रवांल्टा समाज को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने की मांग तेज, जिला पंचायत अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन

Ramesh Chauhan Jeela panchayat Adhyaksh

 

  • हिमांतर | नीरज उत्तराखंडी | उत्तरकाशी 

जनपद उत्तरकाशी की यमुना, टौंस और गंगा घाटी क्षेत्र में निवास करने वाले रवांल्टा (रवांल्टा ) समुदाय को अनुसूचित जनजाति (ST) की सूची में शामिल किए जाने की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। इस संबंध में जिला पंचायत अध्यक्ष रमेश सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर समुदाय की लंबे समय से चली आ रही मांग पर सकारात्मक पहल करने का अनुरोध किया है।

ज्ञापन में कहा गया है कि सीमांत जनपद उत्तरकाशी की यमुना, टौंस एवं गंगा घाटियों में रहने वाला रवांल्टा समुदाय अपनी विशिष्ट संस्कृति, भाषा, बोली, रीति-रिवाज एवं पारंपरिक जीवन शैली के साथ लंबे समय से सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान बनाए हुए है। समुदाय का दावा है कि उसकी सांस्कृतिक संरचना और पारंपरिक जीवन शैली जनजातीय विशेषताओं से मेल खाती है तथा संरक्षण की आवश्यकता रखती है।

जिला पंचायत अध्यक्ष रमेश सिंह चौहान ने अपने पत्र में उल्लेख किया कि रवांल्टा समाज आज भी अपनी पारंपरिक विरासत और सांस्कृतिक मूल्यों को संरक्षित रखते हुए समाज और राष्ट्र निर्माण में योगदान दे रहा है। इसके बावजूद समुदाय को अब तक अनुसूचित जनजाति की सूची में शामिल नहीं किया गया है, जिससे समुदाय के लोगों को विभिन्न सरकारी योजनाओं और संवैधानिक प्रावधानों का अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है।

ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि समुदाय लंबे समय से अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान के आधार पर अनुसूचित जनजाति का दर्जा दिए जाने की मांग करता रहा है। मांगकर्ताओं का कहना है कि इससे समुदाय की सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण के साथ शिक्षा, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं तक पहुंच मजबूत होगी।

जिला पंचायत अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि राज्य सरकार इस विषय पर आवश्यक प्रक्रिया आगे बढ़ाते हुए प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजने पर विचार करे, ताकि रवांल्टा समुदाय की मांग पर उचित स्तर पर निर्णय लिया जा सके।  समुदाय के प्रतिनिधियों ने उम्मीद जताई है कि उनकी लंबे समय से लंबित मांग पर शीघ्र निर्णय लिया जाएगा।

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