उत्तराखंड हलचल

गंजी हो आई खोपड़ी में चार बालों सा हौसला

गंजी हो आई खोपड़ी में चार बालों सा हौसला

देहरादून
नीलम पांडेय नील जीवन में मित्रों का आना हमारे सर के बालों की तरह है. बाल जब नये - नये आते हैं, खूब चमकदार,घने होते हैं. देखने वाले भी सोचते हैं क्या चमक-दमक है? कुछ लोग because तो इस चमक-दमक से जल उठते हैं. चमकते मित्र व्यक्ति की सामाजिक एवम् वर्चुअल जिंदगी की कहानी में अचानक प्रशंसाओं की वृद्वि करने लगते हैं. लेकिन यह क्या?  धीरे-धीरे उनकी लाख देखभाल के बावजूद या शायद हमारी ही अनदेखी के कारण वे रुखे और बेजान होकर गिरने लगते हैं. कभी हम ही उनसे परेशान होकर उनको काट-छांट कर उनकी छंटनी कर देते हैं और बचे हुए को तराशने लगते हैं.ज्योतिषकुछ मित्र घुंघराले बालों की तरह समझने में बहुत जटिल होते हैं. लेकिन वे एक बार समझ में आ जाएं तो उन्हें अपने मन मुताबिक ढाला जा सकता है. कुछ मित्र बिल्कुल सीधे because सपाट होते हैं, वे अपनी बात पर खरे रहते हैं उनके साथ यह है कि अगर हम उन्हें समझ भी जाएं...
उत्तरकाशी: गर्तांगली का आधुनिक शिल्पी – राजपाल बिष्ट

उत्तरकाशी: गर्तांगली का आधुनिक शिल्पी – राजपाल बिष्ट

उत्तरकाशी
पुष्कर सिंह रावत इन दिनों उत्तरकाशी की गर्तांगली चर्चा में है. करीब डेढ़ सौ साल पुराना यह रास्ता किसने बनाया इस पर अभी शोध की जरूरत है. लेकिन हेरीटेज महत्व के इस पुल को नया रूप देने वाले because राजपाल बिष्ट को उत्तरकाशी के लोग बखूबी जानते हैं. पुल बनाने में महारत रखने वाले इस युवा ठेकेदार ने एक जोखिमभरी राह को आसान बना दिया. दरअसल इस काम के लिए वन विभाग और लोनिवि को काफी माथापच्ची करनी पड़ी. इसके खतरे को देखते हुए और कोई तैयार नहीं हुआ तो राजपाल बिष्ट आगे आए. उनसे बहुत पुरानी मित्रता होने के कारण मुझे उनकी कार्यशैली मालूम है. नफा नुकसान से ज्याआदा उनका because ध्यान काम के महत्व पर रहता है. उनसे लगातार संपर्क के कारण गर्तांगली के जीर्णोद्धार की हर खबर मुझे मिलती रही. संयोगवश देहरादून में हम दोनों पड़ोसी हैं. लिहाजा पुल के लिए देवदार की लकड़ी का इंतजाम करते वक्त मैं उनके साथ ही मौजूद था. ...
पहाड़ में लघु एवं कुटीर उद्योगों के माध्यम से पलायन रोकने एवं स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए प्रयासरत है फेडयूके

पहाड़ में लघु एवं कुटीर उद्योगों के माध्यम से पलायन रोकने एवं स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए प्रयासरत है फेडयूके

देहरादून
उत्तराखंड के उद्यमियों को वैश्विक स्तर पर ले जाना हमारा लक्ष्य – जगदीश भट्टहिमांतर ब्यूरो, देहरादूनफेडरेशन ऑफ उत्तराखंड एंटरप्रेन्योर्स (Federation of Uttarakhand Entrepreneurs) (फेडयूके) उत्तराखंड के सभी स्थानीय उद्यमियों को एक साथ लाने का प्रयास कर रहा है. फेडयूके का मुख्य उद्देश उत्तराखंड के उद्यमियों को वैश्विक स्तर पर ले जाना एवं उनको पहचान दिलाना है. इस संस्था के माध्यम से उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में लघु एवं कुटीर उद्योगों को लगाने के लिए लोगों को प्रोत्साहित किया जाएगा साथ ही साथ स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए सभी स्टार्टअपस, एसएमई और एमएसएमई से जुड़े हुए लोगों को अपनी सदस्यता देकर स्वरोजगार और उत्तराखंड के समग्र विकास को बढ़ावा देना है. ज्योतिष 'फेडरेशन ऑफ उत्तराखंड एंटरप्रेन्योर' के संस्थापक जगदीश भट्ट ने कहा, उत्तराखंड में बहुत से लघु एवं कुटीर उद्योग ऐसे हैं जिनको...
रवांई के लाल दिनेश रावत ‘टीचर ऑफ द ईयर अवार्ड’ से सम्मानित

रवांई के लाल दिनेश रावत ‘टीचर ऑफ द ईयर अवार्ड’ से सम्मानित

देहरादून
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शिक्षक दिवस पर किया सम्मानित हिमांतर ब्यूरो, देहरादून  शिक्षक दिसव के मौके पर देहरादून में because तकनिकी विश्वविद्यालय में दिव्य हिमगिरी की ओर से आयोजित 'टीचर ऑफ द ईयर अवार्ड' से शिक्षकों को सम्मानित किया गया. इनमें उत्तरकाशी जिले की रवांई घाटी के कोटी बनाल निवासी शिक्षक दिनेश रावत भी शामिल हैं. उनको शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान के लिए यह सम्मान दिया गया. ज्योतिष लोक संस्कृति की भी अलख जगाई दिनेश रावत वह शिक्षक हैं, जो जिस because भी स्कूल में जाते हैं. उस स्कूल को अपना बना लेते हैं. बच्चों को पढ़ाने के उनके तरीके ऐसे होते हैं कि बच्चे खेल-खेल में बहुत कुछ सीख जाते हैं. अपने शिक्षण कौशल से उन्होंने बच्चों को ना केवल अच्छी शिक्षा दी, बल्कि उनमें अपनी लोक संस्कृति की भी अलख जगाई. ज्योतिष पहली बार पत्रिका प्रकाशन किया शिक...
मुख्यमंत्री ने किया ‘कोरोना वॉरियर्स’ का विमोचन

मुख्यमंत्री ने किया ‘कोरोना वॉरियर्स’ का विमोचन

देहरादून
हिमांतर ब्यूरो, देहरादूनउत्तराखंड के युवा बाल साहित्यकार ललित शौर्य की पुस्तक कोरोना वॉरियर्स का विमोचन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास पर किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि ललित शौर्य की रचना धर्मिता प्रभावित करती है. उन्होंने कम उम्र में उत्कृष्ठ साहित्य रचा है. शौर्य हिंदी के उन्नयन व बच्चों में पढ़ने की आदत विकसित करने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं. ललित शौर्य ने कहा कि कोरोना वॉरियर्स कोरोना पर केंद्रित देश का पहला बाल कहानी संग्रह है. इसमें बच्चों  व बड़ो को कहानी के माध्यम से कोरोना से बचने व कोरोना काल में किये जाने वाले व्यवहार के बारे में जानकारी दी गई है. शौर्य ने मुख्यमंत्री का आभार प्रकट किया. ललित शौर्य की अब तक 13 किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं. उन्हें राष्ट्रीय व प्रादेशिक स्तर पर अनेकों सम्मानो से सम्मानित किया जा चुका है. शौर्य की कहानियों का अनुवाद अंग्रेज...
देशभर में  200 से ज्यादा स्थानों पर मनाया जायेगा हिमालय दिवस!

देशभर में  200 से ज्यादा स्थानों पर मनाया जायेगा हिमालय दिवस!

देहरादून
हिमांतर ब्यूरो, देहरादूनहर वर्ष की तरह इस वर्ष भी 9 सितंबर को हिमालय दिवस देश भर में मनाया जायेगा. इस दिवस को मनाए जाने के पीछे मुख्य कारण हिमालय को श्रद्धांजलि देने के साथ—साथ उन तमाम मुद्दे जो हिमालय because के आज तक बिखरे हुए और नकारे हुए हैं उनके प्रति देश—दुनिया का ध्यान खींचना है.ज्योतिष इस बार के हिमालय दिवस का विषय ही हिमालय ज्ञान— विज्ञान पर केन्द्रित है. यह भी स्वीकारना पड़ेगा कि हिमालय देश में ज्ञान— विज्ञान का केन्द्र और श्रोत रहा है. वो चाहे आध्यात्म से जुड़ी हों, आस्था और संस्कृति संस्कार से, देश दुनिया को हिमालय ने ही परोसे हैं. इतना ही नहीं दुनिया भर में  प्रसिद्ध बड़ी नदियां गंगा, यमुना, ब्रह्मपुत्र यह because सब हिमालय की ही देेन है जो करीब 1,9 बिलियन लोगों को पाल रही हैं. हवा, मिट्टी भी हिमालय की ही देन है जो देश को कई तरह के लाभ देती है और उनमें से हरित क्रांति...
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया मुख्यमंत्री ‘गढ़भोज’ व ‘बीजबम’ पुस्तक का लोकार्पण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया मुख्यमंत्री ‘गढ़भोज’ व ‘बीजबम’ पुस्तक का लोकार्पण

देहरादून
हिमांतर ब्यूरो, देहरादूनमुख्यमंत्री आवास स्थित गढ़भोज व बीजबम नामक पुस्तक का लोकार्पण मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया. उन्होंने कहा कि इन दोनों पुस्तक की सामग्री लोक समाज से जुड़ी हुई है. because इसलिए इन पुस्तकों का महत्व है. इस सामग्री को शिक्षण संस्थाएं भी अध्ययन का पार्ट बनाये. उन्होंने कहा कि गढ़भोज सच मे बाजार का रूप ले तो एक तरफ यह हमारे राज्य की पहचान बनाएगा और दूसरी तरफ लोगो के हाथों स्वरोजगार होगा. जबकि बीजबम पुस्तिका में सम्मलित सामग्री जता रही है कि इस अभियान की सफलता यही है कि बढ़ते मानव व वन्य जीवों के संघर्ष पर स्वस्फूर्त रोक लग जायेगी. ज्योतिष उन्होंने पुस्तक के बीजबम पुस्तक के लेखक डॉ. अरविंद दरमोडा, गढ़भोज पुस्तक के लेखक द्वारिका प्रसाद सेमवाल को बधाई देते कहा कि यह सामग्री लेखकों ने काल्पनिक तौर पर एकत्रित because नही की है यह गढ़भोज और बीजबम अभियान की सफलता का परि...
उत्तराखंड राज्य नेपाली भाषा समिति ने शहीद मेजर दुर्गामल का 77वां श्रद्धांजलि दिवस मनाया

उत्तराखंड राज्य नेपाली भाषा समिति ने शहीद मेजर दुर्गामल का 77वां श्रद्धांजलि दिवस मनाया

देहरादून
हिमांतर ब्यूरो, देहरादून उत्तराखंड राज्य नेपाली भाषा समिति एवं सहयोगी संस्थाओं के तत्वावधान में आज भारत स्वतंत्रता आंदोलन में उत्तराखंड के प्रथम शहीद मेजर दुर्गा मल्ल (आजाद हिंद फौज) के बलिदान के स्मरण में 77वां श्रद्धांजलि दिवस, शहीद मेजर दुर्गा मल्ल पार्क गढ़ी कैंट में मनाया गया. कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, विशिष्ट अतिथि कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी,गोर्खाली सुधार सभा अध्यक्ष पदम सिंह थापा एवं समिति अध्यक्ष बालकृष्ण बराल द्वारा दीप प्रज्जवलित कर किया गया. तत्पश्चात शहीद मेजर दुर्गा मल्ल जी की प्रतिमा के समक्ष माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि एवं अतिथियों द्वारा किया गया. मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने शहीद को श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए कहा कि भविष्य ऐसे कार्यक्रमों को बड़े स्तर पर किया जाएगा, ताकि हमारी आने वाली पीढ़ी वीर सपूतों को ह...
उत्तराखंड की क्षेत्रीय भाषाओं को मुख्य धारा में लाने के अनूठे प्रयास की हर तरफ हो रही सराहना

उत्तराखंड की क्षेत्रीय भाषाओं को मुख्य धारा में लाने के अनूठे प्रयास की हर तरफ हो रही सराहना

नैनीताल
सोशल मीडिया के माध्यम से कुमाउनी साक्षात्कार के पूरे हुए 125 अंकहिमांतर ब्‍यूरो, हल्‍द्वानी"म्योर पहाड़, मेरि पछ्यांण" श्रृंखला के तहत भिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सफलतापूर्वक आयोजित हो रहे कार्यक्रमों के चर्चित कार्यक्रम "कुमाउनी साक्षात्कार" के 125वां अंक because पिछले दिनों उत्तराखंड के वरिष्ठ लोकगायक श्री नैन नाथ रावल के साथ आयोजित किया गया। नैन नाथ जी का कुमाउनी साक्षात्कार प्रसिद्ध कवि-उद्घोषक श्री हेमंत बिष्ट ने लिया। 100वें अंक में 6 जून को प्रसिद्ध इतिहासकार-पर्यावरणविद, "पहाड़" पत्रिका के सम्पादक डॉ. शेखर पाठक का कुमाउनी साक्षात्कार कई बच्चों ने लिया था। 101वें अंक में महाराष्ट्र के राज्यपाल श्री भगत सिंह कोश्यारी का कुमाउनी साक्षात्कार हुआ था।संसाधनोंकोरोना की पहली लहर के दौरान जून 2020 में शुरू किए गए ऑनलाइन कुमाउनी साक्षात्कार "म्योर पहाड़, मेरि पछ्यांण" श्रृ...
भिलंगना घाटी के मसीहा : हिमालय गौरव इन्द्रमणि बडोनी

भिलंगना घाटी के मसीहा : हिमालय गौरव इन्द्रमणि बडोनी

टिहरी गढ़वाल
सूर्य प्रकाश सेमवाल पश्चिम के मीडिया ने ज़िंदा और चलते फिरते गाँधी की उपमा जिस सामाजिक, सांस्कृतिक,आध्यात्मिक और राजनीतिक विभूति को दी थी, वह कोई और न ही हिमालयी व्यक्तित्व स्वर्गीय इन्द्रमणि बडोनी थे. यही कारण है कि देश के गांधी की तरह बेशक पहाड़ के गांधी के संकल्पों और मुद्दों को हाशिये पर पहुंचा दिया गया हो लेकिन अपने विराट एवं उदात्त व्यक्तित्व तथा सादगी व सहज व्यवहार के लिए सामाजिक एवं राजनीतिक कार्यकर्ताओं के लिए ही नहीं वरन् सामान्य जनमानस के लिए भी सदैव प्रेरणाप्रद एवं वदनीय बने रहेंगे.वाटर हारवैस्टिंग अपने अनुकरणीय आचरण, शैक्षणिक जागरूकता,  कुशल नेतृत्व क्षमता एवं निश्च्छल कार्यशैली के बल पर बडोनी जी ने दलगत व क्षेत्रीय भावना से ऊपर होकर समूचे पहाड़ी क्षेत्र because में अपनी एक विशेष पहचान व साख बनाई थी. वे अपनी कर्मभूमि भिलंगना घाटी के गंगी गाँव से लेकर पौड़ी, चपावत, अल्मोड़ा के...