Author: Himantar

हिमालय की धरोहर को समेटने का लघु प्रयास
उत्तराखंड में 28 जनवरी से 14 फरवरी तक होंगे नेशनल गेम्स!

उत्तराखंड में 28 जनवरी से 14 फरवरी तक होंगे नेशनल गेम्स!

देहरादून
युद्धस्तर पर तैयारी, आयोजन की सफलता को पांच कमेटियों का गठन देहरादून. उत्तराखंड में 38वें नेशनल गेम्स के आयोजन की तारीख पर भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) ने अपनी अंतिम मुहर लगा दी है. संघ की ओर से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को एक पत्र के माध्यम से यह सूचना दी गई है. आयोजन को सफल बनाने के लिए पांच विभिन्न कमेटियों का गठन भी भारतीय ओलंपिक संघ की ओर से कर दिया गया है.उत्तराखंड में 38वें नेशनल गेम्स बेहद सफल और ऐतिहासिक होंगे. इस राष्ट्रीय खेल महाकुंभ के लिए उत्तराखण्ड पूरी तरह से तैयार है. राज्य सरकार इस आयोजन को यादगार बनाने में कोई भी कोर कसर बाकी नहीं रखेगी. जिन राज्यों में पिछले राष्ट्रीय खेल हुए हैं, उनके अनुभवों के आधार पर उत्तराखंड में राष्ट्रीय खेल बेहतर ढंग से आयोजित किए जाएंगे. हमारा प्रयास होगा कि उत्तराखण्ड में राष्ट्रीय खेलों का आयोजन अभी तक हुए राष्ट्रीय खेलों से बेहतर हो. -...
उत्तराखंड राज्य अतिथि गृह ‘उत्तराखंड निवास’ का नई दिल्ली में मुख्यमंत्री ने किया लोकार्पण

उत्तराखंड राज्य अतिथि गृह ‘उत्तराखंड निवास’ का नई दिल्ली में मुख्यमंत्री ने किया लोकार्पण

दिल्ली-एनसीआर
उत्तराखंड निवास में राज्य की संस्कृति, लोक कला और वास्तुकला का किया गया है समावेश नई दिल्ली. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज नई दिल्ली के चाणक्यपुरी में उत्तराखंड राज्य अतिथि गृह ‘उत्तराखंड निवास’ का लोकार्पण किया. इस भव्य उत्तराखंड निवास का निर्माण लगभग 120 करोड़ 52 लाख की लागत से किया गया है. इस अवसर पर सबसे पहले मुख्यमंत्री ने अल्मोड़ा जनपद के मार्चुला बस दुर्घटना में दिवंगत आत्माओं की शांति और उनके परिवारजनों को धैर्य प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की. सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज हम सब उत्तराखंड निवास के लोकार्पण के ऐतिहासिक पल के साक्षी बन रह हैं. उत्तराखंड निवास में राज्य की संस्कृति, लोक कला और वास्तुकला का समावेश किया गया है. उत्तराखंड की अद्वितीय कला की छाप उत्तराखंड निवास संजोये हुए है. इसकी दीवार पारंपरिक रूप से पहाड़ी शैली के सुंदर पत्थरों से निर्मित है, जो हमारी सा...
एक होटल, जहां टीवी और म्यूजिक सिस्टम कुछ नहीं चलता!

एक होटल, जहां टीवी और म्यूजिक सिस्टम कुछ नहीं चलता!

देहरादून
विजेन्द्र रावत, चकराता से प्रसिद्ध हिल स्टेशन चकराता से मात्र 6 किलोमीटर दूर टाइगर फाल रोड़ पर आठ एकड़ में फैले सेब के बाग के बीच में पहाड़ी शिल्प से बना एक शानदार होटल नजर आता है, नाम है “किमौना हिमालयन पैराडाइज”। दर्जन कमरों का यह होटल प्रकृति, जीव जन्तुओं व संस्कृति प्रेमियों की पसंदीदा जगह है, इसलिए 20-25 वर्षों से इनके बड़ी संख्या में नियमित ग्राहक बन गये हैं। इस होटल के शानदार कमरों में न टीवी है और न किसी प्रकार के म्यूजिक सिस्टम।अंधेरा होते ही होटल की बाहरी लाइटें बंद हो जाती है, मुश्किल से ज़ीरो वाट के अति आवश्यक एक आध वल्व ही टिमटिमाते नजर आते हैं। पूरा होटल अंधेरे में समा जाता है। इसका उद्देश्य इस क्षेत्र के सैकड़ों जंगली जीव जंतुओं के रहने में किसी तरह की खलल न पड़े।चकराता का एक इनवायरमेंट फ्रेंडली आलीशान होटल, आठ एकड़ सेब के बाग में स्थित ग्राहकों को मिलती है खुद क...
भैयादूज के दिन दोपहर 12.05 मिनट पर बद होंगे यमुनोत्री धाम के कपाट

भैयादूज के दिन दोपहर 12.05 मिनट पर बद होंगे यमुनोत्री धाम के कपाट

उत्तरकाशी
शीतकाल के लिए बंद हुए गंगोत्री धाम के कपाट चारधामों में प्रसिद्ध प्रथम यमुनोत्री धाम के कपाट भैयादूज के पर्व पर दोपहर 12.05 मिनट पर बंद होंगे. यमुनोत्री धाम में भी कपाट बंद होने की तैयारियां शुरू हो गई हैं. कल 03 नवम्बर को यमुनोत्री धाम के कपाट बंद होने के बाद मां यमुना की उत्सव मूर्ति खरसाली गांव के लिए रवाना होगी. जहां स्थित मां यमुना मंदिर में शीतकाल के दौरान श्रद्धालु मां यमुना के दर्शन व पूजा अर्चना कर सकेंगे. दोनों धामों के साथ शीतकालीन पड़ावों को फूलों से सजाया संवारा गया है. वहीं आज 02 नवम्बर को अन्नकूट पर्व गंगोत्री धाम के कपाट शीतकाल के लिए दोपहर 12.14 मिनट पर बंद कर दिए गए। कपाट बंद होने के बाद मां गंगा के दर्शन उनके शीतकालीन पड़ाव मुखबा स्थित गंगा मंदिर में होंगे.गंगोत्री धाम के कपाट बंद होने के मौके पर धाम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे. हर-हर गंगे.. जय मां गंगे के ...
दीपावली विशेष : शुभ हो लाभ!

दीपावली विशेष : शुभ हो लाभ!

लोक पर्व-त्योहार
प्रो. गिरीश्वर मिश्र, शिक्षाविद् एवं पूर्व कुलपति इस क्षण भंगुर संसार में उन्नति और अभिवृद्धि सभी को प्रिय है. साथ ही यह बात भी बहुत हद तक सही है कि इसका सीधा रिश्ता वित्तीय अवस्था से होता है. पर्याप्त आर्थिक संसाधन के बिना किसी को इच्छित सिद्धि नहीं मिल सकती. लोक की रीति को ध्यान में रखते कभी भर्तृहरि ने अपने नीति शतक में कहा था कि सभी गुण कंचन अर्थात् धन में ही समाए हुए हैं. धनी व्यक्ति की ही पूछ होती है, वही कुलीन और सुंदर कहा जाता है, वही वक्ता और गुणवान होता है, उसी की विद्वान के रूप में प्रतिष्ठा मिलती है. इसलिए जीवन में सभी इसी का उद्यम करते रहते हैं कि आर्थिक समृद्धि निरंतर बढ़ती रहे.लक्ष्मी-गणेश की शुभ मुहूर्त में पूजा और घर में दीप जलाने के आयोजन के साथ कई अर्थहीन मिथक भी जुड़ गए हैं. उदाहरण के लिए इस दिन जुआ खेलना बहुतों का एक अनिवार्य अभ्यास हो चुका है. आज का मनुष्य अधिक...
दीपावली पर्व पर प्रदेशवासियों को 130 नई बसों की सौगात

दीपावली पर्व पर प्रदेशवासियों को 130 नई बसों की सौगात

देहरादून
उत्तराखण्ड परिवहन निगम के बेड़े में में शामिल हुई बी.एस.-06 मॉडल की ये बसें मुख्यमंत्री ने आई.एस.बी.टी देहरादून से किया फ्लैग ऑफ उत्तराखंड परिवहन निगम के बेड़े में आज 130 नई बसों को शामिल कर राज्य के विकास में एक और महत्वपूर्ण कड़ी जुड़ रही है। आधुनिक तकनीक से युक्त नई बसें हमारे राज्य के परिवहन तंत्र को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होंगी। ये बसें न केवल यात्रियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और किफायती यात्रा का अनुभव प्रदान करेंगी, बल्कि प्रदेश की आर्थिक, सामाजिक और पर्यटन गतिविधियों में भी नई ऊर्जा का संचार भी करेंगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की भौगोलिक परिस्थितियां अन्य राज्यों की तुलना में चुनौतीपूर्ण हैं। राज्य के दुर्गम और सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्र बुनियादी सुविधाओं के लिए हमारे परिवहन नेटवर्क पर ही निर्भर हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन क्षेत्र उत्तराखण्ड की अर्थव्...
उत्तराखंड की प्रगति के लिए मिलजुलकर करें कार्य : मुख्यमंत्री

उत्तराखंड की प्रगति के लिए मिलजुलकर करें कार्य : मुख्यमंत्री

देहरादून
विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर कार्य करने वाले 26 लोगों को मुख्यमंत्री ने किया उत्तराखंड उदय सम्मान- 2024 से सम्मानित देहरादून. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास के मुख्य सेवक सदन में अमर उजाला द्वारा आयोजित किए गए उत्तराखंड उदय सम्मान समारोह- 2024 में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया. इस दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर कार्य करने वाले उत्तराखंड के 26 लोगों को उत्तराखंड उदय सम्मान- 2024 से सम्मानित किया. सम्मानित होने वाले लोगों को शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी लोग उद्यमशीलता  से  अपनी प्रगति के साथ-साथ उत्तराखंड की  प्रगति में भी मिलजुल कर योगदान करते रहें. उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में उद्यमशीलता का बेहतर माहौल है. पंतनगर, सितारगंज, हरिद्वार, सेलाकुई जैसे  हमारे पास बड़े इंडस्ट्रियल एरिया हैं. कहा की सरकार ने इन्वेस्टर समिट के माध्यम से ...
कुमाउनी रामलीला: पहाड़ की सांस्कृतिक धरोहर का अद्वितीय सौंदर्य

कुमाउनी रामलीला: पहाड़ की सांस्कृतिक धरोहर का अद्वितीय सौंदर्य

दिल्ली-एनसीआर
दिल्ली में होगी उत्तराखंड की गायन प्रधान रामलीला उत्तराखंड की प्रचलित "कुमाउनी रामलीला" की परंपरा अपने आप में अद्वितीय है, जिसमें संगीत, नाटक और लोक कला का अद्भुत संगम देखने को मिलता है. यह रामलीला उत्तराखंड की लोकसंस्कृति से गहराई से जुड़ी हुई है, जिसमें राग-रागिनियों के माध्यम से संवाद प्रस्तुत किए जाते हैं. विशेष रूप से भैरवी, मालकौंश, जयजयवंती, विहाग, पीलू और माण जैसे रागों में चौपाई, दोहा और सोरठा का गायन किया जाता है. दादरा और कहरवा तालों का तालमेल भी इस प्रस्तुति में प्रमुख भूमिका निभाता है, जो दर्शकों को एक अद्भुत लोकसंगीत का अनुभव देता है. सांस्कृतिक स्रोत एवं प्रशिक्षण केन्द्र (संस्कृति मंत्रालय-भारत सरकार) सीनियर फैलोशिप अवॉर्डी व  "कुमाऊनी शैली" की रामलीला पर वृहद शोध कार्य कर चुके वरिष्ठ लेखक हेमंत कुमार जोशी जी ने 'श्रीराम सेवक पर्वतीय कला मंच' के इस प्रयास की सराहना   की ...
कैसी हो उत्तराखंड में पत्रकारिता?

कैसी हो उत्तराखंड में पत्रकारिता?

समसामयिक, साहित्‍य-संस्कृति
सुरेश नौटियाल, वरिष्ठ पत्रकार कई साल पहले, ब्रिटिश उच्चायोग के प्रेस एवं संपर्क विभाग ने नई दिल्ली में “भाषाई पत्रकारिता: वर्तमान स्वरूप और संभावनाएं” विषय पर गोष्ठी का आयोजन किया था। जनसत्ता के तत्कालीन सलाहकार संपादक प्रभाष जोशी ने इस गोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा था: “मैंने अपनी जिंदगी के नौ साल अंग्रेजी पत्रकारिता में व्यर्थ किए, क्योंकि इस देश में जनमत बनाने में अंग्रेजी अखबारों की भूमिका नहीं हो सकती है।” इसी आख्यान में प्रभाष जोशी ने कहा कि अंग्रेजी इस देश में सोचने-समझने की भाषा तो हो सकती है लेकिन महसूस करने की नहीं। और जिस भाषा के जरिए आप महसूस नहीं करते, उस भाषा के जरिए आप लोगों को इतना प्रभावित नहीं कर सकते कि वे अपनी राय, अपने तौर-तरीके आदि बदल सकें। उन्होंने यह भी कहा कि हिंदी और अंग्रेजी में लिखने पर पाठक वर्ग में अलग-अलग तरह की प्रतिक्रिया होती है। केवल भाषाई अखबार ही लो...
पंतनगर में आठ से दस नवंबर तक आयोजित होगा किताब कौतिक

पंतनगर में आठ से दस नवंबर तक आयोजित होगा किताब कौतिक

उधमसिंह नगर
सुरेश नौटियाल, वरिष्ठ पत्रकारपंतनगर के गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय परिसर में तीन दिवसीय किताब कौतिक (पुस्तक मेला) आठ से दस नवंबर तक आयोजित किया जाएगा. इस पुस्तक मेला में देश के विभिन्न हिस्सों से पुस्तक प्रेमी, शिक्षाविद, बुद्धिजीवी और अन्य लोग शामिल होंगे. उत्तराखंड राज्य में किताब कौथिग आंदोलन का प्रसार करने वाला "क्रिएटिव उत्तराखंड" किताब कौतिक के बारहवें संस्करण का आयोजन जनरल बिपिन रावत रिसर्च स्कूल ऑन हिल डेवलपमेंट के सहयोग से करेगा. क्रिएटिव उत्तराखंड के हेम पंत के मुताबिक इस बार पुस्तक मेले में पुस्तक वितरकों द्वारा विभिन्न विषयों पर 80,000 से अधिक पुस्तकें प्रदर्शित की जाएंगी. प्रतिभागियों को साहित्यिक चर्चाओं, प्रकृति की सैर, पक्षी दर्शन आदि का हिस्सा बनने का भी अवसर मिलेगा. मेले में प्रमुख लेखकों के साथ संवाद सत्र आयोजित करने की योजना बनाई गई है ज...