दृढ़ इच्छा शक्ति से मिला मुकाम : महेशा नन्द

दृढ़ इच्छा शक्ति से मिला मुकाम : महेशा नन्द

डॉ. अरुण कुकसाल ‘गांव में डड्वार (अनाज मांगने की कटु प्रथा) मांगने गई मेरी मां जब घर वापस आई तो उसकी आखें आसूओं से ड़बडबाई हुई और हाथ खाली थे. मैं समझ गया कि आज भी निपट ‘मरसा का झोल’ ही सपोड़ना पड़ेगा…. गांव में शिल्पकार-सर्वण सभी गरीब थे इसलिए गरीबी नहीं सामाजिक भेदभाव मेरे […]

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 अपनी संस्कृति से अनजान महानगरीय युवा पीढ़ी

अपनी संस्कृति से अनजान महानगरीय युवा पीढ़ी

अशोक जोशी पिछले कुछ सालों से मैं उत्तराखंड के बारे में अध्ययन कर रहा हूं और जब भी अपने पहाड़ों के तीज-त्योहारों, मेलों, मंदिरों, जनजातियों, घाटियों, बुग्यालो, वेशभूषाओं, मातृभाषाओं, लोकगीतों, लोकनृत्यों, धार्मिक यात्राओं, चोटियों, पहाड़ी फलों, खाद्यान्नों, रीति-रिवाजों के बारे में पढ़ता हूं तो खुद को गौरवान्वित महसूस करता हूं कि मैंने देवभूमि उत्तराखंड के […]

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 पहाड़ की संवेदनाओं के कवि कन्हैयालाल डंडरियाल

पहाड़ की संवेदनाओं के कवि कन्हैयालाल डंडरियाल

पुण्यतिथि (2 जून) पर विशेष चारु तिवारी  हमारे कुछ साथी उन दिनों एक अखबार निकाल रहे थे. दिनेश जोशी के संपादन में लक्ष्मीनगर से ‘शैल-स्वर’ नाम से पाक्षिक अखबार निकल रहा था. मैं भी उसमें सहयोग करता था. बल्कि, संपादक के रूप में मेरा ही नाम जाता था. यह 2004 की बात है. हमारे मित्र […]

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