
- नीरज उत्तराखंडी | नौगांव (उत्तरकाशी)
चारधाम यात्रा के प्रथम पड़ाव पर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) नौगांव में स्वास्थ्य सेवाओं की गंभीर बदहाली सामने आई है। अस्पताल का एक्सरे रूम पिछले दो माह से बंद पड़ा है, जिससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ चारधाम यात्रा मार्ग से गुजरने वाले यात्रियों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार अस्पताल में तैनात आउटसोर्स एक्सरे टेक्नीशियन और लैब टेक्नीशियनों का वार्षिक अनुबंध 17 मार्च को समाप्त हो गया था, लेकिन अब तक शासन स्तर से उसका नवीनीकरण नहीं किया गया है। अनुबंध समाप्त होने के बाद से टेक्नीशियन बेरोजगार होकर घर बैठने को मजबूर हैं, जबकि अस्पतालों में आवश्यक जांच सेवाएं ठप पड़ी हैं।
आउटसोर्स टेक्नीशियनों के अनुबंध का नवीनीकरण अभी शासन स्तर से नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में पिछले दो माह से एक्सरे सेवाएं पूरी तरह बंद हैं, जबकि पैथोलॉजी जांचों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है। – डॉ. रोहित भंडारी, प्रभारी चिकित्साधीक्षक , सीएचसी नौगांव
नौगांव सीएचसी में एक्सरे सेवा पूरी तरह बंद होने से दुर्घटना, हड्डी संबंधी समस्या और अन्य गंभीर रोगों से पीड़ित मरीजों को निजी क्लीनिकों का सहारा लेना पड़ रहा है। दूरदराज ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है। कई मरीजों को जांच के लिए बड़कोट या जिला मुख्यालय तक जाना पड़ रहा है।
केवल नौगांव ही नहीं, बल्कि बड़कोट, चिन्यालीसौड़, डुंडा और भटवाड़ी जैसे अस्पतालों में भी आउटसोर्स व्यवस्था के तहत कार्यरत करीब दस एक्सरे और लैब टेक्नीशियनों का अनुबंध समाप्त होने से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुई हैं। चारधाम यात्रा के दौरान इन अस्पतालों पर मरीजों का दबाव बढ़ जाता है, ऐसे समय में तकनीकी स्टाफ की कमी से व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
पैथोलॉजी जांच सेवाएं भी प्रभावित हो रही हैं। हालांकि अस्पताल प्रशासन किसी तरह वैकल्पिक व्यवस्था के तहत चंदन लैब और एकीकृत परामर्श एवं जांच केंद्र में तैनात कर्मचारियों की मदद से सीमित जांचें करा रहा है, लेकिन पर्याप्त तकनीकी स्टाफ न होने से मरीजों को समय पर सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।
सीएचसी नौगांव के प्रभारी चिकित्साधीक्षक डॉ. रोहित भंडारी ने बताया कि आउटसोर्स टेक्नीशियनों के अनुबंध का नवीनीकरण अभी शासन स्तर से नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में पिछले दो माह से एक्सरे सेवाएं पूरी तरह बंद हैं, जबकि पैथोलॉजी जांचों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है।
स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने शासन और स्वास्थ्य विभाग से शीघ्र अनुबंध नवीनीकरण कर स्वास्थ्य सेवाएं सुचारु करने की मांग की है। उनका कहना है कि चारधाम यात्रा जैसे संवेदनशील समय में अस्पतालों में बुनियादी सुविधाओं का ठप होना गंभीर चिंता का विषय है।
