October 29, 2020
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समाज/संस्कृति

ब्राह्मण ग्रन्थों में ब्रह्मांड चेतना से अनुप्रेरित पितर अवधारणा 

एक दार्शनिक चिंतन डॉ.  मोहन चंद तिवारी  ‘ऐतरेय ब्राह्मण’ में सोमयाग सम्बन्धी एक सन्दर्भ वैदिक कालीन पितरों की ब्रह्मांड से सम्बंधित आध्यात्मिक अवधारणा को समझने की दृष्टि से बहुत महत्त्वपूर्ण है ब्राह्मण “अन्यतरोऽनड्वान्युक्तः स्यादन्यतरो विमुक्तोऽथ राजानमुपावहरेयुः.
अध्यात्म

पितृपक्ष में पितरों का ‘श्राद्ध’ क्यों किया जाता है? 

डॉ. मोहन चंद तिवारी इस साल 1 सितंबर से पितृपक्ष की शुरुआत हो चुकी है,जिसका समापन 17 सितंबर, 2020 को होगा. भाद्रपद शुक्ल पूर्णिमा से लेकर आश्विन कृष्ण अमावस्या तक सोलह दिनों का पितृपक्ष प्रतिवर्ष ‘महालय’ श्राद्ध पर्व के रूप में मनाया जाता है. ‘निर्णयसिन्धु’ ग्रन्थ के अनुसार आषाढी कृष्ण अमावस्या से पांच पक्षों के […]
अध्यात्म

पितृपक्ष : पितरों की समाराधना का पर्व

डॉ. मोहन चंद तिवारी इस वर्ष 1 सितंबर से पितृपक्ष की शुरुआत हो रही है, जिसका समापन 17 सितंबर, 2020 को होगा. उल्लेखनीय है कि भाद्रपद शुक्ल पूर्णिमा से लेकर आश्विन कृष्ण अमावस्या तक सोलह दिनों का पितृपक्ष पूरे देश में ‘महालय’ श्राद्ध पर्व के रूप में मनाया जाता है.आमतौर पर पितृपक्ष 16 दिनों का […]
अध्यात्म

पितरों के प्रति आस्था का पर्व – श्राद्ध एवं हवीक

भुवन चन्द्र पन्त पितरों के निमित्त श्रद्धापूर्वक किये जाने वाला कर्म ही श्राद्ध है. दरअसल पितर ही हमें इस धरती पर लाये, हमारा पालन पोषण किया और हमें अपने पांवों पर खड़े होने के लिए समर्थ किया. लेकिन उनसे ऊपर भी हमारे ऋषि थे, जो हमारे आदिपुरूष रहे और जिनके नाम पर हमारे गोत्र चले […]