Tag: यमुनोत्री

गंगोत्री-यमुनोत्री धाम यात्रा 2026: अब तक 7.44 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन, प्रशासन की सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त

गंगोत्री-यमुनोत्री धाम यात्रा 2026: अब तक 7.44 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन, प्रशासन की सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त

उत्तरकाशी
 नीरज उत्तराखंडी | हिमांतर ब्यूरो | उत्तरकाशीआस्था और अटूट विश्वास के बीच जनपद उत्तरकाशी स्थित दोनों धामों में चारधाम यात्रा का संचालन सुगम एवं सुव्यवस्थित ढंग से जारी है। कपाट खुलने के बाद से ही श्री गंगोत्री एवं श्री यमुनोत्री धाम में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं का आवागमन लगातार बना हुआ है। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य के निर्देशन में भारी संख्या में पहुंच रहे तीर्थयात्रियों की सुविधा एवं सुरक्षा के लिए जिला प्रशासन द्वारा सभी व्यवस्थाएं प्रभावी रूप से संचालित की जा रही हैं, जिससे यात्रा सुरक्षित, सुव्यवस्थित और निर्बाध रूप से आगे बढ़ रही है। तीर्थयात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन द्वारा सभी आवश्यक व्यवस्थाएं चाक-चौबंद रखी गई हैं। रविवार सायं 6:30 बजे तक दोनों धामों में कुल 36,186 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। इनमें श्री यमुनोत्री धाम में 18,8...
चारधाम यात्रा: गंगोत्री–यमुनोत्री मार्ग पर QR आधारित प्लास्टिक नियंत्रण व्यवस्था लागू, डीएम की बड़ी अपील

चारधाम यात्रा: गंगोत्री–यमुनोत्री मार्ग पर QR आधारित प्लास्टिक नियंत्रण व्यवस्था लागू, डीएम की बड़ी अपील

उत्तरकाशी
 हिमांतर ब्यूरो | उत्तरकाशीउत्तरकाशी में चारधाम यात्रा अपने चरम पर पहुंच चुकी है। ऐसे में जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने जनपद के सभी होटल व्यवसायियों, होमस्टे संचालकों, स्थानीय व्यापारियों एवं नागरिकों से हिमालयी पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की है।जिलाधिकारी ने कहा कि गंगोत्री धाम एवं यमुनोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खुल चुके हैं और यात्रा मार्गों पर बड़ी संख्या में तीर्थयात्रियों की आवाजाही जारी है। ऐसे में हिमालयी क्षेत्र तथा गंगा–यमुना के उद्गम स्थलों की स्वच्छता और पवित्रता बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।उन्होंने बताया कि बढ़ते प्लास्टिक कचरे की समस्या से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने नेताला से गंगोत्री धाम तथा दुबाटा (बड़कोट) से यमुनोत्री धाम मार्ग पर QR कोड आधारित डिपॉजिट रिफंड सिस्टम (DRS) लागू किया है। इस व्यवस्था के अंत...
चारधाम यात्रा 2026: यमुनोत्री-गंगोत्री धाम में एक माह में 5 लाख श्रद्धालु पहुंचे

चारधाम यात्रा 2026: यमुनोत्री-गंगोत्री धाम में एक माह में 5 लाख श्रद्धालु पहुंचे

उत्तरकाशी
हिमांतर ब्यूरो, बड़कोट, उत्तरकाशीउत्तराखंड की विश्वप्रसिद्ध चारधाम यात्रा के तहत जनपद उत्तरकाशी स्थित पवित्र श्री यमुनोत्री एवं श्री गंगोत्री धाम में श्रद्धालुओं की भारी आमद जारी है। 19 अप्रैल से प्रारंभ हुई यात्रा के मात्र एक माह के भीतर ही दोनों धामों में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 5 लाख के आंकड़े को पार कर गई है। इससे यात्रा को लेकर देश-विदेश के श्रद्धालुओं में गहरी आस्था और उत्साह का अंदाजा लगाया जा सकता है। जिला प्रशासन द्वारा जारी यात्रा बुलेटिन के अनुसार अब तक श्री यमुनोत्री धाम में 2,62,275 तथा श्री गंगोत्री धाम में 2,58,716 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। इस प्रकार दोनों धामों में कुल 5,20,991 श्रद्धालु पुण्य लाभ अर्जित कर चुके हैं। यात्रा के दौरान अब तक 51,068 छोटे-बड़े वाहनों के माध्यम से श्रद्धालु धामों तक पहुंचे हैं। रविवार को भी श्रद्धालुओं की आवाजाही लगातार बनी...
अस्थाई झील के जलस्तर में आई गिरावट: शेषनाग देवता ने दिया था झील खुलने का आश्वासन, ग्रामीणों को देवता पर भरोसा

अस्थाई झील के जलस्तर में आई गिरावट: शेषनाग देवता ने दिया था झील खुलने का आश्वासन, ग्रामीणों को देवता पर भरोसा

उत्तराखंड हलचल
 सुनील थपलियालबड़कोट (उत्तरकाशी): यमुनोत्री नेशनल हाईवे के स्यानाचट्टी क्षेत्र में यमुना नदी का प्रवाह रुकने से बनी कृत्रिम झील के कारण क्षेत्र में दहशत का माहौल था। इस प्राकृतिक आपदा को लेकर स्थानीय लोगों की आस्था और धार्मिक विश्वास भी सक्रिय हो उठे हैं। शुक्रवार को, संकट से भयभीत ग्रामीण भगवान श्रीशेषनाग मंदिर के दरवार पहुँचे और आपदा के निवारण के लिए प्रार्थना की। शेषनाग देवता की डोली ने अपने माध्यम से संकेत दिया कि यमुना मैया नाराज हैं। देवता ने बताया कि स्यानाचट्टी के पास गढ़ गाड़ में बना 30 वर्ष पुराना मंदिर, जिसमें आज तक प्राण प्रतिष्ठा और नियमित पूजा नहीं की गई, यही यमुना मैया के क्रोध का कारण है। साथ ही, यमुना नदी के जल को दूषित करने की घटनाओं ने भी माँ को अप्रसन्न किया है। शेषनाग देवता ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि शुक्रवार की संध्या तक झील का संकट समाप्त हो जाए...
स्यानाचट्टी में घर-होटल जलमग्न, मलबे से यमुना नदी का प्रवाह रुका, बनी झील

स्यानाचट्टी में घर-होटल जलमग्न, मलबे से यमुना नदी का प्रवाह रुका, बनी झील

उत्तरकाशी
उत्तरकाशी. यमुनोत्री हाईवे पर स्थित स्यानाचट्टी क्षेत्र में गुरुवार को अचानक आई आपदा ने हड़कंप मचा दिया. भारी बारिश के बाद खड्ड से आया मलबा और बड़े-बड़े बोल्डर यमुना नदी में गिरने से उसका प्रवाह बाधित हो गया. नदी पर बना यह अस्थायी अवरोध धीरे-धीरे झील का रूप लेने लगा. दोपहर तक झील का जलस्तर खतरनाक रूप से बढ़ गया और कई मकान व होटल जलमग्न हो गए. प्रशासन ने तुरंत खाली कराए घर और होटल घटना की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने आपदा स्मार्ट कंट्रोल रूम से राहत कार्यों की निगरानी शुरू की. प्रशासन ने फौरन सभी मकानों और होटलों को खाली कराया. प्रभावित परिवारों और पर्यटकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया. NDRF की टीम बोट के साथ घटनास्थल पर मौजूद है, जबकि SDRF, पुलिस और स्थानीय प्रशासन राहत एवं बचाव में जुटे हैं. जिलाधिकारी ने बताया कि झील को आज शाम या कल प्रातः तक सुरक्षित तरीके से खोला ...
मुख्यमंत्री ने किया पुरोला एवं यमुनोत्री विस क्षेत्र के विकास को ₹210 करोड़ से अधिक की 55 योजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण

मुख्यमंत्री ने किया पुरोला एवं यमुनोत्री विस क्षेत्र के विकास को ₹210 करोड़ से अधिक की 55 योजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण

उत्तरकाशी
पुरोला. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को पुरोला में आयोजित जनहितकारी योजनाओं के भूमि पूजन,शिलान्यास व लोकार्पण कार्यक्रम में प्रतिभाग किया. मुख्यमंत्री ने विधानसभा पुरोला एवं यमुनोत्री क्षेत्र के विकास को समर्पित ₹210 करोड़ से अधिक की 55 योजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया. मुख्यमंत्री ने पुरोला में अनेक योजनाओं के साथ ही  उप जिला चिकित्सालय की आधारशिला रखकर भूमि पूजन किया. मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा स्थापित विकास एवं जनसेवा से संबंधित स्टॉलों का भी अवलोकन किया तथा योजनाओं के लाभार्थियों से संवाद किया. स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों ने मुख्यमंत्री द्वारा उप जिला चिकित्सालय की सौगात देने पर उनका भव्य स्वागत किया और हर्ष व्यक्त किया. विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन विकास की दृष्टि से ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय गौरव ...
गंगोत्री एवं यमुनोत्री धाम में मात्र 27 दिन में 5 लाख से अधिक तीर्थ यात्री कर चुके दर्शन

गंगोत्री एवं यमुनोत्री धाम में मात्र 27 दिन में 5 लाख से अधिक तीर्थ यात्री कर चुके दर्शन

उत्तरकाशी
नीरज उत्तराखंडीगंगोत्री एवं यमुनोत्री धाम में इस वर्ष यात्रा प्रारंभ होने के महज 27 दिनों में 5 लाख 18 हज़ार 504 श्रद्धालु दर्शन कर चुके है. यमुनोत्री धाम में वर्तमान तक 1 लाख 38 हज़ार 645 पुरूष एवं 1लाख 18 हजार 526 महिला व 8 हजार 331 बच्चे सहित कुल 2 लाख 65 हजार 502 तीर्थ यात्री दर्शन कर चुके है. गंगोत्री धाम में अब तक 1 लाख 35 हज़ार 995 पुरूष एवं 1 लाख 10 हजार 531 महिला व 6 हजार 476 बच्चे सहित कुल 2 लाख 53 हजार 02 तीर्थ यात्री दर्शन कर चुके है.जिलाधिकारी डॉ.मेहरबान सिंह बिष्ट ने कहा कि चारधाम यात्रा 2025 सुरक्षित,सुगम एवं सुव्यवस्थित रूप से संचालित हो रही है. चारधाम यात्रा पर जिला प्रशासन की सतत निगरानी है और श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो इसके लिए यात्रा से जुड़ी पूरी टीम तत्परता एवं सजगता के साथ कार्य कर रही है.लाधिकारी ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा एवं आपातकाली...
श्रद्धालुओं के लिए खुले गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट

श्रद्धालुओं के लिए खुले गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट

उत्तरकाशी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम से दोनों धामों में की गई पहली पूजा  गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट बुधवार को अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर वैदिक मंत्रोच्चारण और पूजा-अर्चना के साथ श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए. इसके साथ ही उत्तराखण्ड की चारधाम यात्रा 2025 का भी शुभारंभ हो गया है. मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने दोनों धामों में कपाटोद्घाटन समारोह में संकल्प लेकर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नाम से पहली पूजा की और चारधाम यात्रा के सफल आयोजन तथा देश-प्रदेश की सुख समृद्धि एवं खुशहाली की मंगल कामना की है. श्री पुष्कर सिंह धामी यमुनोत्री धाम के कपाटोद्घाटन में पहुंचने वाले पहले मुख्यमंत्री हैं. इस अवसर पर गंगोत्री एवं यमुनोत्री मंदिर के ऊपर हैलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की गई.   दोनों धामों में कपाटोद्घाटन के अवसर पर मुख्यमंत्री ने की विशेष पूजा-अर्चना. यमुनोत्री धाम के कपाटो...
कल अक्षय तृतीय के शुभ मुहूर्त पर खुलेंगे गंगोत्री-यमुनोत्री के कपाट

कल अक्षय तृतीय के शुभ मुहूर्त पर खुलेंगे गंगोत्री-यमुनोत्री के कपाट

उत्तरकाशी
माँ गंगा की उत्सव डोली शीतकालीन प्रवास मुखीमठ से गंगोत्री धाम के लिए हुई रवानाहिमांतर ब्यूरो, उत्तरकाशीमां गंगा की उत्सव डोली आज मुखवा (मुखीमठ) से सुरक्षा व्यवस्था के बीच डोल-नगाड़ों व आर्मी बैंड की धुन में हजारों श्रद्धालुओं के साथ "हर-हर गंगे, जय माँ गंगे" के जयकारों के साथ गंगोत्री धाम के लिए प्रस्थान कर चुकी है, मां गंगा का रात्रि विश्राम आज भैरवघाटी स्थित भैरव मंदिर में होगा, कल प्रातः मां गंगा जी की उत्सव डोली भैरव मंदिर से गंगोत्री धाम के लिए प्रस्थान करेंगी। कल अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर ठीक 10 बजकर 30 मिनट पर गगोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खुल जायेंगे। मां गंगा जी की उत्सव डोली आज पूर्वाह्न 11.57 बजे अपने शीतकालीन प्रवास स्थल मुखवा गांव से विधिवत पूजा-अर्चना के बाद गंगोत्री धाम के लिए रवाना हुई। डोली आज रात्रि विश्राम हेतु भैरव मंदिर (भैरवघाटी) में रुकेगी...
गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में बर्फबारी जारी!

गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में बर्फबारी जारी!

उत्तरकाशी
जिलाधिकारी डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट दिए ने पर्यटकों की सुरक्षा एवं सुविधाओं का पूरा ध्यान रखेने के निर्देशनीरज उत्तराखंडी, उत्तरकाशीजनपद मुख्यालय उत्तरकाशी सहित जिले के सभी तहसील क्षेत्रों में आज दिनभर हल्की वर्षा तथा जिले के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फवारी का सिलसिला जारी है. बर्फबारी जारी रहने से गंगोत्री-यमुनोत्री धाम सहित यमुना जी के शीतकालीन प्रवास स्थल खरसाली एवं गंगा जी के शीतकालीन प्रवास मुखवा गांव सहित जिले के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में स्थित अनेक गांव बर्फ से ढक गए हैं. हिमाच्छादित क्षेत्रों की सड़कों पर यातायात सुचारू बनाए रखने के लिए मशीनों एवं श्रमिकों की तैनाती के फलस्वरूप जिले की अधिकांश सड़कें बर्फबारी के बावजूद सामान्य दिनों की तरह खुली रहीं. हर्षिल क्षेत्र के आखिरी गांव मुखवा एवं धराली तक विद्युत आपूर्ति भी सुचारू है.हर्षिल एवं सांकरी क्षेत्र में इन दिनों काफी स...