Author: Himantar

हिमालय की धरोहर को समेटने का लघु प्रयास
बहिनों के प्रति स्नेह और सम्मान  की प्रतीक है ‘दोफारी’

बहिनों के प्रति स्नेह और सम्मान  की प्रतीक है ‘दोफारी’

लोक पर्व-त्योहार
दिनेश रावत बात संग्रांद (संक्रांति) से पहले एक रोज की है. शाम के समय माँ जी से फोन पर बात हो रही थी. उसी दौरान माँ जी ने बताया कि- ‘अम अरसू क त्यारी करनऽ लगिई.’ ( हम अरसे बनाने की तैयारी में लगे हैं.) अरसे बनाने की तैयारी? मैं कुछ समझ नहीं पाया और मां जी से पूछ बैठा- ‘अरस! अरस काले मां?(अरसे! अरसे क्यों माँ?) तो माँ ने कहा- ‘भोव संग्रांद कणी. ततराया कोख भिजऊँ अर कुठियूँ.’ (कल संक्रांति कैसी है. उसी वक्त कहाँ भीगते और कूटे जाते हैं.) ‘काम भी मुक्तू बाजअ. अरस भी लाण, साकुईया भी उलाउणी, स्वाअ भी लाण अर त फुण्ड भी पहुंचाण.’ (काम भी बहुत हो जाता है. अरसे भी बनाने हैं. साकुईया भी तलनी है. स्वाले यानी पूरी भी बनानी है और फिर वह पहुंचाने भी हैं.) माँ जी से बात करते-करते मैं सोचने को विवश हो गया कि आख़िर गांव-घर से दूर होते ही हम कितनी चीजों से दूर हो जाते हैं. हमारी जीवन शैली कितनी बदल जाती है. ...
युवाओं को प्रेरणा देने का काम करेगी सीडीएस जनरल बिपिन रावत की प्रतिमा : मुख्यमंत्री

युवाओं को प्रेरणा देने का काम करेगी सीडीएस जनरल बिपिन रावत की प्रतिमा : मुख्यमंत्री

देहरादून
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने किया सीडीएस स्वर्गीय जनरल बिपिन रावत की प्रतिमा का अनावरण मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कनक चौक, देहरादून में देश के पहले सीडीएस जनरल पद्म विभूषण बिपिन रावत की प्रतिमा तथा स्मारक स्थल का लोकार्पण किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि जनरल बिपिन रावत की स्मृति को चिरस्थायी बनाये जाने के लिये प्रदेश की किसी बड़ी परियोजना को नाम उनके नाम पर रखा जायेगा. उन्होंने कहा कि यह भव्य प्रतिमा तथा स्मारक स्थल जनरल बिपिन रावत के शौर्य, अदम्य साहस और वीरता का स्मरण कराने के साथ ही युवाओं को प्रेरणा देने का कार्य करेगा. सीडीएस जनरल बिपिन रावत की प्रतिमा तथा स्मारक स्थल का निर्माण एमडीडीए द्वारा लगभग 50 लाख की लागत से किया गया है. उन्होंने सीडीएस जनरल बिपिन रावत को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनकी आकस्मिक मृत्यु से देश को जो अपूरणीय क्षति पहुंची है, उसकी भरपाई कभी संभव नहीं है. उन...
केदानाथ यात्रा : घोड़े-खच्चरों के साथ किसी भी प्रकार से कोई पशु क्रूरता न हो : मौलखी

केदानाथ यात्रा : घोड़े-खच्चरों के साथ किसी भी प्रकार से कोई पशु क्रूरता न हो : मौलखी

रुद्रप्रयाग
विकास भवन सभागार में प्रशिक्षण कार्यक्रम के दूसरे दिन उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को संबोधित करते हुए पीपुल्स फॉर एनिमल्स पशु कल्याण संगठन की सदस्य गौरी मौलखी ने कहा कि धार्मिक स्थलों में पशुओं के साथ किसी भी प्रकार से बुरा व्यवहार एवं क्रूरता की जाती है तो यह उत्तराखंड के लिए अच्छी बात नहीं है इसके लिए उन्होंने केदारनाथ यात्रा मार्ग में तैनात किए गए अधिकारियों एवं कर्मचारियों से कहा कि यात्रा मार्ग में संचालित होने वाले घोड़े-खच्चरों के साथ किसी भी प्रकार से कोई पशु क्रूरता न हो इस पर सभी अधिकारी एवं कर्मचारी कड़ी निगरानी रखें तथा यात्रा के दौरान यदि किसी घोड़े-खच्चर के साथ किसी भी प्रकार की कोई क्रूरता की जाती है तो संबंधित घोड़ा-खच्चर स्वामी एवं संचालक के विरुद्ध आवश्यक कार्यवाही करना सुनिश्चित करें. उन्होंने पशु क्रूरता अधिनियम के संबध में विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि धारा-11...
उत्तराखंडी बच्चे अब दिल्ली में सीखेंगे लोक वाद्य और नाटक!

उत्तराखंडी बच्चे अब दिल्ली में सीखेंगे लोक वाद्य और नाटक!

दिल्ली-एनसीआर
गढ़वाली, कुमाऊनी, जौनसारी भाषाओं के साथ इस बार नाटक और लोकगीत की विद्या भी सिखाई जायेगी – डॉ. विनोद बछेती बच्चों के पास मातृभाषा में सुनने और बोलने के अवसर तो रहते हैं, पर सुनने-सुनाने के लिए शैक्षिक सामग्री का अभाव रहता है. यदि बच्चे की मातृभाषा को प्रारम्भिक स्तर पर उसकी शिक्षण प्रक्रिया में शामिल किया जाये तो वह तेजी से सीखता है. मातृभाषा में सीखना और सिखाना बच्चे के लिए कई दृष्टियों से महत्वपूर्ण होता है. मां अपनी भाषा में जो सिखाती है उसे बच्चा आसानी से खुशी-खुशी सीखता है. अपने परिवार समाज से बच्चा बहुत कुछ ज्ञान सहजता और सरलता से अर्जित करता है जिसका माध्यम मौखिक मातृभाषा ही होती है. उत्तराखंड लोक भाषा साहित्य मंच लगातार बच्चों को लोक भाषाएं सिखाने का काम कर रहा है. उत्तराखंड लोक भाषा साहित्य मंच ने पिछले वर्ष उत्तराखंड की लोक भाषाएं सीखने वाले बच्चों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित कि...
मल्टीनेशनल कम्पनियों के उत्पादों से बेहतर उत्तराखण्ड की महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पाद -सीएम पुष्कर सिंह धामी

मल्टीनेशनल कम्पनियों के उत्पादों से बेहतर उत्तराखण्ड की महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पाद -सीएम पुष्कर सिंह धामी

देहरादून
 उत्तराखण्ड, मध्य प्रदेश और कश्मीर के बाद पशु सखी ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू करने वाला  देश का तीसरा राज्य बना मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को सर्वे ऑफ इण्डिया सभागार, देहरादून में भारत सरकार द्वारा वित पोषित ए हेल्प  (Accredited Agent For Health and Extension of Livestock Production) योजनान्तर्गत पशु सखी के प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारम्भ किया. इस अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा 23 ए हेल्प कार्यकत्रियों को ए हेल्प किट वितरित किए गए. पशु सखी प्रशिक्षण के पश्चात ए हेल्प कार्यकत्री पशुपालन विभाग एवं पशुपालकों के बीच संयोजक कड़ी का काम करेंगी तथा पशुपालकों को सरकार की सभी योजनाओं की जानकारी भी उपलब्ध करायेगी. ए हेल्प योजना द्वारा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के स्वयं सहायता समूह की महिला सदस्यों को विभिन्न योजनाओं में भारत सरकार द्वारा निर्धारित मानदेय प्राप्त करने का अवसर मिलेगा. ए...
भांग की खेती एवं प्रोसेसिंग तकनीकी पर कार्यशाला का आयोजन

भांग की खेती एवं प्रोसेसिंग तकनीकी पर कार्यशाला का आयोजन

देहरादून
उत्तराखंड राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में औद्योगिक, चिकित्सा और वैज्ञानिक उपयोग हेतु भांग की खेती की नयी ड्राफ्ट नीति 2023 की घोषणा कर सक्रिय कदम उठाया है. इस प्रयास के तहत वीर माधो सिंह भंडारी विश्वविद्यालय, उत्तराखंड के नेतृत्व में भारत की चार प्रमुख भांग कंपनियों ने, रेशे और संबद्ध उद्योगों के लिए भांग की खेती एवं प्रोसेसिंग की तकनीकी पर एक अभूतपूर्व कार्यशाला का आयोजन किया. वर्कशॉप में मुख्य अतिथि के रूप में  भरसर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. परविंदर कौशल, कैप उत्तराखंड के निदेशक डॉ. नृपेंद्र चौहान, वीर माधो सिंह भंडारी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉक्टर ओंकार सिंह सहित हेम्प इंडस्ट्री के सम्मानित गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे. कार्यक्रम में झारखंड के पूर्व मुख्य वन सरक्षक आशीष रावत, एफआरआई से डॉ. विनीत कुमार, निनफेट पश्चिम बंगाल से वैज्ञानिक डॉक्टर कार्तिक सामंत, ...
सूर्य संस्कृति की पहचान से जुड़ा स्याल्दे-बिखौती मेला

सूर्य संस्कृति की पहचान से जुड़ा स्याल्दे-बिखौती मेला

लोक पर्व-त्योहार
डॉ. मोहन चंद तिवारी सांस्कृतिक नगरी द्वाराहाट की परंपरागत लोक संस्कृति से जुड़ा उत्तराखंड का स्याल्दे बिखौती का मेला पाली पछाऊँ क्षेत्र का सर्वाधिक लोकप्रिय और रंग रंगीला मेला माना जाता है.दो अलग-अलग चरणों में आयोजित, इस स्यालदे बिखोती का मेला सबसे पहले चैत्र मास की अन्तिम रात्रि ‘विषुवत्’ संक्रान्ति 13 या 14 अप्रैल को प्रतिवर्ष द्वाराहाट से 8 कि.मी.की दूरी पर स्थित विभांडेश्वर महादेव में लगता है.यहां रात्रि काल में आस-पास के गांवों के लोग और लोक नर्तक नाचते और गाते हुए नगाड़ा निशाण लेकर  विभांडेश्वर मंदिर में इकट्ठा होते हैं.दूसरे चरण में वैशाख मास की पहली और दूसरी तिथि को द्वाराहाट बाजार में स्थित शीतला देवी के मंदिर प्रांगण में स्याल्दे का मेला लगता है,जहां विभिन्न आलों के लोग 'ओड़ा भेटने' की परंपरा का निर्वाह करते हैं.विषुवत संक्रांति को विष का निदान करने वाली संक्रांति भी कहा ...
उत्तराखंड में बागवानी को बढ़ावा देने के लिए शोध-अनुसंधान पर दिया जाए जोर : सुशील कुमार

उत्तराखंड में बागवानी को बढ़ावा देने के लिए शोध-अनुसंधान पर दिया जाए जोर : सुशील कुमार

देहरादून
आयुक्त गढ़वाल ने उद्यान विभाग की समीक्षा के दौरान निर्देशित किया कि उत्तराखंड में भी हिमाचल और जम्मू-कश्मीर की भांति बागवानी को चार-चांद लगाने के लिए शोध एवं अनुसंधान पर गंभीरता से कार्य किया जाय. इसके लिए नर्सरी लगाने हेतु इस सेक्टर में बागवानी का बेहतर कार्य करने वाले बाहरी बागवानों को भी नर्सरी लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जाय तथा कीवि, अखरोट व अन्य ऐसी नई वैराइटी जिनका अभी तक सेब की भांति उत्तराखंड में आशातित परिणाम नहीं मिल पाया है, कारण खोजें कि आशा के अनुरूप उनका उत्पादन क्यों नहीं हो पा रहा है तथा जो भी कमजोरियां सामने आयेगी उनको दूर करें. उन्होंने कहा कि कारण खोजें जो वैराइटिज हिमाचल और कश्मीर में सरवाइज कर रही हैं वे उत्तराखंड जैसी उसी जलवायु वाले प्रदेश में अपेक्षित परिणाम क्यों नहीं दे पा रही हैं.उत्तराखंड में आशातित परिणाम नहीं मिल पाया है, कारण खोजें कि आशा के अनुरूप उन...
देहरादून में लगेगी स्व. सीडीएस जनरल बिपिन रावत की मूर्ति

देहरादून में लगेगी स्व. सीडीएस जनरल बिपिन रावत की मूर्ति

देहरादून
14 अप्रैल को देहरादून में होगा स्वर्गीय सीडीएस जनरल बिपिन रावत की मूर्ति का अनावरण 14 अप्रैल को सीडीएस जनरल बिपिन रावत और मधुलिका रावत की शादी की सालगिरह होती है. शादी की सालगिरह के दिन उनकी मूर्ति का अनावरण किया जा रहा है. इस अवसर पर देश के पूर्व सैनिकों के अलावा, जनरल बिपिन रावत की दोनों बेटियां क्रतिका, तारिणी तथा अन्य गणमान्य लोग भी शामिल होंगे. सबसे पहले निदेशक सैनिक कल्याण द्वारा मुख्य अतिथियों का स्वागत किया जायेगा. उसके बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा सीडीएस जनरल बिपिन रावत की मूर्ति का अनावरण और उसके बाद मूर्ति पर माल्यार्पण और श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे. इस अवसर पर जनरल बिपिन रावत की जीवनी पर संक्षिप्त परिचय दिया जायेगा. उसके बाद सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी यहां पर उपस्थित लोगों को संबोधित करेंगे. उसके पश्चात मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी यहां पधारे गणमान्य अतिथियों और ...
क्यों पिछड़ गयी हिमाचल की हिंदी कविता?

क्यों पिछड़ गयी हिमाचल की हिंदी कविता?

पुस्तक-समीक्षा, हिमाचल-प्रदेश
पुस्तक समीक्षागगनदीप सिंह हिमाचल प्रदेश में लगभग 35 सालों से लगातार छप रही सरकारी हिंदी त्रैमासिक पत्रिका 'विपाशा' की साहित्यक हलकों में ठीक-ठाक शाख है. हिमाचल के साहित्यकारों को और देश की 'मुख्यधारा’ के साहित्यकारों के बीच एक पुल का काम यह लंबे समय से निभाती आ रही है. हिमाचल के हिंदी साहित्य पर हिमाचल प्रदेश सरकार के भाषा, कला एवं संस्कृति विभाग की छाप पूरी तरह से देखी जा सकती है. एक तरह से कहा जा सकता है कि हिमचाल का साहित्य सरकारी छत्रछाय में पला बढ़ा है. इस विभाग द्वारा हर साल जिला स्तर से लेकर राज्य स्तर तक कई कार्यक्रम आयोजित और प्रायोजित किये जाते हैं. साहित्यकारों को मिलने वाली मानदेय की सुविधा इनकी बहुत मदद करती है. पिछले 35 सालों में छपे विशेषांकों और खासकर कविता विशेषांकों से अगर तुलना की जाए तो इस बार का कविता विशेषांक केवल रस्मी तौर पर विशेषांक नहीं था बल्कि यह सचमु...