Author: Himantar

हिमालय की धरोहर को समेटने का लघु प्रयास
टिहरी : बंगशील से ओडारशु मोटर मार्ग के दशरथ मांझी और चिपको की गौरा बन ग्रामीण बना रहे सड़क!

टिहरी : बंगशील से ओडारशु मोटर मार्ग के दशरथ मांझी और चिपको की गौरा बन ग्रामीण बना रहे सड़क!

टिहरी गढ़वाल
जेपी मैठाणीआजकल के समय में जब विकास और मूलभूत आवश्यकताओं के आवरण में जनशक्ति एकजुट हो जाए तो फिर राह में कोई काँटा नहीं बिछा सकता. इस एकजुटता का एक बड़ा उदाहरण पट्टी पालीगाड़ के साथ साथ दशजूला जैसी चार पट्टियों के ग्रामीणों ने ख़ुद यहाँ पर संपर्क मार्ग तैयार कर स्थापित करने की जिद्द के साथ स्थापित कर दिया है. पिछले कुछ दिनों से जब पहाड में भारी बर्फ़बारी और बारिश की खबर से ही ठण्ड का आभास हो रहा है तब कडाके की ठंड में भी उत्तराखंड के टिहरी जिले के ग्रामीणों ने दशरथ मांझी की तर - कुदालें, फावड़े, सब्बल, रैक, गैंती, दरांती और थमाली के सहारे बंगशील से ओडारशु गाँव से ओडार्सू मोटर-मार्ग/ संपर्क मार्ग के निर्माण के लिए कमर कसी हुई है, गौरतलब है कि, इस क्षेत्र के ग्रामीण बड़े लम्बे समय से बंगशील से ओडारशु के एक छोटे से मोटर मार्ग के निर्माण के लिए मांग कर रहे हैं और संघर्ष कर रहे हैं और कड़ाके क...
गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में बर्फबारी जारी!

गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में बर्फबारी जारी!

उत्तरकाशी
जिलाधिकारी डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट दिए ने पर्यटकों की सुरक्षा एवं सुविधाओं का पूरा ध्यान रखेने के निर्देशनीरज उत्तराखंडी, उत्तरकाशीजनपद मुख्यालय उत्तरकाशी सहित जिले के सभी तहसील क्षेत्रों में आज दिनभर हल्की वर्षा तथा जिले के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फवारी का सिलसिला जारी है. बर्फबारी जारी रहने से गंगोत्री-यमुनोत्री धाम सहित यमुना जी के शीतकालीन प्रवास स्थल खरसाली एवं गंगा जी के शीतकालीन प्रवास मुखवा गांव सहित जिले के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में स्थित अनेक गांव बर्फ से ढक गए हैं. हिमाच्छादित क्षेत्रों की सड़कों पर यातायात सुचारू बनाए रखने के लिए मशीनों एवं श्रमिकों की तैनाती के फलस्वरूप जिले की अधिकांश सड़कें बर्फबारी के बावजूद सामान्य दिनों की तरह खुली रहीं. हर्षिल क्षेत्र के आखिरी गांव मुखवा एवं धराली तक विद्युत आपूर्ति भी सुचारू है.हर्षिल एवं सांकरी क्षेत्र में इन दिनों काफी स...
पीएचडी की उपाधि से सम्मानित हुए आचार्य सुरेश उनियाल जी महाराज

पीएचडी की उपाधि से सम्मानित हुए आचार्य सुरेश उनियाल जी महाराज

दिल्ली-एनसीआर
कोलम्बिया पेसिफ़िक्र वर्चुवल यूनिवर्सिटी द्वारा प्रदान की गई डॉक्टरेट की मानद उपाधि सीमांत जनपद उत्तरकाशी की यमुना घाटी के नौगांव ब्लॉक, ग्राम डेल्डा बनाल गांव निवासी राज ऋषि यमुना पुत्र सुरेश उनियाल जी महाराज व्याकृणाचार्य, श्री यमुना गोलोक धाम के अध्यक्ष श्री महाराज जी को कोलम्बिया पेसिफ़िक्र वर्चुवल यूनिवर्सिटी द्वारा ज्योतिष (एस्ट्रोलॉजर) गणित फलादेश इस विषय पर पीएचडी की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया है. पूज्य महाराज डॉ सुरेश उनियालजी अनेक धर्म एवं सामाजिक कार्यों में अपना भरपूर योगदान देते हैं. वह देवी भागवत, राम कथा, शिवपुराण सहित सभी 18 पुराणों पर देश विदेश में प्रवचन देते हैं. यमुना पुत्र सुरेश उनियाल जी महाराज एक सुप्रसिद्ध कथावक्ता हैं. वह भारत सहित अमेरिकी देशों में कथा प्रवचन देते आए हैं.डॉ सुरेश उनियाल जी महाराज एक सुप्रसिद्ध कथा वाचक हैं, वे श्रीमद् भागवत कथा, भागवत्, ...
उत्तराखंड के सामाजिक-सांस्कृतिक परंपराओं का वाहक है चूड़ा

उत्तराखंड के सामाजिक-सांस्कृतिक परंपराओं का वाहक है चूड़ा

लोक पर्व-त्योहार
जे. पी. मैठाणी/अनीता मैठाणी उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में धान की कटाई मैदानी क्षेत्रों की अपेक्षा जल्दी शुरू हो जाती है. पर्वतीय क्षेत्रों में प्रमुखतः किंणस्यालू, सुखनन्दी, डिमर्या, बर्मा, लाल साटी सहित कुछ अन्य प्रजातियों को चूड़ा बनाने के लिए उपयुक्त माना जाता है. अगर किसी भी घर-परिवार में चूड़ा कूटे जा रहे हैं या बनाए जा रहे हैं तो आप समझ लीजिए या तो ये बार-त्यौहार का अवसर होगा और या तो कोई न कोई खुशखबरी होगी. वैसे तो वर्ष में एक बार जैसे दीपावली के आसपास अमीर-गरीब सभी के घरों में धान के चूड़े बनाये जाते हैं. क्योंकि दीपावली के समय ही उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में धान की लवाई-मंडाई के बाद साटी/धान के बुखणे और चूड़ा बनाया जाता है. नये धान से बनाए गये चूड़े को सबसे पहले भूमि के देवता भूम्याल, स्थानीय ईष्ट देव के साथ-साथ घर की चारों दिशाओं में थोड़ा-थोड़ा छिटक कर अर्पित किया जाता है. ...
राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय फलक पर ख्याति प्राप्त सांस्कृतिक संस्था ‘पर्वतीय कला केंद्र’ दिल्ली का चुनाव सम्पन्न

राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय फलक पर ख्याति प्राप्त सांस्कृतिक संस्था ‘पर्वतीय कला केंद्र’ दिल्ली का चुनाव सम्पन्न

दिल्ली-एनसीआर
हिमांतर ब्यूरो, नई दिल्लीराष्ट्रीय व वैश्विक फलक पर उत्तराखंड की ख्यातिप्राप्त सांस्कृतिक संस्था 'पर्वतीय कला केंद्र, दिल्ली' का चुनाव 22 दिसंबर 2024 को उत्तराखंड सदन, चाणक्य पुरी  नई दिल्ली में चुनाव अधिकारी हिंदी अकादमी दिल्ली सरकार के पूर्व सचिव डा.हरि सुमन बिष्ट व उत्तराखंड की ख्याति प्राप्त प्रतिनिधि संस्था 'पहाड़' के दिल्ली प्रभारी चंदन डांगी की देख-रेख में सम्पन्न हुआ. 'पर्वतीय कला केंद्र' के अध्यक्ष पद पर सी एम पपनैं, उपाध्यक्ष पद पर क्रमश: चन्द्रा बिष्ट व बबीता पांडे महासचिव चंदन डांगी, सचिव कैलाश पांडे, सह-सचिव क्रमश: लक्ष्मी महतो, के एस बिष्ट व खिलानंद भट्ट, कोषाध्यक्ष दीपक जोशी तथा उप-कोषाध्यक्ष पद पर खुशहाल सिंह रावत चुने गए. कार्यकारिणी सदस्यों में महेंद्र सिंह लटवाल, डॉ.हेमा उनियाल, डॉ.के सी पांडे, नीलम राना, भूपाल सिंह बिष्ट, गोपाल पांडे, भुवन रावत, अनुकम्पा बिष्ट, हर...
नीति आयोग की रैंकिंग में उत्तरकाशी के मोरी ब्लॉक को राज्य में दूसरा और देशभर में 44वाँ स्थान

नीति आयोग की रैंकिंग में उत्तरकाशी के मोरी ब्लॉक को राज्य में दूसरा और देशभर में 44वाँ स्थान

उत्तरकाशी
आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम (एबीपी) के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण उपलब्धिनीरज उत्तराखंडी, पुरोला, उत्तरकाशीआकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम (एबीपी) के क्रियान्वयन में उत्तरकाशी जिले के मोरी ब्लॉक को राज्य में दूसरी तथा देशभर के 500 ब्लॉकों में 44वीं रैंक मिली है. समग्र विकास की नीति आयोग की कसौटी पर बेहतर प्रदर्शन करने पर मोरी ब्लॉक और उत्तरकाशी जिले को यह महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है.जिले के मोरी विकास खंड को देशभर के 500 ब्लाकों के साथ आकांक्षी विकास खंड कार्यक्रम के लिए चुना गया है. केन्द्र सरकार के द्वारा राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन के सहयोग से संचालित इस योजना के तहत स्वास्थ्य एवं पोषण, शिक्षा, कृषि एवं संबद्ध सेवाएँ, बुनियादी ढांचे व सामाजिक विकास के तय संकेतकों की कसौटी पर आकांक्षी विकास खंड को पूरी तरह से संतृप्त करने की मुहिम चलाई जा रही है.मुख्य विकास अधिकारी एसएल सेमव...
पद्मभूषण दादा बनारसी दास चतुर्वेदी स्मृति- ‘मुनि ब्रह्म गुलाल नाट्यश्री अलंकरण’ से सम्मानित होंगे महावीर रवांल्टा

पद्मभूषण दादा बनारसी दास चतुर्वेदी स्मृति- ‘मुनि ब्रह्म गुलाल नाट्यश्री अलंकरण’ से सम्मानित होंगे महावीर रवांल्टा

उत्तरकाशी
नीरज उत्तराखंडी, पुरोला      साहित्य की विभिन्न विधाओं में अपने लेखन के जरिए अपनी खास पहचान बना चुके साहित्यकार महावीर रवांल्टा को प्रज्ञा हिन्दी सेवार्थ संस्थान ट्रस्ट-फिरोजाबाद (उ प्र) द्वारा पद्म भूषण दादा बनारसी दास चतुर्वेदी स्मृति-'मुनि ब्रह्म गुलाल नाट्यश्री अलंकरण' से सम्मानित किया जाएगा. यह सम्मान उन्हें 22-23 फरवरी 2025 को फिरोजाबाद में आयोजित षष्ठ राष्ट्रीय प्रज्ञा सम्मान समारोह में प्रदान किया जाएगा. संस्थान के प्रबंध सचिव से मिली जानकारी के अनुसार इस सम्मान में उन्हें प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिन्ह, अंगवस्त्र व नगद राशि भेंट की जाएगी. महावीर रवांल्टा को यह सम्मान उनकी नाट्य कृति 'एक प्रेमकथा का अंत' के लिए दिया जा रहा है जो रवांई क्षेत्र की सुप्रसिद्ध लोकगाथा 'गजू-मलारी' पर आधारित है. उपन्यास, कहानी, कविता,लोक साहित्य, व्यंग्य, लघुकथा,आलेख,आलेख, समीक्षा, साक्षात्कार जैसी अन...
मुख्यमंत्री ने किया प्रथम सोलर मेला “सौर कौथिग” का शुभारंभ

मुख्यमंत्री ने किया प्रथम सोलर मेला “सौर कौथिग” का शुभारंभ

देहरादून
2026 तक कुल 250 मेगावाट क्षमता वाले सोलर प्लांट्स की स्थापना करने का लक्ष्य मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को रेंजर्स ग्राउण्ड देहरादून में ‘ उत्तराखण्ड के प्रथम सोलर मेले दो दिवसीय ‘सौर कौथिग’ का शुभारंभ किया. इस अवसर पर उन्होंने पीएम सूर्यघर योजना, मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना और सोलर वाटर हीटर योजना के लाभार्थियों को अनुदान राशि के चेक प्रदान करने के साथ ही यूपीसीएल मुख्यालय में बनाई गई सौर ऊर्जा आधारित म्यूरल आर्ट का लोकार्पण भी मुख्यमंत्री ने किया. मुख्यमंत्री ने सौर ऊर्जा जन जागरूकता के लिए चलाई जा रही सोलर वैन को भी हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया. इसके माध्यम में आगामी सौ दिनों तक सोलर ऊर्जा से संबंधित विभिन्न जानकारी लोगों को दी जायेगी. साथ ही विभिन्न स्टॉल पर जाकर सौर ऊर्जा के क्षेत्र में किए जा रहे नवोन्मेषी प्रयोगों की जानकारी ली. सौर कौथिग को संबोधित करते हुए मुख्यमंत...
‘विकसित भारत 2047’ हकीकत या दिवास्वप्न

‘विकसित भारत 2047’ हकीकत या दिवास्वप्न

साहित्‍य-संस्कृति, समसामयिक
नेत्रपाल सिंह यादव निदेशक पॉलिसी & रिसोर्स मैनेजमेंट सेंटर भारत 2047 में अपनी स्वतंत्रता की शताब्दी के जैसे-जैस करीब पहुंच रहा है, ऐसे में यह देश एक निर्णायक मोड़ पर खड़ा है. 2047 तक भारत को एक विकसित देश में बदलने का महत्वाकांक्षी एजेंडा, जिसे “नए भारत” के रूप में जाना जाता है. एक व्यापक खाका है जिसमें आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरणीय स्थिरता शामिल है. यह आलेख एंथ्रोपोलॉजिकल लेंस से इस विज़न के महत्वपूर्ण पहलुओं पर गहराई से चर्चा करता है. सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक विकास तथा सामाजिक-सांस्कृतिक गतिशीलता एवं मानव विकास के समग्रता का संपूर्णता में विश्लेषण करता है. आधुनिक विकास के मानकों में आर्थिक विकास स्थिति की भूमिका का महत्वपूर्ण योगदान रहता हैं जिसके तहत किसी भी राष्ट्र या आधुनिक राज्य (Nation & State) की वहां के नागरिक की ‘प्रति व्यक्ति आय’ (Per capita income) से ज...
उत्तराखंड में रोजगार की रीढ़ बन सकती है : माल्टा और संतरे की खेती

उत्तराखंड में रोजगार की रीढ़ बन सकती है : माल्टा और संतरे की खेती

खेती-बाड़ी
उत्तराखंड के गांवों में खुद बनाएं माल्टा और संतरा प्रजाति की पारिवारिक नर्सरियांजे. पी. मैठाणी एक कोशिश आप सभी कीजिये एक हम भी कर रहे हैं - ये सभी फोटो हमारे एक फल संरक्षण केंद्र - पीपलकोटी के हैं - जिसका संचालन हमारी प्रशिक्षक श्रीमती भुवना देवी कर रही हैं. आजकल पूरे पहाड़ में अलग अलग स्थानों पर छोटे बड़े केन्द्रों पर ग्रामीण और युवा उद्यमी फल संरक्षण केंद्र के रूप में काम कर रहे हैं. इन केन्द्रों पर लोग दूर दूर से आते हैं- संतरा, कागजी नीम्बू, हिल लेमन यानी गलगल आदि फलों को जूस या स्क्वाश बनवा कर अपने अपने गांवों को वापस चले जाते हैं, लेकिन अगर इस फल संरक्षण केन्द्रों पर कोई भी ग्रामीण उद्यमी, युवा आदि जूस निकलने के बाद फलों के पल्प से बीज अलग निकाल कर अपने अपने गाँव ले जाकर अगर छोटी-छोटी नर्सरी बना दें तो बीजू पौधों की एक बढ़िया नर्सरी जिसमे 200 से लेकर 1000 तक बीजू पौधे हर गाँव में उ...