Author: Himantar

हिमालय की धरोहर को समेटने का लघु प्रयास
पहाड़ों के सतत विकास, नेचर टूरिज्म और स्वरोजगार के लिए उत्तराखंड के पहाड़ों की जमीन बचानी होगी

पहाड़ों के सतत विकास, नेचर टूरिज्म और स्वरोजगार के लिए उत्तराखंड के पहाड़ों की जमीन बचानी होगी

चमोली
पहाड़ों के सतत विकास और स्वरोजगार के लिए उत्तराखंड के पहाड़ों की जमीन बचानी होगी ये बात प्रकृति पर्यटन एवं नेचर जागरूकता कार्यक्रम के द्वितीय दिवस में अतर सिंह तोमर पूर्व राज्य मंत्री उत्तराखंड ने कही. श्री तोमर ने पंचम केदार कल्पेश्वर महादेव में नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क, केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग और जनदेश संस्था द्वारा आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में कही उन्होंने ग्रामीणों का आह्वाहन करते हुए कहा कि, हम सबको   पहाड़ों की जमीन को बचाने के साथ- साथ उस भूमि पर प्रकृति के सतत संरक्षण और वैज्ञानिक दोहन  के रूप में  नियोजन को प्रबंधित करना होगा. पूर्व राज्य मंत्री अतर सिंह तोमर ने कहा कि प्रकृति को बचाने के लिए युवाओं की मुख्य भूमिका हो सकती है उन्होंने कहा कि पहाड़ों में लोग अपनी भूमि को नहीं बेचना चाहिए आज आवश्यकता है कि जमीन को बचाया जाए बाहर के लोगों की गिद्ध दृष्टि पहाड़ों की भूमि पर लगी है....
पर्यटन आधारित कार्यक्रमों के नियोजन करने की तकनीक और उसके प्रचार-प्रसार  के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी : पंकज कुमार

पर्यटन आधारित कार्यक्रमों के नियोजन करने की तकनीक और उसके प्रचार-प्रसार के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी : पंकज कुमार

पर्यटन, चमोली
तृतीय दिवसनंदा देवी बायोस्फियर रिज़र्व के निदेशक पंकज कुमार ( आई ऍफ़ एस )  ने नेचर टूरिज्म प्रशिक्षण के तृतीय दिवस के कार्यक्रम में उपस्थित होकर नेचर  गाइड और प्रशिक्षणार्थियों को  संबोधित करते हुए कहा कि, हम सभी को अपने क्षेत्र के पर्यटन आधारित कार्यक्रमों के नियोजन करने की तकनीक और उसके प्रचार प्रसार  के लिए सामूहिक प्रयास करने चाहिए .  साथ नेचर टूरिज्म को बढाने के लिए समुचित संसाधन उपलब्ध कराने के बारे में विस्तार से जानकारी दी. निदेशक पंकज कुमार ने कहा कि हमें गंभीरता से अपने क्षेत्र के विषयों को जानना आवश्यक है उन्होंने कहा कि प्रकृति पर्यटन आधारित टूरिज्म की उर्गम घाटी में काफी संभावना है और मैंने आज प्रतिभागियों के द्वारा ट्रैकिंग रूटो के बारे में विस्तार पूर्वक दी गयी जानकारी  और मानचित्र बनाने का जो प्रयास और अभ्यास किया है उससे मुझे बहुत खुशी हुई. उन्होंने पंच केदार और पंच बद्...
उत्तराखंड में 38वें राष्ट्रीय खेल : खेलों से बढ़ती है देश की साख – पीएम नरेंद्र मोदी  

उत्तराखंड में 38वें राष्ट्रीय खेल : खेलों से बढ़ती है देश की साख – पीएम नरेंद्र मोदी  

देहरादून
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रेरक संबोधन और अधिकारिक उद्घोषणा के साथ ही उत्तराखंड में 38वें राष्ट्रीय खेलों का रंगारंग शुभारंभ देहरादून में राजीव गांधी इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में आयोजित उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड आज युवा ऊर्जा से और भी दिव्य हो उठा है, बाबा केदार, बद्ररीनाथ जी, मां गंगा के शुभाशीष के साथ आज यहां नेशनल गेम्स शुरू हो रहे हैं. प्रधानमंत्री ने कहा कि ये वर्ष उत्तराखंड के निर्माण का 25वां वर्ष भी है, इस खास अवसर पर इस युवा राज्य में देश के अलग- अलग हिस्सों से आए, हजारों युवा अपना सामर्थ्य दिखाने वाले हैं. इससे यहां एक भारत, श्रेष्ठ भारत की सुंदर तस्वीर नजर आ रही है. प्रधानमंत्री ने शानदार आयोजन के लिए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और उनकी टीम को बधाई दी.भारत को दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्...
लोकगीत रसिकों को दीवाना बनाने वाला उत्तराखंड का सुप्रसिद्ध लोकगायक दीवान कनवाल

लोकगीत रसिकों को दीवाना बनाने वाला उत्तराखंड का सुप्रसिद्ध लोकगायक दीवान कनवाल

उत्तराखंड हलचल, साहित्‍य-संस्कृति
सी एम पपनैंउत्तराखंड. पर्वतीय अंचल की लोकगायन विधा के निपुण व सुविख्यात लोकगीत गायकों में सुमार तथा अपनी जादुई कर्णप्रिय गायन प्रतिभा के बल अंचल के जनमानस का दिल जीतने वाले तथा बहुआयामी विलक्षण व्यक्तित्व के साथ-साथ बेहद सरल इंसान के रूप में पहचानरत संस्कृतिकर्मी दीवान कनवाल किसी परिचय के मोहताज नहीं रहे हैं. बाल्यकाल से ही अंचल की लोकसंस्कृति के संवर्धन हेतु समर्पित रहे इस लोकगीत गायक और रचनाकार की जीवन यात्रा आज के युवा रंगकर्मियों और गायकों के लिए अति प्रेरणादायी कही जा सकती है. अंचल के सुप्रसिद्ध लोकगीत गायक दीवान कनवाल के मधुर गायन में गजब का सम्मोहन है, जिसमें पहाड़ी अंचल के लोक की ठसक साफ तौर पर दिखाई देती है. पर्वतीय अंचल के गीत-संगीत से जुड़े रहे कुशल चितेरो के सुरों की मिठास मिसरी की तरह इस लोकगीत गायक के स्वरों में घुली रहती है जो गीत-संगीत की अलौकिक दुनिया में विचरण कर जनम...
1989 बैच के आईएएस अधिकारी पंकज जोशी होंगे गुजरात के नए मुख्य सचिव

1989 बैच के आईएएस अधिकारी पंकज जोशी होंगे गुजरात के नए मुख्य सचिव

देश—विदेश
अपने काम के प्रति ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ उत्तराखंडी आज देश-विदेश में अपनी काबिलियत के झंडे गाड़ रहे हैं. अपनी मेहनत के बल पर वे देश के शीर्ष पदों पर तैनात हैं. पांच राज्यों के आज उत्तराखंड मूल के मुख्य सचिव हैं. जिसमें सुधांश पंत राजस्थान, मनोज पंत पश्चिम बंगाल, राधा रतूड़ी उत्तराखंड, विवेक जोशी हरियाणा के मुख्य सचिव हैं और अब पंकज जोशी को गुजरात का नया मुख्य सचिव नियुक्त किया गया है. इससे पहले विनीत जोशी मणिपुर के मुख्य सचिव रह चुके हैं. भारतीय प्रशासनिक सेवा के 1989 बैच के आईएएस अधिकारी पंकज जोशी को गुजरात का नया मुख्य सचिव नियुक्त किया गया है. वे राजकुमार का स्थान लेंगे, जो 31 जनवरी को सेवानिवृत्त हो रहे हैं. पंकज जोशी ने पिछले कई वर्षों में गुजरात के प्रशासनिक ढांचे में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, जिसमें सूरत, गुजरात में कलेक्टर और कमिश्नर के रूप में कार्य करना शामिल है. मुख्य सचिव के...
उर्गम घाटी में तीन दिवसीय प्रकृति पर्यटन एवं नेचर कैम्पिंग कार्यशाला का आयोजन

उर्गम घाटी में तीन दिवसीय प्रकृति पर्यटन एवं नेचर कैम्पिंग कार्यशाला का आयोजन

चमोली
नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क, केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग द्वारा जनदेश संस्था आयोजित की जा रही कार्यशाला  जे पी मैठाणी जनपद चमोली में ईकोटूरिज्म, नेचर कैम्पिंग जागरूकता हेतु व्यापक प्रयास किया जा रहे हैं इसी क्रम में  उर्गम घाटी में नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क, केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग द्वारा जनदेश संस्था के सहयोग से तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है ! देव ग्राम में शुरू की गई कार्यक्रमशाला में सर्वप्रथम परिचय सत्र के साथ प्रतिभागियों से उनकी प्रशिक्षण कार्यक्रम से  अपेक्षाएं मांगी गई. अधिकतर प्रतिभागियों के द्वारा  नेचर गाइड,  टूर ऑपरेटर के रूप में पंजीकरण करने  और प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने की बात रखी. प्रशिक्षणार्थियों ने अपेक्षा के रूप में - प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रकृति पर्यटन एवं नेचर कैम्पिंग जानकारी एवं प्रकृति को संरक्षित रखना के लिए सामुहिक प्रयास के बारे में चर्चा क...
फरवरी में मुखवा और हर्षिल का भ्रमण करने उत्तराखंड आएंगे पीएम मोदी  

फरवरी में मुखवा और हर्षिल का भ्रमण करने उत्तराखंड आएंगे पीएम मोदी  

उत्तरकाशी
हिमांतर ब्यूरो, उत्तरकाशीउत्तरकाशी. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आगामी फरवरी माह में गंगा जी के शीतकालीन प्रवास मुखवा और हर्षिल का भ्रमण संभावित है. जिसे देखते हुए जिले के इस सीमांत क्षेत्र के निवासी अत्यंत उत्साहित हैं. प्रधानमंत्री के संभावित भ्रमण को लेकर जिला प्रशासन के स्तर से तैयारियां तेज कर दी गई है. जिलाधिकारी डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट ने आज पुलिस अधीक्षक सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ हर्षिल एवं मुखवा का भ्रमण कर प्रधानमंत्री के दौरे के लिए विभिन्न विभागों व संगठनों के स्तर से की जा रही तैयारियों का जायजा लिया और प्रधानमंत्री की आगवानी, रूट प्लान एवं अन्य कार्यक्रमों की रूपरेखा पर विचार-विमर्श किया. प्रधानमंत्री के संभावित कार्यक्रम को देखते हुए मुखवा गांव की सड़क को सुधारे जाने के साथ ही बिजली, पानी, पार्किंग आदि व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद करने का काम शुरू किया गया है....
गणतंत्र दिवस परेड की झांकी में दिखेगी उत्तराखंड की समृ़द्ध सांस्कृतिक विरासत एवं प्राकृतिक सुन्दरता  

गणतंत्र दिवस परेड की झांकी में दिखेगी उत्तराखंड की समृ़द्ध सांस्कृतिक विरासत एवं प्राकृतिक सुन्दरता  

दिल्ली-एनसीआर
कर्त्तव्य पथ पर दिखेगी “सांस्कृतिक विरासत एवं साहसिक खेल” पर आधारित उत्तराखंड की झांकी नई दिल्ली में रक्षा मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय रंगशाला शिविर में आयोजित प्रेसवार्ता में विभिन्न प्रदेशों एवं मंत्रालयों की झांकी कलाकारों ने प्रेस के सम्मुख अपने-अपने राज्यों की सांस्कृतिक झलक पेश की. उत्तराखण्ड राज्य के कलाकारों द्वारा उत्तराखण्ड की पांरपरिक वेशभूषा में राष्ट्रीय रंगशाला में आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया, जिसकी उपस्थित लोगों द्वारा सराहा की गई. साथ ही इन 15 राज्यों के कलाकारों ने अपने-अपने प्रदेश की झांकी के साथ पांरपरिक वेशभूषा में प्रस्तुति दी. गणतंत्र दिवस समोराह में इस वर्ष 15 राज्यों की झांकी सम्मिलित की गई है. उल्लेखनीय है कि गणतंत्र दिवस परेड के लिए उत्तराखंड की झांकी में सूचना विभाग के संयुक्त निदेशक एवं नोडल अधिकारी के.एस.चौहान के नेतृत्व में उत्तराखंड राज्य से...
राष्ट्रीय रंगशाला शिविर में उत्तराखण्ड की झांकी के कलाकारों को मिला द्वितीय पुरस्कार

राष्ट्रीय रंगशाला शिविर में उत्तराखण्ड की झांकी के कलाकारों को मिला द्वितीय पुरस्कार

दिल्ली-एनसीआर
नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय रंगशाला शिविर प्रतियोगिता में विभिन्न प्रदेशों एवं मंत्रालयों की झांकी कलाकारों द्वारा अपने-अपने प्रदेशों की संस्कृति पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं नृत्य प्रस्तुत किये गए. प्रतियोगिता में बेस्ट 3 राज्यो में उत्तराखंड राज्य को बेस्ट द्वितीय स्थान में पुरस्कार प्राप्त हुआ. उत्तराखंड गठन के बाद उत्तराखंड की झांकी के कलाकारों को यह पुरस्कार दूसरी बार प्राप्त हुआ है. इससे पूर्व, वर्ष 2018 में उत्तराखण्ड के झांकी के कलाकारों को तृतीय स्थान पर पुरस्कार प्राप्त हुआ था. उल्लेखनीय है कि गणतंत्र दिवस परेड के लिए उत्तराखंड की झांकी में सूचना विभाग के संयुक्त निदेशक एवं टीम लीडर केएसचौहान के नेतृत्व में उत्तराखंड राज्य से 16 कलाकार गणतंत्र दिवस परेड में उत्तराखंड झांकी में भाग ले रहे हैं.उत्तराखंड राज्य के सूचना विभाग के संयुक्त निदेशक एवं टीम लीडर केएस चौहान ने ...
मनभेद को मिटाती आंचलिक फिल्म ‘गढ़-कुमौ’!

मनभेद को मिटाती आंचलिक फिल्म ‘गढ़-कुमौ’!

दिल्ली-एनसीआर
सी एम पपनैंनई दिल्ली. विगत चार सदियों से कुमाऊं और गढ़वाल अंचल के जनमानस के मध्य व्याप्त मनभेद और कटुता का पूर्ण रूपेड उन्मूलन करने तथा जनमानस को एक नया आयाम देने के उद्देश्य से निर्मित कुमांऊनी और गढ़वाली आंचलिक बोली-भाषा में निर्मित फिल्म 'गढ़ कुमौ' उत्तराखंड आंचलिक फिल्मों के इतिहास में एक अमिट यादगार व प्रेरक अध्याय चर्चा का विषय बनी हुई है. माह दिसंबर 2024 दूसरे सप्ताह में आंचलिक बोली-भाषा में निर्मित फिल्म 'गढ़ कुमौ' का देहरादून के सेंट्रियो मॉल में भव्य प्रीमियर मुख्य अतिथि उत्तराखंड सरकार कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, सुप्रसिद्ध लोकगायक पद्मश्री प्रीतम भरतवाण तथा दर्जा राज्यमंत्री मधु भट्ट के सानिध्य में खचाखच भरे सभागार में आयोजित किया गया था. देहरादून में मिली अपार सफलता के बाद आंचलिक फिल्म 'गढ़ कुमौ' 3 जनवरी 2025 से नई दिल्ली द्वारका स्थित विगास मॉल तथा गाजियाबाद के इंदिरापुरम स...