मिशन कीवी से संवरेगी छोटे किसानों की तकदीर, पारदर्शी चयन पर डीएम का जोर

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उत्तरकाशी में कीवी क्रांति की तैयारी, छोटे किसानों को मिलेगा सीधा लाभ

  • नीरज उत्तराखंडी | उत्तरकाशी

उत्तरकाशी जनपद में अब कीवी उत्पादन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने की ओर बढ़ रहा है। पहाड़ी क्षेत्रों की जलवायु और प्राकृतिक परिस्थितियों को देखते हुए प्रशासन ने कीवी मिशन को किसानों की आय बढ़ाने का सशक्त माध्यम माना है। इसी कड़ी में मंगलवार को जिलाधिकारी प्रशान्त आर्य ने जिला स्तरीय मॉनिटरिंग कमेटी की बैठक लेकर उद्यान विभाग की योजनाओं एवं कार्यक्रमों की विस्तार से समीक्षा की और अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।

बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं का लाभ केवल कागजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि वास्तविक पात्र किसानों तक पारदर्शी तरीके से पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कीवी मिशन के अंतर्गत लाभार्थियों का चयन पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ किया जाए, ताकि मेहनती और इच्छुक किसानों को प्राथमिकता मिल सके।

जिलाधिकारी ने कहा कि कीवी एक उच्च मूल्य वाली नकदी फसल है, जिसकी बाजार में लगातार मांग बढ़ रही है। उत्तरकाशी जैसे पर्वतीय जनपद में इसकी खेती किसानों के लिए आर्थिक रूप से बेहद लाभकारी साबित हो सकती है। उन्होंने उद्यान विभाग को निर्देश दिए कि जनपद में अधिक से अधिक किसानों को कीवी उत्पादन से जोड़ा जाए, जिससे ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि हो और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा हों।

छोटे और सीमांत किसानों पर रहेगा विशेष फोकस

बैठक में जिलाधिकारी ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि योजनाओं का लाभ केवल बड़े काश्तकारों तक सीमित न रहे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि छोटे और सीमांत किसानों को अनिवार्य रूप से कीवी मिशन से जोड़ा जाए। उनका मानना है कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक असमानता कम होगी और कमजोर वर्ग के किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत बनेगी।

उन्होंने कहा कि यदि छोटे किसान आधुनिक बागवानी और नकदी फसलों से जुड़ेंगे तो पलायन जैसी समस्याओं पर भी काफी हद तक रोक लग सकेगी। पहाड़ के किसानों को स्थानीय स्तर पर ही बेहतर आय का साधन उपलब्ध होगा।

पहाड़ की अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई मजबूती

विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तरकाशी में कीवी उत्पादन की अपार संभावनाएं हैं। यहां की जलवायु, मिट्टी और मौसम की परिस्थितियां कीवी उत्पादन के लिए अनुकूल मानी जाती हैं। यदि योजनाबद्ध तरीके से किसानों को तकनीकी सहायता, प्रशिक्षण और विपणन सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं तो आने वाले वर्षों में उत्तरकाशी प्रदेश का प्रमुख कीवी उत्पादक जनपद बन सकता है।

बैठक में सीएचओ डॉ. रजनीश सिंह, सीएओ एसएस वर्मा, नाबार्ड के महाप्रबंधक पारीक, उद्योग विभाग की महाप्रबंधक शैली डबराल, सचेंद्र परमार, कुशलानंद बहुगुणा सहित अन्य अधिकारी एवं समिति के सदस्य मौजूद रहे।

किसानों के लिए उम्मीद की नई किरण

कीवी मिशन केवल एक कृषि योजना नहीं, बल्कि पहाड़ की अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। यदि प्रशासन की मंशा के अनुरूप पारदर्शिता और ईमानदारी से इसका क्रियान्वयन हुआ, तो यह मिशन उत्तरकाशी के हजारों छोटे किसानों की जिंदगी बदलने का माध्यम बन सकता है।

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