
- हिमांतर ब्यूरो, बड़कोट, उत्तरकाशी
उत्तराखंड की विश्वप्रसिद्ध चारधाम यात्रा के तहत जनपद उत्तरकाशी स्थित पवित्र श्री यमुनोत्री एवं श्री गंगोत्री धाम में श्रद्धालुओं की भारी आमद जारी है। 19 अप्रैल से प्रारंभ हुई यात्रा के मात्र एक माह के भीतर ही दोनों धामों में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 5 लाख के आंकड़े को पार कर गई है। इससे यात्रा को लेकर देश-विदेश के श्रद्धालुओं में गहरी आस्था और उत्साह का अंदाजा लगाया जा सकता है।
जिला प्रशासन द्वारा जारी यात्रा बुलेटिन के अनुसार अब तक श्री यमुनोत्री धाम में 2,62,275 तथा श्री गंगोत्री धाम में 2,58,716 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। इस प्रकार दोनों धामों में कुल 5,20,991 श्रद्धालु पुण्य लाभ अर्जित कर चुके हैं। यात्रा के दौरान अब तक 51,068 छोटे-बड़े वाहनों के माध्यम से श्रद्धालु धामों तक पहुंचे हैं।
रविवार को भी श्रद्धालुओं की आवाजाही लगातार बनी रही। आज यमुनोत्री धाम में 15,030 तथा गंगोत्री धाम में 13,737 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। यात्रा मार्गों पर श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है।

जिलाधिकारी प्रशांत आर्य के निर्देशन एवं सतत निगरानी में चारधाम यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुचारु रूप से संचालित किया जा रहा है। प्रशासन द्वारा यातायात प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाएं, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, स्वच्छता और आपदा प्रबंधन से संबंधित सभी व्यवस्थाओं को मजबूत किया गया है।
यात्रा मार्गों और प्रमुख पड़ाव स्थलों पर स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार तैनात हैं। श्रद्धालुओं को प्राथमिक उपचार एवं आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके साथ ही नगर निकायों और संबंधित विभागों द्वारा नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है, ताकि यात्रा मार्ग स्वच्छ और व्यवस्थित बने रहें।
सड़क मार्गों की स्थिति पर भी लगातार नजर रखी जा रही है। संभावित आपदाओं और मौसम की चुनौतियों को देखते हुए प्रशासन पूरी तत्परता के साथ कार्य कर रहा है।
जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा पर निकलें। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सहज और सुखद यात्रा अनुभव उपलब्ध कराने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी प्रतिबद्धता के साथ संचालित की जा रही हैं।
