
पहाड़ की रसोई से रोजगार तक: ‘असकाई’ ने बदली कारीगरों की तकदीर
पारंपरिक बर्तन बना कमाई का जरिया नीरज उत्तराखंडीउत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में पारंपरिक व्यंजन ‘असका’ बनाने में उपयोग होने वाला मिट्टी का खास बर्तन ‘असकाई’ आज हस्तकला और स्वरोजगार का मजबूत माध्यम बनकर उभर रहा है।आधुनिकता की दौड़ में जहां पारंपरिक बर्तन धीरे-धीरे गायब हो रहे थे, वहीं ‘असकाई’ ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने का काम किया है।असकाई: परंपरा और तकनीक का संगम
‘असकाई’ मिट्टी से बना पारंपरिक बर्तन है, जिसका उपयोग खासतौर पर ‘असका’ बनाने में होता है। इसकी बनावट ऐसी होती है कि भोजन धीमी आंच पर समान रूप से पकता है, जिससे स्वाद और पौष्टिकता दोनों बरकरार रहते हैं।स्थानीय कारीगर पीढ़ियों से इस कला को जीवित रखे हुए हैं।हस्तकला का अनूठा नमूना
‘असकाई’ केवल एक बर्तन नहीं, बल्कि पहाड़ की सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है।इसे पूरी तरह हाथों से बनाया जाता है—मिट...
