Author: Himantar

हिमालय की धरोहर को समेटने का लघु प्रयास
उत्तराखंड में लोकपर्व ईगास-बग्वाल पर रहेगा अवकाश

उत्तराखंड में लोकपर्व ईगास-बग्वाल पर रहेगा अवकाश

लोक पर्व-त्योहार
 मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने की घोषणालोकपर्व ‘इगास’ हमारु लोक संस्कृति कु प्रतीक च. ये पर्व तें और खास बनोण का वास्ता ये दिन हमारा राज्य मा छुट्टी रालि, ताकि हम सब्बि ये त्योहार तै अपणा कुटुंब, गौं मा धूमधाम से मने सको. हमारि नई पीढ़ी भी हमारा पारंपरिक त्यौहारों से जुणि रौ, यु हमारु उद्देश्य च.’उत्तराखंड के लोकपर्व ईगास-बग्वाल को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राजकीय अवकाश की घोषणा की है. यह दूसरा मौक़ा होगा जब उत्तराखंड में लोकपर्व ईगास को लेकर अवकाश घोषित किया गया हो. इससे पूर्व पिछले वर्ष भी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा ईगास बग्वाल पर राजकीय अवकाश की घोषणा की गई थी.नई पीढ़ी लोक संस्कृति और पारम्परिक त्योहारों से जुड़ेमुख्यमंत्री ने कहा कि ईगास बग्वाल उत्तराखंड वासियों के लिए एक विशेष स्थान रखती है. यह हमारी लोक संस्कृति का प्रतीक है. हम सब का प्रयास होना चा...
चंद्रशिला: राम, रावण और चंद्रमा ने जहां तपस्या कर शिव को किया प्रसन्न!

चंद्रशिला: राम, रावण और चंद्रमा ने जहां तपस्या कर शिव को किया प्रसन्न!

ट्रैवलॉग
यात्रा वृत्तांत जे पी मैठाणी/फोटो– पूनम पल्लवीपहाड़ अडिग हैं – तुंग यानी पर्वत या चोटी के शीर्ष के साथ. यात्रा आगे जारी है – चन्द्रशिला की ओर , जो 2 किलोमीटर ऊपर है – तुंगनाथ मंदिर से . पिछले लेख में मैंने – आप सभी को श्री तुंगनाथ शिव मंदिर के बारे में बताया था - अभी हमने श्री तुंगनाथ के दर्शन किये – पाँव बुरी तरह से ठन्डे हो गए हैं, जूते बदलने वाले स्थान पर बहुत भीड़ है मंदिर के दाहिने ओर छोटे – छोटी कटुवा पत्थर के  पांडवों के मंदिर भी है. तुंगनाथ मंदिर के मुख्य द्वार के ठीक सामने जो नंदी विराजमान है लगता है बेहद शांत हैं , उनके सारे शरीर पर चन्दन, लाल पिठाई (रौली)  चांवल पोत दिए गए हैं, भक्त नंदी के कान में मंत्र या अपने अपने मनोकामना की प्रार्थना कर रहे हैं  ऐसा ही ठीक मैंने भी किया  जीवन में पहली बार पर माँगा कुछ नहीं. इस सारे परिदृश्य  और शिव के जयकारों के बीच हमने मंदिर प्र...
दीपावली के ये दीपक भारत के आदर्शों, मूल्यों और दर्शन के जीवंत ऊर्जापुंज : प्रधानमंत्री  

दीपावली के ये दीपक भारत के आदर्शों, मूल्यों और दर्शन के जीवंत ऊर्जापुंज : प्रधानमंत्री  

देश—विदेश, लोक पर्व-त्योहार
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने की भव्य दीपोत्सव समारोह की शुरुआत हिमांतर ब्यूरोप्रधानमंत्री ने सभा को संबोधित करते हुए भगवान राम की भूरि-भूरि प्रशंसा की और कहा कि आज अयोध्या जी दीपों से दिव्य हैं और भावनाओं से भव्य हैं. प्रधानमंत्री ने टिप्पणी की, आज अयोध्या नगरी भारत के सांस्कृतिक पुनर्जागरण के स्वर्णिम अध्याय का प्रतिबिंब है. प्रधानमंत्री ने कहा कि जब वे पहले यहां राज्यभिषेक के लिए आए थे तो उनके अंदर भावनाओं की लहरें दौड़ रही थीं. प्रधानमंत्री ने इस बात पर प्रशंसावश आश्चर्य व्यक्त किया कि जब भगवान श्री राम 14  वर्ष के वनवास के बाद लौटे होंगे तो अयोध्या को किस प्रकार सजाया गया होगा. उन्होंने टिप्पणी की, ‘आज इस अमृत काल में भगवान राम के आशीर्वाद से हम अयोध्या की दिव्यता और अमरता के साक्षी बन रहे हैं.’ उन्होंने कहा कि हम उन परंपराओं और संस्कृतियों के वाहक हैं जिनमें त्योहार और उत्स...
दीपावली राष्ट्रलक्ष्मी की सुरक्षा का पर्व

दीपावली राष्ट्रलक्ष्मी की सुरक्षा का पर्व

लोक पर्व-त्योहार
डॉ. मोहन चंद तिवारी दीपावली के दिन क्यों की जाती है लक्ष्मी के साथ सरस्वती और गणपति की पूजा ? प्रकाश का पर्व दीपावली पूरे देश में because लगातार पांच दिनों तक मनाया जाने वाला एक राष्ट्रीय लोकपर्व है। कृष्णपक्ष अन्धकार का प्रतीक है और शुक्लपक्ष प्रकाश का। इन दो पक्षों की संक्रान्तियों में गतिशील दीपावली का महापर्व अन्धकार से प्रकाश की ओर,अकाल से सुकाल की ओर‚मृत्यु से जीवन की ओर तथा निर्धनता से भौतिक समृद्धि की ओर अग्रसर होने का भी एक वार्षिक अभियान है।हरताली इस साल शुभ मुहूर्त कब है? इस साल कार्तिक माह की अमावस्या तिथि 24 because और 25 अक्टूबर दोनों दिन दीपावली का शुभ मुहूर्त पड़ रहा है। लेकिन 25 अक्टूबर को अमावस्या तिथि प्रदोष काल से पहले ही समाप्त हो रही है। इसलिए 24 अक्टूबर को प्रदोष काल में अमावस्या तिथि के अवसर पर दीपावली का पर्व पूरे देश में धूमधाम से मनाया जाएगा।हरताली...
एक ऐसी चोटी जहां भगवान शिव ने धारण किया था महेश रूप!

एक ऐसी चोटी जहां भगवान शिव ने धारण किया था महेश रूप!

धर्मस्थल
तुंगनाथ यात्रा, पहले पड़ाव की यात्रा कथाजे. पी. मैठाणी/ फोटो : पूनम पल्लवीये हल्की – हल्की ठण्ड भरी 17 अक्टूबर की सुबह थी , हालांकि इस यात्रा के लिए – हरी , नरेन्द्र और पूनम के साथ दो महीने से तैय्यारी चल्र रही थी लेकिन बाद में सिर्फ फाइनली पूनम ही इस यात्रा के लिए पीपलकोटी आयी , और इसके साथ मैंने भी बहुत दिनों से जो सोचा था कि, तीन बार पहले भी चंद्रशिला जाने के मौके मिले थे लेकिन जा नहीं पाया. इस बार यह संभव हो पाया. पहले 2018 में पंचकेदार – मैराथन ट्रेक के दौरान भी मुझे चंद्रशिला से थोड़े से ही नीचे रुकना पड़ा था – और ऐसे ही हुआ था पिछले दो मौकों पर ( 1993 और 1997 ( ज्यादा उंचाई होने और ऑक्सीजन की कमी से एक ट्रेकर के नाक से खून निकलने लगा था ) जब बिलकुल चंद्रशिला के निकट था लेकिन पास से ही वापस आना पड़ा. लेकिन इस बार आखिरकार ऐसा समय आया जब पंचकेदार के एक शानदार- केदार बेहद आध्यात्...
ग्रुप कमांडर ब्रिगेडियर एस के शेरोन ने किया सीमान्त एनसीसी बटालियन उत्तरकाशी का निरीक्षण

ग्रुप कमांडर ब्रिगेडियर एस के शेरोन ने किया सीमान्त एनसीसी बटालियन उत्तरकाशी का निरीक्षण

उत्तरकाशी
हिमांतर ब्यूरो, उत्तरकाशीएनसीसी देहरादून ग्रुप के ग्रुप कमांडर ब्रिगेडियर संजय कुमार शेरोन ने जोशियाड़ा स्थित 3 यू के बटालियन एनसीसी उत्तरकाशी का दो दिवसीय वार्षिक निरीक्षण किया. जहाँ पर उत्तरकाशी एनसीसी बटालियन के कमांडिंग ऑफिसर लेफ्टिनेंट कर्नल मयंक धस्माना ने ग्रुप कमांडर को सीमान्त जनपद में एनसीसी द्वारा संचालित एनसीसी की गतिविधियों से अवगत कराया. बटालियन के एडम ऑफिसर लेफ्टिनेंट कर्नल राजेश  मोर द्वारा कैडेट्स को दी जा रहीं विभिन्न ट्रेनिंग एवं ट्रेनिंग स्टाफ से अवगत कराया.निरीक्षण के दूसरे दिन ग्रुप कमांडर ब्रिगेडियर शेरोन राजकीय महाविद्यालय के ऑडिटोरियम में बटालियन  कैडेट्स मिलन कार्यक्रम में शामिल हुवे. जहाँ पर उन्होंने राजकीय महाविद्यालय उत्तरकाशी के सीनियर डिवीज़न के कैडेट्स को सम्बोधित करते हुए आह्वान किया की कैडेट्स एनसीसी के माध्यम से प्रशिक्षण प्राप्त कर राष्ट्र की सशस्त...
आस्था के पथ पर मेरी गोमुख यात्रा…

आस्था के पथ पर मेरी गोमुख यात्रा…

ट्रैवलॉग
यात्रावृत्तांतडॉ कपिल पंवारगंगा नदी, सांस्कृतिक वैभव, श्रद्धा एवं आस्था की प्रतीक मानी जाती हैं. सदियों से भारतीय समाज के हर वर्ग और समुदाय ने अपनी भावनात्मक ऊर्जा का प्रतीक मानकर गंगा की स्तुति की. पौराणिक काल से ही गंगा, ममतामयी माँ के रूप में पूजनीय है. गंगा, श्रद्धा और विश्वास के रूप में  पतित पावनी है तो जलापूर्ति के रूप में  जीवनदायनी भी. गंगा आदिकाल से ही भारत की आस्था, श्रद्धा का केंद्र होने के साथ ही दिव्य मंगलमयी कामना की पुण्यसलिला रही है. इसी आस्तिक अवधारणा का भाव लिए श्रद्धालु एक बार उस स्थान तक अवश्य पहुंचना चाहता है जहाँ से गंगा का उद्गम है. श्रद्धालु गंगोत्री धाम से 18 किमी की पैदल दूरी तय करके गोमुख तक पहुंचता है. गोमुख तक की यह यात्रा वही श्रद्धालु करता है, जो उच्च हिमालयी क्षेत्र के कारण आक्सीजन की कमी और पैदल यात्रा की चुनौती के लिए शारीरिक रूप से सक्षम हो ले...
तुम दीपक हम बाती

तुम दीपक हम बाती

Uncategorized, लोक पर्व-त्योहार
दीपावली पर विशेष प्रो. गिरीश्वर मिश्र  भारतीय समाज अपने स्वभाव में मूलतः उत्सवधर्मी है और यहाँ के ज़्यादातर उत्सव सृष्टि में मनुष्य की सहभागिता को रेखांकित करते दिखते हैं। प्रकृति की रम्य क्रीड़ा स्थली होने के कारण मौसम के बदलते मिजाज  के साथ कैसे जिया जाय इस प्रश्न विचार करते हुए भारतीय जन मानस की संवेदना में ऋतुओं में होने वाले परिवर्तनों ने ख़ास जगह बनाई है. फलतः सामंजस्य और प्रकृति के साथ अनुकूल को ही जीवन का मंत्र बनाया गया. यहाँ जीवन का स्पंदन उसी के अनुसार होता है और उसी  की अभिव्यक्ति यहाँ के मिथकों  और प्रतीकों के साथ होती है. कला, साहित्य, संगीत आदि को भी सुदूर अतीत से ही यह विचार भावित करता आ रहा है. इस दृष्टि से दीपावली का लोक- उत्सव जीवन के हर क्षेत्र-घर-बार, खेत-खलिहान, रोज़ी-रोटी और व्यापार-व्यवहार सबसे जुड़ा हुआ है.इस अवसर पर भारतीय गृहस्थ की चिंता होती है घर-बाहर ...
पीएम नरेंद्र मोदी ने श्री केदारनाथ में किया रुद्राभिषेक, गौरीकुंड-केदारनाथ रोपवे का शिलान्यास

पीएम नरेंद्र मोदी ने श्री केदारनाथ में किया रुद्राभिषेक, गौरीकुंड-केदारनाथ रोपवे का शिलान्यास

रुद्रप्रयाग
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने श्रीकेदारनाथ धाम (Kedarnath Dham) में रुद्राभिषेक कर सबकी सुख एवं समृद्धि की कामना की. नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बनने के बाद 6वीं बार बाबा केदार के धाम पहुंचे. उन्होंने आदिगुरु शंकराचार्य की समाधि स्थल पर पहुंचकर दर्शन किए. इस अवसर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मौजूद थे.प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर गौरीकुंड से केदारनाथ के लिए रोपवे का शिलान्यास किया. 1267 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले 9.7 किमी. के इस रोपवे के बनने से श्रद्धालुओं को बाबा केदार के दर्शन के लिए सुगमता होगी. गौरीकुंड से श्री केदारनाथ पहुंचने में अभी श्रद्धालुओं को 6 से 7 घंटे लगते हैं, इस रोपवे के बन जाने से यह यात्रा सिर्फ आधा घंटे में पूरी हो जाएगी.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसके बाद मंदाकिनी आस्था पथ एवं सर...
हिमालयन अरोमा: चुलु की चटनी और चांदनी चौक

हिमालयन अरोमा: चुलु की चटनी और चांदनी चौक

हिमालयन अरोमा
हिमालयन अरोमा भाग-2मंजू कालाहैदराबाद की गलियों में घूमते हुए मैंने कई बार ‘डोने’ बिरयानी का स्वाद चखा है, ‘बिरडोने’ बिरयानी दक्षिण भारत की एक प्रसिद्ध बिरयानी रेसिपी है। यहां डोने बिरयानी में डोने शब्द का इस्तेमाल किया गया है। डोने एक कटोरी के आकार का पात्र होता है जिसे पत्तों से तैयार किया जाता है। यह रेसिपी थोड़ी सिंपल होती है, हैदराबादी बिरयानी की तरह इसमें ज्यादा मसाले का उपयोग नहीं किया जाता है, इस रेसिपी को दक्षिण भारत में खास तरह के चावल से तैयार किया जाता है जिसे सीरागा सांबा चावल कहा जाता है। यह सांबा चावल एक तरह का चावल ही है लेकिन यह आकार में छोटा होता है और इसमें एक खास तरह का फ्लेवर होता है। इसके साथ ही इस रेसिपी में पुदीना के पत्ते के साथ मैरीनेट किए हुआ बकरी का मीट इस्तेमाल किया जाता है। इस तरह से तैयार की गई इस खास बिरयानी को पत्तों से तैयार किए गए दोनों में परो...