Author: Himantar

हिमालय की धरोहर को समेटने का लघु प्रयास
जोशीमठ डिग्री कॉलेज में 12 दिवसीय उद्यमिता विकास कार्यक्रम की शुरुआत

जोशीमठ डिग्री कॉलेज में 12 दिवसीय उद्यमिता विकास कार्यक्रम की शुरुआत

चमोली
जोशीमठ. राजकीय महाविद्यालय जोशीमठ में 12 दिवासीय देवभूमि उद्यमिता विकास कार्यक्रम का आज आगाज हुआ. दीप प्रज्ज्वलन के पश्चात कार्यक्रम का उदघाटन करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. चरण सिंह राणा ने कहा कि, 12 दिवसीय इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में 45 उद्यमियों को प्रशिक्षित किया जायेगा, साथ ही सभी प्रशिक्षनार्थियों का उद्यम आधार पंजीकरण भी किया जाएगा! उद्यमिता के बारे बताते हुए प्राचार्य डॉ राणा ने कहा की वर्तमान समय में स्वरोजगार से ही विकास संभव है, सरकारी नौकरियों के अवसर लगातार कम होटे जा रहे हैं, ऐसे में स्वरोजगार ही एक विकल्प है! कार्यक्रम के संयोजक श्री नंदन सिंह रावत ने बताया की- उद्यमिता विकास संसथान,अहमदाबाद- के सौजन्य यह प्रशिक्षण स्वरोजगार की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा!उद्यमिता विकास संस्थान के प्रशिक्षक जयदीप किशोर ने प्रशिक्षार्थियों को संबोधित करते हुए बताया की, वर्तमा...
यात्रा की तैयारियां जोरों पर, श्रीकेदारनाथ धाम में हैलीपैड के रास्तों से श्रमिकों द्वारा हटाई गई बर्फ

यात्रा की तैयारियां जोरों पर, श्रीकेदारनाथ धाम में हैलीपैड के रास्तों से श्रमिकों द्वारा हटाई गई बर्फ

रुद्रप्रयाग
वर्ष-2024 की श्री केदारनाथ धाम की यात्रा को सुगम एवं सुव्यवस्थित ढंग से संचालित करने के लिए जिलाधिकारी सौरभ गहरवार ने यात्रा व्यवस्थाओं से जुड़े अधिकारियों को जो भी तैयारियां एवं व्यवस्थाएं की जानी हैं उन सभी व्यवस्थाओं को समय से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। इसी क्रम में डीडीएमए द्वारा केदारनाथ यात्रा मार्ग से बर्फ हटाने का कार्य तत्परता से किया जा रहा है तथा केदारनाथ धाम हैलीपैड़ तक मार्ग से 3 फीट बर्फ हटाने का कार्य कर लिया गया है। अधिशासी अभियंता डीडीएमए विनय झिंक्वाण ने अवगत कराया है कि जिलाधिकारी के निर्देशन में केदारनाथ यात्रा मार्ग से बर्फ हटाने का कार्य 04 मार्च से ही शुरू कर दिया गया था। जिसमें बर्फ हटाने के लिए लगभग 95 श्रमिक तैनात किए गए हैं। उन्होंने कहा कि रामबाड़ा से छोटी लिनचोली, बड़ी लिनचोली, भैंंरो ग्लेशियर, कुबेर ग्लेशियर आदि स्थानों से 50 से 80 फीट तक की लंबाई एवं 10...
वसंतोत्सव और होली पर मातृशक्ति ने दी प्रभावी प्रस्तुतियां

वसंतोत्सव और होली पर मातृशक्ति ने दी प्रभावी प्रस्तुतियां

दिल्ली-एनसीआर
पर्वतीय लोकविकास समिति के 20 वें स्थापना दिवस पर " बौड़ि ऐजा" और अनमोल सूक्तियां का लोकार्पण नोएडा सैक्टर 62 स्थित प्रेरणा मीडिया सेंटर में भारतीय गांवों एवं पर्वतीय क्षेत्रों के कल्याण में समर्पित संस्था पर्वतीय लोकविकास समिति का 20वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया जाएगा। समारोह का उद्घाटन दीप प्रज्ज्वलित कर सुप्रसिद्ध,चिंतक, मीडिया, विशेषज्ञ और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के उत्तर क्षेत्र प्रचार प्रमुख श्री कृपा शंकर ने किया। समारोह की इस शुभारंभ बेला में आचार्य महावीर नैनवाल और डॉ.मनोज डिमरी ने वैदिक मंगलाचरण प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में सर्वप्रथम राष्ट्रोक्ति द्वारा प्रकाशित कवि बीर सिंह राणा के गढ़वाली काव्य संग्रह "बौड़ि ऐजा" और शीर्ष प्रशासनिक अधिकारी श्री राजेंद्र प्रसाद द्वारा संकलित "अनमोल सूक्तियां" ग्रंथ का लोकार्पण किया गया। श्री कृपा शंकर ने समिति को दो दशक की सफल यात्रा पर बध...
इस बार हर्बल रंगों के साथ खेलें होली…

इस बार हर्बल रंगों के साथ खेलें होली…

उत्तराखंड हलचल
ऋषिकेश की ईशा चौहान दे रहीं हैं महिलाओं को हर्बल रंग बनाने का प्रशिक्षण ईशा चौहान द्वारा कई समूह की महिलाओं के साथ स्थानीय महिलाओं को इन रंगों के बारे में उनकी शुद्धता व गुणवत्ता को कैसे बनाए रखना है उसके बारे में बताया गया। उनके द्वारा अभी तक 6 ग्राम संगठन 15 समूह को हर्बल बनाने का निशुल्क प्रशिक्षण दिया गया है और हरिपुर, श्यामपुर, खदरी, गड़ी मयचक के समूह व संगठन के लोग इन रंगों को बनाकर अपनी आजीविका का संवर्धन कर रहे हैं। जिसके लिए महिलाओं को सशक्त कर रोजगार से जोड़ने हेतु उत्तराखंड के राज्यपाल द्वारा सम्मानित भी किया गया चुका है। अभी वर्तमान में नारी शक्ति महोत्सव देहरादून 2024 में उनके द्वारा उत्तराखंड मुख्यमंत्री के समक्ष रिंगाल के प्रोडक्ट बनाने का लाइव प्रसारण भी दिया गया है। जिसके लिए एनआरएलएम ब्लॉक डोईवाला द्वारा सक्रिय महिला के रूप में उन्हें सम्मानित भी किया गया। ईशा चौहान भीमल...
मोदी के डिजिटल इंडिया के ‘ब्रांड एंबेसडर’ बने टीएसआर

मोदी के डिजिटल इंडिया के ‘ब्रांड एंबेसडर’ बने टीएसआर

देहरादून
पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने नामांकन के लिए ऑनलाइन विकल्प चुन कर पेश की नजीर देहरादून। नामांकन कराने के लिए जाते हुए ना कोई शोर-शराबा, ना शक्ति प्रदर्शन और ना यातायात जाम करते हुए रोड शो, बल्कि हरिद्वार में भाजपा के चुनाव कार्यालय में बैठकर ऑनलाइन विकल्प से नामांकन कराकर पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा प्रत्याशी त्रिवेंद्र सिंह रावत ने शुक्रवार को एक नजीर पेश कर दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया के नारे पर अमल करते हुए वह इस अभियान के 'ब्रांड एंबेसडर' साबित हुए। खास बात ये है कि इस विकल्प को चुनने का त्रिवेंद्र सिंह रावत ने खुद ही निर्णय लिया था। रावत का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वजह से डिजिटल क्रांति आ गई है। नामांकन के लिए यह विकल्प उन्होंने डिजिटल इंडिया के निर्णय से प्रभावित होकर चुना है।दरअसल, लोकसभा चुनाव में पहली बार भारत निर्वाचन आयोग ने प्रत...
31 महिलाओं को मनबीर कौर चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा किया गया सम्मानित

31 महिलाओं को मनबीर कौर चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा किया गया सम्मानित

देहरादून
श्रीमती गौरा देवी सम्मान समारोह - 2024हिमांतर ब्यूरो, देहरादूनअंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के माह के साथ विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय योगदान देने वाली 31 महिलाओं को मनबीर कौर चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा 22 मार्च को जनरल महादेव सिंह रोड स्थित होटल लिगेसी प्राइम में - चिपको आन्दोलन की प्रणेता  श्रीमती गौरा देवी सम्मान समरोह द्वारा सम्मानित किया गया! मनबीर कौर चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमती रमनप्रीत कौर ने बताया कि - उनके ट्रस्ट द्वारा देश भर की 31 ऐसे महिलाओं को सम्मानित किया जा रहा है जो चुपचाप- सामाजिक, महिला अधिकार, महिला स्वास्थ्य, पर्यावरण, आजीविका वर्धन, लेखन, खेल कूद और स्वरोजगार के क्षत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रही हैं.कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि बोलते हुए राज्य मंत्री श्रीमती विनोद उनियाल ने महिलाओं का आह्वाहन करते हुए कहा कि पर्यावरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दे...
सूख न जाएं कहीं पहाड़ों के प्राकृतिक जलस्रोत : नौल व धार

सूख न जाएं कहीं पहाड़ों के प्राकृतिक जलस्रोत : नौल व धार

जल-विज्ञान
अंतरराष्ट्रीय जल दिवस पर विशेष चन्द्रशेखर तिवारी उत्तराखण्ड के पहाड़ी इलाकों में प्राकृतिक जलस्रोत नौल तथा ’धार्’ अथवा ’मंगरा’ के रुप में मिलते हैं। यहां के गांवो में नौल का सामाजिक, ऐतिहासिक व सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपर्ण स्थान रहा है। यहां के कई नौल अत्यंत प्राचीन हैं। इतिहासविदों के अनुसार उत्तराखंड के कुमांऊ अंचल में स्थित अधिकांश नौल मध्यकाल से अठारहवीं शती ई. के बने हुए हैं। चम्पावत के समीप एक हथिया ’नौल्’, बालेश्वर का नौल, गणनाथ का उदिया नौल, पाटिया का स्यूनराकोट नौल तथा गंगोलीहाट का जाह्नवी नौल सहित कई अन्य नौलअपनी स्थापत्य कला के लिए आज भी प्रसिद्ध हैं। कहा जाता है कि कभी अल्मोड़ा नगर में एक समय 300 से अधिक ’नौल’ थे, जिनका उपयोग नगरवासियों द्वारा शुद्ध पेयजल के लिए किया जाता था। कुमाऊं अंचल के कई गांवों अथवा मुहल्लों का नामकरण ’नौल’ व ’धार्’ के नाम पर मिलता है यथा- पनुवानौल्...
क्या असमान वार्मिंग से हो रहा है वसंत का अंत? 

क्या असमान वार्मिंग से हो रहा है वसंत का अंत? 

पर्यावरण
क्लाइमेट सेंट्रल के एक नए विश्लेषण से भारत के सर्दियों के तापमान में एक चिंताजनक प्रवृत्ति का पता चलता है. जहां एक ओर पूरे देश में सर्दियाँ तो पहले से गर्म हो रही हैं, वहीं तापमान बढ़ने की दर, क्षेत्र, और महीने की बात करें तो उसमें एक जैसी प्रवृत्ति नहीं. इस असमान वार्मिंग पैटर्न के कारण भारत के कुछ हिस्सों में वसंत का मौसम कम दिनों में सिमट रहा है.  ग्लोबल वार्मिंग का भारत पर प्रभाव  यह अध्ययन साल 1970-2023 की अवधि पर केंद्रित था. इसमें पाया गया कि ग्लोबल वार्मिंग, जो मुख्य रूप से फोस्सिल फ्यूल जलाने से बढ़ते कार्बन डाइऑक्साइड एमिशन से प्रेरित है, ने भारत के सर्दियों के मौसम (दिसंबर-फरवरी) को काफी प्रभावित किया है. विश्लेषण किए गए प्रत्येक क्षेत्र में 1970 के बाद से सर्दियों के तापमान में शुद्ध वृद्धि देखी गई. हालाँकि, वार्मिंग की भयावहता काफी भिन्न थी.  पूर्वोत्तर भारत तेजी से गर्म हो...
उत्तराखंड की पृष्ठभूमि पर ‘देवभूमि’ नाटक का सफल मंचन

उत्तराखंड की पृष्ठभूमि पर ‘देवभूमि’ नाटक का सफल मंचन

कला-रंगमंच
हिमांतर ब्यूरोनई दिल्ली। राष्ट्रीय व वैश्विक फलक पर तथा ओलम्पिक थिएटर तक का सफर तय कर चुकी वर्ष 1968 में स्थापित सांस्कृतिक संस्था पर्वतीय कला केन्द्र दिल्ली द्वारा 18 मार्च 2024 को मंडी हाउस स्थिति एल टी जी सभागार नई दिल्ली में उत्तराखंड की पृष्ठभूमि पर चंद्र मोहन पपनै द्वारा लिखित हिंदी नाटक 'देवभूमि' का प्रभावशाली मंचन खचाखच भरे सभागार में सुमन वैद्य के कुशल निर्देशन में मंचित किया गया।उत्तराखंड की पृष्ठभूमि पर गीत, संगीत, नृत्य व संवाद आधारित मंचित किए गए 'देवभूमि' नामक हिंदी नाटक का कथासार उत्तराखंड के आध्यात्म, जनजीवन, वीरता की मिशाल, पर्यावरण, महिलाओं के कठिन परिश्रम तथा ग्रामीणों की अंचल की परंपराओं के प्रति निष्ठा व विश्वास, रोजगार व उद्योगों के अभाव, व्याप्त विकृतियों व उनके समाधान से परिपूर्ण था। मंचित नाटक रंगमंच की हर विधा से ओतप्रोत, अति प्रभावशाली व उच्च स्तरीय था। ख...
डॉ. हरीश रौतेला बनें सह क्षेत्र संपर्क प्रमुख

डॉ. हरीश रौतेला बनें सह क्षेत्र संपर्क प्रमुख

देश—विदेश
डॉ. हरीश रौतेला राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक रहे हैं और अब उन्हें सह क्षेत्र संपर्क प्रमुख बनाया गया है. वह अपनी सरलता, सौम्यता और सादगी के लिए लोकप्रिय है. डॉ हरीश रौतेला का मानना है कि वर्तमान युग पढ़ने का ही नहीं बल्कि शोध का भी युग है. वह कहते हैं कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ व्यक्ति निर्माण का कार्य करता है. व्यक्ति का निर्माण हो गया तो राष्ट्र का निर्माण हो जाएगा. हरीश रौतेला पर्यावरण सुरक्षा और प्रदूषण मुक्त भारत के स्वप्न को साकार करने में जुटे हैं. उनकी शख्सियत चकाचौंध से दूर रहकर अपने कार्य में जुटे रहने वालों की है. उत्तराखंड के लोकपर्व हरेला को वैश्विक बनाने में भी डॉ. हरीश रौतेला का महत्वपूर्ण योगदान है. उन्हें इस लोकपर्व से बेहद लगाव है और वह चाहते हैं कि हरेला से हर व्यक्ति सीख ले और पर्यावरण का संरक्षण करे. डॉ. हरीश रौतेला हरेला पर वृक्षारोपण करते हैं और लोगों को...