उत्तरकाशी

नौगांव 3K आउटलेट: एफपीओ और स्वयं सहायता समूहों को सशक्त करने के निर्देश

नौगांव 3K आउटलेट: एफपीओ और स्वयं सहायता समूहों को सशक्त करने के निर्देश

उत्तरकाशी
  कृषि विभाग के सहयोग से विकास खण्ड नौगांव में संचालित 3K आउटलेट केंद्र का मुख्य विकास अधिकारी जय भारत सिंह ने निरीक्षण कियाहिमांतर ब्यूरो, नौगांवनिरीक्षण के दौरान उन्होंने कृषक उत्पादन संगठन (FPO) द्वारा संचालित कृषि गतिविधियों को और अधिक प्रभावशाली बनाने के निर्देश मुख्य कृषि अधिकारी को दिए. मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि स्थानीय उत्पादों की पैकेजिंग एवं ब्रांडिंग आधुनिक स्वरूप में की जाए, ताकि बाजार में उनकी मांग बढ़ाई जा सके. उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि आजीविका गतिविधियों को सुदृढ़ करने के लिए विभिन्न संगठनों से जुड़ी स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को समय-समय पर प्रशिक्षण देकर दक्ष बनाया जाए, जिससे वे अपनी आजीविका गतिविधियों का विस्तार कर सकें.निरीक्षण के दौरान मुख्य कृषि अधिकारी एस.एस. वर्मा ने अवगत कराया कि कृषि विभाग के अंतर्गत गठित पर्वतीय कृषि उत्पादक एफपीओ ...
पर्वत क्षेत्र के 22 गांवों में ईष्ट देव सोमेश्वर महाराज के देवगोती मेले की धूम

पर्वत क्षेत्र के 22 गांवों में ईष्ट देव सोमेश्वर महाराज के देवगोती मेले की धूम

उत्तरकाशी
 नीरज उत्तराखंडी,  पुरोलामोरी ब्लॉक के पर्वत क्षेत्र के 22 गांवों में इन दिनों ईष्ट देव सोमेश्वर महाराज के पावन देवगोती मेले की धूमधाम देखने को मिल रही है. यह पारंपरिक मेला 15 गते माघ से पंचगाई अडोर एवं बड़ासु पट्टी के गांवों में विधिवत रूप से प्रारंभ हो गया है. 15 माघ को सोमेश्वर महाराज की डोली को उनकी मूल थाती जखोल गांव स्थित मंदिर से बाहर निकाला गया. इसके साथ ही देवगोती मेला जखोल से आरंभ होकर तीनों पट्टियों के गांव-गांव में भ्रमण करता है. यह मेला कुल 22 दिनों तक 22 गांवों में बड़े ही उल्लास, श्रद्धा और आनंद के साथ मनाया जाता है. पर्वत क्षेत्र में देवगोती मेला बसंत ऋतु के आगमन और हरियाली उत्सव के प्रतीक के रूप में प्रतिवर्ष आयोजित किया जाता है. मेले की तिथियां जखोल के राज पुरोहितों एवं सोमेश्वर महाराज की आज्ञा से निर्धारित की जाती हैं.22 दिवसीय इस मेले के दौरान सोमेश...
माघ मेला: कवि सम्मेलन में गूंजा लोकभाषाओं का स्वर, हास्य-व्यंग्य ने बांधा समां

माघ मेला: कवि सम्मेलन में गूंजा लोकभाषाओं का स्वर, हास्य-व्यंग्य ने बांधा समां

उत्तरकाशी
 आशिता डोभाल, उत्तरकाशीमाघ मेला (बाड़ाहाट कु थौलू) के पांचवें दिन रामलीला मैदान में आयोजित रवांल्टी-गढ़वाली-हिंदी कवि सम्मेलन ने साहित्य प्रेमियों को मंत्रमुग्ध कर दिया. लोकभाषाओं की मिठास, सामाजिक सरोकारों की धार और हास्य-व्यंग्य की चुटीली प्रस्तुति ने पूरे वातावरण को जीवंत बना दिया. कार्यक्रम का संयोजन प्रभव साहित्य संगीत कला मंच, उत्तरकाशी एवं लेखक-शिक्षक राघवेंद्र उनियाल के तत्वावधान में संपन्न हुआ. सम्मेलन में मंचासीन प्रसिद्ध साहित्यकार महावीर रवांल्टा की ओजस्वी कविता ने युवाओं में जोश भर दिया. उन्होंने आज-कल सस्ती लोकप्रियता के लिए डिग्रियां खरीदने की प्रवृत्ति पर तीखा कटाक्ष कर समाज को आईना दिखाया. अनोज बनाली ने सामाजिक जागरूकता से जुड़ा व्यंग्य प्रस्तुत करते हुए शराब-नशे पर करारा प्रहार किया. वहीं प्रदीप रावत की हास्य कविता “मोबाइल” ने श्रोताओं को ठहाकों में डुबो ...
भाषा की ओर लौटता रास्ता

भाषा की ओर लौटता रास्ता

उत्तरकाशी, संस्मरण
  रवांई गौरव सम्मान, स्मृति और बँगानी लेखन की पहली शुरुआतजगमोहन बंगाणीएक सुबह, एक फ़ोन और भीतर उतरती खुशी सुबह का समय था। बाहर हल्की-सी ठंड थी और कमरे में अब भी रात की नमी बची हुई थी। खिड़की से आती धुँधली रोशनी बता रही थी कि दिन धीरे-धीरे जाग रहा है। इसी बीच अचानक फ़ोन की घंटी बजी। यह कोई ऐसी तेज़ या बेचैन कर देने वाली आवाज़ नहीं थी, बल्कि ऐसी घंटी थी जो नींद को तोड़ती नहीं, बल्कि भीतर की चुप्पी को छू लेती है। फ़ोन उठाया तो दूसरी ओर से शांत और स्नेह भरी आवाज़ आई- “जगमोहन भाई, बधाई हो। रवांई लोक महोत्सव 2025, नौगाँव की ओर से इस वर्ष का ‘रवांई गौरव सम्मान’ आपके नाम घोषित किया गया है और 28 दिसंबर 2025 को सम्मान ग्रहण करने के लिए आपकी उपस्थिति आवश्यक है।” कुछ पल के लिए शब्द कानों में ही अटक गए। समझ तो आ गया था कि क्या कहा गया है, लेकिन मन उसे पूरी तरह स्वीकार करने में थोड़ा समय...
बाड़ाहाट कू थौलू : लोकआस्था, संस्कृति और विकास का संगम

बाड़ाहाट कू थौलू : लोकआस्था, संस्कृति और विकास का संगम

उत्तरकाशी
  कंडार देवता व हरि महाराज की डोलियों के सानिध्य में शुरू हुआ उत्तरकाशी का पौराणिक माघ मेला देवभूमि की संस्कृति के साथ छेड़–छाड़ की किसी को भी इजाजत नहीं : मुख्यमंत्री  उत्तरकाशी की पावन धरती पर मकर संक्रांति के साथ ही एक बार फिर लोकआस्था, परंपरा और संस्कृति का विराट उत्सव सजीव हो उठा. भागीरथी के तट पर बसे इस हिमालयी नगर में सुप्रसिद्ध माघ मेला—जिसे स्थानीय जनमानस “बाड़ाहाट कू थौलू” के नाम से जानता है—आज पूरे धार्मिक वैभव और सांस्कृतिक उल्लास के साथ प्रारंभ हुआ.बाड़ाहाट पट्टी के आराध्य कंडार देवता और बाड़ागड्डी क्षेत्र के हरि महाराज की डोलियों के सानिध्य में, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में इस पौराणिक मेले का विधिवत शुभारंभ हुआ. सप्ताह भर चलने वाला यह मेला केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि उत्तरकाशी की आत्मा, उसकी स्मृतियों और सदियों पुरानी लोक परंपराओं का जीवंत दस्...
औपचारिकता नहीं, 12 महीने का टूरिज्म मॉडल हमारा लक्ष्य : सीएम धामी

औपचारिकता नहीं, 12 महीने का टूरिज्म मॉडल हमारा लक्ष्य : सीएम धामी

उत्तरकाशी
 उत्तराखंडबनेगा देश का ‘नेचुरल हीलिंग डेस्टिनेशन, चारधाम के अलावा वेलनेस व एडवेंचर टूरिज्म की अपार संभावनाएं पर्यटन से पहाड़ों में रुकेगा पलायन, होमस्टे, टैक्सी और होटल को मिलेगा सालभर रोजगार — मुख्यमंत्री. परमिशन, कनेक्टिविटी, इंफ्रास्ट्रक्चर और मार्केटिंग में सरकार देगी हरसंभव सहयोग विंटर टूरिज्म कॉनक्लेव में सीएम ने कहा विनाश नहीं, रिस्पॉन्सिबल टूरिज्म हमारा लक्ष्य, हर गांव को पहचान और हर हाथ को रोजगार.हिमांतर ब्यूरो, उत्तरकाशीशीतकालीन चारधाम यात्रा एवं पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा स्थानीय लोगों को वर्षभर रोजगार से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के तहत तीन दिवसीय विंटर टूरिज्म कॉनक्लेव का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुभारंभ किया.  कॉनक्लेव में एसोसिएशन ऑफ डोमेस्टिक टूर ऑपरेटर्स ऑफ इंडिया के सहयोग से देश के विभिन्न राज्यों से आए 50 टूर ऑपरेटर्स ने ...
रवांई लोक महोत्सव 2025: चुनौतियों को पार कर लोक संस्कृति की जीत

रवांई लोक महोत्सव 2025: चुनौतियों को पार कर लोक संस्कृति की जीत

उत्तरकाशी
  नौगांव (उत्तरकाशी): उत्तराखंड की रवांई घाटी में लोक परंपराओं को जीवंत रखने वाला रवांई लोक महोत्सव कोरोना के लंबे अंतराल के बाद इस वर्ष भव्य रूप से लौटा। 26 से 28 दिसंबर तक तीन दिवसीय यह आयोजन होटल रॉयल पैलेस में संपन्न हुआ, जहां स्थानीय कलाकारों, बच्चों और लोक वाद्यों की धुनों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। सीमित संसाधनों और कई बाधाओं के बावजूद टीम की दृढ़ता ने महोत्सव को सफल बनाया, जो रवांई की समृद्ध देव संस्कृति, संगीत और अतिथि सत्कार की परंपरा का प्रतीक बना।महोत्सव का आयोजन 2017, 2018 और 2019 में लगातार हुआ था, लेकिन महामारी ने इसे रोक दिया। इस बार टीम रवांई लोक महोत्सव ने हौसले से पुनर्जीवन का फैसला लिया। आयोजक प्रदीप रावत रवांल्टा ने बताया कि राजनीतिक दबाव और फंड की कमी जैसी चुनौतियां आईं, लेकिन टीम ने अपनी मूल भावना को बनाए रखा।पहले दिन: देव पूजा और बच्चों की प्रस्...
शीतकालीन पर्यटन आत्मनिर्भर उत्तराखंड की मजबूत नींव: मुख्यमंत्री

शीतकालीन पर्यटन आत्मनिर्भर उत्तराखंड की मजबूत नींव: मुख्यमंत्री

उत्तरकाशी
  मुख्यमंत्री ने सांकरी में आयोजित विंटर फेस्टीवल का किया शुभारंभहिमांतर ब्यूरो, पुरोला उत्तरकाशीमुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को उत्तरकाशी जिले के सांकरी में आयोजित केदारकांठा पर्यटन तीर्थाटन शीतकालीन महोत्सव में प्रतिभाग किया. उन्होंने शीतकालीन पर्यटन को जन आंदोलन बनाने और उत्तराखंड को समृद्ध एवं आत्मनिर्भर बनाने में सहयोग का आह्वान करते हुए कहा कि शीतकालीन पर्यटन आत्मनिर्भर उत्तराखंड की मजबूत नींव है. तेजी से उभरते पर्यटन केंद्र सांकरी में आयोजित विंटर फेस्टिवल में पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का पारंपरिक ऊनी परिधान पहनाकर भव्य स्वागत किया गया. मुख्यमंत्री ने केदारकांठा जाने वाले पर्यटक दल को हरी झंडी दिखाकर समारोह का शुभारंभ किया. इस अवसर पर उन्होंने स्थानीय निवासियों एवं पर्यटकों से संवाद किया तथा विंटर फेस्टिवल में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉल...
रवांई घाटी में आज से देवलांग पर्व का आगाज़

रवांई घाटी में आज से देवलांग पर्व का आगाज़

उत्तरकाशी
  सांस्कृतिक धरोहर और वीरता की मिसालेंनीरज उत्तराखंडी, पुरोला-उत्तरकाशीरवांई घाटी-अपनी अनूठी लोक परंपराओं, अद्भुत सांस्कृतिक जीवट और देव-अनुष्ठानों के लिए देशभर में विशिष्ट पहचान रखने वाला यह पर्वतीय क्षेत्र-आज एक बार फिर देवत्व और लोकश्रद्धा के महासंगम का साक्षी बनेगा. गैर बनाल स्थित प्राचीन रघुनाथ देवता मंदिर परिसर में आज से प्रसिद्ध देवलांग महापर्व का भव्य आयोजन आरंभ हो रहा है, जिसे उत्तराखंड सरकार राजकीय मेला घोषित कर चुकी है. तैयारियाँ चरम पर हैं और श्रद्धालुओं में उत्साह का आलम देखते ही बनता है. मेला समिति की ओर से विशाल भंडारे की भी विशेष व्यवस्था की गई है. मंगसीर की दीपावली: विरासत की अनोखी रोशनी जहाँ देशभर में दीपावली कार्तिक मास में मनाई जाती है, वहीं यहाँ की परंपरा में दीपपर्व एक माह बाद मंगसीर की बग्वाल के रूप में हर्षोल्लास से मनाया जाता है. मान्यता है कि भगव...
चन्देली की प्रियांजली ने बढ़ाया क्षेत्र का मान, अब करेगी राज्य स्तर पर प्रतिभा का प्रदर्शन

चन्देली की प्रियांजली ने बढ़ाया क्षेत्र का मान, अब करेगी राज्य स्तर पर प्रतिभा का प्रदर्शन

उत्तरकाशी
 हिमांतर ब्यूरो, पुरोलाजनपदीय सामाजिक विज्ञान महोत्सव में चन्देली की छात्रा प्रियांजली ने प्रथम स्थान प्राप्त कर क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है. उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर प्रियांजली का राज्य स्तरीय सामाजिक विज्ञान महोत्सव के लिए चयन हुआ है. राजकीय प्राथमिक/उच्च प्राथमिक विद्यालय चन्देली की इस उपलब्धि पर विद्यालय परिवार में हर्ष का माहौल है. विद्यालय के प्रधानाध्यापक सुरेश लाल शाह एवं मार्गदर्शक शिक्षक विजेन्द्र सिंह रावत तथा मीना चन्द ने कहा कि विद्यालय में विद्यार्थियों को निरंतर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नवाचार आधारित सीख, तथा विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए प्रेरित किया जाता है. इसी का परिणाम है कि विद्यार्थी लगातार उल्लेखनीय उपलब्धियाँ प्राप्त कर रहे हैं.गौरतलब है कि चन्देली के छात्र-छात्राएं हर वर्ष विज्ञान महोत्सव, इंस्पायर अवार्ड, प्रतिभा दिवस, संस्कृत स्पर्ध...