
- नीरज उत्तराखंडी, नौगांव/बड़कोट/उत्तरकाशी
यमुना घाटी के बड़कोट और नौगांव क्षेत्र में रसोई गैस का गंभीर संकट गहराता जा रहा है. हालात ऐसे हैं कि उपभोक्ताओं को गैस सिलिंडर के लिए रातभर कतारों में खड़ा रहना पड़ रहा है, इसके बावजूद कई लोग खाली हाथ लौटने को मजबूर हैं.
रामलीला मैदान में रातभर जमी कतारें
बड़कोट नगर क्षेत्र में शनिवार को गैस मिलने की उम्मीद में बड़ी संख्या में उपभोक्ता रामलीला मैदान में एकत्र हुए. लोग रातभर लाइन में लगे रहे, लेकिन गैस आपूर्ति नहीं हो सकी. रविवार सुबह तक भी लंबी कतारें बनी रहीं.
रविवार को भारत गैस की एक गाड़ी पहुंची, लेकिन भारी भीड़ के चलते अधिकांश उपभोक्ताओं को सिलिंडर नहीं मिल पाया. स्थिति को देखते हुए पुलिस की मौजूदगी में गैस वितरण कराया गया.
वहीं, इंडेन गैस की गाड़ी न पहुंचने से लोगों में खासा आक्रोश है. उपभोक्ताओं का कहना है कि कई दिनों से इंडेन गैस की आपूर्ति ठप पड़ी है, जिससे संकट और गहरा गया है.
होटल–ढाबों पर असर, रोजी–रोटी पर संकट
गैस किल्लत का असर स्थानीय कारोबार पर भी साफ दिख रहा है. बड़कोट, जो यमुनोत्री धाम का प्रमुख पड़ाव है, वहां आधा दर्जन से अधिक होटल और ढाबे गैस के अभाव में बंद हो चुके हैं. इससे कई परिवारों के सामने रोजी–रोटी का संकट खड़ा हो गया है.
व्यापार मंडल के जिला महामंत्री सुरेंद्र सिंह रावत और नगर महामंत्री सोहन गैरोला सहित स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द गैस आपूर्ति सुचारू करने की मांग की है.
नौगांव में अव्यवस्थाओं से उपभोक्ता परेशान
उधर नौगांव क्षेत्र में भी हालात चिंताजनक बने हुए हैं. यहां गढ़वाल मंडल विकास निगम की यूनिट भारत गैस गोदाम में करीब 150 उपभोक्ताओं को आठ घंटे इंतजार के बाद भी गैस नहीं मिल सकी.
उपभोक्ताओं का आरोप है कि एजेंसी ने पहले गैस वितरण की सूचना देकर उन्हें लाइन में खड़ा किया, लेकिन बाद में गाड़ी न आने की बात कहकर निराश कर दिया. इस दौरान कर्मचारी बिना स्पष्ट जानकारी दिए गोदाम बंद कर बड़कोट चले गए, जिससे लोग घंटों असमंजस में खड़े रहे.
नगर पंचायत सहित सुनारा, कोटियालगांव, मंजियाली, कंसोला, पलेठा और वगासु गांव के उपभोक्ताओं को खाली हाथ लौटना पड़ा. लोगों का कहना है कि नौगांव में पिछले दस दिनों से गैस वितरण नहीं हुआ है और वे रोज गोदाम के चक्कर काटने को मजबूर हैं.
प्रशासन से समाधान की मांग
लगातार बढ़ती गैस किल्लत और अव्यवस्थाओं को लेकर लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है. उपभोक्ताओं ने प्रशासन से मांग की है कि गैस आपूर्ति नियमित की जाए और वितरण व्यवस्था को पारदर्शी व सुव्यवस्थित बनाया जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके.
