Author: Himantar

हिमालय की धरोहर को समेटने का लघु प्रयास
सोमेश्वर महादेव बिशु मेले में पहुंचे माताश्री मंगला जी एवं श्री भोले जी महाराज

सोमेश्वर महादेव बिशु मेले में पहुंचे माताश्री मंगला जी एवं श्री भोले जी महाराज

उत्तरकाशी
ग्रामीणों ने किया भव्य स्वागत,पौराणिक सोमेश्वर महादेव मंदिर के जीर्णोद्धार के कार्य का किया शिलान्यास उत्तरकाशी के सूदूरवर्ती मोरी ब्लॉक के जखोल गांव के बिशु मेले के अंतिम दिन हंस फाउंडेशन के प्रेरणास्रोत माताश्री मंगला जी एवं श्री भोले महाराज जखोल पहुंचे. इस दौरान ग्रामीणों उनका भव्य स्वागत किया. माता मंगला जी एवं श्री भोले जी महाराज ने जखोल पहुंचकर सोमेश्वर महाराज मंदिर में पूजा-अर्चना कर पौराणिक सोमेश्वर महादेव मंदिर के जीर्णोद्धार कार्य का शिलान्यास किया. सोमेश्वर महादेव मंदिर प्रांगण में उपस्थित हजारों भक्तों का अभिवादन करते हुए माताश्री मंगला जी ने सोमेश्वर महादेव से सभी के जीवन में सुख-शांति और संतुष्टि की कमाना करते हुए कहा की हम आज अभिभूत हैं,यह देखकर कि जौनसारी जनजाति की सांस्कृतिक विरासत और परंपरा को दर्शाने वाले इस मेले में टिहरी,उत्तरकाशी और उत्तराखंड के दूर दराज क्षेत्रों स...
एक पत्रकार का दर्द… खतरे में लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ! 

एक पत्रकार का दर्द… खतरे में लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ! 

सोशल-मीडिया
जंक खाये मीडिया तंत्र में न्यूज़ पोर्टल ही टारगेट पर क्यों?वरिष्ठ पत्रकार मनोज इष्टवाल की फेसवुक वॉल सेआज अच्छा लगा बहुत सारे मीडिया के वे साथी एक प्लेटफार्म पर दिखे जो वास्तव में लोक तंत्र के चौथे स्तम्भ कहे जा सकते हैं. पहल न्यूज़ 18 के स्थानीय संपादक अनुपम त्रिवेदी ने की... शायद वे इस बात से व्यथित थे कि न्यूज़ पोर्टल की आड़ में स्टिंग व उगाहीबाज कुकुरमुत्ते की तरह इस तंत्र को चौपट करने में तुले हैं. यह व्यथा सिर्फ उन्हीं की नहीं है बल्कि उस हर पत्रकार की भी है जिसने बर्षों मीडिया संस्थानों को निष्पक्ष पत्रकारिता कर उस मीडिया हाउस को बड़ा नाम देने के लिए जी तोड़ मेहनत कर खड़ा करने में अहम् भूमिका निभाई लेकिन जब उसका नम्बर आया तो इन बनियाओं ने उन्हें दूध में पड़ी मक्खी की तरह निकाल बाहर किया. नई जनक्रांति आई "ऑन द स्पॉट न्यूज़" विकसित होने के विश्व भर में सोशल प्लेटफार्म तैयार हुआ. जो ...
बैसाखी बिखोत पर राष्ट्र गौरव सम्मान समारोह

बैसाखी बिखोत पर राष्ट्र गौरव सम्मान समारोह

दिल्ली-एनसीआर
नई दिल्ली : ऑथर्स गिल्ड ऑफ इंडिया और पर्वतीय लोकविकास समिति द्वारा बैसाखी, विखोत,बिहू और पुलंथू पर्व के अवसर पर नई दिल्ली के प्रेस क्लब में  राष्ट्रगौरव सम्मान अर्पण समारोह का आयोजन किया गया. समारोह का विषय प्रवर्तन करते हुए  अतिविशिष्ट अतिथि नागरी लिपि परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री और ऑथर्स गिल्ड ऑफ इंडिया के पदाधिकारी डॉ.हरि सिंह पाल ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक विविधता और बहुभाषिकता हमारी राष्ट्रीय एकता की पहचान है. हमारे पर्व त्योहार अलग नामों से जाने जाते हैं लेकिन इनके पीछे सोच कहीं न कहीं परंपरा और प्रकृति से जुड़ती दिखती है. वरिष्ठ पत्रकार और पर्वतीय लोकविकास समिति के उपाध्यक्ष सुनील नेगी ने कहा कि समिति प्रतिवर्ष विखोत पर्व पर विशेष आयोजन करती है,इस बार लोकभाषा संरक्षण और लोकपर्वों की मान्यता पर फोकस है. पहाड़ की विडंबना ये है कि दिल्ली की सरकार तक ने यहां गढ़वाली, कुमाऊनी और जौनस...
महिला सशक्तिकरण पर मंथन के लिए देश भर से जुटे लोग

महिला सशक्तिकरण पर मंथन के लिए देश भर से जुटे लोग

नैनीताल
शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास उत्तराखंड प्रांत के एक दिवसीय संगोष्ठी में महिला सशक्तिकरण को लेकर कई ज्वलंत मुद्दों पर जोरदार चर्चा हुई. कार्यक्रम में उत्तराखंड सहित देश के अलग अलग हिस्सों से कई लोग ऑनलाइन शामिल हुए. भारतीय सूचना सेवा की अधिकारी शालिनी अवस्थी ने कहा कि हम महिलाओं की परेशानियों को भी सशक्तिकरण बताकर महिमामंडित करने लगे हैं. प्रमुख संदर्भदाता के तौर पर शामिल हुईं शालिनी ने कहा कि कामकाजी महिलाओं को दफ्तर और घर दोनों जगह काम करना पड़ता है, लेकिन गिनती एक ही काम की होती है. बजाय इसके कि इस दोहरे काम के बदले उन्हें आराम दिया जाय हम वंडर वूमन का नाम देकर महिलाओं की पीड़ाओं को ढक देते हैं. उत्तराखंड उच्च न्यायालय के अधिवक्ता सुरेश भट्ट ने कहा कि महिलाओं के हितों की रक्षा के लिए कई कानून पहले से मौजूद हैं. इन कानूनों के बारे में महिलाओं को जागरूक किए जाने की जरूरत है. मुख्य अतिथि ...
बहिनों के प्रति स्नेह और सम्मान  की प्रतीक है ‘दोफारी’

बहिनों के प्रति स्नेह और सम्मान  की प्रतीक है ‘दोफारी’

लोक पर्व-त्योहार
दिनेश रावत बात संग्रांद (संक्रांति) से पहले एक रोज की है. शाम के समय माँ जी से फोन पर बात हो रही थी. उसी दौरान माँ जी ने बताया कि- ‘अम अरसू क त्यारी करनऽ लगिई.’ ( हम अरसे बनाने की तैयारी में लगे हैं.) अरसे बनाने की तैयारी? मैं कुछ समझ नहीं पाया और मां जी से पूछ बैठा- ‘अरस! अरस काले मां?(अरसे! अरसे क्यों माँ?) तो माँ ने कहा- ‘भोव संग्रांद कणी. ततराया कोख भिजऊँ अर कुठियूँ.’ (कल संक्रांति कैसी है. उसी वक्त कहाँ भीगते और कूटे जाते हैं.) ‘काम भी मुक्तू बाजअ. अरस भी लाण, साकुईया भी उलाउणी, स्वाअ भी लाण अर त फुण्ड भी पहुंचाण.’ (काम भी बहुत हो जाता है. अरसे भी बनाने हैं. साकुईया भी तलनी है. स्वाले यानी पूरी भी बनानी है और फिर वह पहुंचाने भी हैं.) माँ जी से बात करते-करते मैं सोचने को विवश हो गया कि आख़िर गांव-घर से दूर होते ही हम कितनी चीजों से दूर हो जाते हैं. हमारी जीवन शैली कितनी बदल जाती है. ...
युवाओं को प्रेरणा देने का काम करेगी सीडीएस जनरल बिपिन रावत की प्रतिमा : मुख्यमंत्री

युवाओं को प्रेरणा देने का काम करेगी सीडीएस जनरल बिपिन रावत की प्रतिमा : मुख्यमंत्री

देहरादून
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने किया सीडीएस स्वर्गीय जनरल बिपिन रावत की प्रतिमा का अनावरण मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कनक चौक, देहरादून में देश के पहले सीडीएस जनरल पद्म विभूषण बिपिन रावत की प्रतिमा तथा स्मारक स्थल का लोकार्पण किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि जनरल बिपिन रावत की स्मृति को चिरस्थायी बनाये जाने के लिये प्रदेश की किसी बड़ी परियोजना को नाम उनके नाम पर रखा जायेगा. उन्होंने कहा कि यह भव्य प्रतिमा तथा स्मारक स्थल जनरल बिपिन रावत के शौर्य, अदम्य साहस और वीरता का स्मरण कराने के साथ ही युवाओं को प्रेरणा देने का कार्य करेगा. सीडीएस जनरल बिपिन रावत की प्रतिमा तथा स्मारक स्थल का निर्माण एमडीडीए द्वारा लगभग 50 लाख की लागत से किया गया है. उन्होंने सीडीएस जनरल बिपिन रावत को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनकी आकस्मिक मृत्यु से देश को जो अपूरणीय क्षति पहुंची है, उसकी भरपाई कभी संभव नहीं है. उन...
केदानाथ यात्रा : घोड़े-खच्चरों के साथ किसी भी प्रकार से कोई पशु क्रूरता न हो : मौलखी

केदानाथ यात्रा : घोड़े-खच्चरों के साथ किसी भी प्रकार से कोई पशु क्रूरता न हो : मौलखी

रुद्रप्रयाग
विकास भवन सभागार में प्रशिक्षण कार्यक्रम के दूसरे दिन उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को संबोधित करते हुए पीपुल्स फॉर एनिमल्स पशु कल्याण संगठन की सदस्य गौरी मौलखी ने कहा कि धार्मिक स्थलों में पशुओं के साथ किसी भी प्रकार से बुरा व्यवहार एवं क्रूरता की जाती है तो यह उत्तराखंड के लिए अच्छी बात नहीं है इसके लिए उन्होंने केदारनाथ यात्रा मार्ग में तैनात किए गए अधिकारियों एवं कर्मचारियों से कहा कि यात्रा मार्ग में संचालित होने वाले घोड़े-खच्चरों के साथ किसी भी प्रकार से कोई पशु क्रूरता न हो इस पर सभी अधिकारी एवं कर्मचारी कड़ी निगरानी रखें तथा यात्रा के दौरान यदि किसी घोड़े-खच्चर के साथ किसी भी प्रकार की कोई क्रूरता की जाती है तो संबंधित घोड़ा-खच्चर स्वामी एवं संचालक के विरुद्ध आवश्यक कार्यवाही करना सुनिश्चित करें. उन्होंने पशु क्रूरता अधिनियम के संबध में विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि धारा-11...
उत्तराखंडी बच्चे अब दिल्ली में सीखेंगे लोक वाद्य और नाटक!

उत्तराखंडी बच्चे अब दिल्ली में सीखेंगे लोक वाद्य और नाटक!

दिल्ली-एनसीआर
गढ़वाली, कुमाऊनी, जौनसारी भाषाओं के साथ इस बार नाटक और लोकगीत की विद्या भी सिखाई जायेगी – डॉ. विनोद बछेती बच्चों के पास मातृभाषा में सुनने और बोलने के अवसर तो रहते हैं, पर सुनने-सुनाने के लिए शैक्षिक सामग्री का अभाव रहता है. यदि बच्चे की मातृभाषा को प्रारम्भिक स्तर पर उसकी शिक्षण प्रक्रिया में शामिल किया जाये तो वह तेजी से सीखता है. मातृभाषा में सीखना और सिखाना बच्चे के लिए कई दृष्टियों से महत्वपूर्ण होता है. मां अपनी भाषा में जो सिखाती है उसे बच्चा आसानी से खुशी-खुशी सीखता है. अपने परिवार समाज से बच्चा बहुत कुछ ज्ञान सहजता और सरलता से अर्जित करता है जिसका माध्यम मौखिक मातृभाषा ही होती है. उत्तराखंड लोक भाषा साहित्य मंच लगातार बच्चों को लोक भाषाएं सिखाने का काम कर रहा है. उत्तराखंड लोक भाषा साहित्य मंच ने पिछले वर्ष उत्तराखंड की लोक भाषाएं सीखने वाले बच्चों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित कि...
मल्टीनेशनल कम्पनियों के उत्पादों से बेहतर उत्तराखण्ड की महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पाद -सीएम पुष्कर सिंह धामी

मल्टीनेशनल कम्पनियों के उत्पादों से बेहतर उत्तराखण्ड की महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पाद -सीएम पुष्कर सिंह धामी

देहरादून
 उत्तराखण्ड, मध्य प्रदेश और कश्मीर के बाद पशु सखी ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू करने वाला  देश का तीसरा राज्य बना मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को सर्वे ऑफ इण्डिया सभागार, देहरादून में भारत सरकार द्वारा वित पोषित ए हेल्प  (Accredited Agent For Health and Extension of Livestock Production) योजनान्तर्गत पशु सखी के प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारम्भ किया. इस अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा 23 ए हेल्प कार्यकत्रियों को ए हेल्प किट वितरित किए गए. पशु सखी प्रशिक्षण के पश्चात ए हेल्प कार्यकत्री पशुपालन विभाग एवं पशुपालकों के बीच संयोजक कड़ी का काम करेंगी तथा पशुपालकों को सरकार की सभी योजनाओं की जानकारी भी उपलब्ध करायेगी. ए हेल्प योजना द्वारा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के स्वयं सहायता समूह की महिला सदस्यों को विभिन्न योजनाओं में भारत सरकार द्वारा निर्धारित मानदेय प्राप्त करने का अवसर मिलेगा. ए...
भांग की खेती एवं प्रोसेसिंग तकनीकी पर कार्यशाला का आयोजन

भांग की खेती एवं प्रोसेसिंग तकनीकी पर कार्यशाला का आयोजन

देहरादून
उत्तराखंड राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में औद्योगिक, चिकित्सा और वैज्ञानिक उपयोग हेतु भांग की खेती की नयी ड्राफ्ट नीति 2023 की घोषणा कर सक्रिय कदम उठाया है. इस प्रयास के तहत वीर माधो सिंह भंडारी विश्वविद्यालय, उत्तराखंड के नेतृत्व में भारत की चार प्रमुख भांग कंपनियों ने, रेशे और संबद्ध उद्योगों के लिए भांग की खेती एवं प्रोसेसिंग की तकनीकी पर एक अभूतपूर्व कार्यशाला का आयोजन किया. वर्कशॉप में मुख्य अतिथि के रूप में  भरसर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. परविंदर कौशल, कैप उत्तराखंड के निदेशक डॉ. नृपेंद्र चौहान, वीर माधो सिंह भंडारी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉक्टर ओंकार सिंह सहित हेम्प इंडस्ट्री के सम्मानित गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे. कार्यक्रम में झारखंड के पूर्व मुख्य वन सरक्षक आशीष रावत, एफआरआई से डॉ. विनीत कुमार, निनफेट पश्चिम बंगाल से वैज्ञानिक डॉक्टर कार्तिक सामंत, ...