उत्तराखंड हलचल

कला के प्रति संवेदनशीलता ही मनुष्यता को बचाएगी: जगमोहन बंगाणी

कला के प्रति संवेदनशीलता ही मनुष्यता को बचाएगी: जगमोहन बंगाणी

कला-रंगमंच, देहरादून
मनोहर चमोली ‘मनु’ जगमोहन बंगाणी की कूची से बनी पेंटिंग्स भारत से बाहर स्पेन, कोरिया, इंग्लैंड, जर्मनी जैसे देशों में उपस्थित हैं. कला के पारखी समूची दुनिया में हैं और वे अपने घरों-कार्यालयों में रचनात्मकता को भरपूर स्थान देते हैं. बंगाणी मानते हैं कि कला because आपके अपने अनुभव से आत्म-साक्षात्कार कराती है. वह स्वयं को जानने का एक असरदार साधन होती है. कला मन के भीतर चल रहे विचारों का प्रतिबिंब होती है. आप उसे बिना कहे हजारों शब्द दे सकते हैं.ज्योतिष कला के क्षेत्र में बंगाणी एक ऐसे चित्रकार हैं जो अभिनव प्रयोग के लिए जाने जाते हैं. लीक से हटकर अलहदा पेंटिग के लिए वह जाने जाते हैं. भारत के उन चुनिंदा चित्रकारों में वह एक हैं जो नए प्रयोग और दृष्टि के लिए प्रसिद्ध हैं. बंगाणी अब दिल्ली में रहते हैं. अलबत्ता उनकी जड़ें उत्तराखण्ड के मोण्डा, बंगाण से जुड़ी हुई हैं. हिमाचल because की संस्कृ...
बेरीनाग में धूमधाम से मनाया गया प्रेमचंद का जन्म दिवस

बेरीनाग में धूमधाम से मनाया गया प्रेमचंद का जन्म दिवस

पिथौरागढ़
मुंशी प्रेमचन्द की 143 वीं जयंती (31 जुलाई 2022) डीडी पन्त बाल विज्ञान खोजशाला, बेरीनाग में हिंदी के कालजयी साहित्यकार, कथा सम्राट मुंशी प्रेमचन्द की 143 वीं जयंती को धूमधाम के साथ मनाया गया. इस अवसर पर बच्चों ने द्वारा पोस्टर प्रदर्शनी, कथा वाचन और नाटक का मंचन किया गया. इस मौके पर एक पुस्तक प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया.पिथौरागढ़ जिले के बेरीनाग नगर में  डी डी पन्त बाल विज्ञान खोजशाला में प्रेमचंद जयंती के अवसर पर एक कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस कार्यक्रम की शुरुआत में खोजशाला की संस्थापक श्रीमती लीला उपाध्याय को श्रद्धांजलि देते हुए उनके योगदान को याद किया गया. कार्यक्रम स्थल में आपपास के विद्यालयों के बच्चों के बनाये सौ से अधिक पोस्टरों की प्रदर्शनी लगाई गयी थी जिनमें बच्चों के प्रेमचंद के जीवन और कहानियों पर आधारित चित्र बनाये थे. इस आयोजन में बच्चों ने प्रेमचंद की कहानी ‘बूढ़ी क...
बाघ संरक्षण के संदेश को लेकर देहरादून में फियरलेस बाघ फोटो प्रदर्शनी शुरू

बाघ संरक्षण के संदेश को लेकर देहरादून में फियरलेस बाघ फोटो प्रदर्शनी शुरू

देहरादून
सचिव मुख्यमंत्री आर मीनाक्षी सुंदरम और अपर प्रमुख वन संरक्षक वन्यजीव प्रशासन रंजन कुमार मिश्रा ने किया प्रदर्शनी का शुभारंभ आगामी 16 अगस्त तक चलेगी फोटो प्रदर्शनी राज्य के स्कूलों में भी लगाई जायेगी फोटो प्रदर्शनी हिमांतर ब्यूरो,  देहरादूनआज विश्व बाघ दिवस पर देहरादून के इद्रलोक होटल में बाघ जागरूकता को लेकर एक फोटो प्रदशर्नी का आयोजन किया गया. प्रदर्शनी का आयोजन दून आर्ट काउंसिल और वाइल्ड लाइफ इंस्ट्टीयूट ऑफ इंडिया द्वारा संयुक्त रूप से किया गया है. प्रदर्शनी का शुभारंभ बतौर मुख्यअतिथि सचिव मुख्यमंत्री आर मीनाक्षी सुंदरम और रंजन कुमार मिश्रा अपर प्रमुख वन संरक्षक वन्यजीव प्रशासन, उत्तराखंड ने किया. उत्तराखंड में बाघ संरक्षण के लिए फियरलेस बाघ नाम से शुरू हुई यह फोटो प्रदर्शनी आगामी 16 अगस्त तक जारी रहेगी. इस मौके पर ब्रिगेडियर अरीबन दत्ता, मेजर जनरल खत्री, जीओसी क...
पत्रकारों के हित नहीं होने दिए जाएंगे प्रभावित: CM धामी

पत्रकारों के हित नहीं होने दिए जाएंगे प्रभावित: CM धामी

देहरादून
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पत्रकारों की सात  सूत्रीय मांग पर सचिव  सूचना क़ो जारी  किये दिशा-निर्देश.!हिमांतर ब्यूरो, देहरादूनउत्तराखंड में सूचीबद्व न्यूज पोर्टल पत्रकारों ने वरिष्ठ पत्रकार मनोज इष्टवाल के नेतृत्व में आज देहरादून सचिवालय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात की. इस दौरान सचिव सूचना अभिनव कुमार, महानिदेशक सूचना रणवीर सिंह चौहान सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे. इस मुलाकात में पत्रकार हितों से जुड़ी सात सूत्रीय मांगों पर विस्तार से चर्चा हुई.सात सूत्रीय मांगों पर सीएम धामी की सहमति मुख्यमंत्री धामी ने सभी मांगों पर मौखिक सहमति जताते हुए सचिव  सूचना  अभिनव  कुमार  क़ो मांग-पत्र अग्रसरित  कर सात सूत्रीय मांग पर जल्द कार्रवाई के निर्देश दिए. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा न्यूज पोर्टल पत्रकारों के हितों को किसी भी प्रकार से प्रभावित नहीं होने दिया जायेगा....
मुख्यमंत्री धामी ने किया ललित शौर्य की पुस्तक का विमोचन

मुख्यमंत्री धामी ने किया ललित शौर्य की पुस्तक का विमोचन

पिथौरागढ़
हिमांतर ब्यूरो, पिथौरागढ़ कैंप कार्यालय देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के यशस्वी बाल साहित्यकार ललित शौर्य के बाल कहानी संग्रह स्वच्छता के सिपाही का विमोचन किया. इस पुस्तक में नौ कहानियां संकलित हैं. सभी कहानियां स्वच्छता को आधार बनाकर लिखी गई हैं. मुख्यमंत्री ने पुस्तक के लेखक ललित शौर्य के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा, पुस्तक स्वच्छता के सिपाही समाज में स्वच्छता का भाव जागृत करने वाली तथा बच्चों एवं युवाओं को स्वच्छता का संदेश देने में मददगार होगी. यह पुस्तक बाल साहित्य में मील का पत्थर साबित होगी. इसको पढ़ने से बच्चों एवं युवाओं में स्वच्छता के संस्कार पैदा होंगे.  मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता के प्रति जन जागरूकता समय की जरूरत है. पुस्तक के लेखक ललित शौर्य ने बताया कि वह इससे पूर्व में बाल साहित्य की नौ किताबें लिख चुके हैं.पुस्तक स्वच्छता के सिपाही देश के प्र...
लोक साहित्य रत्न सम्मान से सम्मानित हुए रवांई के कई साहित्याकार

लोक साहित्य रत्न सम्मान से सम्मानित हुए रवांई के कई साहित्याकार

उत्तरकाशी
दिनेश रावत के रवांल्टी कविता संग्रह 'का न हंदू' का लोकार्पणहिमांतर ब्यूरो, पुरोलालोक भाषा संस्कृति को बचाने  एवं नवांकुर लोक कवियों को मंच प्रदान करने  के उद्देश्य से अखिल भारतीय लोक साहित्यिक मंच द्वारा उत्कृष्ट राइका पुरोला में आयोजित वार्षिक अधिवेशन एवं सम्मान  समारोह में दो दर्जन से अधिक  कवियों ने रवांल्टी, बावरी-जौनसारी लोक भाषा में लोक के विभिन्न  रंगों को कविताओं के माध्यम से रेखाकिंत किया.इस दौरान दिनेश रावत के कविता संग्रह 'का न हंदू' का उपस्थित अतिथियों द्वारा लोकार्पण किया गया. उल्लेखनीय है कि यह दिनेश रावत की छटवीं और रवांल्टी का पहला संग्रह है. लोकार्पण की कड़ी मे लोक गायक श्याम सिंह चौहान कृत  जौनसारी एल्बम "हांऊ माईए" गीत को भी लोकार्पित किया गया. अखिल भारतीय लोक साहित्य मंच के वार्षिक अधिवेशन में पहुंचे रवांई, जौनसार, बावर की साहित्यिक हस्तियों का सम्मान समार...
एक नए भारत की ओर, नरेंद्र मोदी शासन के 8 साल

एक नए भारत की ओर, नरेंद्र मोदी शासन के 8 साल

देहरादून
नरेश  बंसल, सासंद राज्यसभा कुछ लोग अपने शौर्य, पराक्रम, संकल्प और शानदार कार्य प्रदर्शन से इतिहास में गरिमामयी स्थान पाते हैं और कुछ अपनी शख़्सियत से इतिहास बनाते हैं. दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र - भारत के संसदीय इतिहास में 14 मई 2014 का दिन एक स्वर्णिम दिवस है जब भारतीय संसद में पहली बार चुने गए। नरेंद्र मोदी ने अपना पहला कदम लोकतंत्र के मंदिर में रखा और पहली सीढ़ी पर अपना सिर नवाकर ईश्वर की कृपा और 135 करोड़ भारतीयों के आशीर्वाद के लिए अपना सम्मान अभिव्यक्त किया. भारत के 14 वें प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने वाले नरेंद्र मोदी ने संसद के सदस्य के रूप में अपने पहले ही अवसर पर प्रधानमंत्री के पद की शपथ ली जो पूरे विश्व में एक विस्मरणीय घटना है. 26 मई, 2014 को कार्य भार ग्रहण करने वाले नरेन्द्र मोदी का एकमात्र लक्ष्य माँ भारती का सम्मान और गौरव है और संकल्प है देश के हर नागरिक की ख़ुशहाली। ...
रवांई क्षेत्र में पत्रकारिता की अविरल लौ जलाते रहे राजेन्द्र असवाल

रवांई क्षेत्र में पत्रकारिता की अविरल लौ जलाते रहे राजेन्द्र असवाल

साहित्‍य-संस्कृति, देहरादून
पुण्य स्मरण: पुण्य तिथि (30 मई) पर विशेषमहावीर रवांल्टारवांई क्षेत्र में पत्रकारिता की बात करें तो आज अनेक लोग इस क्षेत्र में सक्रिय हैं लेकिन इस क्षेत्र से किसी भी  नियमित पत्र का प्रकाशन नहीं हो सका सिर्फ अस्सी के दशक के पूर्वाद्ध में  बर्फिया लाल जुवांठा और शोभा because राम नौडियाल के संपादन में पुरोला से निकले 'वीर गढ़वाल' की जानकारी मिलती है. सन् 1992 ई में पुरोला से पहली बार 'रवांई मेल' (साप्ताहिक) समाचार पत्र का प्रकाशन आरंभ हुआ और इसके संस्थापक, प्रकाशक व संपादक थे- राजेन्द्र असवाल.अपनेपन राजेन्द्र असवाल का जन्म नौगांव विकासखंड के because बलाड़ी गांव में 1 जनवरी सन् 1964 ई को हुआ था.आपके पिता का नाम नैपाल सिंह और मां का नाम चंद्रमा देवी था.तीन भाईयों में आप घर के सबसे बड़े बेटे थे. आपकी आरंभिक शिक्षा गांव में ही हुई फिर राजकीय इंटर कालेज नौगांव से करने के बाद स्नातक ...
किताबें दुनिया की तरफ खुलने वाली खिड़कियां हैं

किताबें दुनिया की तरफ खुलने वाली खिड़कियां हैं

पिथौरागढ़
विनोद उप्रेती  ‘यायावर’ यह किताब 1967 का संस्करण है, जो 1969 में रीप्रिंट होकर आया होगा. जब यह किताब छप रही थी तब दुनिया भर के  Peace Corps volunteers नेपाल में जीवन की बेहतरी के लिए अपनी समझ के हिसाब से कुछ काम कर रहे थे. काम जो भी कर रहे होंगे, तस्वीरें बहुत उम्दा ले रहे थे. हमारे बिल्कुल पास, सुदूर पश्चिम  के बैतड़ी में भी जॉन लेन नाम का युवा घूमकर मजेदार तस्वीरें उतार रहा था. जहां जॉन फ़ोटो ले रहा था वहां से बमुश्किल डेढ़ सौ किलोमीटर दूर एक छोटे से गांव में जंगल के बीच कर्नाटक  से आये एक साधु ने बहुत शानदार स्कूल खोला था जहां सीरा, अस्कोट, जोहार, धारचूला के बच्चे दूर दूर से पढ़ने आते. इस स्कूल को साधु के नाम पर नारायण नगर कहा जाने लगा. इस स्कूल में हमसे पहले हमारे परिवार से हमारे चाचा पढ़ चुके थे. उनसे ही हमें यह किताब मिली. इस किताब को ग्रेट ब्रिटेन में रिचर्ड क्ले ने सफॉल्क नाम के कस्ब...
आजीविका वर्धन हेतु बांस एवं रिंगाल संसाधनों पर आधारित  विचार मंथन सत्र आयोजित

आजीविका वर्धन हेतु बांस एवं रिंगाल संसाधनों पर आधारित  विचार मंथन सत्र आयोजित

देहरादून
उत्तराखण्ड विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान केन्द्र (यूसर्क) (Uttarakhand Science Education and Research Centre(USERC)) द्वारा राष्ट्रीय हिमालयन अध्ययन मिशन परियोजना के अन्तर्गत राज्य में आजीविका वर्धन हेतु बांस एवं रिंगाल संसाधनों पर आधारित काश्तकारों के सामाजिक आर्थिक उन्नयन हेतु उनके द्वारा बनाये जाने वाले पारम्परिक उत्पादों के मूल्यवर्धन, क्षमता विकास एवं विपणन हेतु श्रृंखला विकास की प्रक्रिया पर आधारित एक विचार मंथन सत्र का आयोजन किया गया. उद्घाटन सत्र में यूसर्क की निदेशक प्रो. (डा.) अनिता रावत ने कहा कि यूसर्क द्वारा बताया कि यूसर्क राज्य के विकास से सम्बन्धित विज्ञान, शिक्षा एवं तकनीकी के माध्यम से विभिन्न परियोजनाओं के द्वारा दुर्गम क्षेत्र तक लाभ पहुंचाने का प्रयास कर रहा है. उन्होंने बासं व रिंगाल के संसाधनों के काश्तकारों को आजीविका का महत्वपूर्ण संसाधन होने के साथ पर्यावरणीय दृष्ट...