
हृदय रोगियों के लिए लाभकारी है बुरांश का जूस!
हिमांतर डेस्कउत्तराखंड के हिमालयी क्षेत्रों के जंगलों में पाए जाने वाले बुरांश (रोडोडेंड्रॉन अरबोरियम) के फूलों से निर्मित जूस ने हाल के वर्षों में आयुर्वेदिक और आधुनिक चिकित्सा समुदाय का ध्यान आकर्षित किया है. चरक संहिता और सुश्रुत संहिता में इसे ‘वरांश’ नाम से वर्णित किया गया है, जिसे शीतल गुणों वाली महत्वपूर्ण जड़ी-बूटी माना गया है. आयुर्वेदिक मतानुसार, यह वात और पित्त दोषों को संतुलित करने में सक्षम है, जिसके कारण सूजन और जलन संबंधी विकारों में इसका विशेष उपयोग होता है.
यह न केवल अपने विशिष्ट गुलाबी-लाल रंग के कारण बल्कि असाधारण औषधीय गुणों के लिए प्रसिद्ध है. शोधों से पता चलता है कि इसके दैनिक सेवन से हृदय रोगों में 7% कमी, लीवर समस्याओं में 42% सुधार, और मधुमेय नियंत्रण में 29% प्रभावकारिता देखी गई है. यह जूस पारंपरिक रूप से स्थानीय समुदायों द्वारा ‘प्रकृति का एनर्जी ड्रिंक’ कह...









