Author: Himantar

हिमालय की धरोहर को समेटने का लघु प्रयास
कारगिल के वीर सपूतों को भारतराष्ट्र का कोटि कोटि नमन

कारगिल के वीर सपूतों को भारतराष्ट्र का कोटि कोटि नमन

स्मृति-शेष
कारगिल ‘विजय दिवस’ पर विशेषडॉ. मोहन चंद तिवारीआज पूरे भारत में कारगिल विजय दिवस की 22वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है।आज के ही दिन 26 जुलाई,1999 को जम्मू और कश्मीर राज्य में नियंत्रण रेखा से लगी कारगिल की पहाड़ियों पर कब्ज़ा जमाए आतंकियों और उनके वेश में घुस आए पाकिस्तानी सैनिकों को भारतीय सेना द्वारा मार भगाया गया था। उसी उपलक्ष्य में प्रत्येक वर्ष '26 जुलाई' का दिन ‘विजय दिवस’ के रूप में याद किया  जाता है और पूरा देश उन वीर और जाबांज जवानों को इस दिन श्रद्धापूर्वक नमन करता है। भारतीय सेना का यह ऑपरेशन विजय 8 मई से शुरू होकर 26 जुलाई तक चला था। इस कार्रवाई में भारतीय सेना के 527 जवान शहीद हुए तो करीब 1363 घायल हुए थे। कारगिल के इस युद्ध में पाकिस्तान को धूल चटाने में उत्तराखंड के 75 जवानों ने भी अपने प्राणों की आहुति दी थी।दो महीने से भी अधिक समय तक चले इस युद्ध में भारतीय सेना ...
श्रीदेव सुमन की तरह उनकी टिहरी भी उपेक्षित और बदहाल

श्रीदेव सुमन की तरह उनकी टिहरी भी उपेक्षित और बदहाल

देश—विदेश
हिमांतर ब्‍यूरो, नई दिल्‍लीपर्वतीय लोकविकास समिति, so उत्तराखंड एकता मंच और भिलंगना क्षेत्र विकास समिति द्वारा अमर बलिदानी श्रीदेव सुमन बलिदान दिवस के अवसर पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन मिनी मार्केट जनकपुरी नई दिल्ली में किया गया. पर्यावरण मुख्य अतिथि शीर्ष सामाजिक कार्यकर्ता और उद्योगपति श्री वीरेंद्र दत्त सेमवाल ने कहा कि सुमन जी ने पूरे देश की आजादी की लड़ाई लड़ी, 84 दिन तक की भूख हड़ताल इतिहास की बड़ी so घटना है. राजशाही के विरुद्ध अलख जगाने वाले टिहरी के मुक्तिनायक श्रीदेव सुमन की घाटियां और पट्टियां आज भी विकास की राह ताक रही  हैं. भाजपा पर्वतीय प्रकोष्ठ दिल्ली के प्रभारी श्याम लाल मजेड़ा ने कहा कि श्रीदेव सुमन के योगदान का राष्ट्रीय इतिहास में भावी पीढ़ियों की प्रेरणा के लिए उचित और ठोस उल्लेख होना चाहिए. पर्यावरणभिलंगना क्षेत्र विकास समिति के महासचिव शिव सिंह राणा ने कहा क...
“मां के पदों में सुमन-सा रख दूं समर्पण शीश को”

“मां के पदों में सुमन-सा रख दूं समर्पण शीश को”

स्मृति-शेष
क्रातिकारी श्रीदेव सुमन की 77वीं पुण्यतिथि पर विशेषडॉ. मोहन चंद तिवारी अपनी जननी और जन्मभूमि के प्रति अपार श्रद्धा तथा बलिदान की भावना रखने वाले उत्तराखंड के स्वतंत्रता सेनानी, अमर शहीद श्री देव सुमन जी की आज पुण्यतिथि है. आज के ही दिन, 25 जुलाई,1944 को लगभग शाम के करीब चार बजे इस 28 वर्षीय अमर सेनानी नौजवान ने अपनी जन्मभूमि, अपने देश, अपने आदर्श की रक्षा के लिये अपने प्राणों की आहुति दे दी थी. श्री देव सुमन भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के वे अमर शहीद हैं जिन्होंने न केवल अंग्रेजों का विरोध किया बल्कि टिहरी गढ़वाल रियासत के राजा की प्रजा विरोधी नीतियों का विरोध करते हुए सत्याग्रह और अनशन करते हुए अपने प्राण त्याग दिए. श्री देव सुमन जी की पूरी राजनीति महात्मा गांधी के अहिंसा और सत्य के सिद्धांतों से प्रभावित थी. पर्यावरण“मैं इस बात को स्वीकार so करता हूं कि मैं जहां अपने भारत देश के ...
गांधी जी ने ‘भारतराष्ट्र’ को सांस्कृतिक पहचान दी

गांधी जी ने ‘भारतराष्ट्र’ को सांस्कृतिक पहचान दी

साहित्‍य-संस्कृति
गांधी जी का राष्ट्रवाद-3डॉ. मोहन चंद तिवारी (दिल्ली विश्वविद्यालय के गांधी भवन में 'इंडिया ऑफ माय ड्रीम्स' पर आयोजित ग्यारह दिन (9जुलाई -19 जुलाई,2018 ) के समर स्कूल के अंतर्गत गांधी जी के राष्ट्रवाद और समाजवाद पर दिए गए मेरे व्याख्यान का तृतीय भाग, जिसमें वर्त्तमान परिप्रेक्ष्य में गांधी जी के 'राष्ट्रवाद' और उनकी स्वदेशी विचार पद्धति पर विचार किया गया है.) पर्यावरण बीसवीं शताब्दी की दो महत्त्वपूर्ण घटनाएं मानी जाती हैं. उनमें से एक घटना है परमाणु बम के प्रयोग द्वारा मानव सभ्यता के विनाश का प्रयास और दूसरी घटना है गांधी जी के द्वारा अहिंसा एवं so सत्याग्रह के शस्त्र से मानव कल्याण का विचार.निष्काम कर्मयोग और अनासक्ति भाव की श्रीमद्भगवद्गीता में जो शिक्षा दी गई है महात्मा गांधी ने उसी शिक्षा को अपने जीवन में उतार कर अहिंसा और सत्याग्रह के शस्त्र से एक ओर भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का...
उल्टी, दस्त और पेट में संक्रमण से त्रस्त हुए बच्चे, बिल्डर पर दूषित पानी सप्लाई का आरोप

उल्टी, दस्त और पेट में संक्रमण से त्रस्त हुए बच्चे, बिल्डर पर दूषित पानी सप्लाई का आरोप

देश—विदेश
हिमांतर ब्‍यूरो, नोएडाग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित एस एस्पायर सोसायटी के निवासियों ने शनिवार को दूषित पानी सप्लाई का आरोप लगाते हुए मेंटनेंस का घेराव किया. सोसायटी के करीब 25-30 परिवारों के बच्चों को पिछले पांच-छह दिनों से उल्टी, दस्त और पेट में संक्रमण की शिकायत हो रही है. डॉक्टरों ने बच्चों के बीमार पड़ने की वजह दूषित पानी बताया है, जिसके बाद निवासियों ने जनरल मैनेजर अभिषेक यादव का घेराव किया. निवासी घरों में सप्लाई होने वाले पानी से बदबू आने की शिकायत भी कर रहे हैं. बार-बार मेंटनेंस से गुहार लगाने के बाद भी जब पानी के सैंपल की जांच नहीं कराई गई, तो आक्रोशित लोगों ने एओए के साथ मिलकर जनरल मैनेजर का घेराव किया और स्वच्छ पानी सप्लाई की मांग की. निवासियों का कहना है कि बिल्डर ने मार्च से अब तक पानी के सैंपल की जांच ही नहीं कराई है. यह बात भी सामने आई है कि पिछले एक हफ्ते से मेंटनेंस की तरफ...
पहाड़ के बेटे ने विज्ञापन इंडस्ट्री में मचाया धमाल  

पहाड़ के बेटे ने विज्ञापन इंडस्ट्री में मचाया धमाल  

देश—विदेश
पहलवान बजरंग पूनिया के बचपन के किरदार की जमकर हो रही है तारीफधीरज भट्ट, नई दिल्‍लीमूल रूप से उत्तराखंड के चंपावत जिले के बालातड़ी, जमलेक से ताल्लुक रखने वाले निर्मल भट्ट को बड़ी so उपलब्धि मिली है. 14 साल के निर्मल भट्ट ने एक ऐसे विज्ञापन में एक्टिंग की है जो पहलवान बजरंग पूनिया के जीवन पर बना है. विज्ञापन में बजरंग पूनिया के बचपन का रोल निर्मल ने किया है. यह विज्ञापन दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों में से एक कोका-कोला के मशहूर पेय ब्रांड थंब्स-अप के लिए बनाया गया है.शिक्षा बड़ी बात ये है कि इस विज्ञापन के लिए आवाज भोजपुरी सिनेमा के नामी कलाकार और गोरखपुर से सांसद रवि किशन ने दी है. विज्ञापन टोक्यो में चल रहे ओलंपिक को so ध्यान में रखकर जारी किए गए हैं. विज्ञापन को थंब्स-अप ने अपने आफिशियल यूट्यूब चैनल पर अपलोड किया है. अब तक इसके दो वर्जन आ चुके हैं.शिक्षा  10 लाख से ज्या...
संत कबीर दास का गुरु स्मरण

संत कबीर दास का गुरु स्मरण

साहित्‍य-संस्कृति
गुरु पूर्णिमा (24 जुलाई) पर विशेषप्रो. गिरीश्वर मिश्र  निर्गुण संत परम्परा के काव्य में गुरु की महिमा पर विशेष ध्यान दिया गया है और शिष्य या साधक के उन्नयन में उसकी भूमिका को बड़े आदर से देखा गया है. गुरु को ‘सद्गुरु’ भी कहा गया है और सद्गुरु को ईश्वर या परमात्मा के रूप में भी व्यक्त किया गया है. सामान्यत: संतों द्वारा  गुरु को प्रकाश के श्रोत के रूप में लिया गया है जो अन्धकार से आवृत्त शिष्य को सामर्थ्य देता है और उसे मिथ्या और भ्रम से निजात दिलाता है. गुरु वह  दृष्टि देता है जिससे यथार्थ so दृष्टिगत हो पाता है. गुरु की कृपा से शिष्य यथार्थ ज्ञान और बोध के स्तर पर संचरित होता है और दृष्टि बदलने से दृश्य और उसका अभिप्राय भी बदल जाता है. निर्गुण परमात्मा की ओर अभिमुख दृष्टि के आलोक में  व्यक्ति का अनुभव, कर्म और दुनिया से सम्बन्ध नया आकार ग्रहण करता है.शिक्षा यद्यपि भारत में गुरु, ...
अब शिक्षा तरह-तरह के बंधन की तरफ ले जाती है!

अब शिक्षा तरह-तरह के बंधन की तरफ ले जाती है!

शिक्षा
बदलता शैक्षिक परिदृश्यप्रो. गिरीश्वर मिश्र शिक्षा का मूल्य इस अर्थ में  जगजाहिर है कि व्यापार, स्वास्थ्य, सामरिक तैयारी, यातायात, संचार, कृषि, नागरिक सुरक्षा यानी जीवन कोई भी  क्षेत्र लें उसमें  हमारी प्रगति so सिर्फ और  सिर्फ इसी  बात पर टिकी हुई है कि हम ज्ञान की दृष्टि से कहाँ पर स्थित हैं. हम अपना और दूसरों का भला भी तभी कर पाते हैं जब उसके लिए जरूरी ज्ञान उपलब्ध हो. आज सूचना, ज्ञान और तकनीक के साथ ही एक देश दूसरे से बढ़त पा रहे हैं. ज्ञान के साथ प्रामाणिकता जुड़ी रहती है अर्थात हम उसी  पर भरोसा कर सकते हैं जो विश्वसनीय हो. उसमें झूठ-फरेब से बात नहीं बनती है. इसीलिए भगवद्गीता में ज्ञान को धरती पर सबसे पवित्र कहा गया है- न ही ज्ञानेन सदृशं पवित्रं इह विद्यते. शिक्षा ज्ञान का प्रकाश, आलोक और दृष्टि से गहरा रिश्ता है. अज्ञान को तिमिर या अन्धकार भी कहते हैं जिसे विद्या के प्रकाश से दू...
आगाज़ फैडरेशन ने स्वास्थ्य विभाग चमोली को उपलब्ध कराई 3 लाख 20 हजार रूपये मूल्य की चिकित्सा सामग्री!

आगाज़ फैडरेशन ने स्वास्थ्य विभाग चमोली को उपलब्ध कराई 3 लाख 20 हजार रूपये मूल्य की चिकित्सा सामग्री!

चमोली
संभावित तीसरी लहर से निपटने के लिए सामाजिक संस्था आगाज़ फैडरेशन पीपलकोटी ने स्वास्थ्य विभाग को दी जीवनरक्षक दवायें और स्वास्थ्य सामग्री  हिमांतर ब्‍यूरो, चमोलीकोविड की संभावित तीसरी लहर से निपटने के लिए जनपद चमोली के स्वास्थ्य विभाग और क्षेत्र में कार्यरत् सामाजिक संस्था आगाज़ फैडरेशन द्वारा मुख्य चिकित्सा अधीक्षक चमोली so को जीवनरक्षक दवायें और स्वास्थ्य सामग्री उपलब्ध करायी गयीं. सामाजिक संस्था आगाज़ फैडरेशन पीपलकोटी की देहरादून की समाजसेवी एवं ह्यूमैनिटेरियन संगठनों - अमाया (सोशियल सर्विस इनीशिएटिव),  देहरादून राउंड टेबल 51 और देहरादून लेडीज़ सर्कल 106 के माध्यम से लगभग 3 लाख 20 हजार रूपये मूल्य की चिकित्सा सामग्री स्वास्थ्य विभाग चमोली को उपलब्ध कराई गयी.शिवसामाजिक कार्यकर्ता एवं पूर्व जिला पंचायत सदस्य श्रीमती उषा रावत एवं आगाज़ फैडरेशन के अध्यक्ष जेपी मैठाणी को मुख्य चिक...
पश्चाताप और क्षमा का कोई विकल्प नहीं होता!

पश्चाताप और क्षमा का कोई विकल्प नहीं होता!

संस्मरण
स्मृतियों के उस  पारसुनीता भट्ट पैन्यूली पश्चाताप और क्षमा का कोई विकल्प नहीं होता. यह केवल एक भ्रम ही है जो संवेदनाओं के उत्स से मानवीय त्वचा को गीला रखता है. किसी घटना का पश्चाताप कैसे हो सकता है? जिस अबोध जीव के अल्प जीवन की  स्मृतियों के सूक्ष्म अवशेष भी नहीं रख छोड़े हैं अपने ज़ेहन में, मैंने सिवा इस चित्तबोध के कि घोर अन्याय हुआ था उस रोज हमसे टिन-टिन पर. हालांकि यह सामूहिक रुप से बरपाया गया कहर था उस जीव पर, नहीं जानती कि उस घटना के उपरांत  अन्य लोगों के हृदय का रंग वही प्राकृत  बना रहा  या मेरी तरह पश्चाताप की भट्टी में तपकर अभी तक रंग बदल रहा है? यद्यपि यह संस्मरण एक अदने से जीव के बारे में है. इसलिए हमारे साथ क्या हुआ? क्यों हुआ? फलत: हमने क्या किया? ऐसी किसी जवाबदेही की मांग नहीं करता, किंतु मेरा  अंतर्मन उस संपूर्ण विवरण को कलम से कागज़ पर उड़ेलकर एक न्यायसंगत विमर्श की मां...