Author: Himantar

हिमालय की धरोहर को समेटने का लघु प्रयास
लोकरंग सांस्कृतिक कार्यशाला का शुभारंभ

लोकरंग सांस्कृतिक कार्यशाला का शुभारंभ

दिल्ली-एनसीआर
"लोकरंग सांस्कृतिक व साहित्यिक उत्थान समिति", शालीमार गार्डन, साहिबाबाद, गाजियाबाद के तत्वावधान में आयोजित लोकरंग सांस्कृतिक कार्यशाला का शुभारंभ आज रविवार 9 जुलाई, में सेंट एंड्रयूज पब्लिक स्कूल, सी-ब्लाॅक, शालीमार गार्डन में क्षेत्र की पूर्व पार्षद व समाज सेवी श्रीमती सुनीता रावत रेड्डी जी के द्वारा किया गया. कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन तथा उत्तराखण्ड के पारम्परिक शकुनाखर (मांगल गीत) के साथ हुआ.शकुनाखर को उमा पाण्डेय, नीमा अकोलिआ, मधु बहुखंडी व गायत्री घुघत्याल ने अपने स्वरों मे पिरोया.आगामी तीन माह तक चलने वाली यह सांस्कृतिक कार्यशाला प्रत्येक रविवार आयोजित की जाएगी जहां कलाकारों को उत्तराखण्ड के लोक कला, लोक नृत्य-संगीत, लोक भाषा, लोक कथा व लोक नाट्य की बारिकियां विभिन्न कला विशेषज्ञों द्वारा सीखायी जाएंगी. मुख्य अतिथि श्रीमती सुनीता रावत रेड्डी ने आयोजक टीम की सराहना करते...
शहीद राइफलमैन मनदीप सिंह रावत की पांचवी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा

शहीद राइफलमैन मनदीप सिंह रावत की पांचवी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा

पौड़ी गढ़वाल
पहाड़ों में जन्मा था वह जवान, मां कहती तू ही त छे मेरु लाल देश का करता था जो सम्मान, नहीं देख पाया आतंकियों का वार भारत मां ने था जिसे बुलाया, मना वह नहीं कर पाया दिया उसने मुंहतोड़ जवाब हुआ बलिदान वह इस देश को अमर हो गया है वह जवान मनदीप सिंह रावत था जिसका नाम मां कहती तू ही त छे मेरु लाल कुछ इन्हीं भावों के साथ आज दिनांक 7 अगस्त 2023 को मेहरबान सिंह कंडारी सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज कोटद्वार परिसर में विद्यालय परिवार एवं ग्रीन आर्मी देवभूमि उत्तराखंड के स्वयंसेवकों के द्वारा मरणोपरांत सेना मेडल शहीद राइफलमैन मनदीप सिंह रावत की पांचवी पुण्यतिथि के उपलक्ष में विद्यालय परिवार में परिसर में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। जिसमें शहीद मनदीप रावत जी की माताजी श्रीमती सुमा देवी एवं श्री किशोर कुमार लखेडा जी एवं विद्यालय गुरुजनों एवं स्वयंसेवकों द्वारा श्रद्धा सुमन अर्पित किया ...
‘उत्तरायण’ के पर्याय थे बंशीधर पाठक ‘जिज्ञासु’

‘उत्तरायण’ के पर्याय थे बंशीधर पाठक ‘जिज्ञासु’

स्मृति-शेष
हमारी लोक विधाओं को नया आयाम देने वाले बंशीधर पाठक ‘जिज्ञासु’ जी की पुण्यतिथि पर उन्हें याद करते हुएचारु तिवारी उन दिनों हम लोग बग्वालीपोखर में रहते थे. यह बात 1976-77 की है. आकाशवाणी लखनऊ से शाम 5.45 बजे कार्यक्रम आता था- ‘उत्तरायण.’ शाम को  ईजा स्कूल के दो-मंजिले की बड़ी सी खिड़की में बैठकर रेडियो लगाती. हम सबका यह पसंदीदा कार्यक्रम था. हम किसी भी हालत में इसे मिस नहीं होने देते. हमें नहीं पता था कि इस कार्यक्रम को संचालित करने वाले हमारे ही बगल के गांव नहरा (कफड़ा) के वंशीधर पाठक ‘जिज्ञासु’ जी हैं. बहुत बाद में उनके व्यक्तित्व और कृतित्व को जानने का मौका मिला. उन्होंने कुमाउनी भाषा और साहित्य के लिये अपना जो अमूल्य योगदान दिया उसे कभी भुलाया नहीं जा सकेगा. जिज्ञासु जी ने आकाशवाणी लखनऊ में रहते ‘उत्तरायण’ के माध्यम से जिस तरह कुमाउनी-गढ़वाली भाषा के संवर्धन और नाटकों की शुरुआत की उस...
राग मल्हार : करे, बादरा, घटा घना घोर

राग मल्हार : करे, बादरा, घटा घना घोर

ट्रैवलॉग
मंजू दिल से… भाग-30मंजू कालापावस ऋतु में मल्हार अंग के रागों का गायन-वादन अत्यन्त सुखदायी होता है. वर्षाकालीन सभी रागों में सबसे प्राचीन राग मेघ मल्हार माना जाता है. काफी थाट का यह राग औड़व-औड़व जाति का होता है, अर्थात इसके आरोह और अवरोह में 5-5 स्वरों का प्रयोग होता है. गांधार और धैवत स्वरों का प्रयोग नहीं होता. समर्थ कलासाधक कभी-कभी परिवर्तन के तौर पर गांधार स्वर का प्रयोग करते हैं. भातखंडे जी ने अपने ‘संगीत-शास्त्र’ ग्रंथ में भी यह उल्लेख किया है कि कोई-कोई कोमल गांधार का प्रयोग भी करते हैं. लखनऊ के वरिष्ठ संगीत-शिक्षक और शास्त्र-अध्येता पंडित मिलन देवनाथ के अनुसार लगभग एक शताब्दी पूर्व राग मेघ में कोमल गांधार का प्रयोग होता था. आज भी कुछ घरानों की गायकी में यह प्रयोग मिलता है.. ऋतुओं में से पावस एक महत्वपूर्ण व उपयोगी ऋतु है. यह जीवन दायिनी ऋतु है. अन्न-जल और धान्य का बरखा...
पुरोला : बाइक रपटने से युवक की मौत

पुरोला : बाइक रपटने से युवक की मौत

उत्तरकाशी
नगर पंचायत के अंतर्गत छाड़ा खड्ड के पास आज सुबह बाइक रपटने से एक युवक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने युवक को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र ले गयीण् जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया. खबर की सूचना परिजनों को दे दी गई है. हादसे के बाद से परिजनों का रो–रोकर बुरा हाल है. थानाध्यक्ष पुरोला अशोक कुमार चक्रवर्ती ने जानकारी देते बताया कि आज सुबह डिग्री कॉलेज रोड से मार्केट की तरफ आ रही बाइक संख्या (UK16D7251) छाड़ा खड्ड के पास फिसलन गई. हादसे में विकासखंड मोरी के कुनारा गांव निवासी रोहित (25) पुत्र मेंबर सिंह की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई. सूचना पर पहुंची पुलिस ने युवक को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया. जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया है. थानाध्यक्ष ने बताया कि युवक का पंचनामा भर अग्रिम कार्यवाही की जा रही है....
उत्तराखंड के पहले हिमालयन सांस्कृतिक केन्द्र का शुभारंभ

उत्तराखंड के पहले हिमालयन सांस्कृतिक केन्द्र का शुभारंभ

देहरादून
मुख्यमंत्री ने हिमालयन सांस्कृतिक केन्द्र में स्थापित वृहद संग्रहालय, प्रेक्षागृह, वाह्य व आन्तरिक कलादीर्घा पुस्तकालय एवं नाट्यशाला का किया अवलोकन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को नीबूवाला गढ़ी कैन्ट, देहरादून में संस्कृति विभाग द्वारा निर्मित उत्तराखण्ड के प्रथम हिमालयन सांस्कृतिक केन्द्र का शुभारंभ किया. मुख्यमंत्री ने 4 दिवसीय सांस्कृतिक उत्सव निनाद का भी शुभारंभ कर हिमालयन सांस्कृतिक केन्द्र में स्थापित वृहद संग्र्रहालय, प्रेक्षागृह, वाह्य व आन्तरिक कलादीर्घा पुस्तकालय एवं नाट्यशाला का अवलोकन किया तथा परम्परागत ढ़ोल वादन कर लोकवाद्यो का सम्मान भी बढ़ाया. असम के लोक कलाकारों द्वारा बिहु नृत्य का प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री को सम्मानित भी किया गया. फिल्म जगत से जुड़े प्रदेश के फिल्मकारों, छायाकारों एवं गायकों को भी सम्मानित किया उनमें फिल्मकार संतोष रावत, फिल्म छायाकार कमलजीत नेगी,...
पुरोला—मोरी: भेड़ पालकों का जीवन बीमा करने की मांग!

पुरोला—मोरी: भेड़ पालकों का जीवन बीमा करने की मांग!

उत्तरकाशी
नीरज  उत्तराखंडीभेड़ पहाड़ की  आर्थिकी की रीढ़ है लेकिन उचित  प्रोत्साहन न मिलने से भेड़ -बकरी पालन व्यवसाय  दम तोड़ता  नजर आ रहा है. आधुनिक सुख सविधाओं की ओर दौड़ती युवा पीढ़ी पारम्परिक व्यवसाय भेड़ बकरी पालन से विमुख होती जा रही है. जिसकी एक बडी वजह भेड़ पालकों की सरकारी अनदेखी भी शामिल है. उचित सहयोग प्रोत्साहन न मिले से युवा पीढ़ी इस पुश्तैनी  व्यवसाय  से  मुख मोड़ने लगी है. पहाड़ की जवानी रोटी रोजगार की तलाश  में  मैदान  की खाक छान रही है.आज के युवक भेड़ पालन व्यवसाय पर रुचि नहीं ले रहे हैं. जिससे लगातार भेड़-बकरी व्यवसायियों की संख्या में भारी गिरावट आ रही है. उच्च हिमालय की  सुन्दर घाटियों में समुद्रतल से  3566 मीटर (11700 फीट) की ऊंचाई पर भेड़ पालक बेखौफ मौसम की मार झेल कर  भेड़ बकरी व्यवसाय पालन करते है. प्रतिकूल परिस्थितियों में धूप, बारिश, सर्दी  आसमानी  बिजली  के संकट से जूझ...
दुदबोलि पत्रिका का लोकार्पण एवं ऋषिबल्लभ सुंदरियाल व मथुरादत्त मठपाल की याद में संगोष्ठी आयोजित

दुदबोलि पत्रिका का लोकार्पण एवं ऋषिबल्लभ सुंदरियाल व मथुरादत्त मठपाल की याद में संगोष्ठी आयोजित

दिल्ली-एनसीआर
सी एम पपनैं संगोष्ठी के प्रथम सत्र में मंचासीन रमेश घिन्डियाल, महेश चंद्रा, दिनेश मोहन घिन्डियाल, कुसुम कन्डवाल भट्ट व रोहित सुंदरियाल प्रबुद्ध वक्ताओं द्वारा गढ़वाली बोली-भाषा में ऋषिबल्लभ सुंदरियाल के कृतित्व व व्यक्तित्व पर सारगर्भित प्रकाश डाल कर व्यक्त किया गया, ऋषिबल्लभ सुंदरियाल छोटी उम्र में ही एक प्रखर वक्ता, कुशल रणनीतिकार व सशक्त विचारधारा के बल राष्ट्रीय पहचान बनाने में सफल रहे। उनके विचारों व जन के प्रति अपार निष्ठा व भावना को देख प्रभावित हुए बिना नहीं रहा जा सकता था। उन्होंने अपने आदर्शो को आगे रख, अपनी पूरी जिंदगी हिमालय बचाओ, हिमालय बसाओ जैसे संवेदनशील मुद्दे पर दाव पर लगा कर रखी। हिमालय बचाओ आंदोलन में उनकी सक्रियता व उनके सामाजिक योगदान ने जनमानस के मध्य अमिट छाप छोडी थी। 1974 मे उनकी मृत्यु पर जन द्वारा शंखा व्यक्त की गई थी। जनभावना रही उनको मारा गया था। आयोजन के इस अव...
दर्दनाक हादसा : बस में लगी भीषण आग, जिंदा जल गए 26 यात्री

दर्दनाक हादसा : बस में लगी भीषण आग, जिंदा जल गए 26 यात्री

देश—विदेश
महाराष्ट्र के बुलढ़ाणा जिले में शुक्रवार देर रात भीषण सड़क हादसा हुआ। बुलढ़ाणा में एक बस में आग लगने से 26 यात्रियों की मौत हो गई। ये बस नागपुर से पुणे जा रही थी, रास्ते में ही दुर्घटना का शिकार हो गई। पुलिस ने बताया कि निजी ट्रैवल्स की बस नागपुर से पुणे जा रही थी, तभी बुलढ़ाणा जिले के सिंदखेडराजा के पास देर रात करीब 1.30 बजे वह डिवाइडर से टकरा गई। डिवाइडर से टकराने के बाद बस में सवार 26 यात्रियों की जलकर मौत हो गई। इसके साथ ही इस दुर्घटना में कई लोग घायल हुए हैं। पुलिस ने बताया कि घायलों का इलाज बुलढ़ाणा सिविल अस्पताल में चल रहा है। महावीर रवांल्टा समेत नौ साहित्यकारों को उत्तराखंड साहित्य गौरव सम्मानबुलढाणा के एसपी सुनील कडासने ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बस का टायर फट गया, जिससे वह एक खंभे और डिवाइडर से टकरा गई और उसमें आग लग गई। अधिकारी ने बताया कि बस में सवार 33 य...
उत्तराखंड भाषा संस्थान : नौ साहित्यकारों को उत्तराखंड साहित्य गौरव सम्मान

उत्तराखंड भाषा संस्थान : नौ साहित्यकारों को उत्तराखंड साहित्य गौरव सम्मान

देहरादून
सम्मानित साहित्यकारों को अंगवस्त्र, प्रसस्ति पत्र एवं एक लाख रुपये की सम्मान राशि प्रदान की गई देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज देहरादून में उत्तराखण्ड भाषा संस्थान द्वारा आयोजित साहित्य गौरव सम्मान समारोह तथा लोक भाषा सम्मेलन में प्रतिभाग किया. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रसिद्ध साहित्यकार महावीर रवांल्टा समेत 9 साहित्यकारों को उत्तराखण्ड गौरव सम्मान से सम्मानित किया.इस अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा जिन साहित्यकारों को प्रतिष्ठित उत्तराखण्ड साहित्य गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया उनमें संतोष कुमार निवारी को चन्द्रकुंवर बर्त्वाल पुरस्कार, अमृता पाण्डे को शैलेश मटियानी पुरस्कार, प्रकाश चन्द्र तिवारी को डॉ. पीताम्बर दत्त बड़थ्वाल पुरस्कार, दामोदर जोशी ‘देवांशु’ को भैरव दत्त धूलिया पुरस्कार, राजेन्द्र सिंह बोरा उर्फ त्रिभुवन गिरी को गुमानी पंत पुरस्कार, नरेन्द्र कठैत को भजन सिंह...