
- हिमांतर ब्यूरो, देहरादून
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में सनातन संस्कृति के पुनर्जागरण का एक नया दौर शुरू हुआ है. देहरादून के सेलाकुई स्थित आद्यशक्ति श्री माता वैष्णो देवी धाम सेवा समिति द्वारा आयोजित मां भगवती जागरण कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए मुख्यमंत्री ने प्रदेश की सुख-समृद्धि और शांति की कामना की.
मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर निर्माण केवल एक धार्मिक परियोजना नहीं, बल्कि देश की आस्था, संस्कृति और स्वाभिमान की पुनर्स्थापना का प्रतीक है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने दृढ़ संकल्प के साथ इस कार्य को आगे बढ़ाया, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा.
उन्होंने कहा कि काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर, महाकाल लोक, केदारनाथ पुनर्निर्माण और बद्रीनाथ मास्टर प्लान जैसे कार्यों से देश की सांस्कृतिक चेतना को नई ऊर्जा मिली है.

मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2013 की आपदा के बाद केदारनाथ धाम का पुनर्निर्माण प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में तेजी से हुआ और आज केदारपुरी एक भव्य स्वरूप में स्थापित है. उन्होंने कहा कि 22 अप्रैल से शुरू हुई चारधाम यात्रा में अब तक तीन लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं, जो प्रदेश के प्रति आस्था को दर्शाता है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने वर्ष 2024 से शीतकालीन यात्रा की शुरुआत की है, जिससे पूरे वर्ष धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे. उन्होंने कहा कि आदि कैलाश यात्रा को प्रधानमंत्री के दौरे के बाद नई पहचान मिली है, जिससे सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को गति मिली है.
कनेक्टिविटी को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर से यात्रा समय में कमी आएगी और पर्यटन व व्यापार को बढ़ावा मिलेगा. उन्होंने हेमकुंड साहिब रोपवे परियोजना को भी महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी और क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी.
मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक पहचान को संरक्षित रखना सभी की जिम्मेदारी है. राज्य सरकार विकास और विरासत के संतुलन के साथ आगे बढ़ रही है. इस अवसर पर विधायक सहदेव सिंह पुंडीर सहित अन्य जनप्रतिनिधि, आयोजन समिति के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे.
