
- हिमांतर | नीरज उत्तराखंडी | नौगांव
विकासखंड नौगांव के अंतर्गत बगासु गांव के डांगा तोक में पिछले एक सप्ताह से पेयजल और सिंचाई संकट गहराता जा रहा है। यमुना नदी से संचालित लिफ्ट सिंचाई योजना का विद्युत ट्रांसफार्मर खराब होने के कारण मोटर बंद पड़ी है, जिससे खेतों तक पानी की आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई है। इसका सीधा असर किसानों की खड़ी नकदी फसलों पर पड़ रहा है, जो अब सूखने की कगार पर पहुंच चुकी हैं।
डांगा तोक क्षेत्र में किसानों की कई हेक्टेयर कृषि भूमि सिंचाई के लिए पूरी तरह यमुना नदी से लिफ्ट कर लाए जाने वाले पानी पर निर्भर है। यहां बड़े पैमाने पर टमाटर, मटर, फ्रेंचबीन, खीरा और धान की खेती की जाती है, जो स्थानीय किसानों की आजीविका का प्रमुख आधार है। मोटर के माध्यम से नदी का पानी ऊपर उठाकर पाइपलाइन से खेतों तक पहुंचाया जाता है। क्षेत्र में सिंचाई का कोई वैकल्पिक साधन उपलब्ध नहीं है।
खड़ी फसलों पर मंडराया संकट
ट्रांसफार्मर खराब होने के बाद से मोटर का संचालन पूरी तरह बंद है, जिससे सिंचाई व्यवस्था ठप पड़ गई है। लगातार बढ़ते तापमान और पानी की कमी के कारण सब्जियों की फसलें तथा धान की नर्सरी प्रभावित होने लगी हैं। किसानों को आशंका है कि यदि जल्द व्यवस्था बहाल नहीं हुई तो उनकी मेहनत और निवेश दोनों प्रभावित होंगे।
स्थानीय काश्तकार दिवान सिंह असवाल ने बताया कि कुछ दिन पहले योजना संचालन के लिए लगा विद्युत ट्रांसफार्मर जल गया था। तब से सिंचाई पूरी तरह बंद है और किसानों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि खेती पूरी तरह इसी योजना पर निर्भर है, इसलिए विभाग को प्राथमिकता के आधार पर ट्रांसफार्मर बदलकर जलापूर्ति बहाल करनी चाहिए।
किसानों की बढ़ी चिंता
ग्रामीणों का कहना है कि बगासु क्षेत्र की स्थानीय अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से सब्जी उत्पादन पर आधारित है। समय पर सिंचाई नहीं होने से उत्पादन प्रभावित होगा और किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
विभाग ने दिया शीघ्र समाधान का आश्वासन
लघु सिंचाई खंड उत्तरकाशी की अधिशासी अभियंता रुचि ने बताया कि ट्रांसफार्मर खराब होने की सूचना अभी उनके संज्ञान में नहीं थी। उन्होंने कहा कि मामले की जानकारी मिलने के बाद आवश्यक कार्रवाई शुरू की जाएगी और जल्द से जल्द व्यवस्था बहाल कर किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जाएगा।
त्वरित कार्रवाई की मांग
बगासु गांव के किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि कृषि और बागवानी आधारित इस क्षेत्र की जरूरतों को देखते हुए खराब ट्रांसफार्मर को प्राथमिकता के आधार पर बदला जाए, ताकि सिंचाई व्यवस्था जल्द सुचारु हो सके और फसलों को नुकसान से बचाया जा सके। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते समाधान नहीं हुआ तो किसानों को भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ सकती है।
