उत्तरकाशी संगमचट्टी क्षेत्र के दरसों गांव में युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया।
परिजनों और ग्रामीणों ने हंगामा करने के साथ ही शव उठाने से इनकार कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को शांत कराने की कोशिश की, लेकिन लोग नहीं माने। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।...
उत्तरकाशी: मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संजीव पाल की अदालत ने CDO को बंधक बनाने पर पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सहित 18 लोगों को विभिन्न धाराओं में एक-एक वर्ष के कठोर करावास की सजा सुनाई है। अदालत ने सभी पर विभिन्न धाराओं में अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा नहीं कर प्रत्येक धारा में एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
2018 में उत्तरकाशी के तत्कालीन CDO विनीत कुमार को पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष जशोदा राणा, उपाध्यक्ष व सदस्यों ने उनके कार्यालय में बंद कर दिया था। विनीत कुमार ने उन्हें बंधक बनाए जाने, जान से मारने की धमकी देने और शासकीय कार्य में बाधा डालने का आरोप लगाते हुए पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सहित अन्य लोगों पर उत्तरकाशी कोतवाली में नामजद मुकदमा दर्ज कराया था।
अमर उजाला के अनुसार गत मंगलवार को मामले की सुनवाई करते हुए सीजेएम संजीव पाल की अदालत ने सभी को तीन धाराओं में संदेह का लाभ देकर...
उत्तरकाशी : के सिलक्यारा में रेस्क्यू ऑपरेशन सफल बनाने के लिए ऑस्ट्रेलियाई पीएम एंथनी अल्बानीज ने अंतरराष्ट्रीय टनलिंग विशेषज्ञ प्रोफेसर अर्नोल्ड डिक्स को बधाई दी है। जवाब में डिक्स ने दिल जीत लेने वाली बातें कहीं।
हमने चमत्कार देखा, मुझे मंदिर जाना है…
अर्नोल्ड डिक्स ने कहा कि इस सफल मिशन का हिस्सा बनना उनके लिए बड़ी खुशी की बात है। कहा कि मुझे मंदिर जाना है क्योंकि जो हुआ उसके लिए मैंने धन्यवाद देने का वादा किया था। ये कहा कि यदि लोगों ने ध्यान नहीं दिया है, तो हमने सिर्फ एक चमत्कार देखा है।
अंतरराष्ट्रीय टनलिंग विशेषज्ञ प्रोफेसर अर्नोल्ड डिक्स
बीते 12 नवंबर की सुबह ही सिलक्यारा में टनल टूटने से 41 श्रमिक भीतर फंस गए थे। तमाम एजेंसियों और विदेश से आए विशेषज्ञों की देखरेख में ये अभियान मंगलवार रात पूरा हुआ, जब सभी श्रमिक सकुशल बाहर निकाल लिए गए थे। इस रेस्क्यू में बड़ी भूमिका निभाने व...
उत्तरकाशी के सिलक्यारा टनल में फंसे 41 मजदूरों के सुरक्षित बाहर निकलने की दुआएं कबूल हुईं। ऑपरेशन सिलक्यारा के तहत जब आखिरी मजदूर ने टनल से बाहर आकर खुली हवा में सांस ली तो देश और दुनिया में बदलते उत्तराखंड का संदेश गया। केंद्रीय राज्य मंत्री जनरल ( से.नि) वीके सिंह भी है मौजूद।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्रमिको और रेस्क्यू अभियान में जुटे हुए कर्मियों के मनोबल और साहस की जमकर सराहना की।टनल से बाहर निकाले गए श्रमिकों की प्रारंभिक स्वास्थ्य प्रशिक्षण टनल में बने अस्थाई मेडीकल कैंप में की जाएगीट। नल में फंसे श्रमिको को बाहर निकालने का सिलसिला शुरू।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बाहर निकाले गए श्रमिको से कर रहे हैं मुलाकात। केंद्रीय राज्य मंत्री जनरल ( से.नि) वीके सिंह भी है मौजूद। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्रमिको और रेस्क्यू अभियान में जुटे हुए कर्मियों के मनोबल औ...
उत्तरकाशी: सिलक्यारा टनल में फंसे 41 मजदूरों को बचा लिया गया है। दीपावली के दिन 12 नवंबर को टनल में अचानक हुए लैंडस्लाइड के कारण वहां काम कर रहे 41 मजदूर कैद हो गए थे, जिनको बचाने के लिए पिछले 17 दिनों से लगातार दिन-रात रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा था। पहले राउंड में झारखंड के दो मजदूरों को बाहर निकाला गया। अब तक पांच मजदूरों को बाहर निकाला लिया गया है।
आखिरकार 17 दिनों की दिन रात की मेहनत के बाद जैसे ही मजदूरों को बाहर निकल गया, सभी को एक-एक कर एंबुलेंस के जरिए चिन्यालीसौड़ सीएचसी में ले जाया गया, जहां पहले से ही सभी सुविधाएं चाक-चौबंद कर ली गई थी। विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती के साथ ही मेडिकल से जुड़ी सभी सुविधा उपलब्ध करा दी गई थी।
मजदूरों को टनल से बाहर निकालने के लिए एनडीआरएफ के जवान एस्केप पाइप के जरिए टनल में घुसे और फिर मजदूरों को एक-एक करके बाहर निकल गया। अच्छी बात यह रही की सभी मज...
उत्तरकाशी: उत्तरकाशी सिलक्यारा टनल से बड़ी खबर सामने आ रही है। हालांकि, अब तक तस्वीरें सामने नहीं आई हैं, लेकिन खबर है कि 15 मजदूरों को बाहर निकाला जा चुका है। सभी को टनल के भीतर ही डाक्टरों की निगरानी में रखा गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और केंद्रीय राज्य यमंत्री वीके सिंह मजूदरों से बात कर रहे हैं। उनके स्वागत के लिए बाकायदा फूलों की मालाएं ले जाई गयी हैं।
कुछ देर में सभी मजदूरों को बाहर निकाल लिया जाएगा। जरूरी जांच के बाद सभी को चिन्यालीसौड़ सीएचसी अस्पताल में व्यवस्था की गई है। वहां, पहुंचाने के बाद डॉक्टरों की निगरानी में रखा जाएगा। डॉक्रों की अनुमति के बाद और उत्तराखंड सरकार के साथ समन्वय यके बाद सभी उनके राज्यों के लिए भेज दिया जाएगा।
अब सभी को इंताजार है कि कब उनको बाहर लाया जाता है। सभी उनको देखने के लिए उत्सुक हैं। इस अभियान की चर्चा ना केवल देश में हो रही है। बल्कि, दुनि...
उत्तरकाशी: रैट माइनर्स के काम की रफ्तार सबको चौंका रही है। माना जा रहा था कि रैट माइनर्स का काम थोड़ा धीमा हो सकता है। लेकिन, जिस तेजी से रैट माइनर्स ने पाइप के भीतर जाकर मिट्टी को चूहों की तरह खोदा, वह सबको हैरान कर रहा है। माना जा रहा है कि डेढ़-दो घंटों के बीच अच्छी खबर आ सकती है और 41 जिंदगियां बाहर आएंगी।
जिन 41 जिंदगियों को पिछले 16 दिनों से इंतजार कर रहे हैं, आखिर अब वो इंतजार खत्म होने वाला है। रैट माइनर्स की खुदाई के बाद पाइप 57 मीटर पर आर-पार हो गया है ।
ऐसे में अंदाजा लगाया जा रहा है कि अब एक से डेढ़ घंटे में रेस्क्यू टीम मजदूरों तक पहुंच सकती है। इसके लिए सारें इंतजाम कर लिए गए हैं। फंसे मजदूरों के परिजनों को भी सूचित कर दिया गया है। सभी को अलर्ट पर रहने के निर्देश पहले ही दे दिए गए हैं।...
उत्तरकाशी: उत्तरकाशी की सिलक्यारा टनल हादसे में बड़ी-बड़ी मशीनें फेल साबित हो रही हैं। जिन मशीनों को लोहा दुनियाभर में माइनिंग के लिए माना जाता है। जिनको लाने के लिए सेना के तीन-तीन हर्कुलिस विमानों को लगाना पड़ा। विदेशों से जिस टनल को खोलने के लिए दुनिया के सबसे श्रेष्ठ एक्सपर्ट बुलाए गए। बंद टनल के आगे सब फेल साबित हुए। अब विज्ञान फेल हुआ था तो इंसानों ने मोर्चा संभाल लिया है। रैट माइनर्स ने सुरंग के भीतर खोदाई शुरू कर दी है।
टनल रेस्क्यू के दौरान बाबा बौखनाग भी खूब चर्चाओं में हैं। उत्तराखंड देवभूमि है, ऐसे में देवताओं की शरण भी ली जा रही है। विज्ञान के साथ आस्था का सहारा भी लिया जा रहा है। जिस तरह से मशीनें फेल हुई। जब कोई रास्ता नजर नहीं आया तो सेना को बुलाया गया। अब सेना के रैट माइनर्स टनल को कुतरने में जुटे हैं।
ताजा जानकारी के अनुसार रैट माइनर्स टनल को 2 मीटर तक कुतर चुके हैं। अब त...
उत्तरकाशी: सिलक्यारा टनल में फंसे 41 लोगों को बचाने का अभियान जारी है। तमाम मुश्किलों के बाद रेस्क्यू एक बार फिर पूरी रफ्तार से चल पड़ा है। एक ओर वर्टिकल ड्रिलिंग और दूसरी ओर आर्मी की इंजीनियरिंग कोर ने भी अपना काम शुरू कर दिया।
सचिव उत्तराखंड शासन डॉ. नीरज खैरवाल ने बताया कि पाइप में फंसे ऑगर मशीन की ब्लेड एवं साफ्ट को काटने का कार्य पूरा कर लिया गया है। ऑगर मशीन के हेड को निकालने का कार्य भी पूरा कर लिया गया है। पूर्व में 1.9 मीटर पाइप काटा गया था। अब मैन्युअली काम करते हुए पाइप को 0.9 मीटर आगे पुश भी किया गया है।
अपर सचिव (सड़क परिवहन राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार) और MD (NHIDCL) महमूद अहमद ने बताया कि वर्टिकल ड्रिलिंग का कार्य भी तेजी से चल रहा है। उन्होंने बताया अब तक 36 मीटर वर्टिकल ड्रिलिंग कर ली गई है। आगे का कार्य भी पूरी तेज़ी एवं सावधानी से किया जा रहा है।...
टनल में फंसी 41 जिंदगियों को बचाने का अभियान जारी है।
अब तक 30 मीटर से ज्यादा की वर्टिकल ड्रिलिंग हो चुकी है।उत्तरकाशी: सिलक्यारा टनल में 12 नवंबर को दीपावली के दिन से फंसी 41 जिंदगियों को बचाने का अभियान जारी है। 12 नवंबर से अब तक 16 दिन पूरे हो चुके हैं। इस अभियान में पहले दिन से ही कुछ ना कुछ दिक्कतें आ रही हैं। जब तक एक उम्मीद बढ़ती है। तब तक फिर कुछ अड़चन आ जाती है। लेकिन, रेस्क्यू में जुटी टीमों का हौसला पहले दिन जैसा ही है। टनल के भीतर फंसे मजदूरों का हौसला भी बनाए हुए हैं।
ऑगर मशीन के खराब होने के बाद नए विकल्प पर काम शुरू कर दिया गया है। अब तक 30 मीटर से ज्यादा की वर्टिकल ड्रिलिंग हो चुकी है। जबकि, ऑगर मशीन के पाइप में फंसे ब्लेड के छुकड़ों को बाहर निकाल लिया गया है। अब सेना के जवान भी अपना मिशन शुरू करने जा रहे हैं। उम्मीद है कि एक-दो दिन में कुछ अच्छी खबर सामने आएगी।
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