Author: Himantar

हिमालय की धरोहर को समेटने का लघु प्रयास
शिवाजी कॉलेज में ‘शतावरी’ पर राष्ट्रीय सम्मेलन संपन्न, आयुर्वेदिक विरासत के पुनर्जीवन पर जोर

शिवाजी कॉलेज में ‘शतावरी’ पर राष्ट्रीय सम्मेलन संपन्न, आयुर्वेदिक विरासत के पुनर्जीवन पर जोर

दिल्ली-एनसीआर
 हिमांतर ब्यूरो, नई दिल्लीदिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित शिवाजी कॉलेज में 16–17 मार्च को “शतावरी: भारत की आयुर्वेदिक विरासत का पुनर्जीवन” विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन एवं कार्यशाला सफलतापूर्वक संपन्न हुई। यह सम्मेलन आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत राष्ट्रीय औषधीय पादप बोर्ड द्वारा प्रायोजित था। सम्मेलन की मुख्य थीम आयुष मंत्रालय की राष्ट्रीय पहल “शतावरी—बेहतर स्वास्थ्य के लिए” से जुड़ी थी, जिसका उद्देश्य शतावरी जैसे औषधीय पौधों के प्रति जागरूकता बढ़ाना, वैज्ञानिक शोध को प्रोत्साहित करना तथा सतत कृषि को बढ़ावा देना है। शतावरी भारतीय पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली में व्यापक रूप से उपयोग की जाने वाली एक महत्वपूर्ण औषधीय वनस्पति है।   कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में शिवाजी कॉलेज के प्राचार्य प्रो. वीरेंद्र भारद्वाज ने अतिथियों का स्वागत करते हुए सम्मेलन की सफलता, मह...
विलुप्त होती परंपरा: खत्म होने की कगार पर ‘घुत्तू’ से कपड़े धोने की संस्कृति

विलुप्त होती परंपरा: खत्म होने की कगार पर ‘घुत्तू’ से कपड़े धोने की संस्कृति

उत्तरकाशी
  रीठा और क्वार पात थे कभी पहाड़ का प्राकृतिक सर्फ, आधुनिकता की दौड़ में गुम होती विरासतनीरज उत्तराखंडीपहाड़ों की पारंपरिक जीवनशैली आत्मनिर्भरता और प्रकृति के साथ संतुलन की अनूठी मिसाल रही है. इसी जीवन पद्धति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा था ‘घुत्तू’—कपड़े धोने का एक देसी और पर्यावरण अनुकूल तरीका, जो आज आधुनिक वाशिंग मशीनों और रासायनिक डिटर्जेंट के बीच धीरे-धीरे विलुप्ति की कगार पर पहुंच गया है.क्या होता था ‘घुत्तू’?‘घुत्तू’ लकड़ी या पत्थर से बना एक पारंपरिक उपकरण होता था, जिसमें कपड़ों को पानी में भिगोकर डंडों या हाथों से पीट-पीटकर साफ किया जाता था. यह तरीका न केवल प्रभावी था, बल्कि पूरी तरह पर्यावरण के अनुकूल भी माना जाता था.रीठा और क्वार पात: प्राकृतिक सर्फआज जहां बाजार में केमिकल डिटर्जेंट का बोलबाला है, वहीं पहले कपड़े धोने के लिए प्राकृतिक संसाधनों का इस्तेम...
ओलावृष्टि से उत्तरकाशी की यमुना घाटी में फसलों को भारी नुकसान, गंगोत्री-हर्षिल में बर्फबारी

ओलावृष्टि से उत्तरकाशी की यमुना घाटी में फसलों को भारी नुकसान, गंगोत्री-हर्षिल में बर्फबारी

उत्तरकाशी
 नीरज उत्तराखंडी, नौगांव, उत्तरकाशीजनपद उत्तरकाशी में सोमवार शाम मौसम ने अचानक करवट ले ली. तेज बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि ने यमुना घाटी के कई क्षेत्रों में किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया. आराकोट, मोरी, नौगांव, पुरोला और बड़कोट क्षेत्र में करीब आधे घंटे तक हुई तेज ओलावृष्टि से नकदी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है. वहीं ऊंचाई वाले इलाकों में ठंड बढ़ गई है और गंगोत्री व हर्षिल घाटी में हल्की बर्फबारी दर्ज की गई. यमुना घाटी के नौगांव क्षेत्र की स्योंरी फल पट्टी, पुरोला के भंकोली और बड़कोट के धारी-कलोगी, मोरी के आराकोट बंगाण क्षेत्र सहित कई गांवों में अचानक ओले गिरने से खेतों में खड़ी मटर, गेहूं और सब्जियों की फसलें प्रभावित हुई हैं. ओलों की मार से खासकर मटर की फसल को सबसे अधिक नुकसान हुआ है. कई जगहों पर मटर की बेलें टूट गईं और तैयार फसल खेतों में बिछ गई. किसानों के अनुसार टम...
उत्तरकाशी नौगांव में जर्जर स्कूल में पढ़ाई: अनफिट भवन में बैठने को मजबूर बच्चे, प्रशासन पर लापरवाही के आरोप

उत्तरकाशी नौगांव में जर्जर स्कूल में पढ़ाई: अनफिट भवन में बैठने को मजबूर बच्चे, प्रशासन पर लापरवाही के आरोप

उत्तरकाशी
 नीरज उत्तराखंडी, नौगांव, उत्तरकाशीउत्तरकाशी जनपद के विकासखंड नौगांव के अंतर्गत स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय बिंगसी में शिक्षा व्यवस्था भय और असुरक्षा के साए में संचालित हो रही है. करीब पांच दशक पहले बने इस विद्यालय भवन को वर्ष 2023 में ही तकनीकी संस्था लोनिवि बड़कोट द्वारा निष्प्रयोज्य (अनफिट) घोषित किया जा चुका है, इसके बावजूद यहां नन्हे बच्चों को उसी जर्जर भवन में पढ़ने को मजबूर किया जा रहा है. विद्यालय की स्थिति बेहद चिंताजनक है. छत से टपकते पानी से बचाव के लिए ऊपर काली तिरपाल बिछाई गई है. टिन की चादरों को सहारा देने के लिए लगाए गए तख्ते और लकड़ी की बल्लियां भी सड़ चुकी हैं. भवन की एक दीवार में गहरी दरारें पड़ चुकी हैं और वह तिरछी हो गई है, जिससे किसी भी समय बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है. कमरों में फैली नमी (सीलन) के कारण बच्चों के बीमार पड़ने का खतरा भी लगातार बना ...
कल्याणी महिला सम्मान से सम्मानित हुईं असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. मीना नेगी, दिल्ली में आयोजित समारोह में पहाड़ की प्रतिभाओं का सम्मान

कल्याणी महिला सम्मान से सम्मानित हुईं असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. मीना नेगी, दिल्ली में आयोजित समारोह में पहाड़ की प्रतिभाओं का सम्मान

दिल्ली-एनसीआर
आशिता डोभाल, नई दिल्लीपहाड़ की बात हो और पहाड़ की नारी के संघर्ष की चर्चा हो, तो किसी भी कार्यक्रम की गरिमा और बढ़ जाती है. इसी उद्देश्य के साथ कल्याणी सामाजिक संस्था द्वारा दिल्ली के गढ़वाल भवन, पंचकुइयां रोड में पहाड़ की विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली महिलाओं को “कल्याणी महिला सम्मान” से सम्मानित किया गया. इस पहल की शुरुआत संस्था की संस्थापक बबीता नेगी ने की है. संस्था पिछले सात वर्षों से पहाड़ के अलग-अलग जिलों से प्रतिभाशाली महिलाओं को खोजकर उन्हें एक मंच पर लाकर सम्मानित कर रही है. इस वर्ष असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. मीना नेगी को साहित्य के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए कल्याणी महिला सम्मान से नवाजा गया. इसके अलावा रुद्रप्रयाग (मक्कू) की सरोजनी मैठाणी को पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में, रामनगर की भारती को कला के क्षेत्र में, लीला पायल को कुमाऊनी संगीत के ...
जनरल बिपिन रावत का थिएटर कमांड सपना जल्द होगा पूरा: एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित

जनरल बिपिन रावत का थिएटर कमांड सपना जल्द होगा पूरा: एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित

दिल्ली-एनसीआर
  जीबीआर मेमोरियल फाउंडेशन ऑफ इंडिया द्वारा 5वां सीडीएस जनरल बिपिन रावत मेमोरियल लेक्चर आयोजितहिमांतर ब्यूरो, नई दिल्लीदेश के प्रथम चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत की 68वीं जयंती के अवसर पर जीबीआर मेमोरियल फाउंडेशन आफ इंडिया द्वारा दिल्ली के कांस्टीट्शन क्बल आफ इंडिया में पाँचवें सीडीएस जनरल बिपिन रावत मेमोरियल लेक्चर का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित, चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणि विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए. कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई, जिसके बाद सभी उपस्थित लोगों ने जनरल बिपिन रावत को श्रद्धांजलि अर्पित की. इस अवसर पर उनके जीवन, नेतृत्व और सैन्य दृष्टिकोण पर आधारित एक विशेष डॉक्यूमेंट्री फिल्म भी प्रदर्शित की गई, जिसमें उनके योगदान और ...
सीएम धामी ने पंतनगर में 119वें अखिल भारतीय किसान मेले का किया शुभारम्भ, 9 लाख किसानों को मिल रहा किसान सम्मान निधि का लाभ

सीएम धामी ने पंतनगर में 119वें अखिल भारतीय किसान मेले का किया शुभारम्भ, 9 लाख किसानों को मिल रहा किसान सम्मान निधि का लाभ

देहरादून
  कृषि को जंगली जानवरों से बचाने के लिए केंद्र से 25 करोड़ की पहली किस्त जारी पॉलीहाउस, एरोमा वैली और ड्रैगन फ्रूट को बढ़ावा देकर किसानों की आय बढ़ाने पर जोरहिमांतर ब्यूरो, पंतनगरमुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (Pushkar Singh Dhami) ने शनिवार को कृषि एवम् प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर (Govind Ballabh Pant University of Agriculture and Technology), पंतनगर में 119वें अखिल भारतीय किसान मेला एवं कृषि उद्योग प्रदर्शनी का शुभारम्भ किया. कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया तथा विश्वविद्यालय साहित्य का विमोचन भी किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि पंतनगर विश्वविद्यालय में 119वें कृषि मेले का आयोजन होना हमारे लिए हर्ष का विषय है. इस प्रकार के मेले किसानों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं, क्योंकि यहां उन्हें कृषि के नवीन नवाचारों की जानकारी मिलती है तथा वैज्...
उत्तरकाशी पुलिस की त्वरित कार्रवाई से लौटी परिजनों की मुस्कान, रोहड़ू से सकुशल बरामद हुए चार मासूम

उत्तरकाशी पुलिस की त्वरित कार्रवाई से लौटी परिजनों की मुस्कान, रोहड़ू से सकुशल बरामद हुए चार मासूम

उत्तराखंड हलचल
 हिमांतर ब्यूरो,  मोरी/उत्तरकाशीघर से बिना बताए लापता हुए चार मासूम बच्चों को उत्तरकाशी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हिमाचल प्रदेश के रोहड़ू क्षेत्र से सकुशल बरामद कर उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। बच्चों की सुरक्षित वापसी से परिजनों ने राहत की सांस ली और पुलिस का आभार जताया। जानकारी के अनुसार, बीते 11 मार्च को चौकी आराकोट, थाना मोरी में एक व्यक्ति ने सूचना दी कि उसके चार बच्चे, जिनकी उम्र लगभग 12 से 15 वर्ष के बीच है, 10 मार्च को घर से बिना बताए कहीं चले गए हैं और वापस नहीं लौटे। बच्चों के अचानक लापता होने से परिवार में हड़कंप मच गया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक उत्तरकाशी श्रीमती कमलेश उपाध्याय के निर्देशन तथा पुलिस उपाधीक्षक जनक सिंह पंवार के निकट पर्यवेक्षण में थानाध्यक्ष मोरी दीपक रावत के नेतृत्व में तत्काल एक पुलिस टीम का गठन कर बच्चों की तल...
उत्तराखंड: घरेलू गैस सिलेंडर की कोई कमी नहीं- आनंद बर्द्धन, अफवाह फैलाने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

उत्तराखंड: घरेलू गैस सिलेंडर की कोई कमी नहीं- आनंद बर्द्धन, अफवाह फैलाने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

देहरादून
 हिमांतर ब्यूरो, देहरादूनमध्यपूर्व के देशों में उत्पन्न परिस्थितियों के मद्देनज़र प्रदेश में एलपीजी एवं ईंधन आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा के लिए मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने भराड़ीसैंण में उच्चस्तरीय बैठक की. बैठक में सभी जिलों के जिलाधिकारी तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े. इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के स्टेट लेवल कोऑर्डिनेटर सहित अन्य संबंधित अधिकारी भी बैठक में उपस्थित रहे. मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में घरेलू गैस सिलेंडरों की पर्याप्त उपलब्धता है और किसी भी प्रकार की कमी नहीं है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अफवाहों पर कड़ी नजर रखी जाए और किसी भी स्थिति में कानून-व्यवस्था को प्रभावित न होने दिया जाए. जिलों में सतर्कता बढ़ाने के निर्देश मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-...
कंडियाल गांव में आज भी जीवित है शेर-भालू का पौराणिक नृत्य

कंडियाल गांव में आज भी जीवित है शेर-भालू का पौराणिक नृत्य

उत्तरकाशी
  मुखौटे पहनकर जीवंत होती लोककथा ढोल-दमाऊ की थाप पर पीढ़ियों से निभाई जा रही अनूठी परंपरा, लोकसंस्कृति को सहेज रहे ग्रामीणनीरज उत्तराखंडी, पुरोला/उत्तरकाशीरवांई घाटी की समृद्ध लोकसंस्कृति आज भी अनेक प्राचीन परंपराओं के माध्यम से जीवंत दिखाई देती है. विकासखंड पुरोला के कंडियाल गांव में आज भी मुखौटे पहनकर शेर और भालू का पौराणिक लोकनृत्य प्रस्तुत किया जाता है. यह अनूठा नृत्य गांव की सांस्कृतिक पहचान बन चुका है और पीढ़ियों से चली आ रही इस परंपरा को ग्रामीण आज भी पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ निभा रहे हैं. गांव में विशेष अवसरों, पारंपरिक उत्सवों और सामुदायिक आयोजनों के दौरान युवक शेर और भालू के रूप में सजे विशेष मुखौटे पहनकर नृत्य करते हैं. ढोल-दमाऊ और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की थाप पर होने वाला यह नृत्य पूरे वातावरण को उत्साह और रोमांच से भर देता है. नृत्य के दौरान कलाकार शेर ...