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देहरादून

हिमालयीय वनस्पति ‘र् वेंण’ सुहागिनों की सिंदूर-फली

डा. मोहन चंद तिवारी संस्कृत- ‘कम्पिल्लक’  हिंदी- ‘कमीला’,  Mallotus philippensis लगभग आठ वर्ष पूर्व जम्मू-कश्मीर हिमालय में मां वैष्णो देवी के दर्शन करने के दौरान शिवखोड़ी की लगभग 4 कि.मी.की पैदल यात्रा करने का अवसर मिला तो वहां जंगलनुमा रास्ते में कम्पिल्लक के वृक्षों
अभिनव पहल हिमालयी राज्य

गिलोय : एक बहुउपयोगी बेल जिसके हैं सैकड़ों उपयोग

जे. पी. मैठाणी सेहत के लिए अमृत है गिलोय! गिलोय- गिलोय को अंग्रेजी में टिनोस्पोरा कोरडीफ़ोलिया, गढ़वाली में गिले और मराठी में गुड़ची बोलते हैं. संस्कृत में गिलोय का नाम अमृता है. यह एक बेल है और आंशिक परजीवी के रूप में दूसरे पेड़ों पर लिपट कर बढ़ती है. लेकिन गिलोय को क्यारियों और गमलों […]