Author: Himantar

हिमालय की धरोहर को समेटने का लघु प्रयास
बेटियों की सुरक्षा के लिए माता-पिता का उनसे संवाद जरूरी : श्री कृपाशंकर

बेटियों की सुरक्षा के लिए माता-पिता का उनसे संवाद जरूरी : श्री कृपाशंकर

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हिमांतर ब्यूरो,  नोएडाइस देश के अंदर आज भी सब लोग कानूनों के विषय में नहीं जानते,सिस्टम ऐसा बना है कि एक गरीब व्यक्ति सुप्रीम कोर्ट तक नहीं जा पाता. हमारे यहाँ सनातन काल से नारी शक्ति स्वरूपा रही है,अबला नहीं शक्तिशाली रही है ,बेशक कुरीतियों के चलते महिलाओं के लिए कुछ सुरक्षा मानक बनाए गए थे. आज भी हमारी बेटियाँ एसपी बनकर असम के जंगलों में आतंकियों का खात्मा करने का साहस दिखा रही हैं,डॉक्टर,वकील,वैज्ञानिक और आदर्श शिक्षक की भूमिका निभा रही हैं,लेकिन आज बेटियों की सुरक्षा के लिए आवश्यक है कि माता-पिता एकांगी न बनकर घर की बेटी के साथ बैठकर संवाद करें . ये विचार पर्वतीय लोकविकास समिति द्वारा अंतरराष्ट्रीय पर्वत दिवस के अवसर नोएडा के प्रेरणा भवन में आयोजित शक्तिपर्व संकल्प विचार गोष्ठी एवं हिमालयी मातृशक्ति सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के उत्तर क्षेत्र प्रचार प्रम...
कण्वाश्रम : हमारी वैदिक परंपराओं और संस्कृतियों की जन्म-स्थली!

कण्वाश्रम : हमारी वैदिक परंपराओं और संस्कृतियों की जन्म-स्थली!

साहित्‍य-संस्कृति
सुनीता भट्ट पैन्यूली "हिमालय के दक्षिण में, समुद्र के उत्तर में, भारत वर्ष है जहां भारत के वंशज रहते हैं" संभवतः मैं उसी जगह पर खड़ी हूं जहां हस्तिनापुर के राजा दुष्यंत तथा शकुंतला के गंधर्व विवाह के पश्चात भरत का जन्म हुआ. कालांतर में शकुंतला के इसी पुत्र भरत अर्थात चक्रवर्ती राजा भरत के नाम पर  हमारे देश का नाम भारत पड़ा. मैं कण्वाश्रम में विचरते हुए सुखद कल्पना कर रही हूं कि कितना रमणीय व मंत्रमुग्धकारी होता होगा वह पुरातन समय? है ना? जहां वेद ऋचाओं की स्वर लहरियों से गुंजायमान विशुद्ध वातावरण,पवित्र होम की धूम का सघन वन में विचरण एवं विद्यार्थियों द्वारा अनेक क्रियाकलापों से गुम्फित गुरूकुल जहां भविष्य के लिए संस्कृतियों एवं सभ्यताओं के उपार्जन हेतु ज्ञान-विज्ञान, खोज, अविष्कार, उपचार, सिद्धांतों की बुनियाद खोदी जाती रही होगी. मेरे मन की ज़मीन पर वह परिदृश्य भी उछाल मार रहा है कि प्...
सलेकचंद जैन स्मृति सम्मान से होंगे सम्मानित युवा कवि-पत्रकार जगमोहन ‘आज़ाद’

सलेकचंद जैन स्मृति सम्मान से होंगे सम्मानित युवा कवि-पत्रकार जगमोहन ‘आज़ाद’

दिल्ली-एनसीआर
वियतनाम में आयोजित होने वाले 20वें अंतरराष्ट्रीय हिंदी सम्मलेन में प्रतिभाग करेंगेहिमांतर वेबडेस्क, नई दिल्लीदक्षिणपूर्व एशिया के खूबसूरत देश वियतनाम (हनोई,हो ची मीन्ह) में इस वर्ष 13 से 23 दिसंबर तक 10 दिवसीय 20वां अंतरराष्ट्रीय हिंदी सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है. वियतनाम में आयोजित होने वाले इस सम्मेलन में भारत से लगभग चालीस ख्यातनाम साहित्यकारों,बुद्धिजीवी और समाज से जुड़े विभिन्न प्रबुद्धजनों का दल सहभागिता कर रहा है. इस सम्मेलन में 14 लेखकों की विभिन्न विधाओं में प्रकाशित कृतियों का विमोचन किया जाएगा. साथ ही जनतंत्र का भविष्य, सांस्कृतिका, कथा,व्यंग्य, लघुकथा, कविता पर संगोष्ठी एवं राज्यवार गीत-नृत्य-संगीत की प्रस्तुति का आयोजन भी होगा. वियतनाम में आयोजित होने वाले 20वें अंतरराष्ट्रीय हिंदी सम्मेलन में उत्तराखंड से वरिष्ठ लेखक डॉ.हरिसुमन बिष्ट,डॉ.पुष्पा जोशी और युवा कवि-...
सीडीएस जनरल बिपिन रावत की पहली पुण्यतिथि पर तीनों सेनाओं ने उन्हें याद किया

सीडीएस जनरल बिपिन रावत की पहली पुण्यतिथि पर तीनों सेनाओं ने उन्हें याद किया

दिल्ली-एनसीआर
एनएसए अजीत डोभाल ने जनरल बिपिन रावत के जीवन पर आधारित पुस्तक ‘महायोद्धा की महागाथा’ का किया लोकार्पणहिमांतर ब्यूरो, नई दिल्लीआकाश एयर फोर्स मेस, नई दिल्ली (निकट इंडिया गेट) में भारत के प्रथम चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत की प्रथम पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि स्वरूप उनके व्यक्तित्व पर आधारित पुस्तक ‘महायोद्धा की महागाथा’ का लोकार्पण हुआ. इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि अजीत डोभाल राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एवं विशिष्ट अतिथि वाइस एडमिरल एस एन घोरमडे, एयर मार्शल संदीप सिंह और एयर मार्शल बी आर कृष्णा तथा जनरल रावत की सुपुत्री तारिणी रावत उपस्थित थे. इस अवसर पर श्रीमती मधुलिका रावत, ब्रिगेडियर एल एस लिड्डर, ग्रुप कैप्टेन वरूण सिंह, लेफ्टिनेंट कर्नल हरजिंदर सिंह, विंग कमांडर पी एस चौहान, स्क्वाडर लीटर कुलदीप सिंह, जेडब्लूओ आर पी दास, जेडब्लूओ प्रदीप, हवलदार सतपाल, नायक गुरसेवक सिंह, लां...
अनूठी पहल: फ्रांस से उच्च शिक्षा ग्रहण कर नीरज ने ठानी पहाड़ की राह

अनूठी पहल: फ्रांस से उच्च शिक्षा ग्रहण कर नीरज ने ठानी पहाड़ की राह

चम्‍पावत
रिवर्स माइग्रेशन की पेश की मिसाल   चम्पावत के पाटी ब्लॉक में स्थित सुदूर ग्राम करौली निवासी नीरज जोशी ने फ्रांस से उच्च शिक्षा ग्रहण कर अपनी पैतृक भूमि पर होमस्टे का निर्माण कर गांव में रोजगार के स्रोतों को विकसित कर रिवर्स माइग्रेशन की मिसाल कायम की.  नीरज की प्राथमिक व माध्यमिक शिक्षा गोशन स्कूल नानकमत्ता व जवाहर नवोदय विद्यालय रुद्रपुर एवं उच्च शिक्षा डी०एस०बी० कैंपस नैनीताल (B.Sc.), पंतनगर विश्विद्यालय पंतनगर (M.Sc.) एवं मोंटपेलियर सुपएग्रो फ्रांस (M.S.) से हुई. नीरज ने अधिकांश समय महानगरों की चकाचोंद में बिताने के पश्च्यात, 30 वर्षों से पूर्वजों द्वारा छोड़ी गयी बंजर भूमि को आबाद करने का निर्णय लिया. विगत तीन वर्षों से लगातार विभिन्न विभागों के सहयोग से, वे कृषि सम्बंधित कार्यों का विश्लेषण कर आय के स्रोतों का लाभ ग्रामीणों को साझा कर पहाड़ों से हो रहा पलायन को रोकने का अथक प्रयास कर...
भारतीय महिलाओं का  सामाजिक यथार्थ और चुनौतियाँ 

भारतीय महिलाओं का  सामाजिक यथार्थ और चुनौतियाँ 

साहित्‍य-संस्कृति
प्रो. गिरीश्वर मिश्र  इस तथ्य के बावजूद कि महिलाएं हमारे समाज का एक अभिन्न अंग हैं और कई महिलाएं घर और बाहर विविध जिम्मेदारियों को निभा रही हैं, उनकी स्थिति और अधिकारों को न तो ठीक से समझा जाता है और न ही उन पर ध्यान दिया जाता है. सतही तौर पर, महिलाओं के बारे में बहुत कुछ कहा जाता है, और वादे अक्सर किए जाते हैं. वास्तव में महिलाओं का सम्मान एक पारंपरिक भारतीय आदर्श है और सैद्धांतिक रूप से इसे समाज में व्यापक स्वीकृति भी मिली है. उन्हें 'देवी' कहा जाता है. दुर्गा, सरस्वती और लक्ष्मी के रूप में इनकी पूजा की जाती है और इनकी स्तुति भी धूमधाम से की जाती है. किसी भी शुभ कार्य या अनुष्ठान की शुरुआत गौरी और गणेश की पूजा से होती है. यह सब समृद्धि बढ़ाने और अधिक शक्ति प्राप्त करने की इच्छा को पूरा करने और अधिकतम क्षमता का एहसास करने के लिए किया जाता है. लेकिन आज जिस तरह से महिलाओं के खिलाफ हिंसा ब...
हुनर को मिला मंच और सपनों को लगे पंख

हुनर को मिला मंच और सपनों को लगे पंख

दिल्ली-एनसीआर
सामाजिक-सांस्कृतिक संस्था सार्थक प्रयास के वार्षिकोत्सव पर बच्चों ने दी प्रस्तुति, 'दृष्टि का हुआ लोकार्पण'हिमांतर ब्यूरो, नई दिल्लीसचमुच प्रतिभा किसी की मोहताज नहीं होती. यह बात एक बार फिर साधनविहीन बच्चों ने सही साबित की. इन बच्चों को जब मंच मिला तो इन्होंने एक से बढ़कर एक ऐसे कार्यक्रम प्रस्तुत किए कि सभागार में बैठा हर व्यक्ति तारीफ किए बगैर नहीं रह पाया. मौका था सामाजिक-सांस्कृतिक संस्था ‘ *सार्थक प्रयास’ के 12वें स्थापना दिवस का. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के हिन्दी भवन में संस्था के बच्चों ने विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं. इस अवसर संस्था की वार्षिक स्मारिका ‘दृष्टि’ का लोकार्पण भी किया गया. इस समारोह में अल्मोड़ा जनपद के चैखुटिया और वसुंधरा के बच्चों ने बहुत उत्साह और आत्मविश्वास से अपनी प्रस्तुतियों से लोगों का मन मोह लिया.संस्था के अध्यक्ष उमेश चंद्र पन्त ने बताया...
गीता जयंती: सनातन धर्म का नवनीत है गीता

गीता जयंती: सनातन धर्म का नवनीत है गीता

लोक पर्व-त्योहार
गीता जयंती (3 दिसम्बर) पर विशेषडॉ. मोहन चंद तिवारीमहाभारत की कथा के अनुसार गीता की उत्पत्ति कलियुग से 30 वर्ष पहले कुरुक्षेत्र की धर्मभूमि में भगवान् कृष्ण के श्रीमुख से हुई थी. कौरव और पांडवों के युद्ध के समय अपने स्वधर्म और कर्त्तव्य पथ से विमुख अर्जुन को कुरुक्षेत्र की रणभूमि में भगवान् कृष्ण ने जो ज्ञान दिया था उसे ही गीता का ज्ञान कहा जाता है. इसलिए गीता जंयती के अवसर पर गीता का कालजयी चिंतन सनातन हिन्दू धर्म में आस्था रखने वाले समस्त देशवासियों के लिए आज भी प्रासंगिक है. गीता को हिंदू धर्म के अनुसार सबसे पवित्र ग्रंथ माना जाता है,जिसके 18 अध्यायों में से पहले 6 अध्यायों में कर्मयोग, मध्य के 6 अध्‍यायों में ज्ञानयोग और अंतिम 6 अध्‍यायों में भक्तियोग का उपदेश दिया गया है. सनातन धर्म के नवनीत स्वरूप इस गीताग्रंथ के अठारह अध्यायों में जो संचित ज्ञान है,वह मनुष्यमात्र के लिए आ...
रचना दिवस महोत्सव: त्रिभुवन गिरी व दीप पाण्डेय सहित 6 कलाकार हुए सम्मानित

रचना दिवस महोत्सव: त्रिभुवन गिरी व दीप पाण्डेय सहित 6 कलाकार हुए सम्मानित

दिल्ली-एनसीआर
मोहन उप्रेती लोक संस्कृति कला एवं विज्ञान शोध समिति के तत्वावधान में चल रहे "रचना दिवस महोत्सव" के पाँचवे दिन के कार्यक्रम लोक गायक मोहन उप्रेती जी की स्मृति में आयोजित किए गए. कार्यक्रम लोक संगीत की स्वर लहरियों से सरोबार रहा. कार्यक्रम का उद्घाटन बतौर मुख्य अतिथि एडवोकेट शेखर लकचौरा, प्रधानाचार्य शारदा पब्लिक स्कूल विनिता लकचौरा और जाने माने लोक गायक दिवान कनवाल ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया. किरन पंत ने वंदना से कार्यक्रम की शुरुआत की, उसमें उपरांत छोलिया कलाकारों ने सुन्दर प्रस्तुति दी. शेखर लकचौरा ने बतौर मुख्य अतिथि बोलते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम हमारा युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ते हैं. विशिष्ट अतिथि दिवान कनवाल ने मोहन उप्रेती के साथ के संस्मरण सुनाते हुए संस्था के द्वारा पिछले 22 वर्षों से चल रहे "रचना दिवस महोत्सव" की सराहना की. इस वर्ष के सम्मान समारोह में "समिति सम्मान...
उत्तरांचल भ्रातृ समिति ने सांस्कृतिक व रंगारंग कार्यक्रम के साथ मनाया 22वां भव्य स्थापना दिवस

उत्तरांचल भ्रातृ समिति ने सांस्कृतिक व रंगारंग कार्यक्रम के साथ मनाया 22वां भव्य स्थापना दिवस

दिल्ली-एनसीआर
सी एम पपनैं  उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर उत्तराखंड समाज के करीब दो सौ बुजुर्गों व बुजुर्ग दम्पत्तियों को उनके द्वारा उत्तराखंड राज्य आंदोलन व भ्रातृ समिति के द्वारा आयोजित अनेकों आयोजनों में उत्तराखंड की लोककला व लोकसंस्कृति के संरक्षण व संवर्धन हेतु दिए गए योगदान हेतु संस्था पदाधिकारियों व उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के कर कमलों स्मृतिचिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया. स्थापना दिवस का श्रीगणेश संस्था पदाधिकारियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर व देवेन्द्र कनवाल, हर्षिता रावत, गरिमा पांडे, इशिका जोशी, सुधा जोशी, श्रीनिका बहुखंडी, अभिषि रावत व कनिका रावत द्वारा प्रस्तुत दैणा होया खोली का गणेशा…. श्रीगणेश वंदना गायन से किया गया. स्थापना दिवस के इस अवसर पर उत्तराखंड राज्य आंदोलन में प्रमुख रूप से भागीदारी करने वाले जनमोर्चा संगठन के सदस्यों को आयोजकों द्वारा मंच पर आ...