• हिमांतर ब्यूरो, देहरादून 

उत्तराखंड राज्य नेपाली भाषा समिति एवं सहयोगी संस्थाओं के तत्वावधान में आज भारत स्वतंत्रता आंदोलन में उत्तराखंड के प्रथम शहीद मेजर दुर्गा मल्ल (आजाद हिंद फौज) के बलिदान के स्मरण में 77वां श्रद्धांजलि दिवस, शहीद मेजर दुर्गा मल्ल पार्क गढ़ी कैंट में मनाया गया.

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, विशिष्ट अतिथि कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी,गोर्खाली सुधार सभा अध्यक्ष पदम सिंह थापा एवं समिति अध्यक्ष बालकृष्ण बराल द्वारा दीप प्रज्जवलित कर किया गया. तत्पश्चात शहीद मेजर दुर्गा मल्ल जी की प्रतिमा के समक्ष माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि एवं अतिथियों द्वारा किया गया.

मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने शहीद को श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए कहा कि भविष्य ऐसे कार्यक्रमों को बड़े स्तर पर किया जाएगा, ताकि हमारी आने वाली पीढ़ी वीर सपूतों को हमेशा याद रखें. गोर्खाली सुधार सभा के अध्यक्ष पदम सिंह थापा ने कहा कि सभी समाज के लोगों को एकजुट होकर वीर शहीदों के स्मरण में कार्यक्रमों का आयोजन किया जाना चाहिए. पाठ्यक्रमों में वीर सपूतों के जीवनियों को सम्मिलित किया जाना चाहिए.

समिति द्वारा मुख्यमंत्री को प्रस्ताव पत्र प्रेषित किया गया. समिति द्वारा गोर्खा समाज के शहीद मेजर दुर्गा मल्ल, (आजाद हिंद फ़ौज) शहीद कैप्टन दल बी. थापा एवं वीर खड़क बहादुर बिष्ट (नमक सत्याग्रह) के हस्तनिर्मित पोर्ट्रेट गो.सु. सभा को प्रदान किए गए. कार्यक्रम का संचालन समिति के सचिव श्याम राना एवं पूजा सुब्बा ने संयुक्त रूप से किया.

कार्यक्रम अध्यक्ष मधुसूदन शर्मा ने सभी का धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया. इस अवसर पर  जर्नल शक्ति गुरुंग, मधु गुरुंग, ले. टीडी भूटिया (पूर्व राज्यमंत्री), कर्नल डीएस खड़का, कर्नल जीवन छेत्री, इंजीनियर मेग बहादुर थापा, बसंत गुरूंग, सीके राई, भुपेंद्र लिंबू, सरोज गुरूंग, कमला थापा, प्रभा शाह, निर्मला थापा, राजेंद्र मल्ल, उमा उपाध्याय, उपासना थापा, मेजर हबी जंग गुरूंग, पुष्पा क्षेत्री, मेजर बीपी थापा, कैप्टन ओम प्रकाश गुरुंग, विनीता खत्री, दुर्गा राई, शाखा अध्यक्ष ललित थापा, शमशेर सिंह थापा, कै. शेरजंग राणा, कैप्टन एचबीराना, शमशेर सिंह बिष्ट, कैप्टन आरडी शाही, कर्नल भुपेंद्र सिंह क्षेत्री, मेघा भट्ट,(कैंट बोर्ड पार्षद), विष्णु प्रसाद गुप्ता, सविता क्षेत्री एवं पूजा सुब्बा उपस्थित रहे.

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