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नंदलाल भारती की संग्रह पुस्तक ‘आमारे जौनसारी गीत’ का दून पुस्तकालय में लोकार्पण

नंदलाल भारती की संग्रह पुस्तक ‘आमारे जौनसारी गीत’ का दून पुस्तकालय में लोकार्पण

देहरादून
हिमांतर ब्यूरो, देहरादूनदून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र के तत्वाधान में आज इसके सभागार में जौनसार जनजाति क्षेत्र के ख्यातिलब्ध लोक कलाकार डॉ० नंदलाल भारती द्वारा लिखित लोक गीतों की संग्रह पुस्तक आमारे जौनसारी गीत का जन लोकार्पण किया गया. इसके बाद पुस्तक पर बातचीत का सत्र भी हुआ. इसमें लोगों की अनेकजौनसारी शब्दों पर बने संशय को लेखक डॉ. नंदलाल भारती ने स्पष्ट किया. मुख्यातिथि पूर्व कुलपति उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्याल प्रो. ओपीएस नेगी ने कहा कि यह पुस्तक खिले हुए गीतों का एक सुन्दर गुलदस्ता है.  गीतों को पढ़कर मालूम होता है कि नंदलाल भारती ने जौनसारी शब्दों और लोक जीवन की प्रक्रिया को सहजता से गीतों में ढाला है. नंदलाल भारती ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर जनजातीय समुदाय की  सांस्कृतिक धरोहरों का सफल प्रदर्शन  किया है. उनके गीतों में एक तरफ लोक की अनुभूति होती है और दूसरी तरफ स...
देवभूमि उत्तराखंड भारत का प्राणतत्व तो हिमालय विश्व का प्रेरक –  डॉ. हरीश रौतेला

देवभूमि उत्तराखंड भारत का प्राणतत्व तो हिमालय विश्व का प्रेरक –  डॉ. हरीश रौतेला

देहरादून
  अपनी धरोहर न्यास द्वारा उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में द्विदिवसीय धरोहर संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया. देहरादून के सर्वे चौक स्थित आईआरडीटी सभागार में धरोहर संवाद के समापन अवसर पर मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह क्षेत्र प्रचारक प्रमुख डॉ.हरीश रौतेला थे, जिन्होंने पहाड़ के हरेला पर्व को वैश्विक बनाने के ठोस प्रयास किए हैं. डॉ. हरीश रौतेला ने कहा कि भारत में उत्तराखंड की भूमिका प्राणतत्व सदृश है और लगभग 2600 किमी.क्षेत्र में फैले हिमालय से निकलने वाली गंगा,यमुना,सरस्वती और सिंधु सभ्यता के उद्गम होने के कारण सम्पूर्ण विश्व के लिए सकारात्मक ऊर्जा के प्रेरणा स्रोत हैं. उत्तराखंड की लोक संस्कृति और बोली भाषाएं भी हमारी धरोहर हैं. हमारी परंपराएँ,मेले,त्यौहार और लोक संस्कृति तभी जीवंत रहेंगे जब इनसे जुड़े लोग रोजगार प्राप्त कर आत्मनिर्भर होंगे और हम अपने गीत संगीत,परिधान और ...
जौनसार का गौरव: नरदेव वर्मा बने UPSC में निदेशक

जौनसार का गौरव: नरदेव वर्मा बने UPSC में निदेशक

देहरादून
संघ लोक सेवा आयोग में सेवा देने वाले पहले जौनसारी व्यक्तित्वनीरज उत्तराखंडी, चकराताजौनसार बावर क्षेत्र के लिए गर्व का क्षण है- कनबुआ गांव के नरदेव वर्मा ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) में निदेशक पद का कार्यभार ग्रहण किया है. वे इस प्रतिष्ठित संस्था में सेवा देने वाले पहले जौनसारी व्यक्तित्व बन गए हैं. इससे पूर्व वे आयोग में संयुक्त निदेशक पद पर कार्यरत थे और अब पदोन्नति पाकर निदेशक बने हैं. वर्मा की प्रारंभिक शिक्षा गांव के प्राथमिक विद्यालय से हुई, इंटर की पढ़ाई जौनसार बावर इंटर कॉलेज साहिया से पूरी की और आगे की पढ़ाई डीएवी पीजी कॉलेज देहरादून से की. निरंतर मेहनत और दृढ़ संकल्प से उन्होंने यह मुकाम हासिल किया. उनकी सफलता न केवल परिवार, बल्कि पूरे जौनसार बावर क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है. समाज के लोग इसे अपनी सामूहिक अस्मिता और संघर्षशीलता का प्रतीक मान रहे हैं. संघ लोक सेव...
सोने के आभूषणों की सफाई : अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़, तीन गिरफ्तार

सोने के आभूषणों की सफाई : अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़, तीन गिरफ्तार

उत्तरकाशी
  पुराने आभूषणों की सफाई के बहाने करते थे सोने की चोरी SP उत्तरकाशी द्वारा पुलिस टीम को 5000 रु0 के पुरस्कार से किया गया पुरस्कृतहिमांतर ब्यूरो, पुरोला-उत्तरकाशीकोतवाली उत्तरकाशी पुलिस ने सोने की चोरी करने वाले अन्तर्राजीय गिरोह के 3 अभियुक्तों को गिरफ्तार करने में सफलता मिली है, अभियुक्त घर-घर जाकर पुराने आभूषणों की साफ-सफाई करने के नाम पर लोगों से धोखाधड़ी कर सोने की चोरी करते थे. बीते वीरवार को मातली निवासी गौरव रावत ने कोतवाली उत्तरकाशी पर एक लिखित तहरीर दी, जिसमें उन्होंने बताया कि बीते 17 सितम्बर को उनकी मां घर पर अकेले थीं, इसी दौरान एक अज्ञात व्यक्ति ने घर पर आकर पुराने गहनों की साफ-सफाई करने के नाम पर उनकी मां के साथ धोखाधड़ी कर अभूषणों से सोने की चोरी की . तहरीर के आधार पर पुलिस ने कोतवाली उत्तरकाशी में अज्ञात के विरुद्ध धारा 303(2), 318 (4) BNS में ...
हिंदी पखवाड़ा 2025: उत्तराखंड की पत्रकारिता के तीन संपादक

हिंदी पखवाड़ा 2025: उत्तराखंड की पत्रकारिता के तीन संपादक

साहित्‍य-संस्कृति
 हिमांशु जोशीहिंदी पखवाड़ा केवल भाषा का उत्सव नहीं, बल्कि उन लोगों को याद करने का समय भी है जिन्होंने हिंदी को समाज की सशक्त आवाज़ बनाया. उत्तराखंड जैसे छोटे से राज्य ने भी हिंदी पत्रकारिता को ऐसे तीन संपादक दिए जिनका काम राष्ट्रीय स्तर तक सम्मानित हुआ. राजीव लोचन साह ने नैनीताल समाचार के माध्यम से हिंदी को आंदोलनों और लोकसंस्कृति से जोड़ा. बद्रीदत्त कसनियाल ने अपनी ज़मीनी रिपोर्टिंग से पहाड़ के सवालों को हिंदी पत्रकारिता की मुख्यधारा में पहुँचाया. नवीन जोशी ने भले ही कर्मभूमि बाहर बनाई हो, लेकिन उनकी रचनाएं और संपादन उत्तराखंड की संवेदनाओं से जुड़कर हिंदी को नया विस्तार देते रहे. इन तीनों ने अपने-अपने तरीके से हिंदी पत्रकारिता को समृद्ध किया और उसे व्यवसाय नहीं बल्कि सामाजिक दायित्व साबित किया.राजीव लोचन साह: आंदोलन और पत्रकारिता का कॉकटेल 'नैनीताल समाचार' के संपादक...
बिन मां की तीन बेटियों की मुस्कान: जिला प्रशासन की पहल से मिली नई राह

बिन मां की तीन बेटियों की मुस्कान: जिला प्रशासन की पहल से मिली नई राह

देहरादून
हिमांतर ब्यूरो, देहरादूनकभी अपने घर के आंगन तक सीमित रह गईं काजल, रागिनी और प्रीति अब स्कूल की वर्दी पहनकर शिक्षा के मंदिर में कदम रख चुकी हैं. चेहरे पर झलकती यह मासूम मुस्कान केवल उनकी नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए उम्मीद का प्रतीक है. बीते दिनों यह तीनों बहनें, अपनी बड़ी बहन सरिता के साथ जिलाधिकारी संविन बंसल से मिली थीं. मां की डूबने से हुई असामयिक मृत्यु और पिता की बेरोज़गारी ने इन नन्हीं बालिकाओं से पढ़ाई का हक़ छीन लिया था. सरिता ने अपनी व्यथा डीएम को सुनाई, फीस चुकाने की सामर्थ्य न होने से तीनों बहनों की पढ़ाई छूट गई थी, और भविष्य अंधकार में डूबने लगा था.लेकिन प्रशासन ने त्वरित निर्णय लेते हुए इनकी ज़िंदगी की दिशा बदल दी. जिलाधिकारी के निर्देश पर काजल (कक्षा 5), प्रीति (कक्षा 4) और रागिनी (कक्षा 3) को राजकीय प्राथमिक विद्यालय, लाडपुर, रायपुर में प्रवेश दिलाया गया. वहीं सरिता...
पर्वत की चोट पर मरहम: मोरी आपदा क्षेत्र की जमीनी पड़ताल

पर्वत की चोट पर मरहम: मोरी आपदा क्षेत्र की जमीनी पड़ताल

उत्तरकाशी
  भूस्खलन से टूटे रास्ते, खतरे में गांव, और उम्मीदों के सहारे खड़े लोग नीरज उत्तराखंडी, पुरोला-मोरीजखोल. जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने रविवार को विकास खंड मोरी के आपदाग्रस्त क्षेत्र का भ्रमण किया. इस दौरान क्षेत्रीय विधायक दुर्गेश्वर लाल भी उपस्थित रहे. मानसून सीजन में विकास खंड मोरी के पर्वत एवं बंगाण क्षेत्र को जोड़ने वाली अनेक आंतरिक सड़क मार्ग भूस्खलन एवं भू-धसाव से जगह-जगह क्षतिग्रस्त हुई है. जिलाधिकारी ने अधिकारियों के साथ स्थलीय निरीक्षण कर जायजा लिया और अवरुद्ध सड़क मार्गों को युद्ध स्तर पर सुचारू करने के निर्देश दिए. अतिवृष्टि से किसान एवं बागवानों की फसलों के नुकसान का आंकलन करने के निर्देश मुख्य उद्यान अधिकारी एवं मुख्य कृषि अधिकारी को दिए. उन्होंने बद्रासु गांव में हुए भूस्खलन का निरीक्षण किया. क्षतिग्रस्त पेयजल,विद्युत लाइनों को ठीक कराने के साथ ही पानी और बिजली की ...
हिंदी भाषा के लिए कुछ मत करो, बस गर्व करो

हिंदी भाषा के लिए कुछ मत करो, बस गर्व करो

साहित्‍य-संस्कृति
  हिंदी दिवस (14 सितंबर) पर विशेषडॉ. प्रकाश उप्रेती हिंदी की दुनिया का लगातार विस्तार हो रहा है. इस दुनिया के साथ हिंदी के बाजार का भी विस्तार हो रहा है. इसमें 'हिंदी भाषा' का कितना विस्तार हो रहा है यह संदेहास्पद है! यह संदेह तब और गहरा हो जाता है जब हम देखते हैं कि हिंदी पट्टी के सबसे बड़े राज्य और सबसे अधिक 'हिंदी भाषा की खपत' वाले राज्य की बोर्ड परीक्षा में वर्ष 2019 में 10 लाख बच्चे और 2020 में 8 लाख बच्चे हिंदी में फेल हो जाते हैं. फिर भी हमें बताया जाता है कि हिंदी की इस स्थिति पर विचार करने की बजाय हिंदी पर गर्व करना होता है.“14 सितंबर को हिंदी का श्राद्ध होता है और हम जैसे  हिंदी के पंडितों का यही दिन होता जब हम सुबह से लेकर शाम तक बुक रहते हैं” हिंदी का व्यक्ति, हिंदी का अखबार, हिंदी के विज्ञापन, हिंदी के नेता, हिंदी के शिक्षक सभी हिंदी पर गर्व करने को कहते हैं क्य...
भाषा का स्वराज

भाषा का स्वराज

साहित्‍य-संस्कृति
  हिंदी दिवस (14 सितंबर) पर विशेषप्रो. गिरीश्वर मिश्र  भाषा हमारी अभिव्यक्ति का न केवल सबसे समर्थ माध्यम है बल्कि संस्कृति के निर्माण, संरक्षण, संचार और अगली पीढ़ी तक उसका हस्तांतरण भी बहुत हद तक उसी पर टिका होता है, भाषा संस्कृति की वासस्थली जो ठहरी. ज्ञान के साथ भी भाषा का रिश्ता गहन और व्यापक है क्योंकि भाषा में ही ज्ञान संजोया जाता है. भाषा की बदौलत मनुष्य अपने देश-काल की सीमाओं से परे जा कर नया सृजन भी कर पाता है. वस्तुत: भाषा मनुष्य की एक विलक्षण रचना है, एक ऐसी कृति जो नश्वर मनुष्य के आविष्कार और अभ्यास पर टिकी हो कर भी अत्यंत शक्तिशाली है . दुनिया क्या है और उस दुनिया में हम क्या कुछ कर सकते हैं यह सब बहुत हद तक भाषा की ही देन है. भाषा के लेंस से हम अपनी दुनिया को देखते-समझते हैं. उसी से वस्तुओं को पहचानते हैं, पारस्परिक संवाद करते हैं, प्रार्थना करते हैं और प्यार-मुहब्ब...
सीबीसी नैनीताल के बनाये पोषण गीत को देश को समर्पित करेंगे कोश्यारी

सीबीसी नैनीताल के बनाये पोषण गीत को देश को समर्पित करेंगे कोश्यारी

उधमसिंह नगर
 हिमांतर ब्यूरो, खटीमापूर्व राज्यपाल और मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी गुरुवार से खटीमा में पोषण माह अभियान की औपचारिक शुरुआत करेंगे. केंद्रीय संचार ब्यूरो, नैनीताल द्वारा आयोजित इस दो-दिवसीय कार्यक्रम में चित्र प्रदर्शनी और जागरूकता अभियान शामिल हैं. कार्यक्रम की नोडल अधिकारी शर्मिष्ठा बिष्ट ने बताया कि सीबीसी नैनीताल ने जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से एक पोषण गीत बनाया है, जिसे भगत सिंह कोश्यारी थारू विकास भवन खटीमा से देश को समर्पित करेंगे. यह गीत पोषण के महत्व को बढ़ावा देने और लोगों को जागरूक करने के लिए बनाया गया है.चेतना रथ को दिखाई झंडी नगर पालिका चेयरमैन रमेश जोशी और एसडीएम तुषार सैनी ने संयुक्त रूप से पोषण चेतना रथ को रवाना किया. यह रथ खटीमा के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर लोगों को पोषण के महत्व के बारे में जागरूक करेगा.प्रतियोगिताओं का आयोजन कार्यक्रम संयोज...