Author: Himantar

हिमालय की धरोहर को समेटने का लघु प्रयास
हरिबोधनी एकादशी यानी ‘बुढ़ दिवाई’ अथवा ‘इगास’

हरिबोधनी एकादशी यानी ‘बुढ़ दिवाई’ अथवा ‘इगास’

लोक पर्व-त्योहार
चन्द्रशेखर तिवारी दीपावली पर्व के बाद जो एकादशी आती है वह  सामान्यतः हरिबोधनी एकादशी  के नाम से जानी जाती है. इस एकादशी को उत्तराखंड के गढ़वाल अंचल में 'इगास' और कुमाऊं में 'बुढ़ दिवाई' (बूढ़ी दिवाली) कहा जाता  है. धार्मिक मान्यतानुसार  इस दिन चार माह के चार्तुमास में क्षीरसागर में योगनिद्रा में सोने के पश्चात भगवान श्रीबिष्णु जाग्रत अवस्था में आ जाते हैं. परम्परागत रूप से कुमाऊं अंचल में दीपावली का पर्व तीन स्तर पर मनाया जाता है.  सबसे पहले कोजागरी यानी शरद पूर्णिमा की छोटी दिवाली के रूप में बाल  लक्ष्मी की पूजा होती है, फिर मुख्य अमावस के दिन की दिवाली को युवा लक्ष्मी का पूजन होता है. चूंकि की इस अवधि में भगवान विष्णु निद्रा में रहते हैं सो अकेले  ही माता लक्ष्मी के पदचिन्ह  'पौ' की छाप  ऐपणों के साथ  दी जाती है. जबकि अंतिम तीसरी चरण की दिवाली बुढ़ दिवाई  (बूढ़ी दिवाली) के रुप में मनाई जाती...
अब कहां कौन किसी को पहचानता है!

अब कहां कौन किसी को पहचानता है!

संस्मरण
अनीता मैठाणी कुछ दिनों से बाहर एक्टिवा से आते-जाते हुए चीनी मिट्टी के चाय के कप के गुच्छों से लदी साइकिल दिख जाया कर रही थी। आज एटीएम के बाहर वैसी ही एक साइकिल खड़ी दिखी और उसके ठीक बगल में साइकिल वाला मुंह लटकाये बैठे दिख गया तो मैंने ब्रेक लगाकर एक्टिवा सड़क के दूसरी ओर रोक दी और उसके पास जाकर पूछा क्या हुआ तबियत तो ठीक है आपकी? वह एक फ़ीकी मुस्कान मुस्कुरा दिया बोला थोड़ा थक गया था और तबियत भी ठीक नहीं रहती इसलिए रूक-रूक कर चलता हूं। उम्र रही होगी यही कुछ 60-62। मैंने कहा- चाय-वाय पी लीजिए कुछ आराम मिलेगा। तो उन्होंने बड़ी आत्मीयता से कहा नहीं-नहीं उसकी जरूरत नहीं है। वो पिछले साल स्टेंट (हृदय की शिराओं में पड़ने वाला स्टंट) पड़ा था तब से थोड़ा थक जाता हूँ साइकिल चलाते हुए बस्स। अब मैंने पूछा आपका नाम क्या हुआ, वो बोले युनूस। मैंने कहा मैं आपको थोड़ा मदद करूं तो आप बुरा तो नहीं मानेंगे। वो बो...
मां गंगा के घाटों में प्रज्वलित किए गए 3 लाख 51 हजार दीप

मां गंगा के घाटों में प्रज्वलित किए गए 3 लाख 51 हजार दीप

देहरादून
मुख्यमंत्री ने किया मां गंगा का पूजन, दीपोत्सव में शहीदों के निमित्त जलाया दीया, 500 ड्रोन से भव्य शो रहा आकर्षण का केन्द्र, कन्हैया मित्तल के भजनों पर झूमे श्रद्धालु हर की पैड़ी, हरिद्वार में आयोजित गंगा दीप महोत्सव कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मां गंगा की पूजा अर्चना एंव गंगा आरती में सम्मलित होकर प्रदेश की सुख समृद्धि एवं तरक्की की कामना की. इस दौरान हर की पैड़ी स्थित पुलिस चौकी का लोकार्पण भी मुख्यमंत्री द्वारा किया गया.  उन्होंने हरकी पैड़ी में राज्य की परंपरा आध्यात्मिकता और नैसर्गिकता, सनातन संस्कृति, श्री बद्रीनाथ धाम, श्री केदारनाथ धाम, कुंभ कलश, भगवान शिव, मां गंगा पर आयोजित हुए ड्रोन शो का भी अवलोकन किया. अल्मोड़ा बस हादसे में हताहत हुए लोगों की याद एंव राज्य स्थापना दिवस की वर्षगांठ में दीप प्रज्वलित किया. मुख्यमंत्री की उपस्थिति में हर...
उत्तराखंड के दो शहरों में कूड़े से बनने लगी है बिजली

उत्तराखंड के दो शहरों में कूड़े से बनने लगी है बिजली

देहरादून
ईकोलॉजी और इकोनॉमी संतुलन को लेकर रंग ला रहे हैं सीएम पुष्कर सिंह धामी के प्रयास शहरों में कूड़ा प्रबंधन अपने आप में एक चुनौती पूर्ण कार्य है। बढ़ते आबादी से शहरों में कूड़ा उत्पादन दिनों - दिन बढ़ रहा है, इस कारण नगर निकायों के सामने, स्वच्छता से लेकर पर्यावरण प्रदूषण की भी चुनौती पेश आ रही है। लेकिन उत्तराखंड के दो निकायों ने अब इस कूड़े से बिजली और खाद उत्पादन शुरू कर, नई राह दिखाई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभागों को इकोलॉजी और इकोनॉमी में संतुलन बनाते हुए, विकास की योजना बनाने को कहा है। इसी क्रम में शहरी विकास विभाग के अधीन रुद्रपुर नगर निगम और मसूरी नगर पालिका ने वेस्ट टू एनर्जी पॉलिसी के तहत कूड़े के ढेर से बिजली उत्पादन शुरू कर दिया है। रुद्रपुर नगर निगम ने तो इसके जरिए वर्षों पुराने कूड़े के ढेर का भी निस्तारण कर दिया है। रुद्रपुर नगर निगम 40 वार्ड वाले रुद्रपुर नग...
पर्वतीय राज्य का  स्वप्न 24 वर्षों के बाद भी रहा अधूरा

पर्वतीय राज्य का  स्वप्न 24 वर्षों के बाद भी रहा अधूरा

समसामयिक, उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस, उत्तराखंड हलचल
प्रकाश उप्रेती सहायक प्रोफेसर, दिल्ली विश्वविद्यालय, दिल्ली उत्तराखंड 25वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। 9 नवंबर की तारीख़ पर्वतीय राज्य का सपना देखने वालों के लिए ऐतिहासिक महत्व की है। उत्तर प्रदेश पुनर्गठन विधेयक- 2000 को 1 अगस्त की देर शाम जब लोक सभा ने ध्वनिमत से पारित किया तो देश के नक्शे पर 27वें राज्य के रूप में उत्तराखंड (पर्वतीय राज्य की माँग के साथ) बनने का रास्ता साफ हुआ। 10 अगस्त को इस बिल को मंजूरी देने के पश्चात राष्ट्रपति ने 28 अगस्त , 2000 को राज्य के गठन की अधिसूचना जारी कर दी थी। अटल बिहारी बाजपेयी जी की सरकार ने 1 नवंबर, 2000 को उत्तराखंड की पहली सरकार गठन करने का फैसला किया, लेकिन पता चला कि उक्त दिन "ग्रह नक्षत्रों" के हिसाब से "शुभ" नहीं है। "शुभ" की आशा में 9 नवंबर, 2000 को नए राज्य ने आकार ग्रहण किया।मानवजनित आपदाओं के प्रकोप से काँपते हुए जवानी की दहलीज तक पहुं...
बंगाणी आर्ट फाउंडेशन ने युवा कलाकारों को किया पुरुस्कृत

बंगाणी आर्ट फाउंडेशन ने युवा कलाकारों को किया पुरुस्कृत

उत्तराखंड हलचल
देहरादून. बंगाणी आर्ट फाउंडेशन Bangani Art Foundation (BAF) ने देहरादून स्थित कैफे लाटा में अपना पहला पुरस्कार समारोह कार्यक्रम आयोजित किया. कार्यक्रम का उद्घाटन प्रसिद्ध लेखिका प्रतिभा कटियार ने किया. इस अवसर पर बंगाणी आर्ट फाउंडेशन के संस्थापक और प्रसिद्ध चित्रकार जगमोहन बंगाणी, जो उत्तरकाशी के बंगाण क्षेत्र में मौण्डा गांव के निवासी हैं, ने बताया कि, भारत के पर्वतीय क्षेत्रों, विशेषकर उत्तराखंड के युवा कलाकारों की कलात्मक क्षमता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से वर्ष 2023 में बैफ की स्थापना की गयी थी. फाउण्डेशन के कार्यक्रमों में बैफ पुरस्कार के साथ ही आर्ट मेण्टरिंग, कार्यशाला, प्रदर्शनी, सेमिनार, रेज़िडेंसी कार्यक्रम प्रमुख रूप से शामिल हैं. पुरस्कार हेतु सोशल मीडिया और वेबसाइट के माध्यम से उत्तराखंड के युवा कलाकारों से आमंत्रित आवेदनों के सापेक्ष कुल 47 कृतियां प्राप्त हुई थीं.जूरी के...
उत्तराखंड गौरव सम्मान सम्मानित हुए माताश्री मंगला, सीडीएस जनरल अनिल चौहान एवं पद्मश्री प्रीतम भरतवाण

उत्तराखंड गौरव सम्मान सम्मानित हुए माताश्री मंगला, सीडीएस जनरल अनिल चौहान एवं पद्मश्री प्रीतम भरतवाण

उत्तराखंड हलचल
उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर अभिनेता हेमंत पांडेय और वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. महेश कुड़ियाल को मिला उत्तराखंड गौरव सम्मान देहरादून. उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर पुलिस लाईन, देहरादून में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिभाग किया. इस अवसर पर राज्यपाल ने रैतिक परेड का निरीक्षण कर सलामी ली. राज्यपाल ने विशिष्ट सेवाओं के लिए ‘राष्ट्रपति पुलिस पदक’ एवं ‘पुलिस पदक’ प्राप्त पुलिस अधिकारियों को सम्मानित भी किया. इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने वीडियो संदेश के द्वारा सभी प्रदेशवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं. इस अवसर पर राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री द्वारा सूचना एवं लोक संपर्क विभाग की पत्रिका ‘संकल्प सतत विकास का’ एवं ‘उत्तराखंड पुलिस पत्रिका-2024’ का विमोचन किया गया. कार्यक्रम में पुलिस विभा...
केदारनाथ यात्रा: महिला समूहों ने किया 1 करोड़ रुपए का कारोबार!

केदारनाथ यात्रा: महिला समूहों ने किया 1 करोड़ रुपए का कारोबार!

रुद्रप्रयाग
500 से अधिक महिलाओं को मिला सीधा रोजगार, मातृशक्ति की आजीविका में लगातार हो रहा सुधार श्री केदारनाथ धाम यात्रा जनपद की मातृशक्ति के लिए किसी वरदान से कम नहीं. जनपद में संचालित महिला समूहों के लिए यह यात्रा बेहद सुखद साबित हुई. इस वर्ष 16 लाख 53 हज़ार से ज्यादा श्रद्धालु बाबा केदारनाथ धाम के दर्शनों को पहुचें जिसका सीधा प्रभाव मातृशक्ति की आय एवं आर्थिकी पर भी देखने को मिला. श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के चलते महिला समूहों के व्यवसाय को हर वर्ष नई ऊंचाइयां मिल रही हैं. केदारनाथ यात्रा से जुडे़ विभिन्न महिला समूहों ने गत वर्ष जहां करीब 70 लाख का कारोबार किया था वह इस वर्ष बढ़कर करीब 01 करोड़ रुपए पहुंच गया है. जिला प्रशासन राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम), रूरल बिजनेस इनक्यूबेटर (आरबीआई), ग्रामीण उद्यम त्वरण परियोजना (आरईएपी) सहित अन्य विभागों के माध्यम से जनपद में मातृशक्ति की आज...
बहुत सुखद है नीलम जी के वैचारिक मंथन द्वारा समस्त ब्रह्माण्ड की यात्रा अपने भीतर ही कर लेना

बहुत सुखद है नीलम जी के वैचारिक मंथन द्वारा समस्त ब्रह्माण्ड की यात्रा अपने भीतर ही कर लेना

पुस्तक-समीक्षा
सुनीता भट्ट पैन्यूली हर मन की अपनी अवधारणा होती है और हर दृष्टि की अपनी मिल्कियत किंतु कुछ  इस संसार को मात्र देखते नहीं हैं इस पर प्रयोग भी करते हैं. यह भी सत्य है कि हम सभी अपने-अपने दृष्टिकोण के अनुसार अपनी ज़िंदगी और आस- पास के परिदृश्यों का आंकलन करते हैं. नीलम जी के काव्य संकलन “हर दरख़्त में स्पंदन” पढ़कर मुझे यह अनुभूति हुई कि ध्यान देने वाली आंखों के लिए प्रत्येक क्षण का रसास्वादन करना है. एक ही क्षण की वह ध्यान मग्न आंखें विभाजित तस्वीर देखती हैं. यद्यपि जीवन का संपूर्ण वितान सौंदर्यजनक नहीं होता है इसमें कुछ हाशिए पर पड़े हुए बदरंग भी हैं जो उन्हीं के लिए ध्यातव्य है जिनके भीतर संवेदनाओं और रचनात्मकता के सुदृढ़ अंश जन्म से ही पैठ बनाकर बैठे हुए हों.  “हर दरख़्त में स्पंदन”काव्य संकलन  यही कहता है कि कविताएं  जगत और अनंत में विद्यमान दृश्यों द्वारा चैतन्य होने की वह पराकाष्ठा  ह...
प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेलन : फिल्म और संस्कृति के विकास पर चर्चा का मंच

प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेलन : फिल्म और संस्कृति के विकास पर चर्चा का मंच

देहरादून
उत्तराखंड की धरती को फिल्म शूटिंग के हब के रूप में विकसित करने और लोकसंस्कृति को संरक्षण देने के प्रयास देहरादून. दून विश्वविद्यालय (Doon University) में प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेलन के दौरान उत्तराखंड की लोकसंस्कृति, कला, एवं फिल्मों को बढ़ावा देने पर विशेष सत्र का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम में उत्तराखंड को फिल्म शूटिंग के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई. उत्तराखंड फ़िल्म विकास परिषद के CEO और महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी ने इस दिशा में राज्य सरकार के प्रयासों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि राज्य में कई आकर्षक फिल्म शूटिंग स्थल हैं, जो देश और दुनिया के फिल्म निर्माताओं को आकर्षित कर सकते हैं.उत्तराखंड फ़िल्म नीति 2024: क्षेत्रीय भाषाओं में फिल्मों को मिलेगी 50% तक सब्सिडी उत्तराखंड फ़िल्म विकास परिषद के CEO और महानिदेशक सूचना बंशी...