Tag: पीपलकोटी

कोविड बचाव एवं राहत अभियान में स्वयंसेवी संस्थाओं से बढ़ाए हाथ

कोविड बचाव एवं राहत अभियान में स्वयंसेवी संस्थाओं से बढ़ाए हाथ

देहरादून
हिमांतर ब्यूरो, ​देहरादूनपूरे देश की तरह उत्तराखंड में भी कोरोना कि दूसरी लहर का कहर बढ़ता जा रहा है. स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी बुलेटिन के अनुसार गुरुवार 13 मई, 2021 को कोरोना संक्रमण के 7127 नए मामले राज्य में दर्ज किए गए तथा 122 मरीजों की महामारी से मौत हो गई. विभिन्न सरकारी एवं गैर सरकारी संस्थाओं द्वारा अपने अपने स्तर पर बचाव एवं राहत हेतु प्रयास किए जा रहे हैं. देहरादून स्थित पीपल्स साइंस इंस्टीटयूट (पी.एस.आई.) द्वारा भी पिछले वर्ष की भांति इस वर्ष भी कोविड बचाव एवं राहत अभियान संचालित किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत संस्था के कार्य क्षेत्र ऊखीमठ, रुद्रप्रयाग, बहादराबाद (हरिद्वार), कपकोट (बागेश्वर) तथा ताकुला (अल्मोड़ा) के लिए आज सुबह ही पल्स ऑक्सीमीटर, डिजिटल थर्मामीटर, पी.पी.ई. किट, आवश्यक दवाईयां (स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी की गई सूची के अनुसार), सैनिटाइजर, हैंडवाश तथा जागरूकता...
खबर का असर: निजमुला घाटी पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम

खबर का असर: निजमुला घाटी पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम

चमोली
हिमांतर ब्यूरो, चमोलीजनपद चमोली के जिला मुख्यालय गोपेश्वर से बमुश्किल 26 किमी दूर स्थित बिरही वैली के कुछ गांवों में ग्रामीण बुखार से पीड़ित हैं. इस घाटी में पाणा, ईराणी, झिंझी, दूरमी, because पगना, सैंजी, गौंणा बगड़, निजमुुला, ब्यारा और गाड़ी गांंव हैं. विश्वस्त सूत्रों से जानकारी मिली है कि निजमुला घाटी के कुछ गांवों मेंbecause पिछले एक हफ्ते से बुखार का प्रकोप बढ़ गया है, लेकिन दूसरी ओर, यातायात बंद होने और बिरही घाटी में मूलभूत सुविधायुक्त कोई अस्पताल भी नहीं होने से स्वास्थ्य व्यवस्था बुरी तरह चरमाई हुई है.स्वरोजगार ग्रामीणों के बुखार से पीड़ित होने की सूचना पर आज रविवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उक्त घाटी में पहुंच कर ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जांच की. विभाग ने 40 गांववासियों के because कोविड के सैंपल लिए और 100 से ज्यादा लोगों को दवाईयां दी गई.स्वरोजगार क्षेत्रीय ग्...
चमोली के लाल सांगा साइट एवं नागनाथ इंटर कॉलेज को बनाया जाए हैरिटेज साइट

चमोली के लाल सांगा साइट एवं नागनाथ इंटर कॉलेज को बनाया जाए हैरिटेज साइट

चमोली
विश्व सांस्कृतिक विरासत दिवस वर्ल्‍ड हैरिटेज डे (18 अप्रैल) पर विशेषआगाज फेडरेशन ने बद्रीनाथ विधायक महेंद्र भट्ट को दिया ज्ञापनजे.पी. मैठाणीआज विश्व हैरिटेज दिवस है. इस दिवस को मनाये जाने की पहल 18 अप्रैल 1982 में अंतर्राष्ट्रीय स्मारक और स्थल परिषद द्वारा ऐतिहासिक महत्व के धरोहरों के संरक्षण तथा प्रोत्साहन के लिए किया गया था. इस दिवस को दुनिया भर में पुरानी सामाजिक, सांस्कृतिक, ऐतिहासिक धरोहर जैसे- स्मारक, भवन, स्थापत्य कला, महत्वपूर्ण मानव निर्मित संरचनाओं के साथ-साथ पुराने पुरातत्विक महत्व के निर्माण कार्यों के लिए मनाया जाता है.विश्व हैरिटेज दिवसआज हम आपको उत्तराखण्ड के सीमांत जनपद चमोली के मुख्य कस्बे चमोली से गोपेश्वर जाते हुए मोटर पुल के दाईं ओर 1911 में अंग्रेजों द्वारा अलकनन्दा नदी (Alakananda River) पर बनाये गये पुराने पैदल पुल के खंडहरों और शानदार कटवा पत...
प्रकृति और जैविक उत्पादों से दिखाई स्वरोजगार की राह…

प्रकृति और जैविक उत्पादों से दिखाई स्वरोजगार की राह…

चमोली, देहरादून
अनीता मैठाणीस्थानीय संसाधन आधारित स्वरोजगार को मूल मंत्र मानने वाले निम्न मध्यमवर्गीय परिवार में जन्मे जगदम्बा प्रसाद मैठाणी वर्ष 1997 से अपने जन्म स्थान पीपलकोटी चमोली और उसके because आसपास स्वरोजगार के नवाचारी प्रयासों के लिए कृत संकल्प हैं. उनके ज्यादातर मित्र उन्हें जेपी के नाम से जानते हैं. शुरुआत में नेशनल एडवेंचर फाउंडेशन से जुड़े होने की वजह से एडवेंचर टूरिज्म और इकोटूरिज्म के प्रति सदैव because रूझान रहा. लेकिन वो जानते थे कि उत्तराखंड में इकोटूरिज्म या इससे मिलते-जुलते स्वरोजगार के संसाधन जैसे- जैविक उत्पाद, हस्तशिल्प, जड़ी-बूटी की खेती और फल तथा उद्यानिकी पहाड़ों में रोजगार उपलब्ध करा सकते हैं.उत्तराखंड उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वरोजगार के ना होने की वजह से ही पलायन हो रहा है. इसलिए अगर स्थानीय संसाधनों जैसे उद्यानिकी, बायोटूरिज्म, so ...
ऋषिगंगा आपदा : 12 दिन में 3000 लोगों को कराया भोजन

ऋषिगंगा आपदा : 12 दिन में 3000 लोगों को कराया भोजन

चमोली
हिमांतर ब्यूरो, देहरादून7 फरवरी 2021 को जनपद चमोली के धौली गंगा, तपोवन, ऋषिगंगा घाटी में ग्लेशियर टूटने की वजह से आयी बाढ़ के कारण भीषण तबाही हुई थी. इस आपदा में 205 से so अधिक लोगों के अकाल मृत्यु का आंकलन है. इस प्राकृतिक आपदा से पैंग, मुरूंडा, जुग्जु, जुवाग्वाड़ के अलावा चिपको की जननी गौरा देवी के गांव वल्ला रैणी और पल्ला रैणी में 5 लोगों की मृत्यु हुई, स्थानीय स्तर पर अभी तक 28 लोगों के शव बरामद हुए हैं.आपदा15 फरवरी से 26 फरवरी तक कुल 12 दिन तक रैस्क्यू और बचाव के कार्यों में लगे एन.डी.आर.एफ., एस.डी.आर.एफ., भारत तिब्बत सीमा पुलिस but और उत्तराखण्ड पुलिस के जवानों के साथ-साथ सड़क और पुल निर्माण में लगे सीमा सड़क संगठन के कर्मचारियों और मजदूरों को नियमित रूप से दोपहर का भोजन कराते रहे.आपदा इस प्राकृतिक आपदा के तुरंत बाद प्रभावित क्षेत्र में राहत और बचाव के कार्य प्रारंभ हुए ...
शिलाखर्क बुग्याल ट्रैक: रहस्य और रोमांच से भरा ट्रैकिंग स्‍पॉट

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पर्यटन
कम और ना जाने, जाने वाले ट्रैंकिंग रूट - पार्ट-2 पांडव यहॉं बना रहे थे विशाल मंदिर, लेकिन...जे. पी. मैठाणीउत्तराखण्ड के सीमान्त जनपद चमोली की एक बेहद रोमांचक घाटी है पाताल गंगा घाटी. बायोटूरिज़्म पार्क पीपलकोटी से लगभग 11 किमी. की दूरी पर पाखी गरूड़गंगा, पनाईगाड, टंगणी और बेलाकूची के बाद एक छोटा सा 10-12 दुकानों का बाजार है जिसका नाम पातालगंगा है. संभवतः यह नाम देश की आजादी के बाद जब भारत-चीन बॉर्डर पर सड़कों का विकास हो रहा था, तब पड़ा होगा. उस दौरान 70 के दशक में अलकनन्दा घाटी की सबसे बड़ी बेलाकूची बाढ़ आई थी. उसके बाद पीपलकोटी से भंडीरपाणी के बाद सड़क का अलाइनमेन्ट बदल दिया गया और अब सड़क पाखी गरूड़ गंगा, पनाईगाड़ टंगणी से अपर बेलाकूची होते हुए एक ऐसे स्थान पर पहुँचती है जहाँ पर लॉर्ड कर्जन पास के जलागम से विभाजित होकर एक बड़ी जलधारा आती है. इस स्थान पर राष्ट्रीय राजमार्ग के बनने में ए...