पिथौरागढ़

पिथौरागढ़ : सरमोली गांव बना देश का श्रेष्ठ पर्यटन गांव

पिथौरागढ़ : सरमोली गांव बना देश का श्रेष्ठ पर्यटन गांव

पिथौरागढ़
भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय ने श्रेष्ठ पर्यटन गांव प्रतियोगिता में उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के सरमोली गांव का चयन किया है. 27 सितंबर को सरमोली गांव को श्रेष्ठ पर्यटन गांव का पुरस्कार दिया जाएगा. हिमनगरी के नाम से मशहूर मुनस्यारी का यह गांव जहां एक ओर प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर है तो वही यहां के लोगों ने पर्यटकों के ठहरने के लिए होमस्टे में जो काम किया है वो पूरे देश के लिए एक नजीर पेश कर रहा है. सरमोली गांव उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र में मुनस्यारी के ऊपर स्थित एक छोटा सा गांव है. इसकी सीमाएं तिब्बत और नेपाल से लगती हैं. यहां से हिमालय, नंदा देवी, राजरंभा, पंचाचूली, नंदा कोट चोटियों का दृश्य हर किसी को आकर्षित करता है पिथौरागढ़ जिले का सरमोली गांव जल्द ही देश का श्रेष्ठ पर्यटन गांव घोषित किया जाएगा. पर्यटन मंत्रालय ने श्रेष्ठ पर्यटन गांव प्रतियोगिता में सरमोली गांव का चयन किया है. 27 स...
पिथौरागढ़ : चार युद्ध लड़ने वाले 82 वर्षीय मेजर त्रिलोक सिंह सौन

पिथौरागढ़ : चार युद्ध लड़ने वाले 82 वर्षीय मेजर त्रिलोक सिंह सौन

पिथौरागढ़
प्रकाश चन्द्र पुनेठा, सिलपाटा, पिथौरागढ़ पिथौरागढ़ से पूर्व में लगभग 35 किलोमीटर दूर नेपाल सीमा व काली नदी के निकट क्वीतड़ गाँव के तोक चैड़ा में 1 जनवरी, 1944 के दिन एक किसान करम सिंह सौन व उनकी पत्नी ग्वाली देवी के परिवार में एक शिशु का जन्म हुआ। उसका नामकरण बड़ी धूमधाम से मनाया गया और नाम रखा गया त्रिलोक सिंह सौन। करम सिंह 120 नाली  भूमी के स्वामी होने के साथ एक संपन्न तथा समृद्ध किसान थे। करम सिंह अपने परिश्रम के बलबूते, अपने खेतों में पसीना बहाकर, खेतों में अनाज उगाकर तथा गाय-भैंस पालकर अपने परिवार का भरण-पोषण बहुत अच्छी तरह करते थे। उनके घर में अनाज व दूध-दही-घी की कमी नहीं थी। अगर कमी थी तो आधुनिक सुख-सुविधाओं की। उस समय हमारा देश ब्रिटिश शासन के पराधीन था। हमारे पर्वतीय क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ तथा आवागमन की सुविधाओं का बहुत अधिक अभाव था। पिथौरागढ़ जिला अल्मोड़ा का एक परगना था, पिथौरा...
मेरी माटी मेरा देश : जसवंतगढ़ से मिट्टी लाकर पहुंचाएंगे वीरोंखाल : डॉ धन सिंह रावत

मेरी माटी मेरा देश : जसवंतगढ़ से मिट्टी लाकर पहुंचाएंगे वीरोंखाल : डॉ धन सिंह रावत

पिथौरागढ़
वाडयूं-दुनाव गांव पहुँचकर शहीद जसवंत सिंह रावत का किया वंदन, मेरी माटी मेरा देश अभियान के तहत रिखणीखाल में अमर शहीदों को दी श्रद्धांजलि देहरादून/पौड़ी गढ़वाल. 'मेरी माटी मेरा देश' अभियान को धार देते हुये सूबे के कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने आज पौड़ी जनपद के रिखणीखाल ब्लॉक् में आयोजित कार्यक्रम में शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की. इसके अलावा डॉ. रावत ने  वाडयूं-दुनाव गांव पहुँचकर चीन युद्ध के रणबांकुरे शहीद जसवंत सिंह रावत  को याद कर उन्हें श्रद्धांजलि दी. उन्होंने ऐलान किया कि वह अरुणांचल प्रदेश जाकर जसवंतगढ़ से मिट्टी लेकर वीरोंखाल पहुंचाएंगे.  इस दौरान उन्होंने कहा कि शहीदों की कुर्बानी को याद रखना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि देना है. इसीलिए प्रधानमंत्री जी के आह्वान पर आज पूरा देश भारत माता के अमर बलिदानियों को याद कर रहा है.आजादी के अमृत महोत्सव के अन्तर्गत चलाये जा रहे “मेरी मा...
युवा बाल साहित्यकार ललित शौर्य का भव्य नागरिक अभिनंदन

युवा बाल साहित्यकार ललित शौर्य का भव्य नागरिक अभिनंदन

पिथौरागढ़
पिथौरागढ़: अपनी लेखनी से पूरे देश में चमक बिखेर रहे सीमान्त के ललित शौर्य को विभिन्न संगठनों ने सामूहिक रूप से सम्मानित किया. समाजसेवी जुगल किशोर पांडेय की पहल पर एक निजी होटल में आयोजित कार्यक्रम में ललित शौर्य को सम्मानित किया गया. इस अवसर पर वक्ताओं ने ललित के कृतित्व एवं व्यक्तित्व पर विस्तार से चर्चा की. राम सिंह ने कहा कि ललित वैश्विक पटल पर पिथौरागढ़ का नाम आगे बढ़ा रहे हैं. डां. कच्चाहारी ने ललित शौर्य को बाल साहित्य में उभरता हुआ सूर्य बताया. शिक्षाविद उमा पाठक ने कहा कि ललित की रचनाएं पाठ्यक्रम में लगनी चाहिए. ये रचनाएं भावी भविष्य को गढ़ने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं. राकेश देवलाल ने शौर्य को युवाओं के लिए प्रेरणा बताया. डां पीताम्बर अवस्थी ने ललित शौर्य के रचनाकर्म को मार्गदर्शक बताया.कार्यक्रम के संयोजक जुगल किशोर पांडेय ने कहा ललित शौर्य की कहानियां मलायलम, कन्नड़, तेलगु, अ...
कैलाश पर्वत : अब भारत से भी होंगे दर्शन

कैलाश पर्वत : अब भारत से भी होंगे दर्शन

पिथौरागढ़
सीमांत जिले पिथौरागढ़ में लिपुलेख से कैलाश पर्वत के दर्शन संभव है. स्थानीय लोगों ने जब चीन सीमा पर बसे ओल्ड लिपुपास की पहाड़ी से कैलाश पर्वत के दर्शन किये. उसके बाद उन्होंने स्थानीय प्रशासन को इसके बारे में बताया. जिसके बाद जिला प्रशासन इस इलाके में धार्मिक पर्यटन की संभावनाओं की तलाश में जुट गया है.पिथौरागढ़ राज्य के साथ ही यह पूरे भारत के लिए गौरव की बात है जो भी श्रद्धालु काफी समय से कैलास मानसरोवर यात्रा नहीं होने से मायूस है वे यात्री अब पिथौरागढ़ से ही कैलास दर्शन कर सकते हैं यह हमारे लिए एक बड़ी उपलब्धि है. इससे हमारा सीमांत क्षेत्र पयर्टन के क्षेत्र में आगे बढेगा और जो कैलास मानसरोवर को लेकर पिथौरागढ़ की जो पहचान थी वह दोबारा उसको मिल सकेगी. सरकार और प्रशासन को इस ओर जल्दी से जल्दी ध्यान देना चाहिए ताकि ऐसा रास्ता निकाला जाये कि पिथौरागढ़ से ही कैलास के दर्शन हो सके. पयर्टन विभाग के ...
मोनाल : क्या बुरांश के फूल भी खाते हैं?

मोनाल : क्या बुरांश के फूल भी खाते हैं?

उत्तरकाशी, पिथौरागढ़
मेघा प्रकाश मोर जैसा रंग-बिरंगा-अति सुन्दर और आकर्षक-मोनाल उत्तराखण्ड का राज्य पक्षी है. देहरादून में स्थित, भारतीय वन्यजीव संस्थान के शोधार्थी रमेश कृष्णामूर्ति, जिन्होनें सन 2003 में हिमाचल प्रदेश में पाए जाने वाले फीसेंट (तीतर) के ऊपर अध्ययन किया था बताते हैं कि मोनाल, एक फीसेंट है. हिमालयन मोनाल या इम्पेयन मोनाल, उत्तराखंड के अलावा हिमाचल प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, और सिक्किम, में पाया जाता है. भारत के अलावा मोनाल नेपाल, दक्षिण तिब्बत और भूटान में भी पाया जाता है. पर, उत्तराखंड में पाया जाने वाला मोनाल, ज्यादा सुन्दर और आकर्षक दिखता है. नर-मादा मोनाल कृष्णामूर्ति बताते है कि नर मोनाल का रंग नीला भूरा होता है. जबकि मादा मोनाल भूरे रंग की होती है. नर मोनाल के सर पर ताज जैसी कल्गी होती है और उसके पंखों में 7 रंग पाए जाते हैं. शोध से पता चलता है कि एक नर मोनाल का औसतन वजन ...
मुख्यमंत्री ने किया इंजी. ललित शौर्य की दो पुस्तकों का विमोचन

मुख्यमंत्री ने किया इंजी. ललित शौर्य की दो पुस्तकों का विमोचन

पिथौरागढ़
पिथौरागढ़: उत्तराखंड के चर्चित बाल साहित्यकार ललित शौर्य की दो पुस्तकों का विमोचन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया. मुख्यमंत्री आवास देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इंजी. ललित शौर्य द्वारा लिखित गंगा के प्रहरी एवं स्वच्छता ही सेवा नामक पुस्तकों का विमोचन किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि ये पुस्तकें नदी संरक्षण एवं संवर्द्धन के साथ ही स्वच्छता जागरूकता में मील का पत्थर साबित होंगी. नमामि गंगे अभियान गंगा एवं सहायक नदियों के निर्मलीकरण का अभियान है. पुस्तक गंगा के प्रहरी नदियों के निर्मलीकरण एवं स्वच्छता के पक्ष को मजबूत करती है. स्वच्छता ही सेवा पुस्तक भी निश्चित ही स्वच्छ भारत अभियान में सहयोगी सिद्ध होगी.इंजी. शौर्य सराहनीय कार्य कर रहे हैं. आज की नई पीढ़ी को इनकी पुस्तकें पढ़नी चाहिए.पुस्तक के लेखक इंजी. ललित शौर्य ने कहा कि वह लंबे समय से साहित्य लेखन ...
बेरीनाग में धूमधाम से मनाया गया प्रेमचंद का जन्म दिवस

बेरीनाग में धूमधाम से मनाया गया प्रेमचंद का जन्म दिवस

पिथौरागढ़
मुंशी प्रेमचन्द की 143 वीं जयंती (31 जुलाई 2022) डीडी पन्त बाल विज्ञान खोजशाला, बेरीनाग में हिंदी के कालजयी साहित्यकार, कथा सम्राट मुंशी प्रेमचन्द की 143 वीं जयंती को धूमधाम के साथ मनाया गया. इस अवसर पर बच्चों ने द्वारा पोस्टर प्रदर्शनी, कथा वाचन और नाटक का मंचन किया गया. इस मौके पर एक पुस्तक प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया.पिथौरागढ़ जिले के बेरीनाग नगर में  डी डी पन्त बाल विज्ञान खोजशाला में प्रेमचंद जयंती के अवसर पर एक कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस कार्यक्रम की शुरुआत में खोजशाला की संस्थापक श्रीमती लीला उपाध्याय को श्रद्धांजलि देते हुए उनके योगदान को याद किया गया. कार्यक्रम स्थल में आपपास के विद्यालयों के बच्चों के बनाये सौ से अधिक पोस्टरों की प्रदर्शनी लगाई गयी थी जिनमें बच्चों के प्रेमचंद के जीवन और कहानियों पर आधारित चित्र बनाये थे. इस आयोजन में बच्चों ने प्रेमचंद की कहानी ‘बूढ़ी क...
मुख्यमंत्री धामी ने किया ललित शौर्य की पुस्तक का विमोचन

मुख्यमंत्री धामी ने किया ललित शौर्य की पुस्तक का विमोचन

पिथौरागढ़
हिमांतर ब्यूरो, पिथौरागढ़ कैंप कार्यालय देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के यशस्वी बाल साहित्यकार ललित शौर्य के बाल कहानी संग्रह स्वच्छता के सिपाही का विमोचन किया. इस पुस्तक में नौ कहानियां संकलित हैं. सभी कहानियां स्वच्छता को आधार बनाकर लिखी गई हैं. मुख्यमंत्री ने पुस्तक के लेखक ललित शौर्य के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा, पुस्तक स्वच्छता के सिपाही समाज में स्वच्छता का भाव जागृत करने वाली तथा बच्चों एवं युवाओं को स्वच्छता का संदेश देने में मददगार होगी. यह पुस्तक बाल साहित्य में मील का पत्थर साबित होगी. इसको पढ़ने से बच्चों एवं युवाओं में स्वच्छता के संस्कार पैदा होंगे.  मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता के प्रति जन जागरूकता समय की जरूरत है. पुस्तक के लेखक ललित शौर्य ने बताया कि वह इससे पूर्व में बाल साहित्य की नौ किताबें लिख चुके हैं.पुस्तक स्वच्छता के सिपाही देश के प्र...
किताबें दुनिया की तरफ खुलने वाली खिड़कियां हैं

किताबें दुनिया की तरफ खुलने वाली खिड़कियां हैं

पिथौरागढ़
विनोद उप्रेती  ‘यायावर’ यह किताब 1967 का संस्करण है, जो 1969 में रीप्रिंट होकर आया होगा. जब यह किताब छप रही थी तब दुनिया भर के  Peace Corps volunteers नेपाल में जीवन की बेहतरी के लिए अपनी समझ के हिसाब से कुछ काम कर रहे थे. काम जो भी कर रहे होंगे, तस्वीरें बहुत उम्दा ले रहे थे. हमारे बिल्कुल पास, सुदूर पश्चिम  के बैतड़ी में भी जॉन लेन नाम का युवा घूमकर मजेदार तस्वीरें उतार रहा था. जहां जॉन फ़ोटो ले रहा था वहां से बमुश्किल डेढ़ सौ किलोमीटर दूर एक छोटे से गांव में जंगल के बीच कर्नाटक  से आये एक साधु ने बहुत शानदार स्कूल खोला था जहां सीरा, अस्कोट, जोहार, धारचूला के बच्चे दूर दूर से पढ़ने आते. इस स्कूल को साधु के नाम पर नारायण नगर कहा जाने लगा. इस स्कूल में हमसे पहले हमारे परिवार से हमारे चाचा पढ़ चुके थे. उनसे ही हमें यह किताब मिली. इस किताब को ग्रेट ब्रिटेन में रिचर्ड क्ले ने सफॉल्क नाम के कस्ब...