Tag: ऐपण कला

शारीरिक असमर्थता भी नहीं रोक पाई अभिलाषा जोशी की अभिलाषा

शारीरिक असमर्थता भी नहीं रोक पाई अभिलाषा जोशी की अभिलाषा

अभिनव पहल
  नवदुर्गा विशेष | श्रृंखला  – 5विपरीत परिस्थितियों में भी नहीं छोड़ा हौसला, उत्तराखंड की पारंपरिक ऐपण कला को दी नई पहचान उत्तराखंड की लोकसंस्कृति में रची-बसी ऐपण कला केवल एक कलात्मक अभिव्यक्ति नहीं, बल्कि यहां की परंपराओं, आस्था और सांस्कृतिक पहचान का जीवंत प्रतीक है। कुमाऊं के घरों की देहरी, पूजा की चौकियों और मांगलिक अवसरों पर बनाई जाने वाली यह लोककला आज घरों की चौखट से निकलकर देश-विदेश में अपनी पहचान बना रही है। इस पारंपरिक कला को आधुनिक स्वरूप देकर नई पीढ़ी तक पहुंचाने वाली कलाकारों में एक नाम है हल्द्वानी की अभिलाषा जोशी का। अभिलाषा की कहानी केवल एक सफल उद्यमी और कलाकार की नहीं, बल्कि अदम्य साहस, आत्मविश्वास और संघर्ष की भी है। जीवन में आई एक गंभीर दुर्घटना ने उनकी शारीरिक क्षमताओं को बुरी तरह प्रभावित किया, लेकिन कला के प्रति उनका समर्पण और कुछ नया करने की अभिलाषा ...