति और रिवर्स माइग्रेशन पर राष्ट्रीय मंथन

दिल्ली-एनसीआर
 हिमांतर ब्यूरो, नई दिल्लीदिल्ली में रैबार–7 कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने रैबार शब्द के शाब्दिक अर्थ को स्पष्ट करते हुए कहा कि गढ़वाल एवं कुमाऊँ क्षेत्र में रैबार एक प्राचीन, परंपरागत और अत्यंत विश्वसनीय संचार माध्यम रहा है. उन्होंने गढ़वाली बोली के संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार पर विशेष बल दिया. चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने कहा कि भारतीय सेना की विभिन्न पहलों से सीमावर्ती क्षेत्रों में रिवर्स माइग्रेशन को प्रोत्साहन मिला है. उन्होंने इस संदर्भ में मिशन सम्भावना का उल्लेख किया. असम राइफल्स के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेड़ा ने युवाओं को मेहनत और ईमानदारी के साथ देश सेवा करने का संदेश देते हुए कहा कि आज देश मजबूत नेतृत्व में निरंतर आगे बढ़ रहा है.उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री डॉ....
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘धर्मरक्षक धामी’ सत्र में रखी देवभूमि की सुरक्षा और विकास की प्राथमिकताएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘धर्मरक्षक धामी’ सत्र में रखी देवभूमि की सुरक्षा और विकास की प्राथमिकताएं

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  ‘शब्दोत्सव’ कार्यक्रम के पंचम सत्र ‘धर्मरक्षक धामी’ में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लिया भाग हिमांतर ब्यूरो, नई दिल्लीनई दिल्ली स्थित मेजर ध्यान चंद स्टेडियम में आयोजित ‘शब्दोत्सव’ कार्यक्रम के पंचम सत्र ‘धर्मरक्षक धामी’ में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भाग लिया और राज्य की नीतियों, विकास पहलों तथा प्रशासनिक सुधारों पर अपने विचार साझा किए. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि देवभूमि उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक पहचान, सामाजिक समरसता और विधिसम्मत शासन व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए राज्य सरकार पूर्णतः प्रतिबद्ध है. उन्होंने बताया कि 7,000 एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराया गया, और ऐसे समूहों पर कड़ी कार्रवाई की गई जो सरकारी संपत्ति पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे थे.शिक्षा क्षेत्र में धामी ने कहा कि 01 जुलाई, 2026 के बाद केवल वही मदरसे संचालित होंगे जो...
अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला हमारी संस्कृति, हस्तशिल्प और समृद्ध विरासत को प्रदान करता है वैश्विक मंच : मुख्यमंत्री

अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला हमारी संस्कृति, हस्तशिल्प और समृद्ध विरासत को प्रदान करता है वैश्विक मंच : मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री ने प्रगति मैदान नई दिल्ली में भारत अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में आयोजित उत्तराखण्ड दिवस में किया प्रतिभाग मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को नई दिल्ली के प्रगति मैदान मे आयोजित 44वें भारत अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार मेले के तहत उत्तराखण्ड पवेलियन में उत्तराखण्ड दिवस समारोह एवं इस अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक संध्या में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया। इस अवसर पर नाट्यशाला थियेटर में उत्तराखण्ड के लोक कलाकारों द्वारा आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये गये। इस वर्ष व्यापार मेले की थीम ’’एक भारत श्रेष्ठ भारत’’ रखी गयी है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि भारत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला हमारी संस्कृति, हस्तशिल्प, और समृद्ध विरासत को वैश्विक मंच पर प्रतिष्ठित करने का अवसर प्रदान करता है। यही नहीं इस मेले में आयोजित होने वाली सांस्कृतिक संध्या के माध...
आजीविका से आत्मनिर्भरता तक: हिमोत्थान की पहाड़ी पहल को मिला “डूइंग गुड फॉर भारत अवार्ड्स 2025”

आजीविका से आत्मनिर्भरता तक: हिमोत्थान की पहाड़ी पहल को मिला “डूइंग गुड फॉर भारत अवार्ड्स 2025”

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टाटा ट्रस्ट की सहयोगी संस्था हिमोत्थान को उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के 20 गांवों में अपने समग्र ग्रामीण विकास प्रयासों से 1,000 से अधिक परिवारों की आय बढ़ाने के लिए पुरस्कार मिला परिवर्तनकर्ताओं के लिए एशिया के सबसे बड़े मंच ने टाटा ट्रस्ट की सहयोगी, देहरादून स्थित हिमोत्थान सोसाइटी को ग्रामीण विकास में उत्कृष्टता के लिए "डूइंग गुड फॉर भारत अवार्ड्स - 2025" से सम्मानित किया. यह पुरस्कार 12वें भारत सीएसआर और ईएसजी शिखर सम्मेलन - 2025 के दौरान प्रदान किया गया. हिमोत्थान सोसाइटी को यह सम्मान उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के 20 गाँवों में अपने समग्र ग्रामीण विकास प्रयासों के लिए मिला है, जिससे 1,000 से अधिक परिवारों को सीधे लाभ हुआ है. विभिन्न आजीविका गतिविधियों के माध्यम से, हिमोत्थान 1000 परिवारों की औसत वार्षिक आय 60,000 से 80,000 रुपये तक बढ़ा रहा है; साथ ही, प्रशिक्षण क्षमता भी बढ़ाई गई...
मलेशिया और इंडोनेशिया-बाली की धरती पर हिन्दी का परचम

मलेशिया और इंडोनेशिया-बाली की धरती पर हिन्दी का परचम

दिल्ली-एनसीआर
25वाँ अंतरराष्ट्रीय हिन्दी सम्मेलन (रजत पर्व) संपन्न, भारतीय विद्वानों का भव्य सम्मान नई दिल्ली. मलेशिया और इंडोनेशिया-बाली की धरती पर 23 से 31 अगस्त 2025 तक आयोजित 25वाँ अंतरराष्ट्रीय हिन्दी सम्मेलन (रजत पर्व) हिन्दी साहित्य और भारतीय संस्कृति का एक विराट महाकुंभ सिद्ध हुआ. इस ऐतिहासिक आयोजन में भारत के नौ राज्यों से आए 50 से अधिक रचनाकारों, कवियों, लेखकों, शिक्षाविदों और पत्रकारों ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई. सम्मेलन का उद्घाटन इंडोनेशिया के सुप्रसिद्ध गांधीवादी चिंतक और लेखक पद्मश्री अगुस इंद्र उदयन ने किया. उन्होंने बाली और भारत की सांस्कृतिक समानताओं को रेखांकित करते हुए कहा— “बाली की संस्कृति भारत, विशेषकर ओडिशा और बस्तर की संस्कृति से गहराई से जुड़ी है. यह भूमि भारतीय परंपराओं की जीवंत झलक प्रस्तुत करती है.” बाली के विधायक डॉ. सोमवीर ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि ...
लालढांग–चिल्लरखाल मोटर मार्ग शीघ्र बनेगा: सांसद अनिल बलूनी

लालढांग–चिल्लरखाल मोटर मार्ग शीघ्र बनेगा: सांसद अनिल बलूनी

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हिमांतर ब्यूरो, नई दिल्लीगढ़वाल सांसद अनिल बलूनी ने आश्वासन दिया है कि लंबे समय से लंबित कंडी मोटर मार्ग और लालढांग–चिल्लरखाल मोटर मार्ग पर शीघ्र ही निर्णय होगा और यह मार्ग जल्दी ही बनकर तैयार होंगे. दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में कोटद्वार के शिष्टमंडल ने सांसद बलूनी को ज्ञापन सौंपकर लालढांग–चिल्लरखाल मार्ग के डामरीकरण और पुल निर्माण की मांग उठाई. इस पर बलूनी ने कहा कि “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी यही लक्ष्य है कि यह दशक उत्तराखंड के सर्वांगीण विकास का दशक बने.” ऐतिहासिक महत्व और उपेक्षा यह मोटर मार्ग 1965 से अस्तित्व में है. इससे पूर्व यह पैदल व्यापारिक मार्ग के रूप में पूरे गढ़वाल को जोड़ता था. लेकिन राज्य गठन के बाद उपेक्षा के चलते मार्ग बंदी के कगार पर पहुँच गया है. विशेषकर सिगड्डी स्रोत और मैली स्रोत नालों पर अधूरे पुल सबसे बड़ी बाधा हैं.जनता की समस्याएं सांसद बलून...