देहरादून

उत्तराखण्ड में PM Awas Yojana की बड़ी उपलब्धि: 15 हजार से अधिक परिवारों को मिलेगी पक्की छत

उत्तराखण्ड में PM Awas Yojana की बड़ी उपलब्धि: 15 हजार से अधिक परिवारों को मिलेगी पक्की छत

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  पीएमएवाई (शहरी) के तहत 84 फीसदी आवास बनकर तैयार, मुख्यमंत्री धामी का लक्ष्य—“हर पात्र परिवार का हो अपना घर” देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (पीएमएवाई-यू) को नई गति दी है। प्रदेश के जरूरतमंद एवं पात्र परिवारों का अपने आशियाने का सपना तेजी से साकार हो रहा है। आगामी दिसंबर माह तक 15 हजार से अधिक परिवारों को पक्की छत मिलने की उम्मीद है। आवास विभाग ने लंबित आवासीय परियोजनाओं को पूरा करने के लिए 30 सितंबर तक की समय-सीमा निर्धारित की है। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत प्रत्येक पात्र परिवार को पक्का आवास उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। सचिव आवास डॉ. आर. राजेश के अनुसार, प्रदेश में कुल 18 परियोजनाओं के अंतर्गत 15,496 आवासीय इकाइयों का निर्माण किया जा रहा है। इनमें से लगभग 84 फीसदी यानी 12,948 आवासो...
‘विष का पानी’: जब सामान्य मेडिकल रिपोर्ट के बावजूद दर्द का जवाब तलाशता है लोकविश्वास

‘विष का पानी’: जब सामान्य मेडिकल रिपोर्ट के बावजूद दर्द का जवाब तलाशता है लोकविश्वास

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  अंधविश्वास, मनोवैज्ञानिक प्रभाव या अदृश्य शक्ति? ग्रामीण अंचलों में आज भी प्रचलित है अभिमंत्रित जल से उपचार की परंपरानीरज उत्तराखंडी, त्यूणी (देहरादून)उत्तराखंड समेत देश के कई ग्रामीण और पारंपरिक समाजों में आज भी ऐसी लोक-चिकित्सा पद्धतियां देखने को मिलती हैं, जिनके पीछे पीढ़ियों से चले आ रहे विश्वास, धार्मिक मान्यताएं और स्थानीय परंपराएं जुड़ी हैं। इन्हीं में एक प्रचलित धारणा है—‘विष का पानी’। लोकविश्वास के अनुसार कभी-कभी किसी व्यक्ति के शरीर पर कथित ‘विष’ या नकारात्मक प्रभाव पड़ जाता है, जिसके कारण उसे लगातार दर्द, बेचैनी, कमजोरी, सिरदर्द, घबराहट या शरीर के विभिन्न हिस्सों में परेशानी महसूस होती है। खास बात यह मानी जाती है कि कई बार शुरुआती मेडिकल जांच में कोई स्पष्ट बीमारी सामने नहीं आती। ऐसे मामलों में कुछ क्षेत्रों में आज भी परंपरागत लोक-ज्ञानी या स्थानीय उपचारकर्ता ...
रक्षाबंधन पर धामी सरकार का बहनों को तोहफा, दो दिन रोडवेज बसों में मुफ्त सफर

रक्षाबंधन पर धामी सरकार का बहनों को तोहफा, दो दिन रोडवेज बसों में मुफ्त सफर

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28 और 29 अगस्त को महिलाएं उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों में कर सकेंगी निशुल्क यात्राहिमांतर ब्यूरो,  देहरादूनभाई-बहन के स्नेह, विश्वास और अटूट रिश्ते के पर्व रक्षाबंधन पर उत्तराखंड सरकार ने प्रदेश की महिलाओं को विशेष सौगात दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रक्षाबंधन के अवसर पर महिलाओं के लिए उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों में शत-प्रतिशत किराया छूट की घोषणा की है। इसके तहत 28 और 29 अगस्त 2026 को प्रदेश की महिलाएं उत्तराखंड की सीमा के भीतर निगम की बसों में बिना किराया दिए यात्रा कर सकेंगी। सरकार का यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब रक्षाबंधन पर बड़ी संख्या में महिलाएं अपने भाइयों, मायके और परिजनों से मिलने के लिए एक स्थान से दूसरे स्थान की यात्रा करती हैं। ऐसे में दो दिनों तक निशुल्क बस यात्रा की सुविधा न केवल उनके सफर को आसान बनाएगी, बल्कि यात्रा पर होने वाले खर्च से भी राहत दे...
नई पीढ़ी लिखेगी नए उत्तराखंड की कहानी…

नई पीढ़ी लिखेगी नए उत्तराखंड की कहानी…

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  ‘कैसा हो अपना उत्तराखंड?’ - मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर तीन लाख से अधिक विद्यार्थीरखेंगे अगले पांच वर्षों का विजन; 150 श्रेष्ठ विचारों पर मुख्यमंत्री खुद करेंगे आमने-सामने मंथनहिमांतर वेब डेस्क, देहरादूनकल्पना कीजिए—उत्तराखंड के किसी दूरस्थ पहाड़ी गांव के स्कूल में पढ़ने वाला कक्षा 11 का एक विद्यार्थी अपने राज्य के भविष्य को लेकर एक विचार लिखता है। शायद वह अपने गांव तक बेहतर सड़क पहुंचाने की बात करे। शायद उसके पास पहाड़ों से पलायन रोकने और स्थानीय स्तर पर रोजगार पैदा करने का कोई नया मॉडल हो। हो सकता है वह पर्यटन को पर्यावरण के अनुकूल बनाने का सुझाव दे या तकनीक के जरिए शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को अंतिम गांव तक पहुंचाने का रास्ता सुझाए। उसका यही विचार कुछ दिनों बाद मुख्यमंत्री के सामने चर्चा का विषय बन सकता है। उत्तराखंड में 10 अगस्त से शुरू होने जा रहा ‘मुख्...
कॉर्बेट नेशनल पार्क के 90 साल: भारत के पहले नेशनल पार्क की अनसुनी कहानी और गौरवशाली इतिहास

कॉर्बेट नेशनल पार्क के 90 साल: भारत के पहले नेशनल पार्क की अनसुनी कहानी और गौरवशाली इतिहास

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 नरेन्द्र सिंह पूर्व वनाधिकारी हैली नेशनल पार्क भारत का ही पहला नेशनल पार्क नहीं है, बल्कि यह भारतीय उपमहाद्वीप का भी पहला नेशनल पार्क है, जिसकी स्थापना 8 अगस्त 1936 को हुई थी। अमेरिका के येलोस्टोन नेशनल पार्क और अफ्रीका के क्रूगर नेशनल पार्क के बाद यह दुनिया का तीसरा नेशनल पार्क था। जब लोग नेशनल पार्क का कॉन्सेप्ट और उद्देश्य भी नहीं समझते थे, तब भारत में हैली नेशनल पार्क की स्थापना की गई थी। यूनाइटेड प्रोविंस जो वर्तमान उत्तरप्रदेश है, के तत्कालीन गवर्नर मालकॉम हेली के नाम पर इसका नामकरण किया गया था, क्योंकि उन्होंने इसकी स्थापना में विशिष्ट रुचि दिखाई थी। दरअसल यह पार्क और भी पहले अस्तित्व में आ गया होता, अगर उस समय पर्सी विंढम कुमाऊँ के कमिश्नर न होते! वे 1911 में मिर्जापुर से यहाँ आये थे, जहाँ वे कलेक्टर हुआ करते थे। उनके नाम से वहाँ विंढमगंज, और विंढम फॉल भी हैं। वे अविवाह...
प्रसिद्ध आयुर्वेद चिकित्सक पद्मश्री वैद्य बालेंदु प्रकाश का निधन

प्रसिद्ध आयुर्वेद चिकित्सक पद्मश्री वैद्य बालेंदु प्रकाश का निधन

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 भारत के प्रख्यात आयुर्वेद चिकित्सक और भारत के राष्ट्रपति के पूर्व मानद चिकित्सक रहे पद्मश्री वैद्य बालेंदु प्रकाश का आज, 7 अगस्त 2026 को निधन हो गया। उनके निधन से आयुर्वेद एवं चिकित्सा जगत को अपूरणीय क्षति हुई है।आयुर्वेद के क्षेत्र में उनके अतुलनीय योगदान और शोध-आधारित चिकित्सा पद्धतियों के लिए भारत सरकार ने वर्ष 1999 में उन्हें देश के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘पद्मश्री’ से सम्मानित किया था।वैद्य बालेंदु प्रकाश उत्तराखंड के देहरादून स्थित प्रसिद्ध आयुर्वेदिक सुपर-स्पेशलिटी अस्पताल ‘पड़ाव’ (Padaav) के संस्थापक थे। उन्होंने विशेष रूप से कैंसर, एप्लास्टिक एनीमिया और माइग्रेन जैसी जटिल बीमारियों के आयुर्वेदिक उपचार पर गहन शोध किया और अपने कार्यों के माध्यम से देश-विदेश में आयुर्वेद को प्रतिष्ठा दिलाई।उनका निधन भारतीय आयुर्वेद और चिकित्सा जगत के लिए एक बड़ी क्षति है। उ...
उत्तराखंड के ‘पूर्ण साक्षर राज्य’ बनने पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने दी बधाई

उत्तराखंड के ‘पूर्ण साक्षर राज्य’ बनने पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने दी बधाई

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राज्य ने उल्लास (नव भारत साक्षरता कार्यक्रम) के तहत हासिल की ऐतिहासिक उपलब्धिहिमांतर ब्यूरो, देहरादूनउत्तराखण्ड के ‘पूर्ण साक्षर राज्य’ बनने की ऐतिहासिक उपलब्धि पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने राज्य सरकार को बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। उन्होंने इस उपलब्धि को प्रदेश की सामूहिक प्रतिबद्धता, दूरदर्शी नेतृत्व तथा शिक्षा के प्रति जनसहभागिता का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को भेजे अपने बधाई संदेश में कहा कि दुर्गम एवं विषम भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद उत्तराखण्ड ने उल्लास (नव भारत साक्षरता कार्यक्रम) के अंतर्गत निर्धारित समय से पूर्व ‘पूर्ण साक्षर राज्य’ का दर्जा प्राप्त कर पूरे देश के लिए प्रेरणादायी मिसाल कायम की है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि राज्य सरकार के प्रभावी नेतृत्व, शिक्षा विभाग के अधिकारिय...
देश के पहले लेखक गांव में आयुर्वेद विशेषज्ञों का राष्ट्रीय मंथन, शोध और नवाचार पर जोर

देश के पहले लेखक गांव में आयुर्वेद विशेषज्ञों का राष्ट्रीय मंथन, शोध और नवाचार पर जोर

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हिमांतर ब्यूरो, देहरादूनदेहरादून। हिमालयीय आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एवं चिकित्सालय, डोईवाला की ओर से शनिवार को देश के पहले लेखक गांव, थानों में एक दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन 'हिम आयु स्पर्श–2026' का आयोजन किया गया। सम्मेलन का विषय "आयुर्वेद शल्य-शालाक्य तंत्र में नवाचार" रहा, जिसमें देशभर से आए आयुर्वेद विशेषज्ञों, शिक्षाविदों, चिकित्सकों और शोधार्थियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री, पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री एवं लेखक गांव के संस्थापक डॉ. रमेश पोखरियाल 'निशंक' तथा पद्मश्री सम्मानित उत्तर प्रदेश आयुर्वेद विभाग के पूर्व निदेशक डॉ. के. के. ठकराल ने दीप प्रज्ज्वलन एवं भगवान धन्वंतरि के पूजन के साथ किया।संस्था के अध्यक्ष प्रो. प्रदीप कुमार भारद्वाज ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि प्रो. पी. जे. देशपांडे का जीवन और योगदान नई पीढ़ी के विद्यार्थियो...
Himalayan LEAF ने वीरों को पौधों से दी श्रद्धांजलि

Himalayan LEAF ने वीरों को पौधों से दी श्रद्धांजलि

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  कारगिल विजय दिवस पर 'एक पौधा वीरों के नाम' अभियानहिमांतर ब्यूरो, देहरादूनहरभजवाला (देहरादून)। कारगिल विजय दिवस के अवसर पर सामाजिक संस्था Himalayan LEAF द्वारा हरभजवाला क्षेत्र में "एक पौधा वीरों के नाम" अभियान के तहत वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से कारगिल युद्ध के अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में संस्था के पदाधिकारियों, बच्चों और स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी प्रतिभागियों ने विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए और उनके संरक्षण एवं नियमित देखभाल का संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने कारगिल के वीर शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए उनके अदम्य साहस, वीरता और सर्वोच्च बलिदान को नमन किया।इस अवसर पर संस्था के संस्थापक एवं अध्यक्ष हरीश सनवाल ने कहा कि कारगि...
जौनसार-बावर के रणवीर सिंह चौहान बने उत्तराखंड के वित्त सचिव, क्षेत्र में खुशी की लहर

जौनसार-बावर के रणवीर सिंह चौहान बने उत्तराखंड के वित्त सचिव, क्षेत्र में खुशी की लहर

देहरादून
  2009 बैच के आईएएस अधिकारी को मिली अहम जिम्मेदारी, क्वाणू गांव के निवासी हैं रणवीर सिंह चौहानहिमांतर ब्यूरो, (जौनसार-बावर) देहरादूनदेहरादून। उत्तराखंड सरकार द्वारा किए गए हालिया प्रशासनिक फेरबदल में 2009 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी रणवीर सिंह चौहान को राज्य का वित्त सचिव (सेक्रेटरी, फाइनेंस) नियुक्त किया गया है। उनकी नियुक्ति के बाद उनके गृह क्षेत्र जौनसार-बावर में खुशी का माहौल है। क्षेत्र के सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और बुद्धिजीवियों ने इसे पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का विषय बताया है।रणवीर सिंह चौहान जौनसार-बावर क्षेत्र के क्वाणू गांव के मूल निवासी हैं। उन्होंने अपने प्रशासनिक कार्यकाल के दौरान चीनी उद्योग, गन्ना विकास, पेयजल विभाग तथा मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) के उपाध्यक्ष सहित कई महत्वपूर्ण विभागों में सेवाएं दी हैं। प्रशासनिक क्षेत्र में उनकी पह...