Author: Himantar

हिमालय की धरोहर को समेटने का लघु प्रयास
जसुली शौकयाणी की मन्याओं का इतिहास

जसुली शौकयाणी की मन्याओं का इतिहास

धर्मस्थल
  कुमाऊं में मनिया मंदिर: एक पुनर्विवेचना -4डॉ. मोहन चंद तिवारीसोशल मीडिया के माध्यम से प्राप्त जानकारी के अनुसार 'मन्याओं' का सबसे अधिक निर्माण दारमा जोहार क्षेत्र की महान दान वीरांगना जसुली शौकयाणी के द्वारा किया गया. लला (आमा) के नाम से विख्यात जसुली शौकयाणी ने कुमाऊ, गढ़वाल, नेपाल तक मन्याओं because और धर्मशालाओं का निर्माण करवाया. सोमेश्वर, जागेश्वर, बागेश्वर, कटारमल, द्वाराहाट आदि स्थान धार्मिक मन्दिरों के लिए प्रसिद्ध होने के कारण इन मार्गों पर सबसे अधिक मन्याओं का निर्माण कार्य हुआ है. ज्योतिष अठारहवीं सदी या उससे पहले जब यातायात के संसाधन नहीं थे, तब व्यापारिक, धार्मिक, विवाह आदि यात्राएं पैदल ही की जाती थीं . ऐसे समय में पैदल मार्ग वाले निर्जन और धार्मिक महत्त्व के स्थानों में रात्रि विश्रामालयों और धर्मशालाओं का निर्माण करवाना पुण्यदायी कार्य माना जाता था. धारचूला के ...
उत्तराखंड प्राकृतिक आपदा : ‘संकट की घड़ी’ में शाह के ‘भरोसे’ पर खरे उतरे धामी

उत्तराखंड प्राकृतिक आपदा : ‘संकट की घड़ी’ में शाह के ‘भरोसे’ पर खरे उतरे धामी

देहरादून
हवाई सर्वेक्षण और उच्च स्तरीय बैठक में केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने प्रदेश में आपदा की स्थिति का लिया जायजाहिमांतर ब्यूरो, देहरादूनकेंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आपदा के समय ‘बचाव और राहत अभियान’ की कमान खुद संभालने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की जमकर तारीफ की है. because उन्होंने कहा कि ‘केंद्र से जारी चेतावनी के बाद राज्य सरकार की तत्परता और सतर्कता से अतिवृष्टि के प्रभाव को काफी हद तक कम करने में सफलता मिली है. धामी संकट की घड़ी में पूरी तरह से खरे उतरे, उन्होंने स्थिति को बहुत अच्छे तरीके से संभाला’. ज्योतिष आपदा प्रभावित क्षेत्रों में बचाव और राहत में तेजी लाने के लिए मुख्यमंत्री धामी ने गढ़वाल से कुमाऊं तक कई तूफानी दौरे किए. पीड़ितों को ढांढस बंधाने में उन्होंने रात–दिन एक कर दिया. because हर पीड़ित के पास पहुंचने को वह आतुर दिखे. जलभराव के कारण कई जगहों पर उन्हे...
पिथौरागढ़ के युवा कवि इंजी. ललित शौर्य को मिलेगा राष्ट्रीय बाल साहित्यकार सम्मान

पिथौरागढ़ के युवा कवि इंजी. ललित शौर्य को मिलेगा राष्ट्रीय बाल साहित्यकार सम्मान

पिथौरागढ़
हिमांतर ब्यूरो, पिथौरागढ़चर्चित बाल साहित्यकार इंजी. ललित शौर्य को वर्ष 2021 का सुप्रसिद्ध पंडित प्रताप नारायण मिश्र युवा साहित्यकार सम्मान मिलने जा रहा है. भाऊराव देवरस सेवा न्यास लखनऊ because द्वारा यह सम्मान ललित शौर्य को प्रदान किया जाएगा. राष्ट्रीय स्तर पर इस सम्मान के लिए प्रविष्ठियाँ आमंत्रित की गई थी. सैकड़ों प्रविष्ठियों में से ललित शौर्य का चयन किया गया है. भाऊराव देवरस सेवा न्यास प्रतिवर्ष 40 वर्ष से कम आयु के छः साहित्यकारों को सम्मानित करता है. छः अलग-अलग विधाओं में सम्मान प्रदान किए जाते हैं. ज्योतिष पंडित प्रताप नारायण मिश्र युवा साहित्यकार सम्मान 2021 के संयोजक डॉक्टर विजय कुमार कर्ण ने बताते हुए कहा कि वर्ष 2021 के लिए बाल साहित्य विधा में उत्तराखंड के युवा बाल साहित्यकार ललित शौर्य को सम्मानित किया जाएगा. इसके साथ ही काव्य विधा में छत्तीसगढ़ के विक्रम सिंह, कथा साहित्...
कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने किया तीन दिवसीय किसान मेले का उद्घाटन

कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने किया तीन दिवसीय किसान मेले का उद्घाटन

पौड़ी गढ़वाल
राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान के सहयोग से चलाया जा रहा है किसान मेला, किसानों के खेती के आधुनिक तौर-तरीकों को पशुधन की देखभाल को लेकर दी जा रही जानकारीहिमांतर ब्यूरो, पौड़ीपौड़ी के यमकेश्वर ब्लॉक के तल्ला बनास में 21 अक्टूबर से 23 अक्टूबर तक चलने वाले तीन दिवसीय किसान मेले की शुरुआत हुई. यह मेला लौह सिद्ध वनवासी हनुमान मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा एवं गोमुख डेयरी के लोकार्पण के अवसर पर आयोजित किया गया है. राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान (एनडीआरआई) के सहयोग से because चलाए जा रहे इस किसान मेले का उद्घाटन उत्तराखंड के कृषि मंत्री सुबोध सिंह उनियाल ने किया. इस अवसर पर एनडीआईआर के निदेशक डा. मनमोहन सिंह चौहान भी उपस्थित रहे. इस किसान मेले में किसानों को खेती-बाड़ी के आधुनिक तरीके, पशुधन से संबंधित उन्नत जानकारी और दूध से तैयार होने वाले उत्पादों की जानकारी दी जा रही है. कृषि मंत्री न...
स्मृति-कथाओं के जीवंत शब्द-चित्र- ये चिराग जल रहे हैं

स्मृति-कथाओं के जीवंत शब्द-चित्र- ये चिराग जल रहे हैं

पुस्तक-समीक्षा
डॉ. अरुण कुकसाल‘जिस मकान पर आपके बेटे ने ही सही, बडे़ फख्र से ‘बंसीधर पाठक ‘जिज्ञासु’ की तख़्ती टांग दी थी, उसमें देवकी पर्वतीया का खून-पसीना लगा है. यह नाम कभी आपने ही because उन्हें दिया था लेकिन नेम प्लेट पर अपने नाम के साथ इसे भी शोभायमान करना आप भूले ही रहे (पृष्ठ-41).’’ ज्योतिष ‘ये चिराग जल रहे हैं’ किताब में उक्त पक्तियां नवीन जोशी जी ने बंसीधर पाठक ‘जिज्ञासु’ जी के लिए लिखी हैं. पर ये उन सब सार्वजनिक ‘चिरागों’ पर हू-ब-हू लागू होती हैं जो अब हमारे जीवन में नहीं हैं एवम् उन पर भी जो हमारे आस-पास मौजूद हैं और जिनके आभा-मंडल से हम गदगद होते रहते हैं. पर कभी ख्याल किया कि because उन चिरागों की सीधी तपिश को जीवन-भर झेलने वाले उनके परिजन हमारे चिन्तन में कितनी जगह पाते हैं? चिरागों की रोशनी कायम रहे, इसके लिए दिन-रात खपने वाले उनके परिजनों के विकट जीवन संघर्षों का वास्तविक हितेषी और ...
जलवायु परिवर्तन मानवजनित ही है: 99.9% अध्ययन

जलवायु परिवर्तन मानवजनित ही है: 99.9% अध्ययन

पर्यावरण
निशांतलगभग शत-प्रतिशत शोध यह कहते हैं कि जलवायु परिवर्तन किसी प्राक्रतिक नियति का हिस्सा नहीं, बल्कि हमारी आपकी गतिविधियों का ही नतीजा है. because इस बात को सामने लायी है एक रिपोर्ट जिसने 88,125 जलवायु-संबंधी अध्ययनों के एक सर्वेक्षण में पाया कि 99.9% से अधिक अध्ययन यह मानते हैं कि जलवायु परिवर्तन मानव जनित ही है. ज्योतिष ध्यान रहे कि साल 2013 में, 1991 और 2012 के बीच प्रकाशित अध्ययनों पर हुए इसी तरह के एक सर्वेक्षण में पाया गया था कि 97% अध्ययनों ने इस विचार का समर्थन किया कि मानव because गतिविधियां पृथ्वी की जलवायु को बदल रही हैं. वर्तमान सर्वेक्षण 2012 से नवंबर 2020 तक प्रकाशित साहित्य की जांच से यह बताता है कि आंकड़ा 97% से बढ़ कर 99.9% हो गया है. ज्योतिष कॉर्नेल विश्वविद्यालय के एलायंस फॉर because साइंस के एक विजिटिंग फेलो एवं इस पत्र के प्रमुख लेखक मार्क लिनास ने कहा की, "हमें ...
उत्तराखंड जलमग्न 50 से ज्यादा की मौत, सैकड़ों लोग रास्तों में फंसे

उत्तराखंड जलमग्न 50 से ज्यादा की मौत, सैकड़ों लोग रास्तों में फंसे

देहरादून, नैनीताल
हिमांतर ब्यूरो, नैनीताल/देहरादूनपहाड़, मानवजनित आपदा because से जूझ रहा है. पूरे उत्तराखंड में 4 दिनों की लगातार मूसलाधार बारिश ने काफी नुकसान किया है. इस त्रासदी में  50 से ज्यादा लोगों की जान चली गई. पहाड़ों की तरफ जाने वाले सभी रास्ते बंद हैं. 5 बड़े पुल because और सैकड़ों जगह से सड़क टूट चुकी है. 'ऑल वेदर रोड' की हालत सबसे खराब है. यह किसी भी 'वेदर' में सीधे 'गाड़-गध्यर' में जा रही है जबकि इसको बनाते हुए 'अनंत काल' तक टीके रहने की घोषणा हुई थी.ज्योतिषइस समय पहाड़ के सभी जिले जलमग्न हैं. हर वर्ष इस मौसम में पहाड़ों में बारिश होती है लेकिन ऐसी बारिश आज से पहले नहीं हुई. पहाड़ की सारी नदियाँ- गाड़-गधेरे उफान पर हैं. because खासकर कुमाऊँ के नैनीताल, पिथौरागढ़ और अल्मोड़ा जिले इस आपदा से ज्यादा प्रभावित हैं. पिछले दो दिनों में इन इलाकों में हुई बारिश ने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए. नैनीताल...
…ताकि ओडॉयर कि मौत की गूँज दुनिया भर को सुनाई दे!

…ताकि ओडॉयर कि मौत की गूँज दुनिया भर को सुनाई दे!

समसामयिक
फ़िल्म समीक्षा : एक खूबसूरत दर्दभरी कहानी है फिल्म ‘सरदार उधम सिंह’कमलेश चंद्र जोशीमाइकल ओडॉयर को गोली मारने के बाद उधम सिंह को ब्रिटिश जेल में जिस तरह की यातनाएँ दी गई उसके बारे में सोचकर भी किसी की रूह काँप जाए, लेकिन उधम सिंह मानो मौत का because कफन बाँधकर ही ओडॉयर को मारने ब्रिटेन गए थे. कुछ हमदर्द लोगों ने उधम सिंह से अपने इस कृत्य के लिए ब्रितानी हुकूमत से माफी माँगने की सलाह भी दी लेकिन भगत सिंह का यह अनुयायी उनसे इतना प्रभावित था कि उनके विचारों की पोटली साथ लेकर चलता था.  कहता था उसे एक ग्रंथी ने बोला है “पुत्तर! जवानी रब का दिया हुआ तोहफा है. अब ये तेरे ऊपर है, तू इस तोहफे को ज़ाया करता है या इसको कोई मतलब देता है.” ज्योतिष जिस तरह का नरसंहार उधम सिंह ने जलियाँवाला बाग में देखा और महसूस किया, उससे उसकी जवानी को मतलब मिल गया था और वह मतलब था किसी भी कीमत में जलियाँवाला...
फेसबुक सर्वेक्षण : कुमाऊं में मन्या अवशेष…

फेसबुक सर्वेक्षण : कुमाऊं में मन्या अवशेष…

धर्मस्थल
कुमाऊं में मनिया मंदिर: एक पुनर्विवेचना -3डॉ. मोहन चंद तिवारीद्वाराहाट के 'मनिया मंदिर समूह' के सन्दर्भ में पिछली दो पोस्टों में विस्तार से चर्चा की गई है.किंतु मन्याओं के बारे में इतिहास और पुरातत्त्व के विद्वानों द्वारा कोई खास जानकारी नहीं दी गई है. because इसी सन्दर्भ में फेसबुक के माध्यम से कुमाऊं के विभिन्न क्षेत्रों में 'मन्या' सम्बन्धी जानकारी जुटाने का प्रयास किया गया. चिंता का विषय है कि आज हमारे पास कत्युरी नरेश मानदेव के द्वारा जैन श्रावकों अथवा शिल्पकारों के माध्यम से निर्मित द्वाराहाट के 'मनिया मन्दिर समूह' के अतिरिक्त कोई भी जीवंत साक्ष्य नहीं हैं. अधिकांश मन्याएं नष्ट हो चुकी हैं,उनका कोई नामोनिशान नहीं बचा है. कुछ धार्मिक स्थलों की मन्याओं का पुनर्निर्माण हो चुका है.ज्योतिष 'कुमाऊंनी शब्द सम्पदा', 'कुमाऊंनी' और 'पहाड़ी फ़सक' ग्रुपों से मन्याओं के बारे में विभि...
द्वाराहाट, सुरेग्वेल और जालली क्षेत्र की मन्याओं का इतिहास

द्वाराहाट, सुरेग्वेल और जालली क्षेत्र की मन्याओं का इतिहास

धर्मस्थल
कुमाऊं में मनिया मंदिर : एक पुनर्विवेचना-2डॉ. मोहन चंद तिवारीद्वाराहाट के ऐतिहासिक स्थलों से सम्बंधित शोध योजना के अंतर्गत मैंने वर्ष 2017 के 30 मई से 3 जून, की अवधि में सुरेग्वेल  और जालली के मंदिर और वहां स्थित विलुप्त 'मन्याओं' का सर्वेक्षण किया, तो इस क्षेत्र के मन्या मंदिरों के बारे में अनेक नए तथ्यों का भी रहस्योद्घाटन हुआ. इस क्षेत्र के वरिष्ठ स्थानीय प्रबुद्धजनों से पता चला कि because द्वाराहाट और पाली पछाऊं के इलाके में 'मन्या' उस धार्मिक स्थान को कहते हैं, जहां यात्रीगण या मुसाफिर लोग रात्रि के समय विश्राम करते हैं. एक प्रकार से यह मंदिर के निकट रात्रि विश्राम हेतु बना धर्मशाला जैसा  विशेष कक्ष होता था.ज्योतिष द्वाराहाट का मनिया मन्दिर समूह द्वाराहाट प्राचीन काल से ही तीर्थनगरी के रूप में प्रसिद्ध रहा है. चारधाम यात्रा हो या कैलास मानसरोवर की यात्रा द्वाराहाट उन स...