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उत्तराखंड : ग्लेशियर झीलों के व्यापक अध्ययन और नियमित निगरानी के लिए कार्य योजना!

उत्तराखंड : ग्लेशियर झीलों के व्यापक अध्ययन और नियमित निगरानी के लिए कार्य योजना!

देहरादून
सचिवालय में विभिन्न केंद्रीय संस्थानों के वैज्ञानिकों के साथ विचार-विमर्श उत्तराखंड में स्थित ग्लेशियर झीलों के व्यापक अध्ययन और इनकी नियमित निगरानी के लिए उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा विस्तृत कार्य योजना बनाई जा रही है. इस संबंध में आज सचिव, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन की अध्यक्षता में सचिवालय में विभिन्न केंद्रीय संस्थानों के वैज्ञानिकों के साथ विचार-विमर्श किया गया. बैठक में सचिव श्री विनोद कुमार सुमन ने कहा कि उत्तराखण्ड में 13 ग्लेशियर झीलें चिन्हित की गई हैं. इनमें से पांच श्रेणी-ए में हैं. उन्होंने बताया कि बीते साल एक दल ने चमोली जनपद के धौली गंगा बेसिन स्थित वसुधारा झील का सर्वे किया है. इस दल में यूएसडीएमए, आईआईआरएस, वाडिया हिमालय भूविज्ञान संस्थान, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ तथा आईटीबीपी के प्रतिनिधि शामिल थे.ग्लेशियर झीलों के स्वरूप व प्रकृति का ...
मुख्यमंत्री ने किया 5 दिवसीय वीर शिरोमणि माधोसिंह भंडारी राजकीय औद्योगिक कृषि विकास मेले का शुभारम्भ

मुख्यमंत्री ने किया 5 दिवसीय वीर शिरोमणि माधोसिंह भंडारी राजकीय औद्योगिक कृषि विकास मेले का शुभारम्भ

टिहरी गढ़वाल
सच्चा शौर्य शक्ति में नहीं अपितु सेवा और समर्पण में निहित होता है : मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मलेथा टिहरी गढ़वाल में वीर शिरोमणि माधोसिंह भंडारी की स्मृति में आयोजित 5 दिवसीय राजकीय औद्योगिक कृषि विकास मेले का शुभारंभ किया. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभागीय स्टालों का निरीक्षण कर विभिन्न स्कूलों एवं एनसीसी कैडेट्स द्वारा निकाली गई मार्च पास्ट रैली को सलामी दी. इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने मलेथा में वीर शिरोमणि माधोसिंह भंडारी के स्मारक में उनकी  मूर्ति पर माल्यार्पण कर उनके द्वारा निर्मित ऐतिहासिक गूल का अवलोकन कर उन्हें नमन किया. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मलेथा चौराहे का नाम वीर शिरोमणि माधोसिंह भंडारी के नाम पर किए जाने, वीर शिरोमणि माधोसिंह भंडारी मेला स्थल का विस्तारीकरण किए जाने, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र सिल्काखाल के भवन निर्माण, सूर्य देवी मन्दिर पलेठी बनगढ का सौन्द...
केदारकांठा: जहां होते हैं प्रकृति की छटा के अनुपम दीदार

केदारकांठा: जहां होते हैं प्रकृति की छटा के अनुपम दीदार

उत्तरकाशी
प्रकृति के अ‌द्भुत सौंदर्य का आनन्द ले रहे पर्यटकनीरज उत्तराखंडी, पुरोलाबर्फ की सफेद चादर ओढ़े मखमली बुग्याल पहाड़ से झरते  मनमोहक दुधिया झरने घने जंगल में  झांकती सूर्य की रोशनी, मृग की चहलकदमी और पक्षियों का कर्ण प्रिय कलरव सूर्य के निकले और डूबने का मनोरम दृश्य दृग को सकून दे जाते है जहां प्रकृति ने अपनी छटा मुक्त हस्त से बिखेरी हैं. ऐसा पर्यटक स्थल है केदार कांठा. समुद्रतल से लगभग 12,500 फीट की ऊंचाई पर स्थित केरकांठा जिला मुख्यालय उत्तरकाशी से करीब 220 किलोमीटर दूर है.  यह स्थल शीतकालीन पर्यटन के लिए खास प्रसिद्ध है. केदारकांठा पहुंचने के लिए सांकरी से 11 किलोमीटर की ट्रेकिंग करनी होती है. इस बार क्रिसमस से लेकर नए वर्ष तक 8,000 से अधिक पर्यटक केदार कांडा पहुंच चुके हैं.जो स्नो ट्रेकिंग के साथ  केदारकांठा समिट से रोमांचित हो कर लौटे.हिमालय की गोद में बसा केदार का...
ज्योर्तिमठ: नए साल पर नृसिंह मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

ज्योर्तिमठ: नए साल पर नृसिंह मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

चमोली
शीतकालीन यात्रा प्रारंभ होने के बाद से करीब छह हजार यात्री कर चुके हैं दर्शन ज्योर्तिमठ। नए साल के पहले दिन, बुधवार को ज्योर्तिमठ (जोशीमठ) स्थित भगवान नृसिंह मंदिर और शंकाराचार्य गद्दी स्थल दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। इस साल शीतकालीन यात्रा प्रारंभ होने के बाद से करीब छह हजार श्रद्धालु नृसिंह मंदिर के दर्शन कर चुके हैं। ज्योर्तिमठ स्थित नृसिंह मंदिर, वासुदेव मंदिर, दुर्गा मंदिर श्रद्धालुओं के लिए खास आस्था के केंद्र रहते हैं। साथ ही शंकराचार्य की शीतकालीन गद्दी भी यहीं पर स्थित है। इसलिए बुधवार को नए साल के पहले दिन साढ़े तीन सौ अधिक श्रद्धालुओं ने यहां पहुंच, नृसिंह भगवान मंदिर में दर्शन किए। बीकेटीसी के प्रशासनिक अधिकारी कुलदीप भट्ट ने बताया कि अब तक करीब छह हजार श्रद्धालु नृसिंह मंदिर के दर्शन कर चुके हैं।बीते दिनों औली में बर्फवारी के बाद, पयर्टकों की भीड़ बढ़ी है। इस...
टिहरी : बंगशील से ओडारशु मोटर मार्ग के दशरथ मांझी और चिपको की गौरा बन ग्रामीण बना रहे सड़क!

टिहरी : बंगशील से ओडारशु मोटर मार्ग के दशरथ मांझी और चिपको की गौरा बन ग्रामीण बना रहे सड़क!

टिहरी गढ़वाल
जेपी मैठाणीआजकल के समय में जब विकास और मूलभूत आवश्यकताओं के आवरण में जनशक्ति एकजुट हो जाए तो फिर राह में कोई काँटा नहीं बिछा सकता. इस एकजुटता का एक बड़ा उदाहरण पट्टी पालीगाड़ के साथ साथ दशजूला जैसी चार पट्टियों के ग्रामीणों ने ख़ुद यहाँ पर संपर्क मार्ग तैयार कर स्थापित करने की जिद्द के साथ स्थापित कर दिया है. पिछले कुछ दिनों से जब पहाड में भारी बर्फ़बारी और बारिश की खबर से ही ठण्ड का आभास हो रहा है तब कडाके की ठंड में भी उत्तराखंड के टिहरी जिले के ग्रामीणों ने दशरथ मांझी की तर - कुदालें, फावड़े, सब्बल, रैक, गैंती, दरांती और थमाली के सहारे बंगशील से ओडारशु गाँव से ओडार्सू मोटर-मार्ग/ संपर्क मार्ग के निर्माण के लिए कमर कसी हुई है, गौरतलब है कि, इस क्षेत्र के ग्रामीण बड़े लम्बे समय से बंगशील से ओडारशु के एक छोटे से मोटर मार्ग के निर्माण के लिए मांग कर रहे हैं और संघर्ष कर रहे हैं और कड़ाके क...
गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में बर्फबारी जारी!

गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में बर्फबारी जारी!

उत्तरकाशी
जिलाधिकारी डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट दिए ने पर्यटकों की सुरक्षा एवं सुविधाओं का पूरा ध्यान रखेने के निर्देशनीरज उत्तराखंडी, उत्तरकाशीजनपद मुख्यालय उत्तरकाशी सहित जिले के सभी तहसील क्षेत्रों में आज दिनभर हल्की वर्षा तथा जिले के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फवारी का सिलसिला जारी है. बर्फबारी जारी रहने से गंगोत्री-यमुनोत्री धाम सहित यमुना जी के शीतकालीन प्रवास स्थल खरसाली एवं गंगा जी के शीतकालीन प्रवास मुखवा गांव सहित जिले के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में स्थित अनेक गांव बर्फ से ढक गए हैं. हिमाच्छादित क्षेत्रों की सड़कों पर यातायात सुचारू बनाए रखने के लिए मशीनों एवं श्रमिकों की तैनाती के फलस्वरूप जिले की अधिकांश सड़कें बर्फबारी के बावजूद सामान्य दिनों की तरह खुली रहीं. हर्षिल क्षेत्र के आखिरी गांव मुखवा एवं धराली तक विद्युत आपूर्ति भी सुचारू है.हर्षिल एवं सांकरी क्षेत्र में इन दिनों काफी स...
पीएचडी की उपाधि से सम्मानित हुए आचार्य सुरेश उनियाल जी महाराज

पीएचडी की उपाधि से सम्मानित हुए आचार्य सुरेश उनियाल जी महाराज

दिल्ली-एनसीआर
कोलम्बिया पेसिफ़िक्र वर्चुवल यूनिवर्सिटी द्वारा प्रदान की गई डॉक्टरेट की मानद उपाधि सीमांत जनपद उत्तरकाशी की यमुना घाटी के नौगांव ब्लॉक, ग्राम डेल्डा बनाल गांव निवासी राज ऋषि यमुना पुत्र सुरेश उनियाल जी महाराज व्याकृणाचार्य, श्री यमुना गोलोक धाम के अध्यक्ष श्री महाराज जी को कोलम्बिया पेसिफ़िक्र वर्चुवल यूनिवर्सिटी द्वारा ज्योतिष (एस्ट्रोलॉजर) गणित फलादेश इस विषय पर पीएचडी की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया है. पूज्य महाराज डॉ सुरेश उनियालजी अनेक धर्म एवं सामाजिक कार्यों में अपना भरपूर योगदान देते हैं. वह देवी भागवत, राम कथा, शिवपुराण सहित सभी 18 पुराणों पर देश विदेश में प्रवचन देते हैं. यमुना पुत्र सुरेश उनियाल जी महाराज एक सुप्रसिद्ध कथावक्ता हैं. वह भारत सहित अमेरिकी देशों में कथा प्रवचन देते आए हैं.डॉ सुरेश उनियाल जी महाराज एक सुप्रसिद्ध कथा वाचक हैं, वे श्रीमद् भागवत कथा, भागवत्, ...
उत्तराखंड के सामाजिक-सांस्कृतिक परंपराओं का वाहक है चूड़ा

उत्तराखंड के सामाजिक-सांस्कृतिक परंपराओं का वाहक है चूड़ा

लोक पर्व-त्योहार
जे. पी. मैठाणी/अनीता मैठाणी उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में धान की कटाई मैदानी क्षेत्रों की अपेक्षा जल्दी शुरू हो जाती है. पर्वतीय क्षेत्रों में प्रमुखतः किंणस्यालू, सुखनन्दी, डिमर्या, बर्मा, लाल साटी सहित कुछ अन्य प्रजातियों को चूड़ा बनाने के लिए उपयुक्त माना जाता है. अगर किसी भी घर-परिवार में चूड़ा कूटे जा रहे हैं या बनाए जा रहे हैं तो आप समझ लीजिए या तो ये बार-त्यौहार का अवसर होगा और या तो कोई न कोई खुशखबरी होगी. वैसे तो वर्ष में एक बार जैसे दीपावली के आसपास अमीर-गरीब सभी के घरों में धान के चूड़े बनाये जाते हैं. क्योंकि दीपावली के समय ही उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में धान की लवाई-मंडाई के बाद साटी/धान के बुखणे और चूड़ा बनाया जाता है. नये धान से बनाए गये चूड़े को सबसे पहले भूमि के देवता भूम्याल, स्थानीय ईष्ट देव के साथ-साथ घर की चारों दिशाओं में थोड़ा-थोड़ा छिटक कर अर्पित किया जाता है. ...
राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय फलक पर ख्याति प्राप्त सांस्कृतिक संस्था ‘पर्वतीय कला केंद्र’ दिल्ली का चुनाव सम्पन्न

राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय फलक पर ख्याति प्राप्त सांस्कृतिक संस्था ‘पर्वतीय कला केंद्र’ दिल्ली का चुनाव सम्पन्न

दिल्ली-एनसीआर
हिमांतर ब्यूरो, नई दिल्लीराष्ट्रीय व वैश्विक फलक पर उत्तराखंड की ख्यातिप्राप्त सांस्कृतिक संस्था 'पर्वतीय कला केंद्र, दिल्ली' का चुनाव 22 दिसंबर 2024 को उत्तराखंड सदन, चाणक्य पुरी  नई दिल्ली में चुनाव अधिकारी हिंदी अकादमी दिल्ली सरकार के पूर्व सचिव डा.हरि सुमन बिष्ट व उत्तराखंड की ख्याति प्राप्त प्रतिनिधि संस्था 'पहाड़' के दिल्ली प्रभारी चंदन डांगी की देख-रेख में सम्पन्न हुआ. 'पर्वतीय कला केंद्र' के अध्यक्ष पद पर सी एम पपनैं, उपाध्यक्ष पद पर क्रमश: चन्द्रा बिष्ट व बबीता पांडे महासचिव चंदन डांगी, सचिव कैलाश पांडे, सह-सचिव क्रमश: लक्ष्मी महतो, के एस बिष्ट व खिलानंद भट्ट, कोषाध्यक्ष दीपक जोशी तथा उप-कोषाध्यक्ष पद पर खुशहाल सिंह रावत चुने गए. कार्यकारिणी सदस्यों में महेंद्र सिंह लटवाल, डॉ.हेमा उनियाल, डॉ.के सी पांडे, नीलम राना, भूपाल सिंह बिष्ट, गोपाल पांडे, भुवन रावत, अनुकम्पा बिष्ट, हर...
नीति आयोग की रैंकिंग में उत्तरकाशी के मोरी ब्लॉक को राज्य में दूसरा और देशभर में 44वाँ स्थान

नीति आयोग की रैंकिंग में उत्तरकाशी के मोरी ब्लॉक को राज्य में दूसरा और देशभर में 44वाँ स्थान

उत्तरकाशी
आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम (एबीपी) के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण उपलब्धिनीरज उत्तराखंडी, पुरोला, उत्तरकाशीआकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम (एबीपी) के क्रियान्वयन में उत्तरकाशी जिले के मोरी ब्लॉक को राज्य में दूसरी तथा देशभर के 500 ब्लॉकों में 44वीं रैंक मिली है. समग्र विकास की नीति आयोग की कसौटी पर बेहतर प्रदर्शन करने पर मोरी ब्लॉक और उत्तरकाशी जिले को यह महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है.जिले के मोरी विकास खंड को देशभर के 500 ब्लाकों के साथ आकांक्षी विकास खंड कार्यक्रम के लिए चुना गया है. केन्द्र सरकार के द्वारा राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन के सहयोग से संचालित इस योजना के तहत स्वास्थ्य एवं पोषण, शिक्षा, कृषि एवं संबद्ध सेवाएँ, बुनियादी ढांचे व सामाजिक विकास के तय संकेतकों की कसौटी पर आकांक्षी विकास खंड को पूरी तरह से संतृप्त करने की मुहिम चलाई जा रही है.मुख्य विकास अधिकारी एसएल सेमव...