December 3, 2020
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संस्मरण

आस्थाओं का पहाड़ और बुबू

प्रकाश उप्रेती मूलत: उत्तराखंड के कुमाऊँ से हैं. पहाड़ों में इनका बचपन गुजरा है, उसके बाद पढ़ाई पूरी करने व करियर बनाने की दौड़ में शामिल होने दिल्ली जैसे महानगर की ओर रुख़ करते हैं. पहाड़ से निकलते जरूर हैं लेकिन पहाड़ इनमें हमेशा बसा रहता है। शहरों की भाग-दौड़ और कोलाहल के बीच इनमें ठेठ […]
स्मृति शेष

उत्तराखंड के स्वतंत्रता सेनानी एवं राज संत हरिदत्त काण्डपाल

पुण्यतिथि (24 सितम्बर) पर विशेष डॉ. मोहन चंद तिवारी आज 24 सितम्बर उत्तराखंड के महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और राज संत श्री हरिदत्त काण्डपाल जी की पुण्यतिथि है. स्व. हरि दत्त कांडपाल ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान पूरे पाली पछाऊं क्षेत्र में आजादी के becauseआंदोलन की अलख जलाई.आंदोलन के दौरान उन्होंने अंग्रेज हुक्मरानों की नाक […]
स्मृति शेष

स्वंत्रता संघर्ष के क्रांतिकारी जननायक पं.गोविंद बल्लभ पंत 

पं. गोविंद बल्लभ पंत की जन्मजयंती (10 सितंबर) पर डॉ. मोहन चंद तिवारी भारत के स्वतंत्रता संग्राम की संघर्ष पूर्ण कहानी आज भी लोगों के दिलों में क्रांति की अलख जलाती है. ऐसे ही स्वतंत्रता संघर्ष के  क्रांतिकारी जननायकों में से पंडित गोविंद बल्लभ पंत जी की आज जन्म जयंती है. उत्तराखंड के प्रसिद्ध स्वतन्त्रता […]
स्मृति शेष

उत्तराखंड राज्य आंदोलन के जननायक

विपिन त्रिपाठी की पुण्यतिथि (30 अगस्त) पर विशेष डॉ. मोहन चंद तिवारी “गांव से नेतृत्व पैदा होने तक मैं गांव में रहना पसंद करूंगा. सत्ता पगला देती है. समाजवादी बौराई सत्ता से दूर रहें.”                                 -विपिन त्रिपाठी 30 अगस्त को उत्तराखंड […]
उत्तराखंड

‘प्यारी दीदी, अपने गांव फिर आना’

गंगोत्री गर्ब्याल डॉ. अरुण कुकसाल ‘‘प्रसिद्ध इतिहासविद् डॉ. शिव प्रसाद डबराल ने ‘उत्तराखंड के भोटांतिक’ पुस्तक में लिखा है कि यदि प्रत्येक शौका अपने संघर्षशील, व्यापारिक और घुमक्कड़ी जीवन की मात्र एक महत्वपूर्ण घटना भी अपने गमग्या (पशु) की पीठ पर लिख कर छोड़ देता तो इससे जो साहित्य विकसित होता वह साहस, संयम, संघर्ष […]
साहित्यिक हलचल

‘दुदबोलि’ के रचना शिल्पी, साहित्यकार और समलोचक मथुरादत्त मठपाल

80वें जन्मदिन पर विशेष डा. मोहन चंद तिवारी 29 जून को जाने माने कुमाऊंनी साहित्यकार श्रद्धेय मथुरादत्त मठपाल जी का जन्मदिन है. उत्तराखंड के इस महान शब्दशिल्पी,रचनाकार और कुमाउनी दुदबोलि को भाषापरक साहित्य के रूप में पहचान दिलाने वाले ऋषिकल्प भाषाविद श्री मथुरादत्त मठपाल जी का व्यक्तित्व और कृतित्व उत्तराखंड के साहित्य सृजन के क्षेत्र […]
धर्मस्थल

पूर्वजों की आस्था का केन्द्र : कटारमल सूर्य मंदिर

शशि मोहन रावत ‘रवांल्‍टा’ जैसा कि हम सभी जानते हैं कि कोणार्क का सूर्य मंदिर अपनी बेजोड़ वास्तुकला के लिए भारत ही नहीं, अपितु सम्पूर्ण विश्व में प्रसिद्ध है. भारत के ओड़िसा राज्य में स्थित यह पहला सूर्य मंदिर है जिसे भगवान सूर्य की आस्था का प्रतीक माना जाता है. ऐसा ही एक दूसरा सूर्य […]
संस्मरण

वड़ और एक नारी की पीड़ा

डॉ. गिरिजा किशोर पाठक गांव की कहावत है ‘वड़ (Division stone), झगड़ जड़’. जब दो भाइयों के बीच में जमीन का बंटवारा होता है तो खेतों के बीच बंटवारे के बाद विभक्त जमीन में एक लम्बा पत्थर खड़ा करके गाड़ दिया जाता है जिसे वड़ (division line) कहते हैं. भाइयों में जमीन के बंटवारे पर […]
उत्तराखंड

उत्तराखंड में उद्यानीकरण की हकीकत

पलायन ‘व्यक्तिजनित’ नहीं ‘नीतिजनित’ है भाग-3 चारु तिवारी  सरकार बार-बार कह रही है कि उद्यानीकरण को रोजगार का आधार बनायेगी. मुख्यमंत्री अपने हर संबोधन में बता रहे हैं कि वे फलोत्पादन और नकदी फसलों से लोगों की आमदनी बढ़ायेंगे, ताकि वे महानगरों की ओर न भागें. सरकार अगर इस तरह सोच रही है तो निश्चित […]