Author: Himantar

हिमालय की धरोहर को समेटने का लघु प्रयास
उत्तराखंड में भू-तापीय ऊर्जा के दोहन योग्य 40 भूतापीय स्थल चिन्हित

उत्तराखंड में भू-तापीय ऊर्जा के दोहन योग्य 40 भूतापीय स्थल चिन्हित

देहरादून
उत्तराखंड सरकार और आइसलैंड की कंपनी VERKIS के मध्य संपादित हुआ भूतापीय ऊर्जा के अन्वेषण और इसके विकास से संबंधित MoU, मुख्यमंत्री धामी और आइसलैंड के राजदूत बेनेडिक्ट हॉस्कुल्सन की उपस्थिति में हुआ समझौता ज्ञापन देहरादून. उत्तराखंड सरकार और आइसलैंड की कंपनी वर्किस कंसलटिंग इंजिनियर्स के मध्य सचिवालय में मुख्यमंत्री धामी और आइसलैंड के राजदूत डॉ. बेनेडिक्ट हॉस्कुलसन की  गरिमामय उपस्थिति में उत्तराखंड में भूतापीय ऊर्जा के अन्वेषण और विकास के संबंध में समझौता संपन्न हुआ. वर्चुअल माध्यम से उपस्थिति के माध्यम से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस समझौता ज्ञापन को उत्तराखंड के साथ-साथ देश की ऊर्जा सुरक्षा और सतत विकास के क्षेत्र में एक माइलस्टोन बताया.  उन्होंने कहा कि भूतापीय ऊर्जा के इस एमओयू के माध्यम से न केवल स्वच्छ और नवीनीकरण ऊर्जा का लक्ष्य प्राप्त होगा बल्कि पर्यावरणीय सुरक्षा  सुनिश्च...
‘मेरा गांव, मेरा तीर्थ’ के तहत गांवों से जुड़ने का अभियान

‘मेरा गांव, मेरा तीर्थ’ के तहत गांवों से जुड़ने का अभियान

दिल्ली-एनसीआर
उत्तरांचल उत्थान परिषद द्वारा नई दिल्ली में आयोजित प्रवासी पंचायत संपन्नसी एम पपनैंनई दिल्ली. वर्ष 1988 में गठित गैर राजनैतिक एवं सामाजिक सहयोग पर आधारित संस्था उत्तरांचल उत्थान परिषद, प्रवासी पंचायत के आह्वान पर 11 जनवरी को इंडिया हैबिटेट सेंटर में अंचल के उद्यमियों व प्रवासी उद्यमियों द्वारा 'मेरा गांव, मेरा तीर्थ' की भावना के तहत अपने अंचल के गांवों से जुड़ने के अभियान के तहत तीन सत्रों के प्रभावशाली कार्यक्रम का आयोजन मुख्य अतिथि संघ प्रांत प्रचारक डॉ. शैलेन्द्र की प्रभावी उपस्थित तथा नरेंद्र लड़वाल, टी सी उप्रेती, सुरेश पांडे, राजेश थपलियाल, राज भट्ट, प्रोफेसर दुर्गेश पंत, डॉ.रंजीत मेहता, डॉ. मोहन पंवार, हीरा बल्लभ जोशी, हरेंद्र डोलिया, साध्वी प्रज्ञा भारती, डॉ. नवदीप, संजय जोशी, गणेश रौतेला, दिनेश फ़ुलारा, सुधीर धर, खुशाल सिंह बिष्ट, दिनेश जोशी, प्रताप बिष्ट व खुशहाल सिंह राव...
संस्मरण : रानीखेत…. अभी तक आठ इंच से एक फिट तक बर्फ गिर चुकी है!

संस्मरण : रानीखेत…. अभी तक आठ इंच से एक फिट तक बर्फ गिर चुकी है!

संस्मरण
नीलम नवीन 'नील'  “जीवन में होश संभालने के बाद के 40 वर्षों को अगर बांटा जाए, तो देखती हूं कि पूरे जीवन के दो दो दशक, दो शहरों में गुजरे हैं. एक भागता, दौड़ता, बदलता, चीखता-चिल्लाता, रंगीन मिजाज, समुद्र के उठान-उफान जैसा बड़ा छोटा मिश्रित शहर. जहां एक हफ्ते बाद बाजार जाओ तो कुछ न कुछ बदल रहा होता है, लोग, मौसम, हवा ...सब बदल रहे हैं, ये एक ऐसा शहर है, जो कई बार पहाड़ी कस्बे सा दिखता है तो कभी मेट्रो सिटी जैसा होने का आभास देता है. जहां एक टोली निरपट्ट पहाड़ियों की है, तो दूसरी बिल्कुल अलग है, यह बेहद मिश्रित शहर है.दूसरा छोटा शहर बिल्कुल खामोश है, कोई हलचल नहीं, कोई जल्दी नहीं, एकदम शांत, गहरी धीमी नदी सा बहता हुआ, जैसे सदियों से ध्यानस्थ हो, जैसे अपने पूर्वजों को याद करते हुए, उन्हें अनुसरण करता हुआ चल रहा हो. वहां के लोग पहचाने जाते हैं, या एक दूसरे को  उनके हाव भाव, बातचीत के अंदाज ...
मुख्यमंत्री धामी ने किया अंतरराष्ट्रीय प्रवासी उत्तरखंडी सम्मेलन का शुभारंभ

मुख्यमंत्री धामी ने किया अंतरराष्ट्रीय प्रवासी उत्तरखंडी सम्मेलन का शुभारंभ

देहरादून
विभिन्न देशों में निवासरत उत्तराखंडियों के समागम में दिखा अपनी मिट्टी के प्रति अटूट प्रेम  देहरादून. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में अंतरराष्ट्रीय प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेलन का शुभारंभ किया। विभिन्न देशों में निवासरत उत्तराखंडियों के इस समागम में अपनी मूल जड़ों, विरासत और मातृभूमि के प्रति अटूट प्रेम और उत्साह की झलक दिखी। उत्तराखंड के प्रवासियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि तेजी से विकसित हो रहे उत्तराखंड में निवेश की व्यापक संभावना है। साहसिक पर्यटन, पावर जेनरेशन, एरोमेटिक, विनिर्माण, कृषि, उद्यान, हर्बल,  आयुष एंड वैलनेस इत्यादि में निवेश की आभार संभावनाएं हैं। कहा कि हमने राज्य को निवेश डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने के लिए नीतिगत और ढांचागत दोनों स्तर पर बड़े सुधार किए हैं। काम शुरू करने में आसानी हो इसके लिए  नियमावली में उसी अनुरूप सुधार किए हैं। अपरा...
ड्रग फ्री उत्तराखंड की ओर तेजी से बढ़ रहा है राज्य: मुख्यमंत्री धामी

ड्रग फ्री उत्तराखंड की ओर तेजी से बढ़ रहा है राज्य: मुख्यमंत्री धामी

देहरादून
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित मादक पदार्थों की तस्करी और राष्ट्रीय सुरक्षा विषय पर आयोजित क्षेत्रीय सम्मेलन में वर्चुअल प्रतिभाग किया. उन्होंने उत्तराखंड में मादक पदार्थों की रोकथाम के संबंध में की गई प्रवर्तन कार्रवाई, विशेष अभियानों और लक्ष्यों की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि 2025 तक ड्रग्स फ्री उत्तराखंड के अपने संकल्प पर हम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं तथा  2047 तक विकसित भारत और नशामुक्त भारत बनाने में सहयोग करने के लिए राज्य में अनेक स्तर पर विविध  प्रयास किए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि मादक तस्करी और राष्ट्रीय सुरक्षा दोनों विषय आपस में जुड़े हुए हैं. युवा का नशे की ओर जाना न केवल राष्ट्रीय सुरक्षा बल्कि सामाजिक विघटन का भी कारण बन सकता है. इसी को देखते हुए राज्य में संस्थागत, प्रवर्तन और जागरूकता तीनों स्तर पर प्रयास  किए जा रहे हैं...
राष्ट्रीय खेलों से बनेगा ऐसा माहौल, कि दुनिया देखेगी : मीर रंजन नेगी

राष्ट्रीय खेलों से बनेगा ऐसा माहौल, कि दुनिया देखेगी : मीर रंजन नेगी

देहरादून
पूर्व हॉकी कोच मीर रंजन नेगी उत्तराखंड में राष्ट्रीय खेलों के आयोजन से बेहद उत्साहित, राष्ट्रीय खेलों के दौरान उत्तराखंड आएंगे मीर रंजन नेगी चक दे इंडिया फेम पूर्व अंतर्राष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी व कोच मीर रंजन नेगी उत्तराखंड में राष्ट्रीय खेलों को लेकर उत्साहित हैं. उनका मानना है कि पहाड़ के खिलाड़ियों के सपने राष्ट्रीय खेल से पूरे होंगे. खेल प्रतिभाओं को आगे आने का मौका मिलेगा और खेल का ऐसा माहौल उत्तराखंड में बनेगा, कि पूरी दुनिया देखेगी. नेगी 38 वें राष्ट्रीय खेलों के दौरान उत्तराखंड भी आएंगे. उन्होंने इस आयोजन के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को शुभकामनाएं दीं. मूल रूप से अल्मोड़ा जिले के निवासी मीर रंजन नेगी लंबे समय से मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में रह रहे हैं. उत्तराखंड से उनका जुड़ा कभी कम नहीं रहा है. यही कारण है कि वह कभी उत्तराखंडी फिल्मों में अभिनय करते नजर आते हैं, तो महाराणा प्रता...
जनपद चमोली का शानदार ट्रेक है- देवाल विकास खंड का मोनाल ट्रेक

जनपद चमोली का शानदार ट्रेक है- देवाल विकास खंड का मोनाल ट्रेक

पर्यटन
मोनाल पक्षियों का शानदार आशियाना है - मोनाल टॉपजे . पी. मैठाणी सभी फोटो - हीरा सिंह बिष्ट जनपद चमोली के सीमान्त विकास खंड में देवाल में मोनाल ट्रेक एक नए ट्रेक के रूप में रूप में उभर रहा है, इस ट्रेक की समुद्र तल से उंचाई लगभग 12000 फीट है. उत्तराखंड के पर्यटक और टूरिज्म के नक़्शे पर तेजी  से उभरते हुए इस ट्रेक को गढभूमि एडवेंचर के सीईओ हीरा सिंह गढ़वाली और देवेन्द्र सिंह ने  सबसे पहले प्रचारित-प्रसारित किया.  वर्तमान में जिला पर्यटन विभाग के जनार्जन थपलियाल ने जिला पर्यटन अधिकारी और जिलाधिकारी चमोली के सहयोग से 30 युवक युवतियों को शामिल कर  प्रथम मोनाल ट्रेक का सफलता पूर्वक आयोजन किया. ये टीम आज ही मोनाल ट्रेक को संपन्न  कर वाण गांव वापस पहुंचे हैं. जैसा कि नाम से विदित है मोनाल ट्रेक पर सबसे अधिक मोनाल दिखाई दे रहे हैं इसकी एक वजह इस क्षेत्र में मानवीय  हस्तक्षेप का बहुत कम होना भ...
पर्यावरण संरक्षण के प्रतीक व हिमालय के गांधी, सुंदरलाल बहुगुणा

पर्यावरण संरक्षण के प्रतीक व हिमालय के गांधी, सुंदरलाल बहुगुणा

उत्तराखंड हलचल
डॉ. हरीश चन्द्र अन्डोला भारत की मिट्टी में इतनी महान हस्तियों ने जन्म लिया कि अगर उनका जिक्र करने या उनकी कहानी बयां करने बैठे तो शायद एक युग कम पड़ जाएगा. क्योंकि हिंदुस्तान की मिट्टी की तासीर ऐसी रही है जिसमें अनेक महापुरुष देवत्व लेकर पैदा हुए. आज भारत एक ऐसी ही हस्ती की जयंती मना रहा है. जिसने अपना सारा जीवन भारतीय मिट्टी और भारत के साथ-साथ विश्व पर्यावरण के लिए कुर्बान कर दिया.सुंदरलाल बहुगुणा भारत के महान पर्यावरण-चिन्तक एवं उत्तराखण्ड में चिपको आंदोलन के प्रमुख प्रवर्तक थे. उन्होंने हिमालय के पर्वतीय क्षेत्रों में वनों के संरक्षण के लिए अथक प्रयासों के साथ महान संघर्ष किया था. देश–दुनिया में प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण उनका जन्म 09 जनवरी 1927 को गांव मरोड़ा (टिहरी गढ़वाल) में हुआ था. पांच भाई बहनों में सबसे छोटे होने के बावजूद उन्होंने कई बड़े कार्य किये. प्रारंभ में उनका नाम गंगा...
सुंदरलाल बहुगुणा की जयंती पर उनके लेखों की पुस्तक ‘पहाड़ की पीड़ा’ का लोकार्पण

सुंदरलाल बहुगुणा की जयंती पर उनके लेखों की पुस्तक ‘पहाड़ की पीड़ा’ का लोकार्पण

देहरादून
देहरादून. दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र की ओर से आज अपराह्न  3:00 बजे प्रख्यात पर्यावरणविद सुंदरलाल बहुगुणा की जयंती पर उनके लेखों की पुस्तक ‘पहाड़ की पीड़ा’ का लोकार्पण केंद्र के सभागार में किया गया. पुस्तक में शामिल आलेखों का संकलन सुंदरलाल बहुगुणा की बेटी श्रीमती मधु पाठक ने किया है. पुस्तक लोकार्पण के अवसर पर विमला बहुगुणा, चंद्र सिंह, आईएएस रिटायर्ड, समाजसेवी डॉ. एस फ़ारुख, सामाजिक अध्यता डॉ. बी पी मैठाणी, सामजिक विचारक अनूप नौटियाल, जनकवि डॉ. अतुल शर्मा, डॉ. राजेन्द्र डोभाल और शिक्षाविद डॉ. हर्ष डोभाल आदि मौजूद थे. सुंदरलाल बहुगुणा की जयंती पर उनको याद करते हुए वक्ताओं ने उनके हिमालय के प्रति पर्यावरणीय मुद्दों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण को महत्वपूर्ण बताया और उस दिशा पर प्राथमिकता के साथ काम करने की जरूरत पर बल दिया. उनके  लेखों की पुस्तक ‘पहाड़ की पीड़ा’ के लेखों की चर्चा करते हुए वक्...
मुख्यमंत्री धामी ने बरेली में किया 29 वें उत्तरायणी मेले का शुभारंभ

मुख्यमंत्री धामी ने बरेली में किया 29 वें उत्तरायणी मेले का शुभारंभ

देहरादून
उत्तराखंड में व्यापक पैमाने पर हो रहे हैं संस्कृति और विरासत के संरक्षण कार्य मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बरेली पुलिस लाइन में  29 वें उत्तरायणी मेले  में प्रतिभाग करते हुए मेले का शुभारंभ किया. उन्होंने कहा कि उत्तरायणी मेले का प्राचीन समय से ही व्यापक सांस्कृतिक,व्यापारिक और ऐतिहासिक महत्व रहा है. प्राचीन समय में जब संचार और आवागमन के साधन सीमित थे तो उस समय मेल- मिलाप, व्यापार, सूचना के आदान-प्रदान हेतु  मेलों का बड़ा महत्व था. इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि  प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में आज भारत सांस्कृतिक पुनर्जागरण के दौर से गुजर रहा है. काशी विश्वनाथ कॉरिडोर निर्माण, उज्जैन महाकाल मंदिर कॉरिडोर निर्माण,  राम मंदिर निर्माण तथा विश्व पटल पर योग और भारत की प्राचीन विरासत का गुणगान इस बात के सुस्पष्ट प्रमाण हैं.मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में भी संस्कृति और विरासत के संरक...