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अक्षय तृतीया पर खुले यमुनोत्री धाम के कपाट, वैदिक मंत्रोच्चार के साथ चारधाम यात्रा 2026 का शुभारंभ

अक्षय तृतीया पर खुले यमुनोत्री धाम के कपाट, वैदिक मंत्रोच्चार के साथ चारधाम यात्रा 2026 का शुभारंभ

उत्तरकाशी
 हिमांतर ब्यूरो, बड़कोट (उत्तरकाशी)अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर विश्व प्रसिद्ध यमुनोत्री धाम के कपाट रविवार को विधिवत पूजा-अर्चना और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। शुभ लग्नानुसार दोपहर 12 बजकर 35 मिनट पर कपाटोद्घाटन हुआ, जिसके साथ ही ग्रीष्मकालीन चारधाम यात्रा का विधिवत शुभारंभ हो गया।कपाट खुलने के बाद अब आगामी छह माह तक देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु यहां मां यमुना के दर्शन कर सकेंगे।अक्षय तृतीया के अवसर पर सुबह मां यमुना की शीतकालीन गद्दी स्थल खरसाली (खुशीमठ) से पारंपरिक विधि-विधान के साथ डोली यात्रा प्रारंभ हुई। शनिदेव की डोली की अगुवाई में सुबह करीब साढ़े आठ बजे मां यमुना की डोली यमुनोत्री धाम के लिए रवाना हुई।इस दौरान ग्रामीणों ने भव्य ढंग से मां यमुना को विदाई दी। पूरा क्षेत्र पारंपरिक वाद्य यंत्रों और आईटीबीपी के बैंड की मधुर धुनो...
चारधाम यात्रा 2026: यमुनोत्री पैदल मार्ग का निरीक्षण, प्रशासन ने तेज की तैयारियां

चारधाम यात्रा 2026: यमुनोत्री पैदल मार्ग का निरीक्षण, प्रशासन ने तेज की तैयारियां

उत्तरकाशी
 हिमांतर ब्यूरो, बड़कोट/यमुनोत्री/ उत्तरकाशीआगामी 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट खुलने से पूर्व जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है. यात्रा को सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए प्रशासन लगातार व्यवस्थाओं का जायजा ले रहा है. जिलाधिकारी प्रशांत आर्य के निर्देशों के क्रम में शुक्रवार को मुख्य विकास अधिकारी जय भारत सिंह ने जानकीचट्टी से यमुनोत्री धाम तक लगभग 6 किलोमीटर लंबे पैदल मार्ग का स्थलीय निरीक्षण किया. इस दौरान यमुनोत्री विधायक संजय डोभाल समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे. निरीक्षण के दौरान पेयजल, शौचालय, विद्युत आपूर्ति, रेन शेल्टर और रेलिंग जैसी बुनियादी सुविधाओं की स्थिति का जायजा लिया गया. सीडीओ ने साफ-सफाई को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए सुलभ इंटरनेशनल और जिला पंचायत को यात्रा मार्ग एवं शौचालयों में...
अक्षय तृतीया : कृषि सभ्यता और मानसूनों के पूर्वानुमान का पर्व

अक्षय तृतीया : कृषि सभ्यता और मानसूनों के पूर्वानुमान का पर्व

पर्यावरण
अक्षय तृतीया पर विशेषडॉ . मोहन चंद तिवारीआज शुक्रवार,14 मई,2021 के दिन वैशाख शुक्ल तृतीया की तिथि को मनाया जाने वाला ‘अक्षय तृतीया’ का शुभ पर्व है. ‘अक्षय तृतीया’ जिसे स्थानीय भाषा में 'अखा तीज' भी कहा जाता है,भारत की कृषि सभ्यता because और मानसूनों के पूर्वानुमान का भी महत्त्वपूर्ण पर्व है. ‘अक्षय’ शब्द का अर्थ है जिसका कभी नाश नहीं होता.हेमाद्रि के कथनानुसार अक्षय तृतीया के दिन किए गए स्नान, दान,जप, होम,स्वाध्याय और पितृतर्पण का फल अक्षय हो जाता है. हेमाद्रि अक्षय तृतीया के साथ भारतीय सभ्यता और संस्कृति के अनेक माहात्म्य जुड़े हैं. सतयुग और त्रेतायुग की काल गणना इसी तिथि से होने के कारण इसे युगादि तिथि के रूप में भी जाना जाता है.विष्णु के अंशावतार माने जाने वाले परशुराम की जन्म जयंती इसी तिथि को मनाई जाती है तो बद्री नारायण धाम के कपाट खुलने because और वृन्दावन में बांके बिहार...