Author: Himantar

हिमालय की धरोहर को समेटने का लघु प्रयास
देश की सामर्थ्य के लिए चाहिए भाषाओं का पोषण  

देश की सामर्थ्य के लिए चाहिए भाषाओं का पोषण  

साहित्‍य-संस्कृति
प्रो. गिरीश्वर मिश्र  भाषा मनुष्य जीवन की अनिवार्यता है और वह न केवल सत्य को प्रस्तुत करती है बल्कि उसे रचती भी है. वह इतनी सघनता के साथ जीवन में घुलमिल गई है कि हमारा देखना-सुनना, समझना  और विभिन्न कार्यों में प्रवृत्त होना यानी जीवन का बरतना उसी की बदौलत होता है. जल और वायु की तरह आधारभूत यह मानवीय रचना सामर्थ्य और संभावना में अद्भुत है. भारत एक भाग्यशाली देश है जहां संस्कृत, तमिल, मराठी, हिंदी, गुजराती, मलयालम, पंजाबी आदि  जैसी अनेक भाषाएँ कई सदियों से भारतीय संस्कृति, परंपरा और जीवन संघर्षों को आत्मसात करते हुये अपनी भाषिक यात्रा में निरंतर आगे बढ़ रही है. भाषाओं की विविधता देश की अनोखी और अकूत संपदा है जिसकी शक्ति कदाचित तरह तरह के कोलाहल में उपेक्षित ही रहती है. इन सब के बीच व्यापक क्षेत्र में संवाद की भूमिका निभाने वाली हिंदी का जन्म एक लोक-भाषा के रूप में हुआ था. वह असंदिग्ध रूप स...
चमत्कार: ऐसा मंदिर जहां भूख से दुबले हो जाते हैं श्रीकृष्ण!

चमत्कार: ऐसा मंदिर जहां भूख से दुबले हो जाते हैं श्रीकृष्ण!

धर्मस्थल
निम्मी बुड़ाकोटी यह विश्व का ऐसा अनोखा मंदिर है जो 24 घंटे में मात्र दो मिनट के लिए बंद होता है. यहां तक कि ग्रहण काल में भी मंदिर बंद नहीं किया जाता है. कारण यह कि यहां विराजमान भगवान कृष्ण को हमेशा तीव्र भूख लगती है. भोग नहीं लगाया जाए तो उनका शरीर सूख जाता है. अतः उन्हें हमेशा भोग लगाया जाता है, ताकि उन्हें निरंतर भोजन मिलता रहे. साथ ही यहां आने वाले हर भक्त को भी प्रसादम् (प्रसाद) दिया जाता है. बिना प्रसाद लिये भक्त को यहां से जाने की अनुमति नहीं है. मान्यता है कि जो व्यक्ति इसका प्रसाद जीभ पर रख लेता है, उसे जीवन भर भूखा नहीं रहना पड़ता है. श्रीकृष्ण हमेशा उसकी देखरेख करते हैं.लोक मान्यता के अनुसार कंस वध के बाद भगवान श्रीकृष्ण बुरी तरह से थक गए थे. भूख भी बहुत अधिक लगी हुई थी. उनका वही विग्रह इस मंदिर में है. इसलिए मंदिर सालों भर हर दिन मात्र खुला रहता है. मंदिर बंद करने का स...
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा में अनियमित भर्तियों को निरस्त करने के निर्णय का किया स्वागत

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा में अनियमित भर्तियों को निरस्त करने के निर्णय का किया स्वागत

देहरादून
त्वरित जांच पर विधानसभा अध्यक्ष श्रीमती ऋतु खण्डूड़ी भूषण को बधाई दी भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ अभियान में सदन और सरकार एकजुट- मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री के आग्रह पर विधानसभा अध्यक्ष ने बैठाई थी जांच हिमांतर ब्यूरो, देहरादूनमुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा में हुई भर्तियों के मामले में उच्च स्तरीय समिति की संस्तुति पर विधानसभा अध्यक्ष द्वारा वर्ष 2016 से 2021 तक हुई तदर्थ भर्तियों को निरस्त करने के निर्णय का स्वागत किया है.मुख्यमंत्री ने विधानसभा अध्यक्ष श्रीमती ऋतु खण्डूड़ी भूषण को त्वरित जांच कर निर्णय लिये जाने पर बधाई दी है.मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान में सदन और सरकार एकजुट है. https://twitter.com/pushkardhami/status/1573215506295042050 गौरतलब है कि विधानसभा भर्ती मामले में मुख्यमंत्री ने सरकार का रुख स्पष्ट करते हुए विधानसभा अध्यक्ष...
विधानसभा भर्ती मामला: सचिव मुकेश सिंघल सस्पेंड और 250 नियुक्तियां रद्द

विधानसभा भर्ती मामला: सचिव मुकेश सिंघल सस्पेंड और 250 नियुक्तियां रद्द

देहरादून
देहरादून. विधानसभा भर्ती मामले में बड़ी खबर है. समिति ने 2016, 2020, 2022 की भर्तियों को पूरी तरह से नियम विरुद्ध बताया है। समिति ने सभी भर्तियों को रद्द करने की सिफारिश की है. समिति ने 2014 पन्नों की रिपोर्ट तैयार की है. विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी ने सभी बैकडोर नियुक्यिों को निरस्त कर दिया है। उत्‍तराखंड विधानसभा भर्ती प्रकरण के संबंध में जांच रिपोर्ट कोटिया जांच समिति द्वारा गुरुवार को देर रात विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण को सौंप दी है.विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने शुक्रवार को समिति की जांच रिपोर्ट की जानकारी दी. उन्‍होंने 480 में से 228 नियुक्तियां रद्द कर दी हैं. उनमें 228 तदर्थ हैं और 22 उपनल के माध्यम से, कुल मिलाकर 250 हैं. उन्‍होंने सचिव मुकेश सिंघल को भी निलंबित कर दिया है.वहीं, तत्‍कालीन विस अध्‍यक्ष प्रेम चंद अग्रवाल की भूमिका की जांच की जाएगी. वहीं 2012 ...
अंकिता भंडारी मामले में पूर्व राज्य मंत्री विनोद आर्या के बेटे पुलकित आर्या समेत तीन लोग गिरफ्तार

अंकिता भंडारी मामले में पूर्व राज्य मंत्री विनोद आर्या के बेटे पुलकित आर्या समेत तीन लोग गिरफ्तार

पौड़ी गढ़वाल
पौड़ी. ऋषिकेश के गंगा भोगपुर में वनंत्रा रिजॉर्ट से संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हुई पौड़ी गढ़वाल की नंदालस्यूं पट्टी के श्रीकोट गांव की अंकिता भंडारी के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. पुलिस ने मामले में पूर्व राज्य मंत्री विनोद आर्या के बेटे पुलकित आर्या समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. यमकेश्वर विधायक रेणु बिष्ट और एसडीएम यमकेश्वर लक्ष्मण झूला थाना पहुंच गए हैं. पुलिस जल्द मामले का खुलासा करेगी. पुलिस और एसडीआरएफ जिला पावर हाउस के पास शक्ति नहर में तलाशी अभियान चला रही है. इस बात की आशंका जाहिर की जा रही है कि उसकी हत्या कर शव को कहीं फेंक दिया गया हैं. खोज अभियान लगातार जारी है. ऋषिकेश के गंगा भोगपुर में वनंत्रा रिजॉर्ट से संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हुई पौड़ी गढ़वाल की नंदालस्यूं पट्टी के श्रीकोट गांव की अंकिता भंडारी के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. पुलिस ने माम...
बोहेको: उत्तराखंड में औद्योगिक भांग की सफलतापूर्वक खेती  

बोहेको: उत्तराखंड में औद्योगिक भांग की सफलतापूर्वक खेती  

देश—विदेश
बोहेको (BOHECO) ने उत्तराखंड में 0.3% टेट्राहाइड्रोकैनाबिनोल (टीएचसी) कॉन्टेंट के साथ स्टैंडर्डाइज़्ड इंडस्ट्रियल हेम्प के पहले प्रोटोटाइप की सफलतापूर्वक खेती कीहिमांतर विशेष संवाददातामुंबई. भारत की अग्रणी इंडस्ट्रियल हेम्प (औद्योगिक भांग) और मेडिकल कैनाबिस (चिकित्सा गांजा) कंपनी, बॉम्बे हेम्प कंपनी (BOHECO), उत्तराखंड, का नाम भारत में because स्टैंडर्डाइज़्ड इंडस्ट्रियल हेम्प के पहले चक्र की सफलतापूर्वक खेती करने वाली कम्पनीज़ में से एक के रूप में दर्ज है. जिला प्रशासन, बागेश्वर और कृषि विभाग, बागेश्वर के सहयोग से बीज प्रजनन और पादप आनुवंशिकी (प्लांट जेनेटिक्स) में व्यापक शोध के माध्यम से, स्टैंडर्डाइज़्ड इंडस्ट्रियल हेम्प में 0.3% अनुमानित टीएचसी कंसंट्रेशन है.ज्योतिष यह पहली बार है, जब भारत में कोई कंपनी सरकारी दिशानिर्देशों के अनुसार मानकीकरण के लिए इंडस्ट्रियल-ग्रेड हेम्प क...
जीवन में क्यों आवश्यक है सत्संग…

जीवन में क्यों आवश्यक है सत्संग…

साहित्‍य-संस्कृति
राधा कांत पाण्डेय श्रीमद्भागवत के माहात्म्य में अजामिल प्रसंग का बहुत सुंदर वर्णन किया गया है- अजामिल पूर्व में बड़ा ही शास्त्रज्ञ शीलवान, सदाचारी व सदगुण संपन्न था. किंतु जीवन में सैद्धांतिक निष्ठा के अभाव के कारण वह पथभ्रष्ट और कामवासना के गहरे दलदल में चला गया. जब व्यक्ति के जीवन में विचार,साधना, अध्ययन, अभ्यास और चिंतन का लोप होता है तो प्रायः व्यक्ति की स्थिति अजामिल के जैसी हो जाती है. जीवन पथ पर तनिक भी सावधानी हटी तो दुर्घटना घटने के  योग प्रबल हो जाते हैं. इसीलिए जीवन को साधने के लिए अभ्यास और अनुशासन की आवश्यकता होती है. इंद्रियों का संयम जरूरी होता है. जो  आध्यात्मिक गुरु एवं श्रेष्ठ साधकों की निकटता और आशीष से ही प्राप्त हो सकता है. चूँकि भगवान की माया बहुत प्रबल है उसकी कसौटी पर कोई बिरला ही खरा उतर सकता है. भगवान पहले तो अपने भक्तों की कठिन परीक्षा लेते हैं लेकिन जैसे ही भक...
विचारधारा के कारण एक कलाकार की मौत पर ख़ुशी मनाने, नफ़रत दिखाने वाले ‘बौद्धिक जिहादी’!

विचारधारा के कारण एक कलाकार की मौत पर ख़ुशी मनाने, नफ़रत दिखाने वाले ‘बौद्धिक जिहादी’!

देश—विदेश
ललित फुलाराकरोड़ों लोगों को हंसाने वाले एक कलाकार राजू श्रीवास्तव की मौत के बाद जिस तरह से सोशल मीडिया पर उनकी विचारधारा के कारण नफ़रत फैलाई जा रही है, प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ़ वाले उनके वीडियोज को साझा कर उनके ख़िलाफ अनगल लिखा जा रहा है, असल मायने में वो इस देश के कथित ज़हरीले वामपंथियों का 'बौद्धिक जिहाद' है. यह बौद्धिक जिहाद व्यक्ति की उपलब्धियों, उसकी कला, पेशे को न देखकर सिर्फ यह देखता है कि वो व्यक्ति आखिर में दक्षिणपंथ की तरफ झुका क्यों? एक कलाकार  ने आख़िर बीजेपी की तारीफ़ क्यों की? वो बीजेपी से क्यों जुड़ा? जब मौत के बाद प्रशंसक अपने पसंदीदा कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव को याद कर रहे हैं, उस वक्त यह 'बौद्धिक जिहाद' उनके प्रति सिर्फ इसलिए नफ़रत फैला रहा है कि उन्होंने मोदी की तारीफ़ कर दी या फिर वो बीजेपी में शामिल हो गये थे. राजू श्रीवास्तव की मृत्यु को अभी चंद घंटे भी नहीं बी...
नहीं रहे मशहूर हास्य कलाकार राजू श्रीवास्तव, कई नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

नहीं रहे मशहूर हास्य कलाकार राजू श्रीवास्तव, कई नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

देश—विदेश
मशहूर हास्य कलाकार राजू श्रीवास्तव अब इस दुनिया में नहीं रहीं रहे, उनका निधन हो गया. उनको 10 अगस्त को जिम में वर्कआउट दौरान राजू को दिल का दौरा पड़ा था, जिसके बाद उन्हें एम्स में भर्ती करवाया गया था. पिछले 41 दिन से वे वेंटिलेटर पर मौत से जंग लड़ रहे थे।राजू श्रीवास्तव के मौत की खबर सामने आने के बाद से ही पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है. हर कोई नम आंखों से अपने हास्य कलाकार को श्रद्धांजलि दे रहा है....
जौनसार-बावर: कीमावणा….

जौनसार-बावर: कीमावणा….

लोक पर्व-त्योहार
डॉ. लीला चौहान “दस्तूर उल अमल एवं वाजिब उल अर्ज 1883 ई0” दो ऐसे पुराने शासकीय दस्तावेज थे जिनका जौनसार-बावर में भूमि सुधार और रीति-रिवाज़ के लिए प्रयोग किया जाता था. यहां के लोग अपने सेवन के लिए सुर (शराब) भी बना सकते थे यह इन्हीं दस्तावेजों का आधार था.जिसमें (लगभग दो लीटर कच्ची शराब) अपने साथ लेकर भी चल सकते थे. इसी रीति रिवाजों को मध्यनजर रखते हुए आज भी एक्साइज़ मैनुअल जौनसार-बावर के 39 खतों में से सिर्फ एक खत व्यास नहरी (कालसी का आस पास का क्षेत्र) में लागू है. व्यास नहरी में इसलिए लागू था क्योंकि यह हमेशा से बाहरी लोगों का गढ़ रहा है यहां से चीन, तिब्बत के लिए व्यापार होता रहा. जौनसार- बावर के अधिकतर क्षेत्र में 20 गत्ते भादों (सितंबर) में कीमवणा (Method of Yeast preparation used for alcohol preparation) त्योहार के रूप मनाया जाता है. मानसून के भादों महीने में जब सारी वनस्पतियाँ हरी भरी...