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हिमालयी राज्य

हिमाचल-प्रदेश

हिमाचल: करसोग में दिखाए गए विलुप्त होते पुराने अनाजों के बीज और खिलाए गए व्यंजन

करसोग में बनाया जाएगा जैविक कृषि के लिए बाजार बनेगा फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन हिमांतर, करसोग एक समय था जब हमारे देश में अनाज की कमी हो गई थी. उस समय सरकारों ने अपने देशी बीजों को विकसित करने की बजाए विदेशी हाइब्रिड बीजों को तवज्जो दी गई. इन बीजों से अनाज की कमी तो पूरी […]
हिमाचल-प्रदेश

सुकेत रियासत के राजा के सामंती शोषण के खिलाफ लड़ने वाले दो क्रांतिकारी विद्रोही, जिनको भूल चुकी है सरकार

मनदीप कुमार हिमाचल प्रदेश की सुकेत रियासत के राजाओं का शासन बेहद क्रूर और आम जनता का शोषण करने वाला रहा है. 8वीं शताब्दी में बंगाल से आए सेन वंशी राजाओं ने यहां पर निवास because करने वाली डूंगर जाति नरसंहार कर अपनी रियासत की स्थापना की थी. स्थानीय राजाओं, ठाकुरों को उन्होंने आपसी फूट […]
पुस्तक-समीक्षा हिमाचल-प्रदेश

देव कन्या ने उतारा ‘देवभूमि हिमाचल’ का नकाब!

गगनदीप सिंह इस किताब की सबसे बड़ी सफलता ये हैं कि इसका विमोचन हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने अपने हाथों से किया था. मुख्यमंत्री ने लेखिका के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि लेखिका ने अपनी कहानियों के माध्यम से पहाड़ी महिलाओं के संघर्षों और मनोदशाओं को चित्रित करने में सफलता प्राप्त […]
खेती-बाड़ी हिमाचल-प्रदेश

भारत में पहली बार ‘मॉन्क फल’ की खेती

सीएसआईआर–आईएचबीटी, पालमपुर द्वारा की पहल जे.पी. मैठाणी/हिमाचल ब्यूरो विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) (World Health Organization (WHO) की रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया भर में 422 मिलियन लोग मधुमेह से पीड़ित हैं. अतिरिक्त गन्ना शर्करा के सेवन से इंसुलिन प्रतिरोध, टाइप 2 मधुमेह, यकृत की समस्याएं, चयापचय सिंड्रोम, हृदय रोग आदि जैसी अनेक जानलेवा बीमारियां हो सकती […]
हिमाचल-प्रदेश

स्‍त्री देह आकार और नैसर्गिक सौंदर्य के लिए विख्‍यात है रेणुका झील

दीपा कौशलम हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) के सिरमौर जिले में रेणुका झील एक रमणीय और प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है. ये एक लंबाकार झील है जो नाहन और संगराह के बीच स्थित है. रेणुका झील (Renuka Lake) अपने प्राकृतिक सौंदर्य के लिए पर्यटकों को आकर्षित करने वाला स्थान है जहां चारों तरफ फैली हरियाली मन मोह […]
हिमाचल-प्रदेश

अद्भुत प्राकृतिक छटा, बौद्ध सभ्यता व संस्कृति के लिए प्रसिद्ध है लाहौल-स्पीति 

आदिकाल से देवताओं, गन्धर्वों, किन्नरों और मनुष्यों की मिली जुली जातियों का संगम स्थल रहा है लाहुल सुनीता भट्ट पैन्यूली देवभूमि हिमाचल प्रदेश जहां अपने because नैसर्गिक सौंदर्य के लिए प्रचलित है वहीं इसी प्रदेश का एक विश्व-प्रसिद्ध पर्यटक स्थल लाहौल-स्पीति अपनी अद्भुत प्राकृतिक छटा, बौद्ध सभ्यता और संस्कृति के लिए जाना जाता है. हिमाचल […]
अभिनव पहल हिमालयी राज्य

गिलोय : एक बहुउपयोगी बेल जिसके हैं सैकड़ों उपयोग

जे. पी. मैठाणी सेहत के लिए अमृत है गिलोय! गिलोय- गिलोय को अंग्रेजी में टिनोस्पोरा कोरडीफ़ोलिया, गढ़वाली में गिले और मराठी में गुड़ची बोलते हैं. संस्कृत में गिलोय का नाम अमृता है. यह एक बेल है और आंशिक परजीवी के रूप में दूसरे पेड़ों पर लिपट कर बढ़ती है. लेकिन गिलोय को क्यारियों और गमलों […]
उत्तराखंड हलचल साहित्‍य-संस्कृति हिमालयी राज्य

यमुना घाटी: बूंदो की संस्कृति का पर्याय

उत्तराखंड के प्रत्येक गांव की अपनी एक जल संस्कृति हैं. यहां किसी न किसी गांव में एक स्रोत का पानी आपको जरूर मिलेगा,जिसकी अपनी एक परम्परा होती है, संस्कृति होती है। उसका वर्णन वहां किसी न किसी देवात्मा से जुड़ा मिलता है। यमुना घाटी के ऐसे ही कुछ जल स्रोतों के बारे में बता रहे […]
अभिनव पहल उत्तराखंड हलचल हिमालयी राज्य

उत्तराखंड में बेहतर रोजगार का जरिया हो सकती है केसर की खेती!

जे. पी. मैठाणी आजकल आप नकली केसर यानी कुसुम के कंटीले फूलों के बारे में भी ये सुनते हैं की ये केसर है लेकिन सावधान रहिये. ये नकली है इसके झाड़ीनुमा पौधो पर गुच्छों में उगने वाले फूलों को सुखकर केसर जैसा रंग निकलता है. इसलिए कृपया सावधान रहिये! जैसे ही हम केसर का नाम […]
Uncategorized इतिहास हिमाचल-प्रदेश हिमालयी राज्य

राष्ट्र-गान की धुन के रचयिता कैप्टन राम सिंह

चारु तिवारी कुछ गीत हमारी चेतना में बचपन से रहे हैं। बाल-सभाओं से लेकर प्रभात फेरियों में हम उन गीतों को गाते रहे हैं। एक तरह से इन तरानों ने ही हमें देश-दुनिया देखने का नजरिया दिया। जब हम छोटे थे तो एक गीत अपनी प्रार्थना-सभा में गाते थे। बहुत मधुर संगीत और जोश दिलाने […]